जेल अस्पताल में फांसी लगाकर बंदी ने दी जान, 2 साल से काट रहा था सजा


नई दिल्ली। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र केंद्रीय जेल में सोमवार सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे जेल के अस्पताल वार्ड नंबर-3 के बाथरूम में बंदी का शव गमछे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक, जेलर और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

2024 से जेल में था बंद, हत्या का मामला चल रहा था

मृतक की पहचान गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा (58) के रूप में हुई है, जो 16 अगस्त 2024 से जेल में बंद था। वह संजीवनी नगर क्षेत्र का निवासी था और उसके खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज था। बताया जा रहा है कि वह शुगर जैसी बीमारी से भी पीड़ित था। फिलहाल उसका केस अदालत में विचाराधीन था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह जेल अस्पताल में भर्ती था, जहां उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, परिजनों को दी गई सूचना

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों को भी सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। जेल प्रशासन का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

एक दिन पहले भोपाल जेल में भी हुआ था ऐसा ही मामला

इस घटना से एक दिन पहले भोपाल की सेंट्रल जेल में भी एक बंदी ने आत्महत्या कर ली थी। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने जेल परिसर की गौशाला में पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज में शव रखवाकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।