मानती वारंट पर रोक लगने के बाद अब उन्हें 13 अप्रैल को आयोग में पेश होने की जरूरत नहीं।


नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को पान मसाला विज्ञापन मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग-II द्वारा उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान को 13 अप्रैल को उपभोक्ता आयोग के सामने पेश होने की जरूरत नहीं है। यह तारीख पहले अंतिम मौका के रूप में निर्धारित की गई थी, और अगर वह पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता था।

यह मामला योगेंद्र सिंह बडियाल द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने राजश्री पान मसाला और इसके ब्रांड एंबेसडर सलमान खान पर गुमराह करने वाले विज्ञापन चलाने का आरोप लगाया था। इन उत्पादों का प्रचार ‘केसर-युक्त इलायची’ और ‘केसर-युक्त पान मसाला’ के रूप में किया गया था। 6 जनवरी 2026 को उपभोक्ता आयोग ने इन विज्ञापनों पर अंतरिम रोक लगा दी थी, लेकिन 9 जनवरी को जयपुर, कोटा और अन्य शहरों में होर्डिंग्स लगे पाए जाने के कारण आयोग ने इसका उल्लंघन माना।

कोर्ट ने इस मामले में कहा कि मशहूर हस्ती होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई कानून से ऊपर हो। आयोग ने बार-बार पेश न होने को न्याय व्यवस्था के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर करने वाला बताया। आयोग ने सलमान खान के खिलाफ पहले चार बार जमानती वारंट जारी किए, लेकिन उन्हें तामील नहीं कराया जा सका। हालिया सुनवाई में आयोग ने इस पर नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

सलमान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.पी. सिंह, जी.एस. बाफना, दिवेश शर्मा, वरुण सिंह और शिवांग्शु नवल ने अदालत में दलीलें पेश कीं। जस्टिस अनूप सिंघी की बेंच ने सुनवाई के बाद सलमान खान और अन्य याचिकाकर्ताओं के पक्ष में राहत देने का आदेश दिया। कोर्ट के इस आदेश से सलमान खान पर फिलहाल आयोग के समक्ष पेश होने का दबाव कम हुआ है।

इस मामले में उपभोक्ता संरक्षण कानून और विज्ञापन नियमों की संवेदनशीलता उजागर हुई है। न्यायपालिका ने स्पष्ट किया कि ब्रांड एंबेसडर या कोई मशहूर हस्ती होने के बावजूद कानून से ऊपर नहीं है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इस फैसले से अदालत ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य रहेगा।