सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन 14 फरवरी से 20 फरवरी तक किया जाएगा। इस मौके पर देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के अलावा प्रसिद्ध संतों और कथा वाचकों का समागम किया जाएगा। महोत्सव में आगामी 20 फरवरी को प्रसिद्ध आचार्य कौशिक महाराज धाम पर पहुंचेंगे।
सोमवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा स्थल पर पहुंचकर यहां पर आने वाले श्रद्धालु से चर्चा की। आगामी 14 फरवरी से होने वाले महोत्सव के लिए छह दिन पहले ही श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचने लगे है। यहां पर नियमित रूप से निशुल्क भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया।
आचार्य कौशिक महाराज अपनी ओजस्वी वाणी में 18 महापुराणों जैसे शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत, गरुड़ पुराण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण आदि की कथाओं के माध्यम से मानव जीवन को दोषमुक्त, भक्तिपूर्ण और ज्ञानवर्धक बनाने का संदेश देते हैं। वे कथाओं में भगवान की लीलाओं, जीवन में संतोष, और सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा देते हैं।
गौरतलब है कि विगत कई सालों से होने वाले ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में देश और विदेश के श्रद्धालु शामिल होते है। भव्य आयोजन को लेकर एक लाख 80 हजार स्कावयर फीट का भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 10 एकड़ में भोजन शाला का निर्माण किया जा रहा है।
शिव महापुराण एवं सत्संग: महोत्सव के दौरान शिव तत्व और सनातन धर्म की महिमा पर विशेष सत्संग सत्र आयोजित होंगे। लाखों रुद्राक्ष से मंदिर परिसर में भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। जिसका नियमित रूप से लाखों श्रद्धालुओं के मध्य अभिषेक किया जाएगा।
दो महान विभूतियों का महामिलन:
विट्ठलेश सेवा समिति के जनसंपर्क प्रभारी मनोज दीक्षित ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि 17 फरवरी का दिन कुबेरेश्वर धाम के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। इस दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। देश के इन दो सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का मिलन सनातन संस्कृति की एकजुटता और वैचारिक शक्ति का परिचायक होगा। इसके अलावा कथा वाचक पंडित देवकीनंद ठाकुर 19 फरवरी को शामिल होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरा कार्यक्रम महादेव की आराधना और संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए समिति द्वारा आवास, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि भक्तों को सुलभ दर्शन और सत्संग का लाभमिल सके। समिति समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस गौरवशाली और भक्तिमय अवसर पर सादर पधारने की अपील की है।
