इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत, 2 घंटे तड़पती रही महिला; अस्पताल में बवाल


नई दिल्ली।
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह एक 30 वर्षीय प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हो गया। मृतका की पहचान संध्या अहिरवार के रूप में हुई है, जिन्हें प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती कराया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों व स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

“2 घंटे तड़पती रही, गलत इंजेक्शन से बिगड़ी हालत”

परिजनों का आरोप है कि संध्या को समय पर इलाज नहीं मिला। उन्होंने बताया कि भर्ती के बाद वह करीब 2 घंटे तक दर्द से तड़पती रही, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। रविवार रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ ने एक इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद उसकी हालत और ज्यादा खराब हो गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है और उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताया है।

मौत के बाद चेहरा तक नहीं देखने दिया, परिजनों का आरोप

गुस्साए परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद उन्हें संध्या का चेहरा तक देखने नहीं दिया गया। इस बात से आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने अस्पताल गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

बंडा से रेफर होकर आई थी प्रसूता

जानकारी के मुताबिक, संध्या अहिरवार को 17 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर बंडा अस्पताल से रेफर कर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यहां उसका इलाज चल रहा था। रविवार रात दर्द बढ़ने पर उसे लेबर रूम में शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।