Author: bharati

  • उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हाईकोर्ट का सजा निलंबन आदेश रद्द, जेल में रहना तय

    उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हाईकोर्ट का सजा निलंबन आदेश रद्द, जेल में रहना तय


    नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सेंगर की सजा को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। इस फैसले के बाद अब उनकी सजा बरकरार रहेगी और उन्हें जेल में ही रहना होगा।

    सुप्रीम कोर्ट में यह मामला CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने आया, जहां मामले से जुड़े कई कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई हुई। अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट द्वारा सजा निलंबन का आदेश सही नहीं था, इसलिए उसे निरस्त किया जाता है।

    सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि इस मामले में CBI की अपील अभी दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। वहीं वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने दलील दी कि पीड़िता नाबालिग नहीं थी और AIIMS बोर्ड की रिपोर्ट भी आरोपी के पक्ष में संकेत देती है, लेकिन इसके बावजूद सजा जारी है।

    इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में मुख्य मुद्दा सजा निलंबन से जुड़ा है, जबकि मामले में कई गंभीर कानूनी बिंदु हैं जिन पर विस्तार से विचार आवश्यक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने मेरिट (मामले की गहराई) पर कोई अंतिम राय नहीं दी है।

    सुनवाई के दौरान यह भी चर्चा हुई कि क्या विधायक को POCSO कानून के तहत ‘पब्लिक सर्वेंट’ माना जा सकता है। जस्टिस बागची ने कहा कि यह मामला बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा है, इसलिए कानून की व्याख्या अत्यंत सावधानी से होनी चाहिए।

    सुप्रीम कोर्ट ने अंत में हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वह मुख्य अपील पर जल्द से जल्द सुनवाई करे। यदि जल्दी सुनवाई संभव न हो, तो सजा निलंबन की अर्जी पर नया निर्णय लिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि हाईकोर्ट इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र रूप से निर्णय ले।

    इस फैसले के बाद कुलदीप सिंह सेंगर की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं और फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा।

  • सोना-चांदी बाजार में भूचाल, एक दिन में 11,700 रुपए तक टूटी कीमतें..

    सोना-चांदी बाजार में भूचाल, एक दिन में 11,700 रुपए तक टूटी कीमतें..


    नई दिल्ली । वैश्विक वित्तीय बाजारों में शुक्रवार को एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिली जब मजबूत डॉलर के दबाव ने सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज कराई। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में इन धातुओं पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। विशेषज्ञों के अनुसार डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    घरेलू वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली, जहां इसके जुलाई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में एक ही दिन में हजारों रुपए की कमजोरी दर्ज हुई। कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही चांदी दबाव में रही और दिन के दौरान इसमें लगभग चार प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। कीमतों में इस गिरावट ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी और ट्रेडर्स के बीच मुनाफावसूली का दौर तेज हो गया।

    सोने के बाजार में भी कमजोरी का असर साफ दिखाई दिया, हालांकि चांदी की तुलना में सोने में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही। जून 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना हल्की गिरावट के साथ खुला और दिनभर सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। शुरुआती गिरावट के बाद कुछ समय के लिए कीमतों में सुधार की कोशिश जरूर हुई, लेकिन अंततः बाजार दबाव में ही बना रहा। निवेशकों की नजर अब आने वाले वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है, जो सोने की दिशा तय कर सकते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला, जहां सोना और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स में लगातार मजबूती के चलते अन्य मुद्राओं में खरीदारों के लिए कीमती धातुएं महंगी हो गईं, जिससे मांग में कमी आई। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स पिछले कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे सोने और चांदी पर दबाव और बढ़ गया है।

    डॉलर इंडेक्स की मजबूती को वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की सुरक्षित निवेश रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य मुद्राओं के मुकाबले सोने की कीमतें अपने आप दबाव में आ जाती हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में गिरावट का रुझान देखने को मिला।

    बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं। निवेशकों की नजर आने वाले आर्थिक आंकड़ों, ब्याज दरों और वैश्विक नीतिगत फैसलों पर रहेगी, जो आगे की दिशा तय करेंगे। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि मौजूदा गिरावट लंबे समय तक जारी नहीं रहेगी, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता के समय सोना अब भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।

    चांदी में आई तेज गिरावट को औद्योगिक मांग और निवेश मांग दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेतों ने चांदी की मांग को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। वहीं सोने में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी रहने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

  • गर्मी से हाहाकार: शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म, MP में मौसम विभाग का अलर्ट

    गर्मी से हाहाकार: शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म, MP में मौसम विभाग का अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए राज्य के करीब 40 जिलों में लू और गर्म हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को दिन के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    शाजापुर और छतरपुर के नौगांव में गुरुवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। इसके अलावा खरगोन, खंडवा, रतलाम, खजुराहो और अन्य जिलों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास रहा।

    राज्य के प्रमुख शहरों की बात करें तो उज्जैन में 44 डिग्री, भोपाल में 43.4 डिग्री, जबलपुर में 43.3 डिग्री, इंदौर में 43 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच गर्मी का असर सबसे ज्यादा रहेगा। इस दौरान लोगों को घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

    इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास और धार जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज लू के साथ रात में भी गर्मी का असर यानी ‘वॉर्म नाइट’ देखने को मिल सकता है।

    हालांकि, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में फिलहाल लू का असर कम है, लेकिन वहां भी तेज गर्मी बनी हुई है।

    मौसम में यह बदलाव लंबे समय से चल रहे बारिश और आंधी के दौर के बाद आया है। मई महीने के शुरुआती दिनों में लगातार बारिश के कारण तापमान सामान्य बना हुआ था, लेकिन अब अचानक मौसम ने करवट ली है और गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

  • कानून और तकनीक का संगम: जबलपुर में CJI और जजों की अहम बैठक, सीएम-कानून मंत्री भी शामिल

    कानून और तकनीक का संगम: जबलपुर में CJI और जजों की अहम बैठक, सीएम-कानून मंत्री भी शामिल



    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश का जबलपुर शनिवार को देश की न्यायपालिका के एक महत्वपूर्ण आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। हाईकोर्ट द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित सुप्रीम कोर्ट के 9 न्यायाधीश शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

    यह सेमिनार “फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन: एम्पॉवरिंग जस्टिस वाया यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन” विषय पर आधारित है, जिसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था में तकनीक और डिजिटल एकीकरण को मजबूत करना है। कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा।

    मुख्य अतिथि के रूप में CJI की उपस्थिति रहेगी, जबकि राज्य के मुख्यमंत्री और केंद्रीय कानून मंत्री विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीश भी इस सेमिनार का हिस्सा बनेंगे।

    इस आयोजन में ई-कोर्ट सिस्टम, डेटा इंटीग्रेशन, यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीक के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेमिनार देश में डिजिटल न्याय प्रणाली के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    कार्यक्रम को देखते हुए जबलपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

  • शेयर बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी हल्की बढ़त के साथ खुले, मिड और स्मॉलकैप पर दबाव

    शेयर बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी हल्की बढ़त के साथ खुले, मिड और स्मॉलकैप पर दबाव


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत वैश्विक संकेतों के मिले-जुले रुख के बीच लगभग सपाट स्तर पर की। शुरुआती कारोबार में बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे मिश्रित संकेतों के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है, जिससे शुरुआती गति सीमित रही।

    सुबह के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स में हल्की मजबूती देखी गई और यह मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी भी सीमित बढ़त के साथ हरे निशान में बना रहा। हालांकि इस दौरान लार्जकैप शेयरों में स्थिरता देखने को मिली, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में गिरावट यह संकेत देती है कि छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि थोड़ी कमजोर रही।

    सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो आईटी और ऑटो सेक्टर ने बाजार को सपोर्ट देने का काम किया। इन सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे निफ्टी को सहारा मिला। इसके अलावा सर्विसेज, एफएमसीजी, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर भी सकारात्मक दायरे में रहे। इसके विपरीत डिफेंस, मेटल, कमोडिटीज, रियल्टी, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंकिंग सेक्टर में दबाव देखने को मिला, जिससे समग्र बाजार में असंतुलित रुझान बना रहा।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशिया के कई प्रमुख बाजारों में कमजोरी का रुख देखने को मिला, जबकि कुछ बाजारों में हल्की मजबूती बनी रही। अमेरिकी बाजारों ने पिछले कारोबारी सत्र में अच्छी तेजी के साथ बंद होकर सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन एशियाई बाजारों की सुस्ती ने भारतीय बाजार की दिशा को सीमित रखा। इसी कारण घरेलू निवेशकों ने भी शुरुआत में सतर्क रुख अपनाया।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों में बदलाव भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत रहा। लंबे समय बाद विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ सपोर्ट मिला। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी लगातार निवेश जारी रखा, जो बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मददगार साबित हुआ।

    इसके अलावा आर्थिक मोर्चे पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भी बाजार की धारणा पर देखा गया। ईंधन कीमतों में वृद्धि से महंगाई और लागत दबाव को लेकर चिंता बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाले दिनों में उपभोक्ता आधारित सेक्टरों पर पड़ सकता है।

  • कानपुर में अमानवीयता की हद! चाची ने मासूम बच्चों को हीटर से जलाया, पुलिस भी देख कांप उठी

    कानपुर में अमानवीयता की हद! चाची ने मासूम बच्चों को हीटर से जलाया, पुलिस भी देख कांप उठी



    नई दिल्ली। कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला पर अपने ही चार मासूम भतीजे-भतीजियों को हीटर से जलाने और बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। बच्चों के शरीर पर जले और चोटों के निशान देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

    घटना उस वक्त सामने आई जब गुरुवार शाम करीब 5:25 बजे यूपी-112 पर एक 14 वर्षीय बच्चे ने रोते हुए कॉल कर मदद मांगी। उसने बताया कि उसकी छोटी बहन को चाची हीटर से जला रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत गांव पहुंची, जहां 14, 11, 9 और 4 साल के चार बच्चे मौजूद मिले।

    पुलिस के पहुंचते ही बच्चों ने अपने शरीर पर पड़े घाव दिखाए और आरोप लगाया कि उनके माता-पिता की मौत के बाद वे चाचा-चाची के साथ रह रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता है। बच्चों ने कहा कि खाना मांगने पर बेल्ट से पिटाई की जाती है और कई बार हीटर से जलाया जाता है। पीठ, हाथ, हथेली, जांघ और सिर पर चोटों के निशान देख पुलिस भी स्तब्ध रह गई।

    स्थानीय ग्रामीणों ने भी बच्चों के आरोपों की पुष्टि की। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अक्सर प्रताड़ना की शिकायत करते थे, लेकिन डर के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आता था।

    वहीं, पूछताछ में चाची ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि बच्चे स्कूल नहीं जाते और उन्होंने चोरी की थी, जिसके कारण उन्हें डांटा-पीटा गया। हालांकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

    मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बच्चों की स्थिति देखते हुए उन्हें भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने चाची को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह की अमानवीयता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसीपी पूर्वी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोबारा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चों को सुरक्षा में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

  • पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा उछाल, देशभर में बढ़ी महंगाई की मार..

    पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा उछाल, देशभर में बढ़ी महंगाई की मार..


    नई दिल्ली । देश में एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दामों में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया है, जिससे परिवहन से लेकर दैनिक जीवन तक महंगाई का असर महसूस किया जा रहा है। बढ़ती कीमतों ने न केवल उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ाया है, बल्कि बाजार में अन्य वस्तुओं की लागत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।

    राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के नए रेट लागू हो गए हैं, जिसके बाद पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 3.14 रुपये और डीजल की कीमत में 3.11 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम नए स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही और परिवहन लागत में सीधा असर देखने को मिल रहा है।

    इसके साथ ही सीएनजी की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति में अस्थिरता और उसकी बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम लंबे समय से ऊंचे बने हुए हैं, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।

    तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतें लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे ईंधन के उत्पादन और वितरण की लागत में वृद्धि हो रही है। इसका प्रभाव अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।

    सरकारी स्तर पर भी इस स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकती है। पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रही जनता के लिए यह एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो सकता है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

    इस बीच, रुपये की कमजोरी ने भी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के कारण आयातित कच्चा तेल और महंगा हो गया है। इससे तेल कंपनियों की लागत और बढ़ गई है और इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर देखने को मिल रहा है।

    आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, मुद्रा विनिमय दर और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए स्थिति अभी और चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है।

  • हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक

    हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने आयुष चिकित्सा अधिकारियों (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश 31 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापनों के तहत चल रही भर्ती प्रक्रिया पर लागू होगा, जिससे फिलहाल सभी आगे की कार्रवाई रोक दी गई है।

    मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने यह फैसला तीन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने राज्य सरकार और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 23 जून 2026 तय की गई है।

    विवाद का मुख्य मुद्दा 50 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा है, जो उन संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारियों को देने का प्रावधान है जिन्होंने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि समान पद पर कार्यरत होने के बावजूद उन्हें इस लाभ से वंचित किया जा रहा है।

    सरकार की 11 मार्च 2025 की अधिसूचना में यह प्रावधान किया गया था कि ऐसे संविदा चिकित्सक, जो निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, उन्हें नियमित भर्ती में आरक्षण का लाभ मिलेगा, बशर्ते वे समकक्ष पद पर कार्यरत हों।

    याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि वे उसी पद पर काम कर रहे हैं, जिसके लिए भर्ती निकाली गई है, और केवल वेतनमान के आधार पर भेदभाव उचित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार पहले ही कुछ मामलों में संविदा चिकित्सकों के वेतनमान को नियमित स्तर पर लाने की प्रक्रिया स्वीकार कर चुकी है।

    हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से प्रदेश भर के हजारों संविदा आयुष चिकित्सकों को फिलहाल राहत मिली है, जबकि भर्ती प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए रुक गई है। अब सरकार के जवाब के बाद ही इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।

  • उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा

    उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक निजी अस्पताल की गंभीर लापरवाही को साबित मानते हुए उस पर आर्थिक दंड लगाया है। मामला न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल का है, जहां प्रसव के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने पर समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

    परिजनों के अनुसार महिला को 30 सितंबर 2023 को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिरकर 80 तक पहुंच गया। इसके बावजूद समय पर न तो उचित ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और न ही उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया।

    स्थिति गंभीर होने पर मरीज को कमला राजा अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद थे और न ही वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाएं थीं। यहां तक कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन और व्यवस्थाएं भी संदिग्ध पाई गईं।

    उपभोक्ता आयोग ने इसे “सेवा में गंभीर कमी” मानते हुए अस्पताल पर कुल ₹3.12 लाख का मुआवजा लगाने का आदेश दिया है। इसमें ₹3 लाख आर्थिक क्षतिपूर्ति, ₹10 हजार मानसिक क्षति और ₹2 हजार कानूनी खर्च शामिल हैं। आदेश के अनुसार यह राशि 45 दिनों के भीतर देनी होगी, अन्यथा 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

    आयोग ने स्पष्ट कहा कि यदि मरीज को समय पर बेहतर अस्पताल रेफर किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। बिना बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अस्पताल चलाना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।

  • ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत

    ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शिवपुरी में पदस्थ 25 वर्षीय होमगार्ड जवान धर्मेन्द्र आदिवासी की चलती पुलिस ट्रक से कूदने के बाद मौत हो गई। यह घटना आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर सिमरिया मोड़ के पास हुई।

    जानकारी के अनुसार, जवान अपने साथियों के साथ सरकारी कार्य के लिए राइफल जमा करने ग्वालियर आ रहा था। इसी दौरान वह पुलिस के मिनी ट्रक में सवार था। रास्ते में उसके मोबाइल पर घर से एक कॉल आया, जिसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया।

    साथी जवानों के मुताबिक, फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह तनावग्रस्त और उत्तेजित दिखाई देने लगा। जैसे ही वाहन सिमरिया मोड़ के पास पहुंचा, उसने अचानक चिल्लाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सिर के बल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    साथियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।

    पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और जवान के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी कॉल में क्या बातचीत हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से विचलित हुआ।

    फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।