मेहनत और जज्बे को सलाम, 12वीं में सफल द्रोपदी से मंत्री ने किया संवाद


नई दिल्ली। मंडला जिले की दिव्यांग छात्रा द्रोपदी धुर्वे ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 65% अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश को गर्व का मौका दिया है। पैरों से लिखकर परीक्षा देने वाली द्रोपदी की इस प्रेरणादायक कहानी ने सभी का ध्यान खींचा, जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें फोन कर बधाई दी और उनके जज्बे की सराहना की। यह बातचीत उनकी सफलता की खबर सामने आने के बाद संभव हो सकी।

“आपका साहस प्रेरणादायक है” केंद्रीय मंत्री ने दिया भरोसा

द्रोपदी से यह बातचीत भाजपा नेता डॉ. विजय आनंद मरावी के माध्यम से कराई गई, जो उनके गांव पहुंचकर उनसे मिले। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने फोन पर छात्रा से बात करते हुए कहा कि उनका संघर्ष और मेहनत समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने द्रोपदी को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और भविष्य में उनसे मिलने की इच्छा भी जताई।

शारीरिक चुनौतियों के बावजूद हासिल की बड़ी सफलता

करौंदा टोला निवासी द्रोपदी धुर्वे जन्म से दिव्यांग हैं। उनका एक हाथ नहीं है और दूसरा पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया है। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पैरों से लिखना सीखकर अपनी पढ़ाई जारी रखी। इसी लगन और मेहनत के दम पर उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 65% अंक हासिल किए। इससे पहले भी वे 10वीं में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी हैं।

प्रदेश के लिए बनी प्रेरणा, हर किसी को दे रही संदेश

द्रोपदी की यह उपलब्धि उन्हें पूरे जिले और प्रदेश में प्रेरणा का प्रतीक बना रही है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के सामने छोटी पड़ जाती हैं। अब हर कोई उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है और उनकी मेहनत को सलाम कर रहा है।