मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को सोमवार दोपहर फोन के जरिए सूचना मिली थी कि ग्राम पिछोड़ी में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया और शव का पंचनामा तैयार कर मामले की जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस को जो सच्चाई पता चली उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड की चश्मदीद गवाह कोई और नहीं बल्कि मृतक की पत्नी और आरोपी की मां गौरी बाई हैं।
गौरी बाई ने रोते हुए पुलिस को बताया कि उनके 32 वर्षीय बेटे चंदन बडोले ने अपने 58 वर्षीय पिता जगन बडोले की हत्या की है। मां के अनुसार पिता और पुत्र के बीच पिछले कुछ समय से रुपयों के लेनदेन को लेकर तनाव चल रहा था। सोमवार को भी इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच मारपीट होने लगी। इसी बीच गुस्से में आपा खो चुके चंदन ने पास रखी पिस्तौल निकाली और सीधे अपने पिता के सिर पर गोली दाग दी। गोली लगते ही जगन बडोले लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच और मृतक की पत्नी के बयानों से यह स्पष्ट है कि विवाद की मुख्य वजह पैसा थी। मृतक जगन बडोले ने पहले भी अपने बेटे चंदन को वेल्डिंग की दुकान चलाने और अन्य जरूरतों के लिए दो लाख रुपये दिए थे। बावजूद इसके चंदन की मांगें कम नहीं हो रही थीं। वह लगातार और पैसों के लिए अपने पिता पर दबाव बना रहा था। सोमवार को जब पिता ने और पैसे देने से मना किया तो आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जहाँ की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी सिर पर गंभीर चोट और गोली लगने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है। थाना प्रभारी बिसेन ने बताया कि आरोपी चंदन बडोले वारदात को अंजाम देने के बाद से ही फरार है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब रिश्तों के बीच लालच की दीवार खड़ी होती है तो वहां केवल खून और पछतावा ही शेष बचता है।
