प्रश्न-पत्रों की होगी डबल पैकिंग
एमपी बोर्ड ने नकल और पेपर लीक रोकने के लिए इस बार प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग व्यवस्था लागू की है। प्रश्न-पत्रों को पहले सीलबंद पैकेट में रखा जाएगा और फिर इन्हें लोहे की पेटियों में सुरक्षित किया जाएगा। ये पेटियां पूरी तरह सील रहेंगी और परीक्षा वाले दिन ही सीधे परीक्षा केंद्र के एग्जाम हॉल में खोली जाएंगी। इससे पहले किसी भी स्तर पर प्रश्न-पत्र खोलने की अनुमति नहीं होगी।बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था से प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी और पेपर लीक की आशंका लगभग खत्म हो जाएगी।
मोबाइल एप से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
इस बार बोर्ड परीक्षा की निगरानी पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से की जाएगी। मंडल द्वारा विकसित विशेष मोबाइल एप के माध्यम से प्रश्न-पत्रों के हर बंडल की निगरानी की जाएगी। परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारियों और केंद्राध्यक्षों को यह एप अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। इस एप के जरिए प्रश्न-पत्र खोलने का समय प्रश्न-पत्र वितरण की जानकारी परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल तैयार होने की एंट्री मूल्यांकन केंद्र पर बंडल जमा करने की पुष्टि जैसी सभी जानकारियां रियल-टाइम में बोर्ड मुख्यालय तक पहुंचेंगी। साथ ही हर बंडल की लोकेशन ट्रैक की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
नकल पर सख्त कार्रवाई
एमपी बोर्ड पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सामूहिक नकल की स्थिति में पूरे परीक्षा केंद्र की परीक्षा निरस्त की जा सकती है। इसके अलावा दोषी पाए जाने पर संबंधित छात्रों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी। नियमों के अनुसार, गंभीर मामलों में तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
10 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं
एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। इस वर्ष प्रदेशभर से करीब 16 लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और अनुशासन को लेकर जिला स्तर पर भी विशेष टीमें गठित की गई हैं।
छात्रों से अपील
बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हों। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
