लापरवाही पड़ी भारी: रतलाम में बिना सूचना गैरहाजिर 11 कर्मचारियों को नोटिस, कार्रवाई तय


रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। भारत की प्रस्तावित जनगणना 2027 के पहले चरण (मकान सूचीकरण और गणना) की तैयारी के तहत चल रहे प्रशिक्षण सत्र में 11 कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

1 मई से शुरू होगा पहला चरण, ट्रेनिंग में ही लापरवाही

जानकारी के मुताबिक, जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित इस प्रशिक्षण के पहले ही सत्र में 11 कर्मचारी बिना सूचना गायब रहे, जिससे प्रशासन नाराज हो गया।

अधिकारियों का सख्त रुख, निलंबन की चेतावनी

नोटिस अनिल भाना (नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी) की ओर से जारी किया गया है। स्पष्ट कहा गया है कि यदि संबंधित कर्मचारी 24 घंटे में संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

जनगणना अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जनगणना कार्य में लापरवाही गंभीर अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना और 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।

कई विभागों के कर्मचारी शामिल

अनुपस्थित कर्मचारियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, मलेरिया विभाग और जिला अस्पताल सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम के कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर और भृत्य वर्ग के कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

प्रशासन का संदेश जनगणना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

प्रशासन ने साफ किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई तय है।