रायसेन में तीन दिवसीय कृषि महोत्सव में आधुनिक खेती तकनीकों का प्रदर्शन

रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव में देशभर से आए किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आधुनिक और तकनीक आधारित खेती की नई संभावनाओं को समझा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य परंपरागत कृषि पद्धतियों के साथ स्मार्ट खेती को बढ़ावा देना और किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करना है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके।

कृषि महोत्सव में आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत तकनीकों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों का व्यापक प्रदर्शन किया गया।यहां किसानों को ड्रिप सिंचाई प्रणाली, संरक्षित खेती और बागवानी आधारित उन्नत फसलों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को बदलते समय के अनुसार खेती में तकनीक के उपयोग की आवश्यकता पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया, जिससे वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकें।

वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है और किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तरीकों को अपना रहे हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीक, बेहतर बीज और आधुनिक उपकरणों की सुविधा मिल रही है, जिससे कृषि उत्पादन में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।

बागवानी और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसान फसल विविधीकरण की ओर बढ़ सकें और अपनी आय के नए स्रोत विकसित कर सकें। इसके अंतर्गत फल, सब्जी, फूल, मसाले तथा औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है और किसानों को प्रशिक्षण के साथ वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के तहत छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

इसके साथ ही संरक्षित खेती जैसे पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और शेडनेट तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बड़ी मात्रा में सब्सिडी दी जा रही है। बागवानी फसलों जैसे आम, अमरूद और आंवला की खेती पर भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे किसान पारंपरिक फसलों से हटकर अधिक लाभकारी विकल्पों की ओर बढ़ सकें।

ड्रिप सिंचाई प्रणाली को जल संरक्षण और बेहतर उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही ड्रैगन फ्रूट जैसी नई और उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसान आधुनिक और लाभकारी कृषि मॉडल को अपना सकें।

कृषि महोत्सव किसानों के लिए ज्ञान और अवसरों का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है, जहां वे नई तकनीकों को समझकर भविष्य की खेती के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं और कृषि क्षेत्र में नवाचार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।