वायरल वीडियो में आरोपी जीतू तोमर छात्रा के साथ नजर आ रहा है और दावा कर रहा है कि यह मामला अपहरण का नहीं बल्कि आपसी सहमति का है। वीडियो में उसने खुद को ग्वालियर निवासी बताया और कहा कि वह और छात्रा पिछले ढाई साल से रिश्ते में हैं।
वीडियो में जीतू तोमर यह भी कहता दिखाई देता है कि पिछले एक महीने से दोनों के बीच कुछ गलतफहमी चल रही थी, जिसे दूर करने के लिए वह छात्रा से मिलने आया था। उसके अनुसार, दोनों अपनी मर्जी से साथ गए हैं और जल्द ही घर लौट आएंगे। उसने यह भी अपील की कि उसके परिवार को परेशान न किया जाए।
यह पूरा मामला बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे कंपू थाना क्षेत्र के कैंसर पहाड़िया इलाके का है। जानकारी के अनुसार, लॉ छात्रा अपनी सहेली के साथ कॉलेज गेट के बाहर खड़ी थी, तभी बिना नंबर की बलेनो कार में सवार होकर जीतू तोमर अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने अचानक छात्रा को जबरन कार में खींच लिया। जब उसकी सहेली ने विरोध किया तो उसे धक्का देकर गिरा दिया गया। इसके बाद आरोपी छात्रा को लेकर मौके से फरार हो गए। भागते समय उन्होंने छात्रा का मोबाइल फोन भी छीनकर सड़क पर फेंक दिया, ताकि किसी तरह का संपर्क न हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई। हाईवे, टोल प्लाजा और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि छात्रा नाबालिग है या नहीं और उसका बयान क्या है, इसके आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और सर्विलांस टीम की मदद भी ली जा रही है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, जिससे जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है।
पूरा मामला अब प्रेम संबंध और अपहरण के दावों के बीच उलझ गया है, और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सच्चाई को जल्द से जल्द सामने लाया जाए।
