खरगोन में किसान ने खेत में जहर पीकर की आत्महत्या, लगाए गंभीर आरोप


खरगोन। जिले के रेहगांव में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 43 वर्षीय किसान सालकराम मोतीराम यादव ने अपने ही खेत में जहरीली दवा पीकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मंगलवार सुबह गोगांवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मौत से पहले बनाया वीडियो, लगाए गंभीर आरोप
आत्महत्या से पहले किसान ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह भावुक होकर कुछ लोगों के नाम लेते हुए नजर आया। वीडियो में उसने जमीन खरीद-फरोख्त के दौरान धोखाधड़ी, पैसे लेने के बाद भी जमीन न देने और लगातार धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उसने पुलिस से अपने परिवार की सुरक्षा और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
45 लाख रुपये के जमीन सौदे में विवाद
जानकारी के अनुसार, सालकराम यादव ने रेहगांव निवासी राजू गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता और जितेंद्र गुप्ता से 7 एकड़ 52 डिसमिल जमीन का सौदा 45 लाख रुपये में किया था। यह सौदा सुरेश मंशाराम यादव के नाम पर लिखी गई चिट्ठी के आधार पर हुआ था। इसमें एक लाख रुपये बयाना दिया गया था और बाकी राशि पांच महीने में देने की शर्त तय की गई थी।
पैसे देने के बाद भी मुकरने का आरोप
मृतक किसान ने वीडियो में आरोप लगाया कि उसने तय राशि में से 45 लाख रुपये दे दिए थे, जिसमें पूरी लिखापढ़ी का खर्च भी शामिल था। इसके बावजूद जमीन मालिकों ने सौदे से मुकरते हुए उसे जमीन नहीं दी। किसान का यह भी दावा है कि उसने राजू और जितेंद्र गुप्ता को 22 लाख 7 हजार 300 रुपये अलग से दिए थे, फिर भी वे अपने वादे से पीछे हट गए।
धमकी देने के भी लगाए आरोप
किसान ने अपने वीडियो में बिलखेड़ निवासी श्याम पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि श्याम उसे खरीदी गई जमीन पर जाने से रोक रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसके अलावा सुरेश और उसके बेटे कमलेश पर भी धमकाने का आरोप लगाया गया है।
पोस्टमार्टम के दौरान हंगामा, गिरफ्तारी की मांग
पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी दीपक यादव ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर माहौल शांत कराया।
पुलिस जांच में जुटी, मर्ग कायम
गोगांवा पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और वीडियो साक्ष्य के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल
घटना के बाद रेहगांव और आसपास के गांवों में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर विवाद का समाधान होता तो किसान की जान बच सकती थी।