उज्जैन हवाई पट्टी का बड़ा विस्तार कैबिनेट ने 437 एकड़ जमीन अधिग्रहण को दी मंजूरी

उज्जैन । मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन में हवाई पट्टी के विस्तार के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने इस परियोजना के तहत 437.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। अनुमानित लागत 590 करोड़ रुपये है। यह कदम उज्जैन को एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और बड़ी विमानों जैसे बोइंग और एयरबस 320 के संचालन को सक्षम बनाने के लिए उठाया गया है।

अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच समझौता हो चुका है। सरकारी हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए सभी समझौते और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर और सांदीपनी आश्रम जैसे धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है। यहां हर साल दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए, कैबिनेट ने तय किया है कि संबंधित सभी विकास कार्य दिवाली 2027 तक पूरे हो जाएं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि उज्जैन में हो रहे सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और उन्हें थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए। 100 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे, पार्किंग और जन-सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, क्षिप्रा नदी पर पैदल मार्ग के लिए अलग पुल बनाने का आदेश भी दिया गया है।

सिंहस्थ महाकुंभ 2028 के लिए बनाई गई कैबिनेट कमेटी ने कुल 2,923 करोड़ रुपये की लागत से 22 विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इसमें सड़कों का निर्माण, भवनों का निर्माण और तीर्थ स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।

इसके अलावा, कैबिनेट ने किसानों के हित में गेहूं की खरीद 10 अप्रैल की बजाय 9 अप्रैल से शुरू करने की मंजूरी भी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन हवाई पट्टी का यह विकास न केवल धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में प्रदेश के लिए आर्थिक और लॉजिस्टिक दृष्टि से भी फायदेमंद होगा।