इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का संक्रमण फैला, 5013 घरों तक पहुंची एनएचएम की टीम


इंदौर ।इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उत्पन्न संक्रमण की स्थिति गंभीर हो गई है। नेशनल हेल्थ मिशन के रैपिड एक्टिव सर्विलांस के दौरान यह सामने आया कि पूरे क्षेत्र में दूषित पानी का संक्रमण फैल चुका है। एनएचएम की 200 टीमों ने डेढ़ दिन तक घर-घर जाकर सर्वे किया, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकला कि 463 घरों में उल्टी और दस्त की शिकायत वाले मरीज सामने आए हैं। सर्वे में 5013 घरों तक पहुंचने और 25,100 लोगों की जानकारी एकत्र करने में सफलता मिली है।

एनएचएम के स्टेट सर्विलांस अफसर डॉ. अश्विन भागवत ने बताया कि सर्वे के दौरान जिन 463 घरों में उल्टी-दस्त के मरीज मिले, वहां से अब संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक गली या एक क्लस्टर से मरीज नहीं मिले, बल्कि पूरे क्षेत्र से ही मरीजों की सूचना प्राप्त हुई। इस बात ने क्षेत्र में दूषित पानी के व्यापक फैलाव को उजागर किया है।

सर्वे के बाद, प्रशासन ने जल वितरण व्यवस्था में सुधार की दिशा में त्वरित कदम उठाए हैं। जल आपूर्ति को शुद्ध करने और उपचार की सुविधा देने से मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। इसके साथ ही, जिओ मैपिंग तकनीक के माध्यम से मरीजों की पहचान की गई है, ताकि संक्रमण फैलने के अन्य कारणों का पता लगाया जा सके और उनका इलाज किया जा सके।

इस सर्वे से यह भी पता चला कि संक्रमण के कारण प्रभावित घरों में समय पर इलाज मिलने और जल वितरण व्यवस्था के सुधार से अब स्थिति नियंत्रण में आ रही है। हालांकि, स्थिति अभी भी चिंताजनक है और प्रशासन लगातार इलाके में सफाई अभियान और पानी की गुणवत्ता को लेकर काम कर रहा है। अब तक, प्रशासन ने क्षेत्र में त्वरित सुधार कार्यों के साथ-साथ नागरिकों को दूषित पानी से बचने के लिए जागरूक किया है। इंदौर नगर निगम और अन्य प्रशासनिक विभागों का कहना है कि जल आपूर्ति में सुधार के बाद, 11 जनवरी से भागीरथपुरा के लोग पीने योग्य पानी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे दूषित पानी के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य संकट को समाप्त करने में मदद मिलेगी।