Author: bharati

  • जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई: कलेक्टर बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई: कलेक्टर बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निराकरण में ढिलाई पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन जैसे कदम भी शामिल हैं।

    मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने स्वयं सभी आवेदनों को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। जिन प्रकरणों का तत्काल निराकरण संभव नहीं था, उनके लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की गई, ताकि शिकायतों का जल्द निपटारा हो सके।

    इस जनसुनवाई में कुल 83 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सबसे अधिक मामले राजस्व, अतिक्रमण, रास्ते के विवाद और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े थे। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राथमिकता के आधार पर इन मामलों का समाधान सुनिश्चित करें और लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें।

    जनसुनवाई के दौरान कुछ मामलों में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और संबंधित पटवारी के निलंबन के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना गंभीर लापरवाही है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में सक्रिय रहकर समस्याओं का समाधान करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। कुल मिलाकर, बैतूल में आयोजित इस जनसुनवाई ने प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने का संदेश दिया है, जहां लापरवाही पर सख्ती और त्वरित समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है।

  • बालों में डैंड्रफ? जानें कारण और बचाव के आसान तरीके

    बालों में डैंड्रफ? जानें कारण और बचाव के आसान तरीके

    नई दिल्ली। अगर आपको बार-बार डैंड्रफ का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण काफी आप परेशान हो गई हैं तब हम आपके लिए कुछ खास टिप्स लेकर आए हैं जिसे अपनाकर आप इसे ठीक कर सकती हैं। इसके साथ ही आपको कुछ बातों पर विशेष ध्यान रखना होगा उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना होगा वरना यह काफी बढ़ सकता है।कई लोग इससे छुटकारा पाने के लिए महंगे शैंपू, हेयर प्रोडक्ट्स और घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं जबकि आपको इससे जुड़ी सारी बातों पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।

    क्यों बढ़ता है डैंड्रफ
    बार-बार होने वाला डैंड्रफ शरीर या स्कैल्प में किसी अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। अगर आपको ऐसी बार-बार समस्या हो रही है तब आपको इस पर बहुत अच्छे से विचार करना चाहिए इसे बिल्कुल भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। वरना आगे जाकर यह समस्या काफी ज्यादा आपको परेशान कर सकती है।

    स्कैल्प का ड्राई होना
    डैंड्रफ का सबसे कॉमन कारण होता है जब आपका स्कैल्प सूखा होता है। जब सिर की स्किन में नमी की कमी हो जाती है, तो ऊपरी परत सूखकर झड़ने लगती है और सफेद परत के रूप में दिखाई देती है।

    स्कैल्प में ऑयल और गंदगी का जमा होना
    अगर बालों की रेगुलर सफाई नहीं की जाती, तो स्कैल्प पर तेल, धूल और गंदगी जमा होने लगती है। यह स्थिति बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है, जिससे डैंड्रफ तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए आपको इन सब चीजों पर ध्यान रखना चाहिए।

    गलत हेयर प्रोडक्ट्स
    ऐसे शैंपू या हेयर प्रोडक्ट्स जो आपके स्कैल्प के अनुकूल नहीं होते, वे समस्या को और बढ़ा सकते हैं। ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स स्कैल्प को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए आपको बार-बार अपने शैंपू को नहीं बदलना चाहिए। इन सबका अगर आप अच्छे से ध्यान रखेंगी तो आपको काफी फायदा होगा।

  • घर पर ही पार्लर जैसा Pedicure, पैर होंगे मुलायम और चमकदार

    घर पर ही पार्लर जैसा Pedicure, पैर होंगे मुलायम और चमकदार


    नई दिल्ली  आज के समय में पार्लर जाना सबसे बड़ा खर्च समझ में आता है। पार्लर जाने का मतलब आप घर से बाहर निकलो फिर धूप हो या ठंड। फिर पार्लर में बैठकर काफी टाइम बिताओ और ऊपर से पार्लर के इतने सारे खर्चे होते हैं कि आपको काफी ज्यादा सेविंग करना पड़ता है तब जाकर वह सारी चीजें हो पाती है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आप अपने पैरों को खूबसूरत बनाना चाहती हैं और टैनिंग को दूर करना चाहती हैं। तो किसी भी वीकेंड पर आप घर पर पार्लर जैसा पेडिक्योर कर सकती हैं।

    बस करें ये काम
    महिलाएं अपने पैरों को खूबसूरत बनाने के लिए पार्लर में जाकर पेडिक्योर करवाती हैं। इसका जेब खर्च पर भी असर दिखने लगता है। अगर आप भी घर पर पेडिक्योर करने की सोच रही हैं। तो चलिए इसके बारे में सारी जानकारी आपको देते हैं।

    इस प्रकार पैरों को बनाए खूबसूरत
    घर पर पेडिक्योर करने के लिए एक टब में हल्का गर्म पानी लें।जब तक पानी गर्म हो, तब तक अगर आपके पैरों में नेलपेंट लगी है, तो इसको रिमूव कर दें।फिर हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा बेकिंग सोडा, शैंपू, आधा चम्मच नमक और थोड़ा सा नींबू का रस मिक्स करें।इसमें एप्पल साइडर विनेगर भी मिला लें।फिर पैरों को 30 मिनट तक पानी में रखें।अब हल्के हाथों से पैरों की मसाज करें।स्क्रब का इस्तेमाल करके पैरों की मसाज कर सकती हैं। मसाज के दौरान नाखून, एड़ी और तलवों की सफाई करें।अच्छे से सफाई के बाद अपने पैरों को दूसरे टब में रखें औऱ साफ पानी से पैरों को धो लें।

    पैरों को साफ पानी से धो लें और इनको साफ कपड़े से पोंछकर सुखा लें।आप चाहें तो किसी खास तेल की मदद से पैरों की मसाज भी कर सकती हैं।इसके बाद नाखूनों को शेप में काटकर नेलपेंट लगाएं।नेलपेंट लगने के बाद आप पैरों पर अच्छी फुट क्रीम या लोशन लगा सकती हैं।

  • युवा विधायक सम्मेलन में गरजे हेमंत कटारे: खाते में पैसे डालना नहीं, रोजगार देना ही सशक्तिकरण

    युवा विधायक सम्मेलन में गरजे हेमंत कटारे: खाते में पैसे डालना नहीं, रोजगार देना ही सशक्तिकरण


    भोपाल । भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन के दौरान मध्यप्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने फ्रीबीज यानी मुफ्त योजनाओं को लेकर बड़ा और विवादित बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं के खातों में सीधे पैसे डालना सशक्तिकरण नहीं है बल्कि यह विकसित भारत के लक्ष्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

    कटारे ने मंच से कहा कि आज जनप्रतिनिधि सच बोलने से डरते हैं। वे इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनके बयान से कोई वर्ग नाराज न हो जाए लेकिन इस डर के कारण देशहित के मुद्दों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि अगर हम नाराजगी के डर से ही घबराते रहेंगे तो देश की सेवा कैसे करेंगे।

    महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल खातों में 10 हजार रुपये डाल देने से महिलाएं सशक्त नहीं हो जातीं। हर महिला में अपनी क्षमता और कौशल होता है जिसे विकसित कर उसे आत्मनिर्भर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि युवाओं को सशक्त बनाना है तो उन्हें रोजगार देना होगा न कि मुफ्त पैसा।

    कटारे ने अपने तर्क को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब लोगों की जरूरतें बिना काम किए ही पूरी होने लगती हैं तो उनके अंदर काम करने की प्रेरणा कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है लेकिन यदि आवश्यकताएं ही समाप्त कर दी जाएं तो नवाचार और कौशल विकास कैसे होगा।

    सरकारों को सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि यदि आर्थिक सहायता देनी ही है तो उसे शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिया जाना चाहिए। गरीबों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा और जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना ज्यादा प्रभावी कदम होगा बजाय इसके कि सीधे नकद राशि बांटी जाए।

    इस दौरान हेमंत कटारे ने अफसरशाही और न्यायपालिका की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश में ब्यूरोक्रेसी की जवाबदेही तय नहीं है जबकि जनप्रतिनिधियों को हर पांच साल में जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि अधिकारियों और न्यायपालिका की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

    अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवा विधायकों को नसीहत देते हुए कहा कि कोई भी बयान देने से पहले यह जरूर सोचें कि वह देश और जनता के हित में है या नहीं। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी है इसलिए उनके हर फैसले और बयान में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।

    कुल मिलाकर हेमंत कटारे का यह बयान फ्रीबीज और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर चल रही राष्ट्रीय बहस को और तेज कर सकता है जिसमें विकास और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं।

  • ट्रंप की धमकी के बाद एक्शन: दुबई के पास तेल टैंकर पर ड्रोन हमला

    ट्रंप की धमकी के बाद एक्शन: दुबई के पास तेल टैंकर पर ड्रोन हमला


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में वेस्ट एशिया का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। ईरान ने कुवैत के एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला कर क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। यह हमला दुबई के पास समुद्री क्षेत्र में हुआ जिसकी पुष्टि स्थानीय अधिकारियों और कुवैती सूत्रों ने की है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी तरह की जनहानि या तेल रिसाव की सूचना नहीं मिली है।

    दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार आपातकालीन टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। टैंकर में आग जरूर लगी थी लेकिन उसे समय रहते बुझा दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न तो कोई व्यक्ति घायल हुआ और न ही समुद्र में तेल का रिसाव हुआ।

    इस घटना से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि यदि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को दोबारा नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान की तेल सुविधाओं को निशाना बना सकता है। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ही टैंकर पर हमले की खबर सामने आई जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत का यह टैंकर दुबई से करीब 31 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम में हमले का शिकार हुआ। ब्रिटेन की मैरीटाइम एजेंसी के अनुसार हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी जिसे बाद में काबू में कर लिया गया।

    इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे तेल टैंकरों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर अपराध माना जा सकता है।

    दूसरी ओर चीन ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए अमेरिका और इजरायल से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्ष संयम बरतें और क्षेत्र में शांति बनाए रखने का प्रयास करें।

    चीन ने संघर्ष के दौरान ईरान के परमाणु संयंत्रों और ऐतिहासिक स्थलों को हुए नुकसान पर भी दुख जताया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर पूरी मानवता की अमूल्य संपत्ति है और इस तरह का नुकसान बेहद चिंताजनक है।

    कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को गंभीर जोखिम में डाल दिया है। होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर पहले से मौजूद संकट के बीच इस तरह के हमले आने वाले दिनों में हालात को और जटिल बना सकते हैं।

  • Kriti Sanon के सेक्सी फोटोशूट ने फैंस को किया दीवाना, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

    Kriti Sanon के सेक्सी फोटोशूट ने फैंस को किया दीवाना, सोशल मीडिया पर मचा धमाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस Kriti Sanon हमेशा अपनी ग्लैमरस और स्टाइलिश तस्वीरों से फैंस को दीवाना बनाती रही हैं। अब एक बार फिर उनका लेटेस्ट सेक्सी फोटोशूट सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। फैंस उनकी अदाओं और स्टाइलिश अवतार पर पागल हो रहे हैं और कमेंट सेक्शन में उनके हॉट लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    ग्लैमरस ग्रीन गाउन में Kriti का जलवा

    इस बार Kriti ने फर्श तक लंबा हरा सैटिन गाउन पहना, जो उनकी खूबसूरती और आकर्षण को और निखार रहा है। उनके मेकअप और हेयरस्टाइल ने इस लुक को परफेक्ट बनाया, जिससे फैंस उन्हें देखने के लिए बेसब्र हो रहे हैं। फोटोशूट में Kriti ने अलग-अलग पोज देकर अपने ग्लैम फैक्टर को बढ़ाया और हर तस्वीर में अपनी छवि को और भी स्टाइलिश बनाया।

    सोशल मीडिया पर वायरल

    Kriti Sanon की ये तस्वीरें इंस्टाग्राम सहित कई सोशल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही हैं। फैंस कमेंट कर उन्हें “गॉर्जियस” और “स्टनिंग” बता रहे हैं। उनकी तस्वीरें देखते ही देखते वायरल हो गई हैं और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी हैं। उनके इस ग्लैमरस लुक की तस्वीरों ने बॉलीवुड और फैशन इंडस्ट्री में भी हलचल मचा दी है।

    Kriti की फैंस को दीवाना बनाने वाली स्टाइल

    इस फोटोशूट में Kriti का हरा गाउन उनके फिगर और व्यक्तित्व पर चार चांद लगा रहा है। उनकी स्टाइल और आत्मविश्वास को देखकर फैंस उनके फैंटेसी और ग्लैमरस अवतार की तारीफ कर रहे हैं। Kriti हमेशा से अपने बोल्ड और स्टाइलिश लुक्स के लिए जानी जाती रही हैं, और इस फोटोशूट ने उनके फैशन सेंस को फिर से साबित कर दिया।

    बॉलीवुड में Kriti की पहचान

    Kriti Sanon न केवल एक्टिंग के लिए बल्कि अपने ग्लैम और फैशन सेंस के लिए भी बॉलीवुड में पहचानी जाती हैं। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट हमेशा चर्चा में रहती हैं। फैंस उनके हॉट और बोल्ड अवतार का बेसब्री से इंतजार करते हैं और उनके नए फोटोशूट हर बार वायरल होते हैं।

  • वैश्विक व्यापार पर मंडराया खतरा: बाब-अल-मंदेब पर संकट, भारतीय नौसेना सतर्क

    वैश्विक व्यापार पर मंडराया खतरा: बाब-अल-मंदेब पर संकट, भारतीय नौसेना सतर्क


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में वेस्ट एशिया का बढ़ता संघर्ष अब वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी टकराव में अब हूती विद्रोही भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है। हूतियों द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों ने इस संघर्ष को और व्यापक बना दिया है।

    पहले ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के बाधित होने की आशंका से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, और अब स्ट्रेट ऑफ बाब-अल-मंदेब पर भी संकट गहराने की संभावना जताई जा रही है। यह अहम समुद्री मार्ग रेड सी और अदन की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया के करीब 12 प्रतिशत व्यापार का रास्ता है।

    इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ओमान की खाड़ी और अदन की खाड़ी के आसपास उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना के कई युद्धपोत तैनात किए गए हैं। एंटी-पायरेसी मिशन के तहत पहले से मौजूद निगरानी को अब और मजबूत किया गया है।

    भारतीय नौसेना इस समय कच्चे तेल और एलपीजी ले जाने वाले भारतीय टैंकरों को एस्कॉर्ट कर रही है ताकि उन्हें किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रखा जा सके। आवश्यकता पड़ने पर भारतीय ध्वज वाले जहाजों को अतिरिक्त सुरक्षा देने की भी तैयारी है।

    हालांकि अभी तक हूती विद्रोहियों ने रेड सी में किसी बड़े जहाज को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन हालात तेजी से बदल सकते हैं। रक्षा विशेषज्ञ संजय कुलकर्णी का मानना है कि ईरान पर बढ़ते दबाव के चलते हूती इस रणनीतिक मार्ग को ‘वेपोनाइज’ कर सकते हैं, यानी इसे दबाव बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

    यदि ऐसा होता है, तो इसका असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया के व्यापार पर पड़ेगा। भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा। महंगाई बढ़ सकती है, उर्वरकों की कीमतों में इजाफा हो सकता है और निर्यात प्रभावित हो सकता है।

    जिबूती जैसे रणनीतिक स्थानों पर अमेरिका, चीन, जापान और फ्रांस की सैन्य मौजूदगी के कारण इस क्षेत्र को पूरी तरह बाधित करना आसान नहीं है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला भी नहीं है। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा है। एक प्रमुख मार्ग फारस की खाड़ी से होकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज, ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक जाता है, जबकि दूसरा मार्ग स्वेज नहर, रेड सी और अदन की खाड़ी के जरिए अरब सागर से जुड़ता है।

    यदि ये दोनों मार्ग प्रभावित होते हैं, तो जहाजों को केप ऑफ गुड होप के लंबे रास्ते से गुजरना पड़ेगा, जिससे समय और लागत दोनों में भारी बढ़ोतरी होगी। भारत के लिए यह स्थिति और भी संवेदनशील है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जो मुख्य रूप से इराक, सऊदी अरब, यूएई, रूस और अमेरिका से आता है।

    कुल मिलाकर, वेस्ट एशिया में बढ़ता यह संघर्ष अब वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। आने वाले समय में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

  • मध्य पूर्व तनाव का असर: अमेरिका और UAE में पेट्रोल-डीजल के दाम 72% तक बढ़े

    मध्य पूर्व तनाव का असर: अमेरिका और UAE में पेट्रोल-डीजल के दाम 72% तक बढ़े


    नई दिल्ली मध्य पूर्व में बढ़ते राजनीतिक तनाव का असर पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है। इस संघर्ष ने खासतौर पर तेल बाजार को हिला दिया है, जिससे अमेरिका और खाड़ी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 30 से 72 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

    अमेरिका में गैसोलीन और डीजल महंगे

    अमेरिका में गैसोलीन (पेट्रोल) की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन (लगभग 380 रुपए) के पार चली गई हैं। यह बीते तीन वर्षों में पहला मौका है जब अमेरिकी उपभोक्ताओं को इतने महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, देश में औसत गैसोलीन की कीमत 4.018 डॉलर प्रति गैलन हो गई है।

    डीजल की कीमतों में भी तेजी देखी गई है। डीजल अब 5 डॉलर प्रति गैलन (करीब 475 रुपए) के पार बिक रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर संभावित हमलों और मध्य पूर्व में तनाव के कारण गैसोलीन और डीजल की कीमतों में क्रमशः 30 और 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।

    खाड़ी देश यूएई में रिकार्ड बढ़ोतरी

    यूएई की फ्यूल प्राइस कमेटी ने 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई कीमतों का ऐलान किया है। नए दामों के अनुसार:

    सुपर 98 पेट्रोल की कीमत 30% बढ़कर 3.39 दिरहम प्रति लीटर (लगभग 87 रुपए) हो गई है, जो पहले 2.59 दिरहम थी।
    स्पेशल 95 पेट्रोल का दाम 32% बढ़कर 3.28 दिरहम प्रति लीटर (लगभग 84 रुपए) हो गया है, जो पहले 2.48 दिरहम था।
    डीजल की कीमत में सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई, जो 72% बढ़कर 4.69 दिरहम प्रति लीटर (करीब 120 रुपए) पहुंच गई है, जबकि पहले यह 2.72 दिरहम थी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यूएई में डीजल की यह सबसे तेज और रिकॉर्ड बढ़ोतरी है, जो घरेलू और वाणिज्यिक वाहनों के लिए महंगी होगी।

    कच्चे तेल की कीमत में उछाल

    मध्य पूर्व में तनाव और अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत में जबरदस्त तेजी देखी गई है। पिछले एक महीने में ब्रेंट क्रूड के दाम 48 प्रतिशत बढ़कर 107.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गए हैं। इस उछाल का सीधा असर ग्लोबल फ्यूल प्राइस पर पड़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर दबाव बढ़ा है।

    वैश्विक तेल बाजार पर प्रभाव

    विश्लेषकों का कहना है कि इस बढ़ोतरी का असर केवल अमेरिका और यूएई तक सीमित नहीं है। यूरोप, एशिया और भारत सहित कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। उभरते देशों में तेल आयातक देशों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है।

  • बढ़ते तनाव के बीच ईरान का कड़ा कानून: दुश्मन देशों को सूचना भेजना पड़ेगा भारी

    बढ़ते तनाव के बीच ईरान का कड़ा कानून: दुश्मन देशों को सूचना भेजना पड़ेगा भारी


    नई दिल्ली । तेहरान में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि अमेरिका और इजरायल को किसी भी प्रकार की संवेदनशील जानकारी फोटो या वीडियो भेजने वालों को मौत की सजा दी जा सकती है। यह बयान ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने दिया है जिसने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

    असगर जहांगीर ने कहा कि दुश्मन देशों को किसी भी प्रकार की सूचना देना सीधे तौर पर जासूसी की श्रेणी में आता है और इसके लिए कठोरतम दंड का प्रावधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति हमले से प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीरें या वीडियो साझा करता है तो यह दुश्मन को यह संकेत देने जैसा है कि उनका हमला सही जगह पर हुआ है। इस तरह की गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ मानी जाएंगी।

    यह सख्त रुख ऐसे समय में सामने आया है जब डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका द्वारा हाल ही में ईरान के तेल भंडार को निशाना बनाते हुए हमला किया गया। इस हमले के वीडियो भी सार्वजनिक किए गए जिसके बाद ईरान की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

    ईरान के अधिकारियों के मुताबिक पिछले अक्टूबर में पारित किए गए नए जासूसी कानून के तहत अब दुश्मन देशों को किसी भी प्रकार की सूचना भेजना गंभीर अपराध माना जाएगा। इस कानून में दोषी पाए जाने पर न सिर्फ संपत्ति जब्त की जा सकती है बल्कि मौत की सजा तक दी जा सकती है।

    इसी क्रम में ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिन पर अमेरिका और इजरायल से जुड़ी खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील जानकारी भेजने का आरोप है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर सुरक्षित स्थानों की जानकारी देने के बदले क्रिप्टोकरेंसी प्राप्त की थी।

    ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन दोनों को पूर्वी अजरबैजान प्रांत के ओस्कू इलाके से हिरासत में लिया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायिक अधिकारियों को सौंप दिया गया है। इससे पहले भी इसी तरह के आरोपों में दो अन्य लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है जिससे यह साफ है कि ईरान इस मुद्दे पर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है।

    इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने क्षेत्रीय समर्थन को लेकर इराक का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इराकी लोग इस संघर्ष में मजबूरी से नहीं बल्कि साझा इतिहास पहचान और धार्मिक मूल्यों के आधार पर ईरान के साथ खड़े हैं।

    कुल मिलाकर अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान का यह कड़ा रुख यह संकेत देता है कि देश अपनी आंतरिक सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है और किसी भी प्रकार की जासूसी गतिविधि को सख्ती से कुचलने के लिए तैयार है।

  • भारत में 2025 में डेटा का क्रेज़, प्रति यूजर औसत मासिक खपत 31GB से अधिक

    भारत में 2025 में डेटा का क्रेज़, प्रति यूजर औसत मासिक खपत 31GB से अधिक


    नई दिल्ली भारत में मोबाइल डेटा का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। नोकिया की नई मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स रिपोर्ट 2025 के अनुसार, देश में प्रति यूजर औसत मासिक डेटा उपभोग 31 जीबी से अधिक हो गया है। बीते पांच वर्षों में इसमें 18 प्रतिशत का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में मुख्य कारण के रूप में 5जी की बढ़ती लोकप्रियता, डेटा-हेवी एप्लीकेशन और डिजिटल मनोरंजन को बताया गया है।

    डेटा ट्रैफिक में 5जी का बढ़ता योगदान

    2025 में भारत में कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक 27 एक्सबाइट प्रति माह से अधिक हो गया, जिसमें अकेले 5जी का योगदान 47 प्रतिशत था। 5जी ट्रैफिक सालाना आधार पर 70 प्रतिशत बढ़कर 12.9 एक्सबाइट प्रति माह तक पहुंच गया। मेट्रो शहर 5जी अपनाने में सबसे आगे हैं, जहां कुल डेटा ट्रैफिक में 5जी की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

    छोटे शहरों में 5जी का प्रसार

    रिपोर्ट में बताया गया है कि 5जी अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों में भी इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। यह बदलाव भारत के डिवाइस इकोसिस्टम और 5जी-सक्षम स्मार्टफोन की उपलब्धता से संभव हुआ है। 2025 में सक्रिय 4जी उपकरणों की संख्या 892 मिलियन थी, जिनमें से 383 मिलियन से अधिक उपकरण 5जी-सक्षम थे। साथ ही, वर्ष के दौरान बेचे गए स्मार्टफोनों में 90 प्रतिशत से अधिक 5जी-सक्षम थे, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए 5जी अपनाना आसान हो गया।

    4के स्ट्रीमिंग, क्लाउड गेमिंग और एआई एप्स

    भारतीय यूजर पहले से कहीं अधिक डेटा का उपभोग कर रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण 4के वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड गेमिंग और एआई-आधारित एप्लीकेशन हैं। इन सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता ने नेटवर्क पर लोड बढ़ा दिया है और इससे उच्च गति, कम विलंबता और बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।

    भविष्य में नेटवर्क और एआई की भूमिका

    रिपोर्ट में भविष्य के दृष्टिकोण पर भी जोर दिया गया है। जैसे-जैसे एआई-आधारित एप्लिकेशन और डिजिटल अनुभव आम होंगे, नेटवर्क को उच्च डेटा लोड, जटिल कंप्यूटिंग और कम विलंबता संभालने के लिए विकसित होने की आवश्यकता होगी।

    2031 तक 5जी ग्राहकों का अनुमान

    भविष्य में भारत में 5जी ग्राहकों की संख्या 2031 तक 1 अरब से अधिक होने का अनुमान है। यह संकेत देता है कि मोबाइल डेटा उपभोग और डिजिटल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ती रहेगी।