दिल का साफ पर गुस्से का कच्चा: 'दबंग' सलमान खान के बचपन के यार ने सुनाए बांद्रा के वे किस्से, जो आज तक थे पर्दे के पीछे


नई दिल्ली।बॉलीवुड के गलियारों में ‘दबंग’ और ‘भाईजान’ के नाम से मशहूर सुपरस्टार सलमान खान को उनके चाहने वाले ‘यारों का यार’ कहते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे दर्जनों चेहरे हैं, जिनकी किस्मत का सितारा सलमान के एक इशारे पर चमक उठा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस सलमान को आज पूरी दुनिया पूजती है, उनका बचपन कैसा था? सलमान के बचपन के लंगोटिया यार और मशहूर अभिनेता राजू श्रेष्ठ, जिन्हें दुनिया ‘मास्टर राजू’ के नाम से जानती है, ने हाल ही में पुरानी यादों के पिटारे से कुछ ऐसे चौंकाने वाले और दिलचस्प किस्से निकाले हैं, जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है।

राजू श्रेष्ठ ने एक हालिया इंटरव्यू में उन दिनों को याद किया जब मुंबई के बांद्रा की गलियों में वे और सलमान एक साथ साइकिल चलाया करते थे। राजू ने बड़े गर्व से बताया कि एक दौर वह भी था जब बांद्रा के लोग सलमान खान को केवल “मास्टर राजू के दोस्त” के रूप में पहचानते थे। दोनों की दोस्ती इतनी बेतकल्लुफ और गहरी थी कि उन्होंने साथ में ‘नंगे नहाने’ तक के दिन देखे हैं। राजू के मुताबिक, फिल्मों के सपने देखना और साथ खेलना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अटूट हिस्सा था।

हालांकि, दोस्ती की इस चाशनी में राजू ने सलमान की सबसे बड़ी कमजोरी—उनके बेकाबू गुस्से—पर भी बेबाकी से बात की। राजू ने बताया कि सलमान खान स्वभाव से बेहद दयालु और नेक इंसान हैं, लेकिन उनका अपने इमोशंस पर कंट्रोल नहीं रह पाता। राजू ने खुलासा किया कि “सलमान दिल से फैसले लेते हैं, दिमाग से नहीं,” और यही खूबी अक्सर उनके लिए मुसीबत बन जाती है।

राजू श्रेष्ठ ने उन दिनों का भी जिक्र किया जब सलमान का गुस्सा उन्हें सड़क पर ले आता था। उन्होंने बताया कि कई बार सलमान किसी की बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर जोर-जोर से चिल्लाने और गाली-गलौज करने लगते थे। यहाँ तक कि अपनी ‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ की बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर हंगामा करने और कुछ मौकों पर हाथापाई तक करने की बात भी राजू ने स्वीकार की। राजू का मानना है कि सलमान ने यह सब किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं में बहकर किया, जिसे दुनिया ने अक्सर गलत समझा।

इन उतार-चढ़ाव के बावजूद, राजू श्रेष्ठ ने सलमान की वफादारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि जब उन्हें काम की जरूरत थी, तब सलमान ने ही उन्हें फिल्म ‘बागी’ में मौका दिलवाया। सालों बाद, फिल्म ‘चल मेरे भाई’ में भी दोनों ने साथ काम किया। राजू के शब्दों में, सलमान अपने पुराने दोस्तों को कभी नहीं भूलते और वक्त आने पर एक ढाल की तरह उनके साथ खड़े रहते हैं।

आज भले ही सलमान खान एक वैश्विक आइकन बन चुके हैं और मास्टर राजू के लिए उनसे वैसी पुरानी दोस्ती की उम्मीद करना मुमकिन नहीं है, लेकिन ये यादें आज भी उनके दिल के सबसे करीब हैं। इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सलमान खान का व्यक्तित्व एक ऐसी पहेली है, जिसमें जितना गुस्सा है, उससे कहीं ज्यादा बड़ा और साफ दिल है।