ट्यूशन से लौटते वक्त छात्र पर हमला
जानकारी के मुताबिक, वन विहार कॉलोनी निवासी 12वीं का छात्र अनुज शर्मा जब मंगलवार शाम ट्यूशन से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में तीन युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि एक युवक ने जलती हुई सिगरेट उसके चेहरे पर फेंकी, जिससे वह घबरा गया। इसके बाद आरोपियों ने उससे शराब के लिए पैसे मांगे और विरोध करने पर मारपीट की। युवकों ने छात्र से 440 रुपए भी छीन लिए और मौके से फरार हो गए।
इलाके में सक्रिय गैंग पर पार्षद का आरोप
घटना से नाराज पार्षद एमडी गुर्जर ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ युवकों का गैंग सक्रिय है, जो दबदबा बनाने और शराब के लिए पैसे वसूलने के नाम पर लोगों से मारपीट करता है। उन्होंने कहा कि ये युवक पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी अपने गिरोह में शामिल करने की कोशिश करते हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है। पार्षद के मुताबिक, इस गैंग के सदस्यों पर पहले से करीब 10 एफआईआर दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस पर संरक्षण देने के आरोप
पार्षद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन आरोपियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ आरोपी पुलिस के लिए दलाली करते हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। पार्षद ने एक वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें कुछ नाबालिग पुलिस के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते दिखे थे, लेकिन उस मामले में भी सिर्फ समझाइश देकर छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी द्वारा बच्चों के परिजनों से पैसे मांगने की बात सामने आई है, जिसके वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं।
देर रात तक चला धरना, कार्रवाई के बाद खत्म
मंगलवार रात करीब 8 बजे शुरू हुआ धरना देर रात साढ़े 11 बजे तक चलता रहा। पार्षद और परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। आखिरकार पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपों से किया इनकार
इस मामले में थाना प्रभारी नम्रता भदोरिया ने बताया कि छात्र अनुज शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने अन्नू गुर्जर, राजवीर गुर्जर और शेरा गुर्जर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करती है और पार्षद द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
