केस बीच में छोड़ने पर भड़की महिला
विवाद की जड़ उस समय बनी जब अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने महिला का केस बीच में छोड़ दिया और बाद में उसी महिला के पति की ओर से पैरवी करते हुए उसकी जमानत करवा दी। इस बात से आहत और नाराज रिया तिवारी ने अदालत में ही अधिवक्ता पर गंभीर आरोप लगाए और कथित तौर पर धमकी दे दी कोर्ट परिसर में हुए इस घटनाक्रम के बाद माहौल गरमा गया। अधिवक्ता अंशुल गर्ग और बार काउंसिल से जुड़े अन्य सदस्य कोतवाली थाना पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस एफआईआर दर्ज कर ही रही थी कि इसी दौरान महिला रिया तिवारी भी थाने पहुंच गई, जहां एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।
पुलिस ने कराई सुलह की कोशिश
कोतवाली थाना पुलिस को दोनों पक्षों को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालात को देखते हुए पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाइश दी। हालांकि मामला पूरी तरह शांत होने में समय लगा।
महिला पर मामला दर्ज
रिया तिवारी का आरोप है कि अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने उसे धोखा दिया और अधिक पैसे लेकर पाला बदल लिया। उसका कहना है कि तलाक का केस छोड़कर पति को जमानत दिलाना नैतिक और पेशेवर रूप से गलत है। वहीं अधिवक्ता अंशुल गर्ग का कहना है कि वे किस पक्ष की पैरवी करेंगे, यह उनका कानूनी अधिकार है और इसके लिए उन्हें धमकाया या डराया नहीं जा सकता। कोतवाली थाना पुलिस ने महिला रिया तिवारी के खिलाफ धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
