Author: bharati

  • ईरान-यूएई तनाव और होर्मुज संकट के बीच अबू धाबी में पीएम मोदी की अहम कूटनीति, ऊर्जा-रक्षा साझेदारी पर बड़ा फोकस

    ईरान-यूएई तनाव और होर्मुज संकट के बीच अबू धाबी में पीएम मोदी की अहम कूटनीति, ऊर्जा-रक्षा साझेदारी पर बड़ा फोकस



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने खाड़ी दौरे के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे, जहां अबू धाबी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता में ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, व्यापार और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

    यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान-यूएई तनाव, समुद्री मार्गों में अनिश्चितता और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की चिंता बढ़ी हुई है। भारत के लिए यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद अहम है, क्योंकि उसकी बड़ी ऊर्जा जरूरतें खाड़ी देशों पर निर्भर हैं।

    दोनों देशों के बीच बातचीत में एलपीजी सप्लाई, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण, शिपिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

    सूत्रों के मुताबिक, यूएई की ओर से भारत में बड़े निवेश प्रस्तावों और ऊर्जा साझेदारी को विस्तार देने पर भी चर्चा हुई है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और गहरे होने की उम्मीद है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की ‘वेस्ट एशिया स्ट्रैटेजी’ का अहम हिस्सा है। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच भारत को ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन दोनों को साथ लेकर चलना होगा।

    रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के अनुसार, भारत के लिए चुनौती यह है कि वह UAE, ईरान और सऊदी अरब जैसे प्रमुख देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखे, क्योंकि यह पूरा क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा और व्यापार का केंद्र है।

  • श्रीलंका ने तमिलनाडु सरकार से की अपील, मछुआरा विवाद खत्म करने के लिए बॉटम ट्रॉलिंग पर सख्त बैन की मांग

    श्रीलंका ने तमिलनाडु सरकार से की अपील, मछुआरा विवाद खत्म करने के लिए बॉटम ट्रॉलिंग पर सख्त बैन की मांग


    नई दिल्ली। श्रीलंका ने भारत के तमिलनाडु राज्य से बॉटम ट्रॉलिंग फिशिंग पर रोक लगाने की अपील की है, ताकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा मछुआरों का विवाद कम किया जा सके। श्रीलंका के मत्स्य मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखर ने कहा कि यह तरीका समुद्री पर्यावरण और मछली संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इसे नियंत्रित करना जरूरी है।

    बॉटम ट्रॉलिंग मछली पकड़ने की एक विवादित तकनीक है, जिसमें भारी जालों को समुद्र तल तक खींचकर मछलियां, झींगे और अन्य समुद्री जीव पकड़े जाते हैं। श्रीलंका ने इस तकनीक पर 2017 से ही प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन तमिलनाडु के कुछ मछुआरों द्वारा इस क्षेत्र में प्रवेश करने पर श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तारियां की जाती हैं, जिससे कई बार तनाव की स्थिति बन जाती है।

    श्रीलंकाई मंत्री ने संकेत दिया कि वे जल्द ही तमिलनाडु का दौरा कर मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत से ही संभव है और दोनों पक्षों को नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मछुआरों की गिरफ्तारी का कारण अवैध रूप से समुद्री सीमा पार करना और प्रतिबंधित मछली पकड़ने की तकनीक का उपयोग करना है। श्रीलंका का कहना है कि उसके उत्तरी और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में बड़ी आबादी आजीविका के लिए मछली पालन पर निर्भर है, और ऐसे तरीकों से उनके संसाधनों पर असर पड़ता है।

    भारत की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर लगातार कूटनीतिक स्तर पर बातचीत होती रही है, ताकि मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सके।

  • भारत के चीनी निर्यात पर रोक से नेपाल में बढ़ी टेंशन, त्योहारों से पहले सप्लाई संकट का डर, बालेन शाह सरकार के सामने नई चुनौती

    भारत के चीनी निर्यात पर रोक से नेपाल में बढ़ी टेंशन, त्योहारों से पहले सप्लाई संकट का डर, बालेन शाह सरकार के सामने नई चुनौती



    नई दिल्ली। भारत के चीनी निर्यात पर अस्थायी रोक से नेपाल में चिंता बढ़ गई है। भारत सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है। इस फैसले का सीधा असर पड़ोसी देश नेपाल पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर त्योहारों के सीजन में जब चीनी की मांग सबसे ज्यादा रहती है।

    नेपाल में दशैन, तिहार और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान चीनी की खपत तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में भारत से सप्लाई बाधित होने पर बाजार में कमी और कीमतों में उछाल की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से ही मौसम और कृषि उत्पादन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, ऐसे में यह कदम नेपाल की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

    काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के इस फैसले से नेपाली बाजारों में अस्थिरता की स्थिति बन सकती है। नेपाल के अधिकारी भी मानते हैं कि भारत के व्यापारिक फैसलों का सीधा असर उनकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, क्योंकि नेपाल कई जरूरी वस्तुओं के लिए भारत पर निर्भर है।

    नेपाल के उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक सप्लाई स्रोत तलाशने की कोशिश करेंगे। साथ ही भारत से सरकारी स्तर पर बातचीत की संभावना भी जताई गई है, ताकि त्योहारों के समय आवश्यक आपूर्ति बाधित न हो।

    व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल की सबसे बड़ी चुनौती लॉजिस्टिक्स और सीमित विकल्प हैं। भारत के अलावा अन्य देशों से आयात करना महंगा साबित होता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव बढ़ता है। इसी वजह से नेपाल की खाद्य सुरक्षा नीति को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले महीनों में नेपाल में चीनी की कमी और महंगाई दोनों बढ़ सकती हैं।

  • Vat Savitri Vrat: इस बार कब रखा जाएगा व्रत, जानिए पूरी पूजा विधि और सामग्री

    Vat Savitri Vrat: इस बार कब रखा जाएगा व्रत, जानिए पूरी पूजा विधि और सामग्री


    नई दिल्ली । वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाता है और इस बार इसकी तिथि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार वट सावित्री व्रत 2026 का पालन 16 मई को किया जाएगा।

    तिथि और अमावस्या का समय
    ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 5:11 बजे शुरू होकर 17 मई 2026 को सुबह 1:30 बजे तक रहेगी। इसी कारण व्रत और पूजा 16 मई को ही करना शुभ माना गया है।

     पूजा का शुभ मुहूर्त
    सुबह 6:00 बजे से 10:30 बजे तक का समय पूजा के लिए अत्यंत शुभ रहेगा।
    सूर्योदय लगभग सुबह 5:30 बजे के आसपास माना गया है, इसलिए महिलाएं प्रातःकाल स्नान करके व्रत की शुरुआत करती हैं।

    वट सावित्री पूजा विधि (संक्षेप मे
    व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं बरगद (वट) वृक्ष की पूजा करती हैं।

    वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटा जाता है
    7 परिक्रमा की जाती हैं, जो सात जन्मों के दांपत्य सुख का प्रतीक मानी जाती हैं
    कुछ स्थानों पर 11 या 108 परिक्रमा भी की जाती हैं
    सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी जाती है
    पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है

    व्रत का महत्
    पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी सावित्री ने अपने तप और संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी कारण यह व्रत स्त्रियों के लिए अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

    इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पूरे श्रद्धा भाव से वट वृक्ष की पूजा करती हैं और वैवाहिक सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

  • सतना में खसरा का प्रकोप: 15 से अधिक बच्चे संक्रमित, स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा जवाब

    सतना में खसरा का प्रकोप: 15 से अधिक बच्चे संक्रमित, स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा जवाब


    नई दिल्ली । सतना जिले के नागौद विकासखंड के ग्राम गिंजारा में मीजल्स (खसरा) संक्रमण के कई मामले सामने आने के बावजूद समय पर इसकी सूचना उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाने पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शुक्ला ने उपस्वास्थ्य केंद्र बसुधा की आशा सुपरवाइजर महेश्वरी सिंह, आशा कार्यकर्ता विमला पारासर और एएनएम प्रभा बागरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

    जानकारी के अनुसार, 25 अप्रैल को गिंजारा गांव में एक बच्चे में बुखार और शरीर पर दाने के लक्षण पाए गए थे। बच्चे को सिविल अस्पताल नागौद में भर्ती कराया गया था, जहां मीजल्स की जांच की गई। बाद में विभागीय समीक्षा और आईडीएसपी पोर्टल की रिपोर्ट से पता चला कि मई महीने में गांव में 15 से अधिक बच्चे इस संक्रमण की चपेट में आ चुके थे।

    स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस में स्पष्ट कहा है कि यह एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो खांसने, छींकने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से तेजी से फैलती है। ऐसे मामलों में तत्काल सूचना और सक्रिय निगरानी अनिवार्य होती है, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने समय पर रिपोर्टिंग नहीं की।

    विभाग का कहना है कि न केवल सूचना देने में देरी हुई, बल्कि क्षेत्र में संक्रमण नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था भी कमजोर पाई गई। आईडीएसपी और आईएचआईपी पोर्टल पर भी मामलों की एंट्री समय पर नहीं की गई।

    सीएमएचओ ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला अब जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और संक्रामक रोगों की रिपोर्टिंग प्रणाली की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रहा है।

  • महोबा थाने में शिकायत लेकर पहुंचे युवक पर दरोगा का कहर, 1 मिनट में 5 थप्पड़ और पैर से हमला; वीडियो वायरल के बाद लाइन हाजिर

    महोबा थाने में शिकायत लेकर पहुंचे युवक पर दरोगा का कहर, 1 मिनट में 5 थप्पड़ और पैर से हमला; वीडियो वायरल के बाद लाइन हाजिर



    नई दिल्ली। महोबा जिले के महोबकंठ थाने में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मारपीट और लूट की शिकायत लेकर पहुंचे युवक को दरोगा द्वारा ही कथित तौर पर पीट दिया गया। पीड़ित युवक का आरोप है कि उसे न्याय दिलाने के बजाय दरोगा ने गांव ले जाकर दूसरे पक्ष के सामने ही 1 मिनट से ज्यादा समय तक थप्पड़ मारे और पैर से भी मारा, साथ ही गाली-गलौज की गई।

    यह पूरा मामला वीडियो में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी शशांक सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है।

    हालांकि पुलिस जांच में युवक की मूल शिकायत को झूठा बताया गया है, लेकिन अधिकारी ने यह भी माना कि दरोगा का व्यवहार अनुशासन के खिलाफ था और इस तरह की कार्रवाई किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

    पीड़ित युवक संदीप ने बताया कि वह 10 मई की शाम हरपालपुर (मध्य प्रदेश) से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने उसे रोककर मारपीट और लूटपाट की थी। न्याय की उम्मीद में वह थाने पहुंचा था, लेकिन वहां उसे उल्टा मार का सामना करना पड़ा।

  • आईपीएल में रोचक मोड़: जीत मिली लेकिन MI को नहीं हुआ कोई फायदा

    आईपीएल में रोचक मोड़: जीत मिली लेकिन MI को नहीं हुआ कोई फायदा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हराया, लेकिन इसके बावजूद अंक तालिका में दोनों टीमों की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। PBKS लगातार पांच हार के बावजूद चौथे स्थान पर बनी हुई है, जबकि MI पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर है।

    आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) ने धर्मशाला में खेले गए रोमांचक मैच में पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। PBKS ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 200 रन बनाए, जिसमें प्रभसिमरन सिंह की 57 रनों की अहम पारी और अजमतुल्लाह ओमरजई के 38 रनों ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर 201 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। तिलक वर्मा ने 33 गेंदों में 75 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि रयान रिकेल्टन ने 48 रन और विल जैक्स ने ताबड़तोड़ 25 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।

    हालांकि इस जीत का असर अंक तालिका पर नहीं दिखा। मुंबई इंडियंस 12 मैचों में 8 अंकों के साथ नौवें स्थान पर बनी हुई है और पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स के 12 मैचों में 13 अंक हैं और टीम चौथे स्थान पर बरकरार है, लेकिन लगातार पांच हार ने उसकी प्लेऑफ उम्मीदों को कमजोर कर दिया है।

    शीर्ष स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) 16-16 अंकों के साथ क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद 14 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बनी हुई है। चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स 12-12 अंकों के साथ क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि PBKS के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है, जबकि MI बाकी बचे मैचों में सम्मान बचाने के इरादे से उतरेगी।

  • गौतम अडानी मामले में बड़ा मोड़, अमेरिकी न्याय विभाग ने आपराधिक जांच आगे न बढ़ाने का फैसला किया

    गौतम अडानी मामले में बड़ा मोड़, अमेरिकी न्याय विभाग ने आपराधिक जांच आगे न बढ़ाने का फैसला किया

    नई दिल्ली ।
    अडानी ग्रुप के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है, जिसमें रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अडानी और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही आपराधिक जांच को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। यह मामला कथित तौर पर फ्रॉड और रिश्वतखोरी से जुड़ा हुआ था, जिस पर पिछले काफी समय से वैश्विक बाजार और निवेशकों की नजर बनी हुई थी। इस फैसले को अडानी ग्रुप के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी और रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

    यह जांच मुख्य रूप से अडानी ग्रीन एनर्जी से जुड़ी परियोजनाओं पर केंद्रित थी, जहां आरोप लगाए गए थे कि भारत में बड़े सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए कथित तौर पर भारी रकम रिश्वत के रूप में दी गई थी। इसके अलावा जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही थीं कि क्या इस कथित लेनदेन से जुड़ी जानकारी अमेरिकी निवेशकों और वित्तीय संस्थानों से छिपाई गई थी। मामला अमेरिकी कानून के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की श्रेणी में आता था, जिसके कारण इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई थी।

    हालांकि अब रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी न्याय विभाग ने इस आपराधिक जांच को आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है और संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी भी दी जा चुकी है। इस खबर के सामने आने के बाद अडानी ग्रुप के लिए लंबे समय से बना कानूनी दबाव काफी हद तक कम होता दिखाई दे रहा है। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग से जुड़ी कुछ नागरिक स्तर की प्रक्रियाएं अभी जारी रह सकती हैं, लेकिन सबसे गंभीर चरण यानी आपराधिक जांच का समाप्त होना ग्रुप के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

    इस घटनाक्रम का असर भारतीय शेयर बाजार में भी साफ देखने को मिला, जहां अडानी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। निवेशकों के बीच इस खबर के बाद भरोसे में सुधार देखा गया और बाजार में सकारात्मक भावना बनी। पिछले कुछ समय से जिस तरह से अडानी ग्रुप को लेकर वैश्विक स्तर पर सवाल उठ रहे थे, इस खबर ने उन आशंकाओं को काफी हद तक कम किया है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कानूनी अनिश्चितताओं का खत्म होना किसी भी बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे न केवल कंपनी की छवि पर असर पड़ता है बल्कि उसकी फंडिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजनाएं भी प्रभावित होती हैं। अब जब आपराधिक जांच का दबाव कम होता दिख रहा है, तो ग्रुप के लिए वैश्विक निवेशकों के बीच भरोसा फिर से मजबूत करने का अवसर बन सकता है।

    अडानी ग्रुप की ओर से पहले भी इन सभी आरोपों को खारिज किया गया था और इसे निराधार बताया गया था। अब अमेरिकी जांच एजेंसियों के इस रुख को ग्रुप के लिए एक तरह की नैतिक और कानूनी मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में कंपनी का ध्यान अपने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहने की संभावना है, जिससे उसकी वैश्विक बाजार में स्थिति और मजबूत हो सकती है।

  • पंजाब किंग्स का खराब प्रदर्शन जारी, कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

    पंजाब किंग्स का खराब प्रदर्शन जारी, कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड


    नई दिल्ली ।  आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। टीम को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जो इस सीजन में उनकी लगातार पांचवीं हार रही। इस हार के साथ पंजाब किंग्स की प्लेऑफ की राह और कठिन हो गई है।

    इस मुकाबले में एक ओर जहां पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 200 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, वहीं मुंबई इंडियंस ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इस लक्ष्य को 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    PBKS की ओर से सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 32 गेंदों में 57 रन बनाए। उनके अलावा अजमतुल्लाह उमरजई ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों पर 38 रन जड़े, जिसमें 2 चौके और 4 छक्के शामिल रहे।

    हालांकि, लक्ष्य का बचाव करते हुए पंजाब का गेंदबाजी आक्रमण प्रभावी नहीं दिखा और मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। MI की ओर से तिलक वर्मा ने शानदार पारी खेलते हुए 33 गेंदों पर 75 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के शामिल थे। रयान रिकेल्टन ने 23 गेंदों पर 48 रन की अहम पारी खेली, जबकि विल जैक्स 10 गेंदों पर 25 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत दिलाई।

    इस हार के साथ पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। आंकड़ों के अनुसार, अय्यर अब आईपीएल इतिहास में ऐसे पहले कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने 200 से अधिक रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए सबसे ज्यादा 7 मैच गंवाए हैं। इससे पहले कोई भी कप्तान इस स्थिति में 5 से ज्यादा हार का सामना नहीं कर पाया था।

    आईपीएल में बतौर कप्तान अय्यर ने कुल 20 ऐसे मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया है, जहां 200+ रन का बचाव करना था। इनमें से 12 मैचों में उन्हें जीत मिली, जबकि 7 में हार का सामना करना पड़ा। यह आंकड़ा बताता है कि बड़े स्कोर का बचाव करते समय उनकी टीम को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

    इसके अलावा, यह हार इसलिए भी खास रही क्योंकि 2022 के बाद मुंबई इंडियंस के खिलाफ बतौर कप्तान अय्यर की पहली हार है। इससे पहले उन्होंने MI के खिलाफ लगातार 7 मुकाबले जीते थे, लेकिन यह रिकॉर्ड अब टूट गया है।

    मैच में पंजाब द्वारा बनाए गए 200 रन भी जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुए, जिससे टीम की गेंदबाजी रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर साबित किया कि वह बड़े लक्ष्यों का पीछा करने में माहिर टीम है।

    इस हार ने पंजाब किंग्स की प्लेऑफ उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है, जबकि मुंबई इंडियंस की स्थिति मजबूत हो गई है।

  • PM मोदी का UAE दौरा: अबू धाबी में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा

    PM मोदी का UAE दौरा: अबू धाबी में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे, जहां अबू धाबी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता शुरू हुई। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक हालात पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हर परिस्थिति में UAE के साथ खड़ा है और दोनों देश आने वाले समय में हर क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। बातचीत में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति पर भी चिंता जताई गई, जहां दोनों नेताओं ने संयम और संवाद को ही समाधान बताया।

    इस दौरे को लेकर सबसे अहम घटनाक्रम में दोनों देशों के बीच ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई समझौते हुए। LPG सप्लाई, स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, रक्षा सहयोग और वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर जैसे क्षेत्रों में MoU साइन किए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार UAE ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में लगभग 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी की है।

    इसके अलावा UAE ने अपनी क्रूड ऑयल उत्पादन क्षमता को 2027 तक 50 लाख बैरल प्रतिदिन तक बढ़ाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस कदम को वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अहम माना जा रहा है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में यह दौरा भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।

    भारत और UAE के बीच पहले से ही गहरा व्यापारिक संबंध है। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होता है। भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट, जेम्स-ज्वेलरी, टेक्सटाइल, फूड आइटम, मशीनरी और केमिकल्स का बड़ा निर्यातक है।

    कुल मिलाकर यह दौरा ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ता नजर आ रहा है।