भोपाल में साकार हुआ कुंभलगढ़ दुर्ग जैसा 'महाराणा प्रताप लोक'मेवाड़ की वीरगाथा को मिलेगा नया रूप


भोपाल । भोपाल में अब एक नई ऐतिहासिक धरोहर जुड़ गई है। राजधानी के तात्या टोपे नगर क्षेत्र में महाराणा प्रताप लोक का निर्माण पूरा हो गया है। यह परिसर लगभग चार एकड़ में फैला हुआ है और इसे जैसलमेर स्थित प्रसिद्ध कुंभलगढ़ दुर्ग की प्रतिकृति के तौर पर डिजाइन किया गया है। इस स्थल पर मेवाड़ के राजपूत शासकोंखासकर महान योद्धा महाराणा प्रताप की शौर्यगाथा को जीवंत किया जाएगा।

मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कार्यकारी अभियंता बृजेश तिवारी के अनुसारमहाराणा प्रताप लोक का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। इस परिसर का मुख्य आकर्षण महाराणा प्रताप की 20 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा हैजो उन्हें उनके प्रिय घोड़े चेतक पर आक्रमण की मुद्रा में दिखाती है। यह प्रतिमा न केवल शौर्य और वीरता का प्रतीक हैबल्कि यह मेवाड़ की ऐतिहासिक धरोहर को भी सम्मानित करती है।

प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार नीरज अहिरवार ने किया है। इस मूर्तिकला का वजन करीब 2.5 टन है और इसकी लागत लगभग 35 लाख रुपये आई है। यह मूर्ति महाराणा प्रताप के महान युद्ध कौशल और उनकी देशभक्ति को प्रदर्शित करती हैजिससे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा ले सकेंगी।

महाराणा प्रताप लोक में कई अन्य आकर्षण भी होंगेजिनमें मेवाड़ की वीर गाथाओं को दर्शाने वाले चित्रशिल्प और अन्य ऐतिहासिक सामग्री भी शामिल की जाएगी। यह स्थल न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में उभरेगाबल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा देगा और लोगों को भारतीय वीरता और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगा।

भोपाल में यह परियोजना न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगीबल्कि यह राज्य के सांस्कृतिक इतिहास और गौरव को भी प्रमोट करेगी। इस परिसर के उद्घाटन के बादमहाराणा प्रताप लोक की शौर्यगाथा को और अधिक लोगों तक पहुँचाने का रास्ता खुलेगा। यह स्थल न केवल स्थानीय लोगों के लिएबल्कि राज्य और देश भर के पर्यटकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।