पुलिस की बर्बरता का वायरल चेहरा नशे में युवक पर थर्ड डिग्री का खुला खेल

शहडोल । शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र से सामने आया एक वीडियो पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है जहां कानून व्यवस्था संभालने वाली खाकी वर्दी खुद ही अमानवीय व्यवहार करती नजर आ रही है मामला जैतपुर तिराहे का है जहां एक युवक के नशे में हंगामा करने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे काबू तो किया लेकिन जिस तरीके से कार्रवाई की गई उसने पूरे घटनाक्रम को विवादों में ला दिया

जानकारी के अनुसार विक्की गुप्ता की इलेक्ट्रॉनिक दुकान में सुनील शुक्ला नाम का युवक नशे की हालत में घुस गया और वहां हंगामा करने लगा युवक की हरकतों से परेशान होकर आसपास के लोगों ने डायल 112 पर सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने अपनी सीमा लांघते हुए युवक के साथ बेहद कठोर और अपमानजनक व्यवहार किया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिसकर्मी ने युवक को पकड़कर जबरन उठाया और उसे वाहन में फेंक दिया इतना ही नहीं उसने भीड़ के सामने युवक को लातों से मारना भी शुरू कर दिया यह पूरा घटनाक्रम सार्वजनिक रूप से हुआ जहां कई लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी इस दौरान हस्तक्षेप नहीं किया वहीं मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है

वीडियो के सामने आते ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं लोगों का कहना है कि यदि युवक ने नशे में गलत व्यवहार किया था तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी लेकिन इस तरह का सार्वजनिक अपमान और मारपीट किसी भी हालत में उचित नहीं ठहराया जा सकता यह घटना न केवल मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है बल्कि पुलिस की छवि को भी नुकसान पहुंचाती है

हालांकि पुलिस ने इस मामले में अपनी ओर से कार्रवाई करते हुए दुकानदार विक्की गुप्ता की शिकायत पर आरोपी सुनील कुमार के खिलाफ गाली गलौज मारपीट और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं

यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को भी अपने आचरण में संयम और संवेदनशीलता बनाए रखने की जरूरत है क्योंकि कानून का पालन करवाने के नाम पर कानून को ही तोड़ना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होती है या यह मामला भी समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा