मध्य प्रदेश सरकार का ऐलान: किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा, हेल्थ सुविधाओं में बड़ा बदलाव


नई दिल्ली। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुधवार को प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में सबसे अहम निर्णय मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में “पेशेंट अटेंडर शेल्टर होम” बनाने का रहा। इसके तहत अस्पतालों में आने वाले मरीजों के परिजनों को अब सस्ती दरों पर ठहरने और भोजन की सुविधा मिल सकेगी, जिससे इलाज के दौरान बाहर भटकने की समस्या खत्म होगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागू की जाएगी। सरकार केवल जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि भवन निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी सामाजिक संस्थाओं को दी जाएगी। इन संस्थाओं द्वारा बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं का प्रबंधन भी किया जाएगा। एक समिति न्यूनतम शुल्क तय करेगी ताकि व्यवस्था सुचारु और किफायती बनी रहे। सरकार ने इसे जनसेवा आधारित मॉडल बताया है, जिसमें लाभ कमाने का उद्देश्य नहीं होगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अगले 5 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसमें कैथ लैब, ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के विकास पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही राज्य में विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीब 33 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
कृषि क्षेत्र के लिए भी बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने फैक्टर-2 लागू करने को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के मामलों में किसानों को अब चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। इसे किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे 35 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं छिंदवाड़ा जिले के लिए पुनर्वास पैकेज के तहत 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े निवेश का ऐलान किया गया है। कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल वितरण योजना पर 990 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री केयर योजना 2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, जिस पर अगले 5 वर्षों में 3628 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कुल मिलाकर, कैबिनेट बैठक में लिए गए ये फैसले स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, किसानों को राहत देने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।