भिण्ड में गैस संकट थाने से हो रहा सिलेंडर वितरण, उपभोक्ता परेशान

भिंड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के गोहद अनुभाग में रसोई गैस की गंभीर किल्लत ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि प्रशासन को अस्थायी व्यवस्था के तहत पुलिस थाने के परिसर से गैस सिलेंडरों का वितरण करना पड़ रहा है इस अनोखी व्यवस्था ने जहां प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर किया है वहीं उपभोक्ताओं की परेशानियों को भी बढ़ा दिया है

जानकारी के अनुसार गोहद क्षेत्र में लगभग 25 हजार से अधिक की आबादी गैस आपूर्ति की समस्या से जूझ रही है पूर्व में यहां संचालित एक गैस एजेंसी बंद हो जाने के बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन आसपास की अन्य एजेंसियों में स्थानांतरित कर दिए गए थे लेकिन एक ही एजेंसी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने के कारण आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई

गैस सिलेंडरों की नियमित सप्लाई बाधित होने के बाद लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा जिससे घरों में खाना बनाने जैसी बुनियादी जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है और बार बार चक्कर लगाने पड़ते हैं

स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ प्रबंधन के उद्देश्य से प्रशासन ने पुलिस की निगरानी में गैस वितरण की व्यवस्था शुरू की है जिसके तहत थाने परिसर को अस्थायी वितरण केंद्र बनाया गया है यहां सिलेंडरों का वितरण नियंत्रित तरीके से किया जा रहा है ताकि अव्यवस्था और विवाद की स्थिति से बचा जा सके

हालांकि यह व्यवस्था लोगों के लिए असुविधाजनक साबित हो रही है उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस जैसी आवश्यक सेवा के लिए थाने तक आना एक असामान्य स्थिति है और यह दर्शाता है कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है कई लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही भी मान रहे हैं

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं और संबंधित एजेंसियों को आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं अधिकारियों का यह भी कहना है कि फिलहाल भीड़ नियंत्रण और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की निगरानी में यह अस्थायी व्यवस्था की गई है इस पूरी स्थिति ने गैस आपूर्ति प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है और यह सवाल खड़ा किया है कि आखिर इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई

फिलहाल उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही नियमित आपूर्ति बहाल होगी और उन्हें इस तरह की असुविधा से राहत मिलेगी वहीं प्रशासन पर भी दबाव है कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने