मुरैना में जहर कारोबार: रिफाइंड और केमिकल से बन रहा था सिंथेटिक दूध, नामचीन डेयरी को हो रही थी सप्लाई


मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिला मुख्यालय से सटे जगतपुर गांव में प्रशासन ने एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी है जहां रिफाइंड ऑयल और घातक आरएम केमिकल मिलाकर सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह जहरीला दूध मुरैना की मशहूर हाकिम डेयरी को सप्लाई किया जा रहा था।

ऐसे तैयार होता था सफेद जहर

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता और अनिल परिहार ने गुरुवार सुबह जब अशोक कुशवाह के घर छापा मारा तो वहां का नजारा भयावह था। मिलावट का खेल आरोपी हर रोज पशुपालकों से 300 लीटर असली दूध खरीदता था और उसमें अपने घर पर तैयार 60 लीटर सिंथेटिक दूध मिला देता था। सामग्री दूध की चिकनाहट बढ़ाने के लिए रिफाइंड ऑयल और उसे गाढ़ा करने के लिए आरएम केमिकल का उपयोग किया जा रहा था।सप्लाई चैन जांच में सामने आया कि यह 400 लीटर मिलावटी दूध ₹50 प्रति लीटर के भाव से शहर की हाकिम डेयरी पर बेचा जा रहा था। विभाग ने मौके से दूध केमिकल और ऑयल के 5 सैंपल लेकर भोपाल लैब भेजे हैं।

लड्डू केक और जीरा भी निकले अमानक

मुरैना में केवल दूध ही नहीं बल्कि आम जरूरत की अन्य चीजें भी जांच में फेल पाई गई हैं। भोपाल लैब से आई हालिया रिपोर्ट में 7 प्रमुख संस्थानों के सैंपल फेल हुए हैं राधेश्याम मिष्ठान जौरा बेसन के लड्डू अमानक। लक्ष्य इंटरप्राजेज अंबाह मिल्क केक में मिलावट।कामेश अग्रवाल मुरैना जीरा जांच में फेल। सोनू इंडस्ट्रीज बानमोर रिफाइंड ऑयल मिलावटी। यादव मसाला सेंटर लाल मिर्च पाउडर अशुद्ध।

मिलावटखोरों पर सवा करोड़ का हंटर

प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना ठोका है। अपर कलेक्टर अश्विनी रावत के न्यायालय ने 2020 से 2024 के बीच के 32 लंबित मामलों में फैसला सुनाते हुए दोषियों पर 1.15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अलग-अलग डेयरी और दुकान संचालकों पर 2 लाख से लेकर 9 लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया गया है। सभी दोषियों को 3 फरवरी को न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए गए हैं।