Author: bharati

  • महिलाओं के लिए त्वचा की बड़ी समस्या: झाइयां और उनके आसान समाधान

    महिलाओं के लिए त्वचा की बड़ी समस्या: झाइयां और उनके आसान समाधान


    नई दिल्ली। हर कोई सोचता है कि उसका चेहरा काफी अच्छा रहे उसके चेहरे में काफी निखार आए। अगर आप भी यही सोचती हैं और आपके चेहरे में काफी ज्यादा झाइयां आ गई है। तो आप घर पर ही कुछ आसान तरीकों को अपनाकर अपने चेहरे से झाइयां हटा सकती हैं और अपने चेहरे में पहले से ज्यादा निखार का सकती हैं। तो चलिए बिना देरी के इसका पूरा प्रोसेस जानते हैं और अच्छे से समझते हैं।

    घर पर ऐसे ठीक करें झाइयां
    चेहरे पर झाइयां आपकी खूबसूरती को कम कर सकती हैं। इसकी वजह से चेहरे पर जगह-जगह धब्बे नजर आने लगते हैं और स्किन डार्क नजर आती है। ऐसे में कई लोग अपने चेहरे की जिद्दी झाइयों को हटाने के लिए तरह-तरह के ब्यूटी और स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा आपको बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए घर के कुछ नुक्से आपके चेहरे को आप ही अच्छा बना सकते हैं तो चलिए जानते हैं।

    शहद और नींबू
    चेहरे से झाइयां हटाना और चेहरे को अच्छी तरह साफ करना और उसमें गला लाना शहद और नींबू काफी अच्छे से करते हैं। दरअसल, नींबू के रस में साइट्रिक एसिड मौजूद होता है, जो त्वचा के दाग-धब्बों और झाइयों को हल्का करने में मदद कर सकता है। इसके लिए आप एक कटोरी में एक चम्मच शहद लें। इसमें एक चम्मच नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ देर के लिए लगा रहने दें। करीब 10 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। सप्ताह में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल करने से झाइयां धीरे-धीरे कम होने लगेंगी।

    शहद और एलोवेरा
    चेहरे से झाइयां हटाने के लिए शहद और एलोवेरा का प्रयोग किया जा सकता है। दरअसल, एलोवेरा में एलोइन नामक तत्व मौजूद होता है, जो दाग-धब्बों और पिगमेंटेशन को दूर करने में मदद करता है। इसके लिए आप एक कटोरी में एक चम्मच शहद लें। इसमें एक चम्मच एलोवेरा जेल डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें, करीब 20 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें।

  • निचली अदालत से मिली राहत, अब दिल्ली हाई कोर्ट में 29 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई; ED की याचिका पर अरविंद केजरीवाल की बढ़ीं मुश्किलें

    निचली अदालत से मिली राहत, अब दिल्ली हाई कोर्ट में 29 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई; ED की याचिका पर अरविंद केजरीवाल की बढ़ीं मुश्किलें


    नई दिल्ली।  दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर जारी हुआ है, जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है।

    निचली अदालत ने क्यों किया था बरी?
    27 फरवरी को निचली अदालत ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि जांच एजेंसी यह साबित नहीं कर पाई कि समन की अवहेलना जानबूझकर की गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने केजरीवाल से जवाब मांगा है। कोर्ट ने ED की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख 29 अप्रैल तय की है। कोर्ट ने कहा कि “प्रतिवादी को पहले से सूचना थी, फिर भी वे पेश नहीं हुए।”

    ED का क्या है आरोप?
    प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन का पालन नहीं किया जांच में शामिल होने से बचने के लिए बहाने बनाए मामले के अन्य आरोपियों से उनका संपर्क था ED का दावा है कि शराब नीति बनाते समय अनियमितताएं हुईं और इससे कुछ लोगों को फायदा पहुंचा।

    केजरीवाल की मौजूदा स्थिति
    अरविंद केजरीवाल इस समय मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में अंतरिम जमानत पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के कुछ कानूनी पहलुओं को बड़ी बेंच के पास भेजा है, जिस पर अभी सुनवाई जारी है। अब सभी की नजर 29 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी है। यहीं तय होगा कि निचली अदालत का फैसला बरकरार रहेगा या मामले में नया मोड़ आएगा। दिल्ली शराब नीति मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। निचली अदालत से मिली राहत के बाद अब हाई कोर्ट में सुनवाई से इस केस की दिशा तय होगी।

  • ट्रंप की धमकी को बताया शोर ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने होर्मुज संकट पर कूटनीतिक पहल का भरोसा दिया

    ट्रंप की धमकी को बताया शोर ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने होर्मुज संकट पर कूटनीतिक पहल का भरोसा दिया

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते खतरे के बीच कीर स्टार्मर ने स्पष्ट किया है कि ब्रिटेन का प्राथमिक फोकस अपने राष्ट्रीय हित ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान पर केंद्रित है उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को लेकर चिंता जायज है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है

    स्टार्मर ने जनता को भरोसा दिलाया कि ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार की योजनाएं असर दिखा रही हैं उन्होंने कहा कि बजट में उठाए गए कदमों के कारण लोगों के ऊर्जा बिल में कमी आएगी और अंतरराष्ट्रीय हालात चाहे जैसे भी हों फिलहाल कीमतें निर्धारित अवधि तक स्थिर रहेंगी इससे आम लोगों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नाटो को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टार्मर ने उन्हें दबाव बनाने की कोशिश और शोर करार दिया उन्होंने साफ कहा कि नाटो दुनिया का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन है और ब्रिटेन इसके प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है उन्होंने यह भी दोहराया कि कोई भी निर्णय केवल राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा

    स्टार्मर ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन किसी भी प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष में शामिल नहीं होगा उन्होंने कहा कि यह हमारी लड़ाई नहीं है लेकिन इसके बावजूद यूरोप और सहयोगी देशों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना जरूरी है ताकि सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके

    होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उन्होंने कूटनीतिक पहल की घोषणा की स्टार्मर ने बताया कि ब्रिटेन इस सप्ताह उन देशों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेगा जो इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से सुचारू करने में सहयोग करना चाहते हैं इस बैठक की अध्यक्षता यवेट कूपर करेंगी जिसमें समुद्री मार्ग की सुरक्षा फंसे जहाजों और नाविकों की रक्षा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी

    उन्होंने बताया कि ब्रिटेन पहले से ही इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है विदेश मंत्री और आर्थिक प्रमुख जी7 देशों के साथ लगातार संवाद में हैं जबकि रक्षा मंत्री मध्य पूर्व के साझेदार देशों से संपर्क बनाए हुए हैं इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्रिटेन ने 35 देशों को एक साझा पहल के तहत जोड़ा है

    स्टार्मर ने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन में महंगाई को नियंत्रित करने और जीवन यापन की लागत कम करने का सबसे प्रभावी तरीका मध्य पूर्व में तनाव को कम करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए हर संभव कूटनीतिक प्रयास किए जाएंगे

    इस बयान से साफ है कि ब्रिटेन वर्तमान वैश्विक संकट को सैन्य के बजाय कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और साथ ही अपने नागरिकों को आर्थिक राहत देने के लिए भी प्रतिबद्ध है

  • रूस का साफ संदेश भारत पर किसी दबाव की गुंजाइश नहीं तेल व्यापार और संबंधों में बढ़ती मजबूती

    रूस का साफ संदेश भारत पर किसी दबाव की गुंजाइश नहीं तेल व्यापार और संबंधों में बढ़ती मजबूती


    नई दिल्ली । भारत के तेल बाजार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही चर्चाओं के बीच रूस ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका के कथित दबाव को पूरी तरह खारिज कर दिया है भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलिपोव ने एक विशेष बातचीत में कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार्य नहीं है और भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर मजबूती से कायम है

    राजदूत अलिपोव ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिशें वैश्विक व्यापार के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हैं उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह का दबाव न तो उचित है और न ही टिकाऊ उन्होंने यह भी जोड़ा कि रूस ऐसे किसी भी प्रयास को सख्ती से खारिज करता है और भारत के स्वतंत्र रुख का सम्मान करता है

    तेल आयात को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों पर टिप्पणी करने से इनकार किया लेकिन यह जरूर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दबाव की राजनीति सही नहीं है उनके अनुसार यह वैश्विक सहयोग और संतुलन को प्रभावित करता है

    रूस और भारत के संबंधों पर बात करते हुए अलिपोव ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है हाल के वर्षों में भारत ने रूस से तेल आयात में उल्लेखनीय वृद्धि की है और यह साझेदारी आगे भी जारी रहने की संभावना है उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार और आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे दोनों पक्षों को लाभ मिल रहा है

    मध्य पूर्व में चल रहे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने ऊर्जा बाजार में बढ़ती अस्थिरता पर चिंता व्यक्त की और इसे अमेरिकी नीतियों से जोड़ते हुए इसे ऑयल डिसरप्शन डिप्लोमेसी करार दिया उनके अनुसार इस तरह के हस्तक्षेप से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है

    राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद लगातार जारी है और इस वर्ष नरेंद्र मोदी की संभावित रूस यात्रा को लेकर मॉस्को उत्साहित है उन्होंने बताया कि भारत और रूस के बीच वार्षिक शिखर बैठक की परंपरा मजबूत है और दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं

    कुल मिलाकर रूस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक राजनीति में ऊर्जा और व्यापार को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत और रूस अपने संबंधों को बाहरी दबाव से परे रखते हुए आगे बढ़ाना चाहते हैं और ऊर्जा सहयोग इस साझेदारी का प्रमुख आधार बना रहेगा

  • एम्स दिल्ली भर्ती 2026: जल्द करें आवेदन, युवाओं के लिए कैरियर का बड़ा मौका

    एम्स दिल्ली भर्ती 2026: जल्द करें आवेदन, युवाओं के लिए कैरियर का बड़ा मौका


    नई दिल्ली। मेडिकल और रिसर्च क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली ने दो महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा मौका है कि वे 8 अप्रैल 2026 से पहले आवेदन करके अपने सपनों को साकार कर सकें।

    भर्ती के पद और पात्रता:
    एम्स दिल्ली ने जिन दो पदों के लिए आवेदन मांगे हैं, वे हैं:

    प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट-I (नॉन-मेडिकल)
    प्रोजेक्ट टेक्निकल सपोर्ट-III

    उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से जीवन विज्ञान या जैव चिकित्सा विज्ञान में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिग्री या जीवन विज्ञान में ग्रेजुएशन डिग्री के साथ 3 साल का अनुभव होना चाहिए। इसके साथ-साथ अन्य पात्रता और अनुभव की शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

    आयु सीमा और छूट:
    उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 35 साल तय की गई है, जिसकी गणना 8 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी।

    चयन प्रक्रिया और वेतन:
    उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों की मासिक सैलरी 28,000 से 56,000 रुपए के बीच होगी। इसके अलावा, उम्मीदवारों को अन्य लाभ और भत्ते भी मिलेंगे।

    आवेदन प्रक्रिया:
    आवेदन ऑनलाइन और ईमेल के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार सबसे पहले एम्स दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर संबंधित पद के लिए जारी नोटिफिकेशन लिंक पर क्लिक करें और नोटिफिकेशन में दिए गए QR कोड को स्कैन करके अपना बायोडेटा तय समय सीमा के भीतर सबमिट करें।

    एम्स दिल्ली में प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट और टेक्निकल सपोर्ट पदों पर भर्ती का अवसर युवाओं के लिए करियर निर्माण का बेहतरीन मौका है। योग्य उम्मीदवार 8 अप्रैल 2026 से पहले ऑनलाइन आवेदन करके इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

  • खीरे के फायदे: त्वचा से लेकर पाचन तक, हर रोज़ क्यों खाएं

    खीरे के फायदे: त्वचा से लेकर पाचन तक, हर रोज़ क्यों खाएं


    नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में ताजगी की चाहत हर किसी को होती है, और ऐसे में खीरा (Cucumber) सबसे पसंदीदा विकल्प बन जाता है। न सिर्फ इसका स्वाद ठंडक और राहत देता है, बल्कि यह शरीर के लिए भी कई तरह से फायदेमंद साबित होता है। आयुर्वेद में खीरे को शीतल और पित्तशामक माना गया है, जो शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

    खीरे में भरपूर पानी और पोषक तत्व
    खीरे में 85 से 96 प्रतिशत तक पानी होता है, जिससे यह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। इसके अलावा, इसमें विटामिन ए, सी, के और मिनरल्स जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं और ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। गर्मियों में लू से बचाव, शरीर के तापमान को संतुलित रखना और पाचन को सही रखना खीरे के सेवन से आसान हो जाता है।

    पाचन और पेट के लिए लाभकारी
    खीरे में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, जो पेट को शुष्क होने से बचाता है और गैस-कब्ज जैसी समस्याओं को कम करता है। पोटेशियम की मौजूदगी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद करती है। इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत रहता है और शरीर में जमा विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं।

    चेहरे और बालों के लिए भी फायदेमंद
    खीरा सिर्फ पेट के लिए ही नहीं बल्कि स्किन और बालों के लिए भी उपयोगी है। यह चेहरे को नेचुरल ग्लो देता है, नाखून और बालों को मजबूत और चमकदार बनाता है। गर्मियों में ठंडी खीरे की चाट या जूस शरीर को अंदर से तरोताजा रखता है।

    खीरे को आहार में शामिल करने के तरीके
    सुबह के समय खाली पेट खीरे का जूस पीना सबसे बेहतर उपाय है। इसके लिए खीरा, पुदीना और धनिए के पत्तों को मिलाकर जूस तैयार करें और छानकर सेवन करें। इससे शरीर को भरपूर ऊर्जा और ठंडक मिलती है। इसके अलावा, खीरे की चाट या सलाद बनाकर भी खाया जा सकता है। ध्यान रखें कि इसे खाने के तुरंत बाद न लें; खाने से एक घंटे पहले खीरा शामिल करना अधिक फायदेमंद रहता है।

     
    खीरा गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट करता है, पाचन सुधारता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है और त्वचा व बालों को स्वस्थ बनाता है। जूस, चाट या सलाद के रूप में इसे आहार में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक और आसान तरीका है।

  • रूस में बड़ा सैन्य विमान हादसा क्रीमिया में एएन 26 क्रैश 29 लोगों की मौत

    रूस में बड़ा सैन्य विमान हादसा क्रीमिया में एएन 26 क्रैश 29 लोगों की मौत


    नई दिल्ली । रूस में एक बड़ा सैन्य विमान हादसा सामने आया है जिसमें क्रीमिया क्षेत्र में रूसी सेना का एएन 26 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया इस भीषण हादसे में कुल 29 लोगों की मौत हो गई जिनमें चालक दल के 6 सदस्य और 23 यात्री शामिल हैं इस घटना की पुष्टि रूस के रक्षा मंत्रालय ने की है और इसे हाल के समय की गंभीर सैन्य दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है

    जानकारी के अनुसार यह विमान निर्धारित उड़ान पर था और क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भर रहा था तभी अचानक उससे संपर्क टूट गया प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान किसी चट्टान से टकरा गया था जिससे यह दुर्घटना हुई हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के पीछे किसी हमले की संभावना नहीं है और प्राथमिक रूप से तकनीकी खराबी को ही कारण माना जा रहा है

    रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार 31 मार्च की शाम करीब 6 बजे मॉस्को समय पर विमान से संपर्क टूट गया था जिसके बाद तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया बचाव दलों ने बाद में दुर्घटनास्थल का पता लगाया जहां से यह स्पष्ट हुआ कि विमान पूरी तरह नष्ट हो चुका था और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की संभावना नहीं रही

    एएन 26 एक हल्का सैन्य परिवहन विमान है जिसका उपयोग कई दशकों से किया जा रहा है यह विमान कम और मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त माना जाता है और इसमें सामान के साथ करीब 40 यात्रियों को ले जाने की क्षमता होती है हालांकि इसकी पुरानी तकनीक और लंबे समय से उपयोग को लेकर समय समय पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उठती रही हैं

    इस हादसे ने एक बार फिर रूस के सैन्य विमानन तंत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं खासकर तब जब हाल ही में दिसंबर 2025 में भी एक बड़ा हादसा सामने आया था उस समय एंटोनोव एएन 22 विमान परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें चालक दल के सभी 7 सदस्यों की मौत हो गई थी यह घटना मॉस्को के पूर्व में स्थित इवानोवो क्षेत्र के इवानकोवो गांव के पास हुई थी

    लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि पुराने सैन्य विमानों के रखरखाव और तकनीकी जांच को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए नियमित निरीक्षण और आधुनिक तकनीक का समावेश बेहद जरूरी है

    फिलहाल क्रीमिया में हुए इस हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर तकनीकी खराबी किस कारण से हुई और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही शामिल थी इस दुखद घटना ने एक बार फिर सैन्य विमानन सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से सामने ला दिया है

  • बच्चे की नींद के लिए आयुर्वेदिक उपाय: रात में सोने की परेशानी दूर करें

    बच्चे की नींद के लिए आयुर्वेदिक उपाय: रात में सोने की परेशानी दूर करें


    नई दिल्ली। छोटे बच्चों के लिए रात में अच्छी नींद आना कभी-कभी चुनौती बन जाता है। दिनभर खेल-कूद और खाने के बाद भी कई बार बच्चे रात को बार-बार डरकर उठ जाते हैं या बेचैनी के कारण नींद पूरी नहीं ले पाते। इससे न केवल बच्चा चिड़चिड़ा महसूस करता है, बल्कि पूरा परिवार भी थक जाता है।

    आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
    आयुर्वेद में इसे तंत्रिका तंत्र और स्नायु से जोड़कर देखा गया है। नींद की समस्या को संतुलित करने के लिए आयुर्वेद बच्चों को रात को सोने से पहले थोड़े से घी में गुड़ मिलाकर देने की सलाह देता है। घी तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और वात को संतुलित रखता है, जिससे शरीर रिलैक्स महसूस करता है। गुड़ हल्की ऊर्जा और स्थिरता देता है। इस उपाय से बच्चा गहरी नींद में सोता है और बार-बार नींद टूटने की समस्या कम होती है।

    वात और तंत्रिका तंत्र पर असर
    रात के समय शरीर में वात की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे नींद प्रभावित होती है। घी वात को नियंत्रित रखकर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। इसके अलावा, इससे नींद लाने वाले हॉर्मोन भी सही तरीके से बनते हैं। बच्चे की दिनचर्या में संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।

    स्क्रीन टाइम और वातावरण का ध्यान
    अत्यधिक मोबाइल या टीवी का उपयोग मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखता है और नींद में बाधा डालता है। इसलिए रात के समय बच्चों को मोबाइल से दूर रखें और सोने का समय शांत वातावरण में बिताएं। कमरे का हल्का अंधेरा और शांति नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है।

    कब डॉक्टर से सलाह लें
    अगर बच्चा रात में अत्यधिक डरता है या आयुर्वेदिक उपाय से आराम नहीं मिलता, तो तुरंत बाल विशेषज्ञ से सलाह लें। कभी-कभी नींद की परेशानी किसी और स्वास्थ्य समस्या की वजह से भी हो सकती है।

  • गर्मियों में सहजन का सेवन: पाचन सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका

    गर्मियों में सहजन का सेवन: पाचन सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका


    नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में अक्सर पाचन संबंधी परेशानियां, थकान, कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में आयुर्वेद हमें सहजन (मोरिंगा) खाने की सलाह देता है, जिसे ‘चमत्कारी वरदान’ भी कहा जाता है। इसका कारण यह है कि इसके पत्ते, फूल और फल सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं।

    पोषक तत्वों से भरपूर सहजन
    नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सहजन में विटामिन ए, बी, सी, कैरोटीन, आयरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, पाचन तंत्र को मजबूत करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।

    पाचन और वजन नियंत्रण में सहजन की भूमिका
    सहजन में मौजूद फाइबर पेट को साफ रखता है और कब्ज, गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देता है। भारी भोजन के बाद पाचन बिगड़ने पर सहजन मदद करता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे भोजन जल्दी पचता है और शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं होती। फाइबर की मौजूदगी भूख को नियंत्रित करती है और बार-बार खाने की आदत पर लगाम लगाती है।

    डिटॉक्स और ऊर्जा देने वाला सहजन
    गर्मी में शरीर में पानी और हानिकारक तत्व जमा हो जाते हैं। सहजन प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करता है, सूजन कम करता है और शरीर को हल्का-फुल्का बनाता है। साथ ही यह रक्त में शुगर का स्तर स्थिर रखता है, इसलिए डायबिटीज रोगियों के लिए भी सहजन बेहद फायदेमंद है।

    थकान कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में सहजन
    सहजन में कैल्शियम और विटामिन सी होते हैं, जो गर्मियों में शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं और कमजोरी दूर करते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और गर्मियों में बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं।

    सेवन के आसान तरीके
    गर्मियों में सहजन को सब्जी, पत्तों का साग, सूप या जूस के रूप में रोजाना खाया जा सकता है। पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाकर पानी में मिलाकर पीना भी फायदेमंद है। नियमित सेवन से पाचन मजबूत होता है, वजन नियंत्रण में मदद मिलती है, और शरीर की इम्युनिटी प्राकृतिक तरीके से बढ़ती है।

    गर्मियों में सहजन का सेवन पाचन सुधारने, वजन नियंत्रित रखने, ऊर्जा बनाए रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सबसे प्राकृतिक और आसान तरीका है। यह शरीर को ठंडक देने, डिटॉक्स करने और थकान कम करने में भी मदद करता है, जिससे गर्मियों का मौसम स्वस्थ और हल्का-फुल्का महसूस होता है।

  • रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध

    रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बंधा क्षेत्र में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब आदित्य बिरला ग्रुप से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कथित रूप से देर रात ग्रामीणों की जमीन पर शिलान्यास करने पहुंच गए इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और असंतोष की स्थिति पैदा कर दी

    बताया जा रहा है कि कंपनी के प्रतिनिधि रात के अंधेरे में चुपचाप मौके पर पहुंचे और जमीन पर शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को लगी वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कार्रवाई का तीखा विरोध किया ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना उनकी सहमति और जानकारी के उनकी जमीन पर किसी भी तरह का काम नहीं होने दिया जाएगा

    बंधा क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी साफ दिखाई देती है उनका कहना है कि यदि कंपनी का प्रोजेक्ट पूरी तरह वैध है तो शिलान्यास दिन में खुले तौर पर किया जाना चाहिए था रात के समय इस तरह की गतिविधि कई सवाल खड़े करती है

    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और लोग कंपनी की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस कार्रवाई के पीछे किसी प्रकार का प्रशासनिक संरक्षण है या फिर यह किसी बड़े स्तर की योजना का हिस्सा है हालांकि इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे और किसी भी प्रकार के अवैध या जबरन कार्य को रोकने के लिए संगठित रूप से विरोध जारी रखेंगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा

    यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक रूप से औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करता है पारदर्शिता संवाद और सहमति की कमी ऐसे विवादों को जन्म देती है जो आगे चलकर बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं फिलहाल बंधा क्षेत्र की यह घटना एक गंभीर विवाद के रूप में उभर रही है जिस पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं