मुरैना में बाल विवाह पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, बारात के बीच पहुंची टीम


मुरैना। उत्तम पुरा के गोटे नगर स्थित गोविंद वाटिका मैरिज गार्डन में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात एक बाल विवाह प्रशासन की सतर्कता से रुक गया। बारात समय पर पहुंच चुकी थी, मेहमान खाना खा रहे थे और शादी की रस्में शुरू होने ही वाली थीं, तभी महिला बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। जांच में दुल्हन की उम्र 18 वर्ष से कम पाए जाने पर तत्काल विवाह प्रक्रिया रोक दी गई।

बारात पहुंची, खाना चल रहा था, तभी पहुंची टीम

जानकारी के अनुसार, यह विवाह उत्तम पुरा निवासी गर सिंह नरवरिया की पुत्री और कैलारस के कंचनपुरा (टिकतगढ़) निवासी रामबरन के पुत्र के बीच तय था। रविवार को कैलारस से बारात धूमधाम से गोटे नगर पहुंची थी। मैरिज गार्डन में बारातियों के स्वागत के साथ भोजन भी शुरू हो चुका था और माहौल पूरी तरह विवाह समारोह में बदल चुका था। लेकिन इसी बीच प्रशासन को सूचना मिली कि दुल्हन नाबालिग है, जिसके बाद तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया।

दस्तावेज जांच में खुला मामला, तुरंत रोकी गई शादी

महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर मधु आर्य के नेतृत्व में टीम और स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुल्हन के दस्तावेजों की जांच की। जांच में स्पष्ट हुआ कि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम है। इसके बाद टीम ने तत्काल विवाह रोकने का निर्णय लिया और पंचनामा तैयार किया। दुल्हन को समझाइश देकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

प्रशासन की सख्ती से टला बड़ा विवाद

अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाइश दी कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और यदि भविष्य में नियमों का उल्लंघन किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से एक संभावित अवैध विवाह टल गया, हालांकि विवाह रुकने से दोनों परिवारों में मायूसी छा गई।

दूल्हे के पिता ने जताई नाराजगी, बोले- समाज में हुई बदनामी

दूल्हे के पिता रामबरन ने कहा कि उन्हें लड़की की उम्र कम होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि अचानक शादी रुकने से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी अपमान महसूस हुआ है। उनका कहना था कि “हम बारात लेकर आए थे, लेकिन अब बिना दुल्हन के लौटना पड़ रहा है, जिससे समाज में हमारी जग हंसाई हुई है।”

दुल्हन पक्ष ने माना निर्णय, उम्र पूरी होने के बाद होगी शादी

दुल्हन के पिता गर सिंह ने प्रशासन के निर्णय को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी बेटी की उम्र अभी 18 वर्ष पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन किया जाएगा और उम्र पूरी होने के बाद ही विवाह का नया मुहूर्त निकाला जाएगा।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ ओ.पी. पांडेय ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानून के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार से विवाह की कोशिश की गई तो संबंधित पक्षों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीम को सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई, ताकि कानून का उल्लंघन न हो।