आस्था और अफवाहों के बीच पनपी खजाने की लालसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मां पसर देवी मंदिर की एक विशेष मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में विराजमान है और उसके नीचे प्राचीन खजाना छिपा हुआ है। इसी आस्था और अफवाह ने दफीनाखोरों को लालच में डाल दिया। माना जा रहा है कि खजाने तक पहुंचने के लिए ही मंदिर के पीछे सुरंग खोदी जा रही थी। दफीनाखोर रात के अंधेरे में खुदाई करते और सुबह होने से पहले सुरंग को झाड़ियों से ढक देते थे, जिससे लंबे समय तक यह गतिविधि छिपी रही। मौके से मिले कंबल और अन्य सामान इस बात के संकेत देते हैं कि आरोपी रातभर वहीं रुककर काम करते थे। यह पूरा घटनाक्रम न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं, पुलिस ने तेज की जांच
गौरतलब है कि नरवर किला में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी खजाने की तलाश में अवैध खुदाई के कई मामले सामने आ चुके हैं। हर बार प्रशासन कार्रवाई करता है, लेकिन फिर भी दफीनाखोर नई चाल के साथ सक्रिय हो जाते हैं। इस बार मिली सुरंग और बरामद सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। प्रशासन ने किले की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
