बालाघाट में कृषि कैबिनेट, तलाकशुदा पुत्री को भी मिलेगी पेंशन ,डॉ. मोहन सरकार के बड़े फैसले, 18 फरवरी को पेश होगा बजट


भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने एक के बाद एक कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सामाजिक, कृषि, सांस्कृतिक और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक की शुरुआत वंदेमातरम गान के साथ हुई। कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने फैसलों की जानकारी मीडिया को दी।

कैबिनेट में तय किया गया कि बालाघाट जिले में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही तारीख तय की जाएगी। मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि बालाघाट के नक्सल मुक्त होने के बाद यह निर्णय लिया गया है। यहां होने वाली कृषि कैबिनेट में जिले के समग्र विकास, कृषि, किसानों और स्थानीय जरूरतों को लेकर अहम फैसले लिए जाएंगे।

प्रदेश सरकार ने जू में रेस्क्यू सेंटर बनाने का भी बड़ा निर्णय लिया है। इस रेस्क्यू सेंटर में घायल और बीमार वन्य जीवों का इलाज किया जाएगा। इससे वन्य जीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। सामाजिक स्तर पर एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए डॉ. मोहन यादव सरकार ने तलाकशुदा पुत्री को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि यह प्रावधान पहली बार किया गया है। इसके तहत पारिवारिक पेंशन में विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही 2005 की नई पेंशन योजना को लेकर भी निर्णय लिया गया है, जिसके अंतर्गत 2026 में नए नियम बनाए गए हैं।

संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 19 मार्च को गुड़ी पड़वा पर्व सरकारी स्तर पर मनाने का फैसला लिया है। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को नई पहचान मिलेगी।विकास योजनाओं की बात करें तो धरती आवा कार्यक्रम के तहत 63 हजार आदिवासी घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 366 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

कैबिनेट ब्रीफिंग में यह भी जानकारी दी गई कि 18 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश किया जाएगा। यह बजट संतुलित और विकासोन्मुख होगा। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में भी प्रदेश ने उपलब्धि हासिल की है। नेशनल हेल्थ इंडेक्स में मध्य प्रदेश ने बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 हो गई है, जिसे सरकार ने बड़ी सफलता बताया है।कुल मिलाकर डॉ. मोहन यादव सरकार के ये फैसले सामाजिक सुरक्षा, सांस्कृतिक सम्मान, विकास और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।