Author: bharati

  • गुड़ी पड़वा पर खुशियों की सौगात भारती और हर्ष ने दिखाया बेटे यशवीर का फेस

    गुड़ी पड़वा पर खुशियों की सौगात भारती और हर्ष ने दिखाया बेटे यशवीर का फेस


    नई दिल्ली: मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया ने अपने छोटे बेटे यशवीर उर्फ काजू का चेहरा पहली बार सार्वजनिक कर फैंस को एक खास तोहफा दिया यह खास पल गुड़ी पड़वा के मौके पर सामने आया जब कपल ने एक फैमिली फेस रिवील इवेंट आयोजित किया

    19 मार्च को मुंबई में आयोजित इस पारिवारिक समारोह में समुद्री थीम पर आधारित एक खूबसूरत सेटअप तैयार किया गया था नीले रंग की सजावट और आरामदायक माहौल ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया वीडियो और तस्वीरों में पूरा परिवार खुशी के इस पल का आनंद लेते नजर आया

    इस मौके पर कपल ने अपने यूट्यूब व्लॉग और सोशल मीडिया के जरिए बेटे की पहली झलक साझा की जिसके बाद यह तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए एक तस्वीर में नन्हे यशवीर की झलक दिखाई गई जिसने फैंस का दिल जीत लिया

    फोटोशूट में परिवार की एकजुटता और प्यार साफ झलक रहा था बड़े बेटे लक्ष्य जिन्हें गोला के नाम से भी जाना जाता है वे भी इस खुशी में शामिल होकर बेहद उत्साहित नजर आए परिवार के इन पलों ने सोशल मीडिया पर खास माहौल बना दिया

    तस्वीरें सामने आते ही फैंस और सेलेब्रिटीज ने जमकर प्यार बरसाया कई लोगों ने कमेंट कर बच्चे को आशीर्वाद दिया और उसकी क्यूटनेस की तारीफ की एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा सहित कई हस्तियों ने ‘नजर न लगे’ वाले इमोजी के साथ अपनी प्रतिक्रिया दी

    भारती और हर्ष ने दिसंबर 2025 में अपने दूसरे बेटे यशवीर का स्वागत किया था इससे पहले अप्रैल 2022 में उनके बड़े बेटे लक्ष्य का जन्म हुआ था जो पहले ही सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं कपल अक्सर अपने फैमिली व्लॉग्स और निजी जीवन के खास पलों को दर्शकों के साथ साझा करते रहते हैं

    यह फेस रिवील केवल एक साधारण पारिवारिक आयोजन नहीं था बल्कि यह एक भावनात्मक पल भी था जिसने परिवार और उनके फैंस को एक साथ जोड़ दिया इस तरह के आयोजनों के जरिए सेलेब्रिटीज अपने दर्शकों के साथ जुड़ाव बनाए रखते हैं और अपनी खुशियों को साझा करते हैं

  • Mint के फायदे: गर्मियों में शरीर को ठंडक और सेहत को सुधारने वाला सुपरहर्ब

    Mint के फायदे: गर्मियों में शरीर को ठंडक और सेहत को सुधारने वाला सुपरहर्ब


    नई दिल्ली। नई दिल्लीगर्मियों के मौसम में ही शरीर को ठंडक और ताजगी की ज़रूरत महसूस होने लगती है। इस समय फल आसानी से मिलते हैं, लेकिन प्याले और हरी पत्तेदार भूख-सब्जी में ताजगी कम होती है। ऐसे में पुदीना (पुदीना) आपके लिए एक प्राकृतिक शीतलता और स्वास्थ्यवर्धक उपाय बन जाता है।

    शरीर को शीतलता मिलती है

    आयुर्वेद के अनुसार पुदीना कफ और पित्त की मात्रा निर्धारित होती है। इसके सेवन से पेट की गर्मी कम होती है और शरीर में ठंडक का एहसास होता है। पुदीने में मौजूद मेन्थॉल मस्तिष्क तक संदेश भेजा जाता है कि शरीर में ठंडक आ रही है, जिससे सिरदर्द और बेचैनी गर्मी से जुड़ी लत कम होती है।

    पाचन तंत्र के लिए बाध्य

    गर्मियों में अक्सर तल-भुना और भारी भोजन खाने से पेट में गैस, भारीपन और खट्टी डकारें होती हैं। पुदीना पाचन तंत्र को शांत करता है, अम्लता को कम करता है और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) में राहत देता है। इसे आप चिप्स, रायते या ठंडे पानी में आसानी से ले सकते हैं।

    लू से बचाव और ऊर्जा को बढ़ाता है

    पुदीना लू से बचने में भी मदद करता है। यह ठंडा करने वाला असर शरीर को ताजगी देता है और गर्मी में होने वाली थकान को कम करता है। गर्मियों की धूप में पुदीने का सेवन शरीर को वर्गीकृत संग्रह में भी रखा जाता है।

    बाहरी इस्तेमाल से भी लाभ

    पुदीना केवल खाने के लिए ही नहीं, बल्कि इस्तेमाल पर भी जादुई है:
    फेसबुक पर लेप: मुंहासे और टैनिंग कम करने में मदद करता है।
    सिर दर्द में राहत: पुदीने की चाय या ताज़ा पत्ते का सेवन सिरदर्द और तनाव को कम करता है।
    तनाव कम करना: पुदीने की चाय मन को शांत और ताजगी से भर देती है।

    इस्तेमाल करने के तरीके
    नारियल, रायता या कीक में पुदीने की बनी चीजें।
    दिन में 1-2 बार पुदीने की चाय छोड़ें।
    चेहरे पर ताजा पुदीने का लेप मुंहासे और तैलीय त्वचा के लिए करें।
    गर्मियों में ठंडा पानी या नींबू पानी में पुदीने की धुलाई डालें।

  • IPL रिकॉर्ड: ये 11 खिलाड़ी शतक तक पहुंचे सिर्फ boundaries से चौके-छक्कों की ताकत से IPL शतक बनाने वाले 11 बल्लेबाजों की लिस्ट

    IPL रिकॉर्ड: ये 11 खिलाड़ी शतक तक पहुंचे सिर्फ boundaries से चौके-छक्कों की ताकत से IPL शतक बनाने वाले 11 बल्लेबाजों की लिस्ट


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में फैंस के लिए बाउंड्री की बारिश ही सबसे रोमांचक होती है। आईपीएल में कई बल्लेबाजों ने ऐसा शतक जड़ा है, जिसमें उनके ज्यादातर रन सिर्फ चौके-छक्कों से आए। आइए जानते हैं उन 11 बल्लेबाजों और उनकी पारी का विवरण।

    क्रिस गेल (154 रन)

    23 अप्रैल 2013 को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) की ओर से पुणे वॉरियर्स के खिलाफ खेलते हुए गेल ने 66 गेंदों में 17 रन और 13 चौके पहनकर 154 रन बनाए।

    ब्रैंडन मैक्कुलम (118 रन)

    आईपीएल के पहले सीजन में, 18 अप्रैल 2008 को केकेआर के लिए आरसीबी के खिलाफ 73 गेंदों में 13 रन और 10 चौके पहनकर 158 रन की पारी खेली।

    अभिषेक शर्मा (116 रन)

    12 अप्रैल 2025 को सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले हुए 141 रन की पारी में 10 विकेट और 14 चौके शामिल थे।

    एबी डिविलियर्स (112 रन)

    14 मई 2016 को आरसीबी के लिए गुजरात लॉयंस के खिलाफ 129 रन की पारी खेली, जिसमें 12 विकेट और 10 चौके थे।

    यशस्वी जायसवाल (112 रन)

    30 अप्रैल 2023 को राजस्थान रॉयल्स की ओर से मुंबई इंडियंस के खिलाफ 124 रन की पारी में 8 विकेट और 16 चौके लगाए।

    क्रिस गेल (106 रन)

    17 मई 2012 को RCB के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ 128 रन की पारी खेली, जिसमें 13 विकेट और 7 चौके शामिल थे।

    सनथ जयसूर्या (102 रन)

    14 मई 2008 को मुंबई इंडियंस के लिए चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 48 गेंदों में 11 विकेट और 9 चौके लगाए।

    ऋषभ पंत (102 रन)

    10 मई 2018 को दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 63 गेंदों में 7 विकेट और 15 चौके के साथ 128 रन बनाए।

    क्रिस गेल (110 रन)

    6 मई 2015 को RCB की ओर से किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 57 गेंदों में 12 चौके और 7 चौके लगाकर 117 रन बनाए।

    एबी डिविलियर्स (110 रन)

    10 मई 2015 को 59 गेंदों में 4 चौके और 19 चौके के साथ 133 रन की पारी खेली।

    क्विंटन डी कॉक (110 रन)

    18 मई 2022 को लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से 70 गेंदों में 10 चौके और 10 चौके लगाकर 140 रन बनाए।

  • सलमान खान की ‘मातृभूमि’ अटकी अधूरी शूटिंग और VFX पर टिकी अब उम्मीद

    सलमान खान की ‘मातृभूमि’ अटकी अधूरी शूटिंग और VFX पर टिकी अब उम्मीद


    नई दिल्ली: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म मातृभूमि मे वॉर रेस्ट इन पीस की रिलीज फिलहाल टाल दी गई है यह फिल्म पहले 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में आने वाली थी लेकिन प्रोडक्शन से जुड़ी बड़ी बाधाओं के चलते मेकर्स को यह फैसला लेना पड़ा

    फिल्म की रिलीज टलने की सबसे बड़ी वजह अभिनेता और गायक प्रशांत तमांग का अचानक निधन बताया जा रहा है जनवरी 2026 में उनके देहांत के बाद फिल्म की शूटिंग पर सीधा असर पड़ा क्योंकि वे इस फिल्म में मुख्य विलेन की भूमिका निभा रहे थे उनके कई महत्वपूर्ण सीन और एक्शन सीक्वेंस अभी शूट होने बाकी थे

    सूत्रों के अनुसार फिल्म की शूटिंग अधूरी रहने के कारण तय समय पर पोस्ट प्रोडक्शन पूरा करना संभव नहीं था ऐसे में मेकर्स के पास रिलीज डेट आगे बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा बताया जा रहा है कि तमांग ने कुछ अहम दृश्य पहले ही शूट कर लिए थे लेकिन कहानी के कई हिस्से अधूरे रह गए हैं

    अब प्रोडक्शन टीम के सामने दो बड़े विकल्प हैं पहला किसी नए अभिनेता को लेकर बचे हुए सीन को दोबारा शूट किया जाए और दूसरा आधुनिक तकनीक यानी VFX की मदद से उनके किरदार को पूरा किया जाए हालांकि VFX का रास्ता अपनाना आसान नहीं है इसके लिए परिवार की अनुमति के साथ साथ भारी बजट की जरूरत होगी जिससे फिल्म की लागत और समय दोनों बढ़ सकते हैं

    फिल्म की देरी की एक और अहम वजह सलमान खान की व्यस्तता भी मानी जा रही है शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के कारण उनकी डेट्स को दोबारा मैनेज करना चुनौतीपूर्ण हो गया है इसके अलावा उनके किरदार के लुक और निरंतरता को बनाए रखना भी टीम के लिए एक मुश्किल काम बन गया है

    यह फिल्म पहले अपने नाम को लेकर भी चर्चा में रही थी शुरुआत में इसे बैटल ऑफ गलवान के नाम से बनाया जा रहा था जिसे बाद में बदलकर मातृभूमि मे वॉर रेस्ट इन पीस कर दिया गया फिल्म की कहानी गलवान घाटी में वर्ष 2020 में भारत और चीन के बीच हुए संघर्ष पर आधारित है

    फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी

    फिलहाल मेकर्स शूटिंग को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर काम कर रहे हैं माना जा रहा है कि इस महीने के अंत तक कोई अंतिम फैसला लिया जा सकता है ताकि पोस्ट प्रोडक्शन का काम शुरू हो सके नई रिलीज डेट की घोषणा अभी नहीं की गई है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि फिल्म को स्वतंत्रता दिवस के आसपास सिनेमाघरों में रिलीज किया जा सकता है जिससे इसे देशभक्ति के माहौल का भी फायदा मिल सके

  • आईपीएल 2026: Kolkata Knight Riders की टीम से हटे आकाश दीप, टीम की परेशानी बढ़ी

    आईपीएल 2026: Kolkata Knight Riders की टीम से हटे आकाश दीप, टीम की परेशानी बढ़ी


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने वाली है, लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को बड़ा झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप पूरे सीजन के लिए बाहर जा चुके हैं, जिससे केकेआर की पहली फ्लोरिडा फास्ट बॉलिंग यूनिट और संगीतकारों की स्थिति सामने आ गई है।

    आकाश दीपक की चोट और टीम से बाहर होना

    केकर ने पिछले मिनी-ऑक्शन में आकाश दीप को 1 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। लेकिन 15-18 फरवरी के बीच कल्याणी जम्मू-कश्मीर में बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड में रणजी ट्रॉफी के खिलाफ स्थित हो गई और उनके बाएं पैर की एड़ी में चोट लग गई।

    फॉरेनसी के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि आकाश दीप अभी तक फुटबॉल के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बैंगलोर में रिहायश के लिए नहीं गए हैं, और इस कारण वह इस सीजन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।

    केकेआर की तेजी से संकट में उतरी

    आकाश दीप के आउट होने से टीम की तेजी से पिक हो गई और दबाव बढ़ गया। पहले ही भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा मेनिस्कस कर्मियों की सर्जरी के कारण बाहर हैं, जबकि भारत के तेज गेंदबाज मथिषा पथिराना भी चोट से बाहर हैं और बोर्ड की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।

    केकेआर की स्थिर जमाकर्ता इकाई में वैभव अरोरा, उमरान अमीर, ब्लेसिंग मुजरबानी और कार्तिक स्टार शामिल हैं। इसके अलावा कैमरन ग्रीन और रमनदीप सिंह तेजी से स्टॉक विकल्प के रूप में टीम में शामिल हुए हैं।

    नए खिलाड़ियों के लिए ट्रायल

    केकेआर ने ईडन गार्डन्स में तेजी से आयोजित विभाग में नए खिलाड़ियों की तलाश शुरू कर दी है। इस ट्रायल में नवदीप सैनी, आकाश मधवाल, सिमरजीत सिंह, संदीप वॉरियर, केएम स्टूडियो और सुनील कुमार जैसे खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। ये खिलाड़ी अब खाली जगह के खिलाफ मैच में वापसी की कोशिश करेगा, ताकि टीम मुंबई इंडियंस अपने पहले मैच में मजबूत नजर आए।

    सीज़न की शुरुआत

    केकर का पहला मुकाबला 29 मार्च को पांच बार के चैंपियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया। टीम के लिए इस सीज़न के सहयोगी होंगे, क्योंकि फास्ट बॉलिंग की जिम्मेदारी में अनुभवी खिलाड़ी की अनुपस्थिति में नए और कम अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।

  • Mohammad Azharuddin को भारतीय टीम में डेब्यू का इंतजार, चयन पर टिकी नजरें

    Mohammad Azharuddin को भारतीय टीम में डेब्यू का इंतजार, चयन पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में मोहम्मद अख्तरुद्दीन के नाम पर एक दिग्गज कैप्टन की छवि सामने आती है, लेकिन इस कहानी के नायक कोई और नहीं हैं। ये है 31 साल की कहानी-बल्लेबाज़ मोहम्मद बबाज़ुद्दीन की, जिसकी अब भी टीम इंडिया में डेब्यू का इंतज़ार कर रहे हैं।

    नाम से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

    22 मार्च 1994 को केरल के थलंगारा में सऊदी अरब-उद्दीन के परिवार वाले पूर्व भारतीय कैप्टन के बड़े प्रशंसक थे। यही वजह रही कि बेटे का नाम भी उसी दिग्गज के नाम पर रखा गया। नाम का असर ऐसा हो रहा है कि बड़े स्टार्स ने भी क्रिकेट में अपना करियर चुना और बल्ले-बल्लेबाज के रूप में अपनी पहचान बनाई।

    घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत

    बैज़ुद्दीन ने 2015 में प्रथम श्रेणी और लिस्ट-ए क्रिकेट में शुरुआत की, जबकि 2016 में टी20 क्रिकेट में कदम रखा। पिछले एक दशक से वह घरेलू क्रिकेट में लगातार खेल रहे हैं और केरल क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं।

    आंकड़े क्या कहते हैं?

    उनके प्रदर्शन पर नजर डाली तो-

    प्रथम श्रेणी (प्रथम श्रेणी): 43 मैच, 1932 रन, 2 शतक, 11 रन (सर्वश्रेष्ठ 177*)
    लिस्ट-ए: 55 मैच, 1163 रन, 1 शतक, 8 शतक
    टी20: 51 मैच, 878 रन, स्ट्राइक रेट 129.68, 1 शतक (सर्वश्रेष्ठ 137*)

    नौकरानी भी उनका रिकॉर्ड मजबूत है—

    एफसी: 109 कैच, 16 आर्किटेक्चर
    सूची-ए: 42 कैच, 6 आर्किटेक्चर
    टी20: 29 कैच, 1 कैच

    टीम इंडिया में जगह की कड़ी टक्कर

    भारतीय टीम में रिले-बल्लेबाज की जगह बनाना आसान नहीं है। संजू सैमसन, ईशान किशन, केएल राहुल, जितेश शर्मा, ऋषभ पंत और ध्रुव ज्यूरेल जैसे खिलाड़ी पहले से ही इस रेस में शामिल हैं।
    ऐसे में बांग्लादेश के लिए टीम इंडिया में जगह बनाना एक बड़ी चुनौती है।

    आगे का रास्ता क्या है?

    बज़्ज़ुद्दीन के पास अनुभव और प्रदर्शन दोनों हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाने के लिए उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा-खासतौर पर बड़े टूर्नामेंट और हाई-प्रेशर मैच में। अगर वह घरेलू और आईपीएल जैसे मंचों पर खुद को साबित करते हैं, तो उनकी टीम इंडिया का सपना जरूर पूरा हो सकता है।

  • ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी उपलब्धि, भारत ने फिर पार किया 1 अरब टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा

    ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी उपलब्धि, भारत ने फिर पार किया 1 अरब टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा


    नई दिल्ली देश की ऊर्जा ऊर्जा को पूरा करने की दिशा में भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लगातार दूसरे वर्ष भारत ने 1 अरब टन (बिलियन टन) कोयला उत्पादन का लक्ष्य पार कर लिया है, जो आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

    20 मार्च को ऐतिहासिक लक्ष्य प्राप्त हुआ

    कोयला मंत्रालय के अनुसार, 20 मार्च को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। मंत्रालय ने इसे ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता और औद्योगिक विकास के लिए बेहद अहम बताया है। यह सफलता न केवल प्लाज्मा बिजली की मांग को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि प्लांट को प्लांटेशन की आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगी।

    सहयोग और रणनीति से मिली सफलता

    मंत्रालय का कहना है, इस उपलब्धि के पीछे बेहतर योजना, प्रभावशाली इंजीनियर और मजबूत शक्तिशाली चेन शेयरों की अहम भूमिका है। कोयला उत्पादन एवं वितरण में सभी हितधारकों के बीच इस लक्ष्य को संभव बनाया गया।

    सेक्टर सेक्टर में भी सुधार

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में देश के आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की संयुक्त यूनिट 2.3% बढ़ी है।

    कोयला उत्पादन: 2.3% वृद्धि
    बिजली उत्पादन: 0.5% वृद्धि
    ये दस्तावेज हैं कि देश की दृष्टि मजबूत संरचना मजबूत हो रही है।

    थर्मल पावर प्लांट्स के पास ऑटोमोबाइल स्टॉक

    पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद देश के ताप विद्युत संयंत्रों के पास करीब 53.41 मिलियन टन कोयला भंडार मौजूद है, जिसकी करीब 23 दिन की जरूरत है। इसके अलावा, खदानों के पास भी अतिरिक्त भंडार रखा जा रहा है, ताकि भविष्य की मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।

    जमाकर्ता की भूमिका सुनिश्चित करने में

    कोल इंडिया लिमिटेड भी छोटे, मध्यम और सभी बड़े उद्योगों के लिए मजबूत कोयला खदानों के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।

    आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम

    इस उपलब्धि में यह शामिल है कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्थिर आपूर्ति, बेहतर प्रबंधन और व्यापक उत्पादन क्षमता देश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति दे रही है।

  • गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने का मंत्र ताजे जूस से शरीर को रखें ठंडा और एक्टिव

    गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने का मंत्र ताजे जूस से शरीर को रखें ठंडा और एक्टिव


    नई दिल्ली: भारत में गर्मियों का असर तेज होते ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को खानपान में सावधानी बरतने और शरीर को हाइड्रेट रखने पर जोर दिया है तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी तेजी से होने लगती है जिससे थकान चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं ऐसे में ताजे और ठंडे प्राकृतिक जूस शरीर को राहत देने का सबसे आसान और प्रभावी उपाय बनकर सामने आए हैं

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में ऐसे पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाने के साथ साथ ऊर्जा भी दें इस लिहाज से तरबूज का रस सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है इसमें लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है जो शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और गर्मी से राहत दिलाता है

    इसी तरह नारियल पानी को प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक कहा जाता है इसमें मौजूद पोटेशियम और मिनरल्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं और थकान को दूर करते हैं गर्मियों में नियमित रूप से इसका सेवन शरीर को तरोताजा बनाए रखता है

    नींबू और पुदीना से बना जूस भी बेहद फायदेमंद माना जाता है यह न केवल शरीर का तापमान नियंत्रित करता है बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है खीरे का जूस शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और पेट को ठंडक पहुंचाता है जिससे गर्मी में होने वाली जलन और एसिडिटी से राहत मिलती है

    पारंपरिक भारतीय पेय जैसे आम पन्ना और कोकम शर्बत भी लू से बचाने में काफी कारगर हैं ये शरीर को ठंडा रखने के साथ साथ ऊर्जा प्रदान करते हैं और हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं वहीं अनानास और संतरे का जूस विटामिन सी से भरपूर होता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दिन के किसी भी समय इन जूसों का सेवन किया जा सकता है चाहे सुबह की शुरुआत करनी हो दोपहर की गर्मी से राहत चाहिए या शाम को थकान दूर करनी हो ये सभी विकल्प हर समय लाभकारी हैं खास बात यह है कि इन्हें घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसमें किसी प्रकार के प्रिजर्वेटिव या अतिरिक्त चीनी की जरूरत नहीं होती

    विशेषज्ञ पैकेज्ड और डिब्बाबंद जूस से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि इनमें अक्सर अतिरिक्त शुगर और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं इसके मुकाबले ताजे फल और सब्जियों से बने जूस अधिक पोषक और सुरक्षित होते हैं

    गर्मियों में स्वस्थ रहने का सबसे सरल तरीका यही है कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ मिलते रहें और इसके लिए प्राकृतिक जूस एक बेहतरीन विकल्प हैं जो न केवल हाइड्रेशन बनाए रखते हैं बल्कि शरीर को ठंडा और ऊर्जावान भी रखते हैं

  • ग्रीन एनर्जी और पावर ग्रिड पर बढ़ेगा सहयोग, Manohar Lal Khattar ने गिनाए अहम क्षेत्र

    ग्रीन एनर्जी और पावर ग्रिड पर बढ़ेगा सहयोग, Manohar Lal Khattar ने गिनाए अहम क्षेत्र


    नई दिल्ली देश में छोटे उद्यमियों और वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार की नई योजना ‘क्रेडिट सोसाइटी फॉर माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूट्स-2.0’ के तहत करीब 36 लाख लोगों को सीधे मिलने का फायदा मिलने का अनुमान है।

    यह योजना क्या है?

    इस स्कॉबी के तहत बैंकों और वित्तीय ग्राहकों को मफाइनेंस के लिए नीचे दिए गए ऋण पर ऋण कवर दिया जाएगा। यह सोसाइटी नेशनल क्रेडिट ट्रस्ट ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जिससे लोन डिफॉल्ट की स्थिति में जोखिम कम होगा।

    सरकार का मकसद साफ है- बैंकों को गैर-लाभकारी बनाना ताकि वे एनबीएफसी-एमएफआई और अन्य माइक्रोफाइनेंस कंपनियों को भारी कर्ज दे सकें, जिससे यह संस्थान आसानी से लोन की सुविधा तक पहुंच सके।

    20,000 करोड़ रुपए तक कर्ज बढ़ाने का लक्ष्य

    इस योजना के तहत सरकार ने करीब 20,000 करोड़ रुपये तक का कर्ज बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इससे ग्रामीण और फ़्रैंचाइज़ी के लोगों को सस्ती और आसान ऋण मिलें मिलें, जिससे छोटे और उद्यमियों को बढ़ावा मिले।

    कितना उत्पादक कवर?

    सरकार ने अलग-अलग स्थानों के लिए डेमोक्रेट कवर तय किया है-

    छोटे अपलोड के लिए: 80% तक
    मध्यम दर्जे के लिए: 75% तक
    बड़े अपलोड के लिए: 70% तक

    इस कर्ज़ के रिलीज़ वाले प्रोजेक्ट रिस्क का काफी हद तक कम हो जाएगा और वे ज्यादातर संपत्तियों के साथ लोन दे देंगे।

    यह जरूरी क्यों था स्काइप?

    हाल के समय में मैकिनेंस सेक्टर पर वित्तीय दबाव बढ़ा है, जिसके तहत बैंकों ने कर्ज लेने की सलाह दी थी। इसका सीधा असर छोटे बैंकों पर पड़ा, जिसमें लोन मिलना मुश्किल हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय के अनुसार यह योजना नए और पुराने दोनों तरह के ऋण बैंकों को कवर करने के लिए है, जिससे सेक्टर में स्थिरता आएगी।

    वित्तीय समावेशन को बढ़ावा

    माइक्रोफाइनेंस सर्विसेज सेक्टर के लिए लोगों की जीवन रेखा है, जो पारंपरिक उपकरणों से दूर हैं। यह योजना न केवल छोटे पैमाने पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए है, बल्कि देश में वित्तीय समावेशन को भी नई नजर रखने के लिए।

    कब तक लागू रहेगी योजना?

    यह योजना 30 जून 2026 तक लागू होगी या तब तक, जब तक 20,000 करोड़ रुपये तक का कर्ज़ कवर नहीं दिया जाएगा-जो भी पहले हो।

  • भारत-अफ्रीका साझेदारी में ऊर्जा सेक्टर पर फोकस, Manohar Lal Khattar का बयान

    भारत-अफ्रीका साझेदारी में ऊर्जा सेक्टर पर फोकस, Manohar Lal Khattar का बयान


    नई दिल्ली भारत और अफ्रीकी देशों के बीच ऊर्जा सहयोग अब नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। विद्युत मंत्री मनोहर और लाल रॉकेट ने स्पष्ट किया है कि सामुदायिक ऊर्जा, वन्यजीव आधुनिकीकरण ऊर्जा भंडार जैसे क्षेत्र दोनों के बीच केंद्रीय नामित के केंद्र में हैं।

    साझा लक्ष्य: समावेशी और स्थिर विकास

    भारत इलेक्ट्रिक समिति 2026 में प्रदर्शन करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत और अफ्रीका सामूहिक दुनिया की लगभग एक-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में दोनों का लक्ष्य समावेशी, न्यायसंगत और भविष्य के लिए विकास मॉडल तैयार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली सिर्फ एक सुविधा नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास को गति देना और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और मजबूत आधार बनाना है।

    ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन वलय’ से वैश्विक बातचीत

    मंत्री ने वन सन, वन वर्ल्ड, वन मित्र पहल को वैश्विक ऊर्जा महत्व के लिए गेमचेंजर के बारे में बताया। इस योजना के तहत सौर ऊर्जा को जोड़े से लेकर दुनिया भर में ऊर्जा की दृष्टि से पर्यटन की कोशिश की जा रही है।

    बुनियादी ढांचे में सहायता का उदाहरण

    भारत और अफ्रीका के बीच सहयोग अब जमीन पर भी दिख रहा है। असोसिएट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और अफ्रीका पावर50 के बीच साझेदारी के तहत केन्या में मिक्सिंग प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है, जिससे मजबूत पावर प्लांट तैयार किया जा रहा है।

    सौर ऊर्जा से सशक्त कम्पनियाँ

    अंतर्राष्ट्रीय सूर्य एलायंस सबसे पहले भारत-अफ्रीका देशों के साथ मिलकर अपना सहयोग और मजबूती प्रदान कर रहा है। यह साझेदारी सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि चमत्कारिक विकास और तकनीकी सहायता पर आधारित है।

    जमीन पर खोदाई पर जोर

    राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने कहा कि अब इस साझेदारी को केवल विशेष दृष्टिकोण तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि केंद्रीय स्तर पर इसे जमीनी स्तर पर लागू करना जरूरी है, ताकि सभी को आयुर्विज्ञान और पर्यटन ऊर्जा मिल सके। वहीं, सोयालिनी ने स्थिरता विकास और जल प्रबंधन को प्रगति का आधार बताया।

    ‘मदद नहीं, निवेश करना चाहिए’ – अफ्रीका का संदेश

    एलेन एबोबिन ने साफा से कहा कि अफ्रीका को मदद की नहीं, बल्कि निवेश की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अब निवेश पर ध्यान केंद्रित करने, निवेश नेटवर्क के विस्तार और निजी निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।