इंदौर एमवाय अस्पताल में फिर लापरवाही: चेस्ट वार्ड में डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कटा, नर्स सस्पेंड


इंदौर । इंदौर प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार एमवाय अस्पताल एक बार फिर गंभीर लापरवाही के कारण सुर्खियों में है। चूहा कांड के बाद अब अस्पताल में एक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कट गया। यह घटना चेस्ट वार्ड में हुई, जहां एक नर्स की लापरवाही के कारण मासूम का अंगूठा काटा गया। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई की गई।

घटना का विवरण

बताया जा रहा है कि बेटमा से निमोनिया के इलाज के लिए एक मासूम को एमवाय अस्पताल के चेस्ट वार्ड में भर्ती कराया गया था। यहां, नर्स ने बच्चे के हाथ पर लगे टेप को काटने के लिए कैंची का इस्तेमाल किया। लापरवाही से कैंची बच्चे के अंगूठे पर लग गई, जिससे उसका अंगूठा कट गया। घटना के बाद बच्चे के परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई

इस गंभीर लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित नर्स को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही तीन नर्सिंग इंचार्ज का वेतन रोकने की भी कार्रवाई की गई। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

बच्चे का उपचार

हालांकि, इस घटना के बाद बच्चे की स्थिति गंभीर थी, लेकिन उसे इंदौर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया, जहां प्लास्टिक सर्जन की टीम ने ऑपरेशन कर कटे हुए अंगूठे को सफलतापूर्वक ठीक कर दिया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि बच्चे की हालत स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है।

पहले भी विवादों में रहा अस्पताल

यह पहला मामला नहीं है, जब एमवाय अस्पताल विवादों में आया हो। इससे पहले भी नवजात बच्चों को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। लगातार ऐसी लापरवाहियां सामने आने के बाद अब अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों का विश्वास बना रहे।