एमपी में भीषण गर्मी का कहर स्कूल खुले बच्चे परेशान ग्वालियर उज्जैन समेत कई जिलों में लू का अलर्ट


मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है इसके बावजूद स्कूलों में अब तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित नहीं किया गया है। राजधानी भोपाल के सेंट जोसेफ स्कूल को छोड़ दें तो बाकी जगहों पर सिर्फ स्कूल का समय कम किया गया है लेकिन बच्चे दोपहर की तेज धूप में ही घर लौटने को मजबूर हैं जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

मौसम की बात करें तो भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र ने शनिवार को प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें ग्वालियर उज्जैन मुरैना भिंड दतिया टीकमगढ़ छतरपुर सतना रीवा मंडला बालाघाट नीमच मंदसौर रतलाम धार और अलीराजपुर जैसे जिले शामिल हैं जहां तापमान और गर्म हवाओं का असर तेज बना हुआ है।

शुक्रवार को प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र खजुराहो रहा जहां तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि नौगांव में 43.5 डिग्री तापमान रहा। इसके अलावा रतलाम में 43.2 डिग्री सतना और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री दमोह में 42.6 डिग्री और रीवा मंडला में 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा जहां पारा 42.1 डिग्री पहुंच गया जबकि भोपाल में 41.6 डिग्री इंदौर में 41.2 डिग्री जबलपुर में 42 डिग्री और उज्जैन में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

हालांकि राहत की उम्मीद भी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर चंबल जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ को कारण बताया गया है जो मौसम में बदलाव ला सकता है।

गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने शरीर को हाइड्रेट रखने दोपहर में तेज धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है क्योंकि वे गर्मी के प्रभाव से जल्दी प्रभावित होते हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अप्रैल और मई को साल के सबसे गर्म महीने माना जाता है और अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगती है। पिछले वर्षों के आंकड़े भी यही बताते हैं कि इस दौरान तापमान कई बार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाता है। ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है जिससे लोगों को अभी और सतर्क रहने की जरूरत है।