Author: bharati

  • 14 मई राशिफल: जानिए किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

    14 मई राशिफल: जानिए किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आकंलन किया जाता है। जानें 14 मई 2026 के दिन किन राशि वालों को होगा लाभ और किन राशियों के लोग रहें सतर्क-
    मेष राशि
    रिश्तों में चल रही परेशानियां सुलझ सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आपका व्यवहार असर डालेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन की कमी महसूस नहीं होगी।

    वृषभ राशि
    ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। लोग आपके काम की सराहना करेंगे। दोस्तों का सहयोग मिलेगा और नए काम शुरू करने के अवसर बनेंगे।

    मिथुन राशि
    बचत और निवेश के नए विकल्प मिल सकते हैं। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर सफलता मिलेगी।

    कर्क राशि
    छोटे कामों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करें। लगातार मेहनत का फायदा मिलेगा। नई आदतें और अनुशासन आपको आगे बढ़ाएंगे।

    सिंह राशि
    प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखें। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। निवेश में सावधानी जरूरी है और स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

    कन्या राशि
    छोटी सफलताएं भी खुशी देंगी। नए लोगों से मुलाकात फायदेमंद रहेगी। सोच-समझकर फैसले लेने से अच्छे मौके मिल सकते हैं।

    तुला राशि
    काम में गलतियां कम होंगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। नियमित दिनचर्या और प्लानिंग से तरक्की के रास्ते खुलेंगे।

    वृश्चिक राशि
    रिश्तों में उत्साह बना रहेगा। सकारात्मक सोच से तनाव कम होगा। आर्थिक मामलों में समझदारी से फैसले लेने का समय है।

    धनु राशि
    ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। प्रेम जीवन में संतुलन जरूरी रहेगा। निवेश सोच-समझकर करें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    मकर राशि
    दोस्तों और करीबी लोगों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास नए अवसर दिला सकता है। छोटे फैसले भविष्य में बड़ा फायदा देंगे।

    कुंभ राश
    रिश्तों में चल रही गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अच्छे नतीजे मिलेंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और सेहत भी बेहतर रहेगी।

    मीन राशि
    सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में सफलता मिलेगी। नए आइडिया काम आएंगे। सहयोगी लोगों से लाभ मिलने की संभावना है।

  • Immunity Booster Foods: गर्मी में सेहत को मजबूत बनाने वाले 7 प्राकृतिक आहार

    Immunity Booster Foods: गर्मी में सेहत को मजबूत बनाने वाले 7 प्राकृतिक आहार


    नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में शरीर जल्दी कमजोर हो जाता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ इम्यूनिटी को मजबूत बनाकर शरीर को स्वस्थ रखते हैं।

     गर्मी में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले 7 सुपरफूड-


    1. आम (Mango)

    आम सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि विटामिन A और C से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

    2. तरबूज (Watermelon)

    तरबूज शरीर को हाइड्रेट रखता है और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करते हैं।

    3. खीरा (Cucumber)

    खीरा शरीर को ठंडक देता है और पानी की कमी दूर करता है। इसमें मौजूद मिनरल्स शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं।

    4. दही (Curd)

    दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आंतों को स्वस्थ रखते हैं और इम्यूनिटी को प्राकृतिक रूप से मजबूत करते हैं।

    5. नारियल पानी (Coconut Water)

    नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को एनर्जी देता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है।

    6. लहसुन (Garlic)

    लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाव में मदद करते हैं।

    7. नींबू (Lemon)

    नींबू विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से बढ़ाता है और स्किन को भी हेल्दी रखता है।

    गर्मी में सही खानपान अपनाकर आप अपने शरीर को अंदर से मजबूत बना सकते हैं। ये प्राकृतिक खाद्य पदार्थ न केवल इम्यूनिटी बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी देते हैं।

  • बाल झड़ने से परेशान? इन 5 चीजों को डाइट में शामिल करें और पाएं घने बाल

    बाल झड़ने से परेशान? इन 5 चीजों को डाइट में शामिल करें और पाएं घने बाल


    नई दिल्ली। आजकल बालों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र में ही बालों का झड़ना, कमजोर होना और सफेद होना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में मेलेनिन की कमी, गलत खानपान और पोषण की कमी इसके मुख्य कारण हैं। मेलेनिन वही पिगमेंट है जो बालों को प्राकृतिक काला रंग देता है।

    ऐसे में अगर रोजमर्रा के आहार में कुछ खास चीजों को शामिल किया जाए तो बालों की सेहत में सुधार देखा जा सकता है। आयुर्वेद और न्यूट्रिशन विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सुपरफूड्स बालों की जड़ों को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें काला और घना बनाने में मदद कर सकते हैं।

    सबसे पहले बात करें काले तिल की, तो इसमें मौजूद कैल्शियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स बालों के रोम को मजबूत करते हैं। माना जाता है कि नियमित रूप से तिल का सेवन करने से बालों की प्राकृतिक रंगत बनी रहती है और समय से पहले सफेदी की समस्या कम हो सकती है।

    इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स और नट्स जैसे बादाम, काजू, मूंगफली और पिस्ता बालों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन और बायोटिन पाया जाता है, जो बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है और उन्हें टूटने से बचाता है। इनमें मौजूद हेल्दी फैट्स स्कैल्प को पोषण देकर बालों को मजबूत बनाते हैं।

    अलसी और अन्य बीज जैसे पटसन के बीज भी बालों के लिए बहुत उपयोगी माने जाते हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो सिर की त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और बालों की जड़ों को एक्टिव करता है। नियमित सेवन से बालों की ग्रोथ तेज होने की संभावना रहती है।

    इसके अलावा गाजर, चुकंदर और पपीता जैसी रंग-बिरंगी सब्जियां और फल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। ये शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं और बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाने में मदद करते हैं। साथ ही ये बालों में प्राकृतिक चमक भी लाते हैं।

    नारियल पानी और नारियल का दूध भी बालों की सेहत को सुधारने में सहायक माना जाता है। ये स्कैल्प को हाइड्रेट रखते हैं और बालों को अंदर से पोषण प्रदान करते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार अगर इन फूड्स को नियमित और संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जाए तो बालों की क्वालिटी में सुधार देखा जा सकता है। हालांकि इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देता है, इसलिए निरंतरता जरूरी है।

  • गुरुवार व्रत से चमक सकती है किस्मत, जानिए कब और कैसे करें बृहस्पति देव की पूजा

    गुरुवार व्रत से चमक सकती है किस्मत, जानिए कब और कैसे करें बृहस्पति देव की पूजा


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है, लेकिन गुरुवार का दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, भाग्य, विवाह, संतान और सुख-समृद्धि का कारक कहा गया है। मान्यता है कि यदि कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो या जीवन में लगातार रुकावटें आ रही हों, तो गुरुवार का व्रत बेहद लाभकारी साबित होता है। यह व्रत व्यक्ति के गुडलक को मजबूत करता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार का व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष से शुरू करना सबसे शुभ माना जाता है। यदि इस दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बन जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद सूर्य देव को हल्दी मिले जल से अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।
    पूजा के दौरान भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर स्थापित करें। पूजा में पीले फूल, हल्दी, चने की दाल, केला, बेसन की मिठाई और तुलसी दल अर्पित करना शुभ माना गया है। केले के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि उसमें भगवान विष्णु का वास माना जाता है। पूजा के समय “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
    गुरुवार व्रत में नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है। इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और केवल एक समय भोजन करना शुभ माना जाता है। तामसिक भोजन, झूठ, क्रोध और अपशब्दों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार को बाल, नाखून काटना और कपड़े धोना भी वर्जित माना गया है।
    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह व्रत विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद करता है। जिन लोगों की शादी में देरी हो रही हो या रिश्तों में समस्याएं आ रही हों, उन्हें नियमित रूप से गुरुवार का व्रत रखने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आर्थिक तंगी, करियर में असफलता और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह व्रत लाभकारी माना गया है।
    गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं का दान विशेष फलदायी माना गया है। चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केसर और बेसन से बनी मिठाइयों का दान करने से गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति, धन और समृद्धि का वास होता है।
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया गुरुवार का व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।
  • Nora Fatehi का नया अंदाज वायरल, ‘Body Roll’ में डांस और स्टाइल ने बढ़ाया इंटरनेट का पारा

    Nora Fatehi का नया अंदाज वायरल, ‘Body Roll’ में डांस और स्टाइल ने बढ़ाया इंटरनेट का पारा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर डांसर और एक्ट्रेस Nora Fatehi एक बार फिर अपने नए गाने ‘Body Roll’ को लेकर सुर्खियों में हैं। 9 मई 2026 को रिलीज हुआ यह गाना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गाने में नोरा का बेहद अलग, बोल्ड और हाई-फैशन लुक देखने को मिल रहा है, जिसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। इस गाने में उनके साथ मशहूर रैपर और सिंगर Yo Yo Honey Singh भी नजर आ रहे हैं।

    करीब 4 मिनट 16 सेकेंड लंबे इस म्यूजिक वीडियो में नोरा फतेही का ग्लैमरस अंदाज देखने लायक है। गोल्डन आउटफिट, ड्रामेटिक मेकअप और स्टाइलिश ज्वेलरी के साथ उनका लुक किसी इंटरनेशनल पॉप स्टार से कम नहीं लग रहा। वीडियो में उनका फ्यूचरिस्टिक स्टाइल और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस फैंस को काफी आकर्षित कर रही है।

    गाने में नोरा के डांस मूव्स और एक्सप्रेशंस भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। खास बात यह है कि वीडियो में उनका पानी के बीच शूट किया गया स्टाइलिश सीक्वेंस दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है। अलग-अलग पोज और टैटू लुक ने उनके फैशन स्टेटमेंट को और खास बना दिया है।

    फैंस लगातार सोशल मीडिया पर गाने के क्लिप्स शेयर कर रहे हैं और नोरा के लुक की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उन्हें “ग्लोबल पॉप क्वीन” तक बता दिया। वहीं, Yo Yo Honey Singh के म्यूजिक और नोरा की परफॉर्मेंस का कॉम्बिनेशन दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है।

    नोरा फतेही पहले भी अपने डांस नंबरों से इंटरनेट पर धूम मचा चुकी हैं, लेकिन ‘Body Roll’ में उनका अंदाज पहले से कहीं ज्यादा अलग और एक्सपेरिमेंटल नजर आ रहा है। यही वजह है कि रिलीज के कुछ ही दिनों में यह गाना ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल हो गया है।

  • आम के मौसम में एक्ने-प्रोन स्किन के लिए अपनाएं ये डे और नाइट स्किन केयर रूटीन गर्मी और उमस में बढ़ जाती है स्किन प्रॉब्लम

    आम के मौसम में एक्ने-प्रोन स्किन के लिए अपनाएं ये डे और नाइट स्किन केयर रूटीन गर्मी और उमस में बढ़ जाती है स्किन प्रॉब्लम

    नई दिल्ली ।गर्मियों और आम के मौसम में पसीना, धूल और बढ़ा हुआ ऑयल प्रोडक्शन मिलकर स्किन को ज्यादा चिपचिपा बना देते हैं। इसी वजह से एक्ने-प्रोन स्किन वालों के लिए पिंपल्स और ब्लैकहेड्स की समस्या और बढ़ जाती है। सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

    डे टाइम स्किन केयर रूटीन
    1. हल्का फेसवॉश जरूर करें

    सुबह उठकर सबसे पहले चेहरे को हल्के जेल-बेस्ड या सैलिसिलिक एसिड वाले फेसवॉश से धोएं। इससे एक्स्ट्रा ऑयल और बैक्टीरिया हट जाते हैं।

    2. टोनर का इस्तेमाल करें

    गुलाब जल या एलोवेरा बेस्ड टोनर स्किन के पोर्स को टाइट करता है और ऑयल कंट्रोल करने में मदद करता है।

    3. ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर लगाएं

    एक्ने स्किन को भी हाइड्रेशन की जरूरत होती है। हल्का, नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइश्चराइजर लगाएं ताकि स्किन ड्राई न हो।

    4. सनस्क्रीन लगाना न भूलें

    SPF 30 या उससे ज्यादा वाला जेल-बेस्ड सनस्क्रीन जरूर लगाएं। यह टैनिंग और पिंपल्स के दाग बढ़ने से बचाता है।

    नाइट स्किन केयर रूटीन
    1. डबल क्लींजिंग करें

    दिनभर की धूल, पसीना और मेकअप हटाने के लिए पहले माइसेलर वॉटर और फिर फेसवॉश का इस्तेमाल करें।

    2. ट्रीटमेंट सीरम लगाएं

    अगर पिंपल्स ज्यादा हैं तो सैलिसिलिक एसिड या नियासिनामाइड वाला सीरम इस्तेमाल करें। यह सूजन और एक्ने कम करने में मदद करता है।

    3. हल्का मॉइश्चराइजर

    रात में भी स्किन को हाइड्रेट रखना जरूरी है, इसलिए जेल-बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं।

    4. नीम या एलोवेरा जेल

    नेचुरल स्किन सूदिंग के लिए हल्का नीम या एलोवेरा जेल लगा सकते हैं।

    अतिरिक्त टिप्स जो स्किन को रखें साफ
    दिन में 2–3 लीटर पानी जरूर पिएं
    ज्यादा ऑयली और जंक फूड से बचें
    तकिया कवर और तौलिया साफ रखें
    बार-बार चेहरे को हाथ न लगाएं
    हफ्ते में 1–2 बार हल्का फेस मास्क लगाएं

    ध्यान रखने वाली बात

    अगर एक्ने ज्यादा गंभीर हैं या लगातार बढ़ रहे हैं, तो घरेलू उपायों पर पूरी तरह निर्भर न रहें और डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।

  • DSP म्यूचुअल फंड का नया ETF आया बाजार में, FMCG सेक्टर में निवेश का खुला आसान रास्ता

    DSP म्यूचुअल फंड का नया ETF आया बाजार में, FMCG सेक्टर में निवेश का खुला आसान रास्ता

    नई दिल्ली । DSP म्यूचुअल फंड ने निवेशकों के लिए एक नया एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) लॉन्च किया है, जो घरेलू खपत और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े FMCG सेक्टर पर आधारित है। यह नया फंड Nifty FMCG Index को ट्रैक करेगा और निवेशकों को इस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में सरल और कम लागत में निवेश का अवसर देगा।

    यह नया ETF एक ओपन-एंडेड स्कीम है, जिसका सब्सक्रिप्शन हाल ही में शुरू हुआ है और कुछ दिनों तक जारी रहेगा। इसके बाद यह फंड दोबारा निवेश के लिए उपलब्ध होगा। इस योजना का उद्देश्य निवेशकों को FMCG सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी में भागीदार बनाना है, जो भारत की मजबूत घरेलू खपत से जुड़ी हुई मानी जाती है।

    इस फंड के तहत उन कंपनियों में निवेश किया जाएगा जो पैकेज्ड फूड, पर्सनल केयर, पेय पदार्थ और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के निर्माण और बिक्री से जुड़ी हैं। यह पूरा निवेश Nifty FMCG Index के अनुसार किया जाएगा, जिसमें लगभग 15 बड़ी लिस्टेड कंपनियां शामिल हैं।

    फंड हाउस के अनुसार, यह ETF उन निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो लंबे समय के लिए निवेश कर कैपिटल ग्रोथ की उम्मीद रखते हैं। इसके अलावा, जो निवेशक कम लागत में किसी एक सेक्टर में डायवर्सिफाइड एक्सपोजर चाहते हैं, उनके लिए भी यह एक विकल्प बन सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि FMCG सेक्टर की मांग आमतौर पर स्थिर रहती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा होता है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इस सेक्टर की कंपनियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत संतुलित रहता है, जिससे यह निवेशकों के लिए आकर्षक बनता है।

    इस फंड की एक खास बात यह है कि इसमें न्यूनतम निवेश राशि अपेक्षाकृत कम रखी गई है, जिससे छोटे निवेशक भी इसमें भाग ले सकते हैं। साथ ही, इसमें कोई एग्जिट लोड नहीं है, जिससे निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार एंट्री और एग्जिट कर सकते हैं।

    कुल मिलाकर यह नया ETF उन निवेशकों के लिए एक आसान और पारदर्शी विकल्प माना जा रहा है, जो FMCG सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनना चाहते हैं, बिना सीधे शेयर चुनने की जटिलता में पड़े।

  • आरबीआई से सरकार को मिल सकता है अब तक का सबसे बड़ा लाभांश, आर्थिक दबाव के बीच मजबूत होगी वित्तीय स्थिति

    आरबीआई से सरकार को मिल सकता है अब तक का सबसे बड़ा लाभांश, आर्थिक दबाव के बीच मजबूत होगी वित्तीय स्थिति


    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस वित्त वर्ष में केंद्र सरकार को अब तक का सबसे बड़ा लाभांश देने की तैयारी में है, जिससे सरकार को वित्तीय मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है।

    यह लाभांश सरकार के लिए ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब वैश्विक अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इस संभावित आय से सरकार को बजट प्रबंधन और विकास योजनाओं को संतुलित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    पिछले वित्त वर्ष में भी RBI ने सरकार को रिकॉर्ड स्तर का लाभांश दिया था, जिसने सरकारी खजाने को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। इस बार भी अनुमान लगाया जा रहा है कि राशि पिछले आंकड़ों को पार कर सकती है, जिससे गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है।

    आरबीआई की ओर से लाभांश का निर्धारण उसके केंद्रीय निदेशक मंडल द्वारा तय आर्थिक पूंजी ढांचे के आधार पर किया जाता है, जिसमें जोखिम प्रावधानों और वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखा जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत हर साल सरकार को अधिशेष राशि हस्तांतरित की जाती है।

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन में सुधार भी इस संभावित वृद्धि का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता, बढ़ता ऋण विस्तार और मजबूत आय के चलते बैंकिंग क्षेत्र के मुनाफे में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका सकारात्मक असर समग्र वित्तीय प्रणाली पर पड़ा है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आने वाले वित्त वर्ष में गैर-कर राजस्व में भी स्थिरता या हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, जबकि कर संग्रह में भी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। इससे सरकार को अपने राजकोषीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

  • रेल नेटवर्क में बड़ा विस्तार, गुजरात की डबल लाइन परियोजना को मंजूरी, 284 गांवों को मिलेगा फायदा

    रेल नेटवर्क में बड़ा विस्तार, गुजरात की डबल लाइन परियोजना को मंजूरी, 284 गांवों को मिलेगा फायदा

    नई दिल्ली । Cabinet Committee on Economic Affairs ने गुजरात में एक बड़ी रेलवे परियोजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत अहमदाबाद-धोलेरा के बीच सेमी-हाईस्पीड डबल रेलवे लाइन का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना देश के रेलवे ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और इसकी अनुमानित लागत 20,667 करोड़ रुपए बताई गई है।

    इस परियोजना का उद्देश्य अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन, प्रस्तावित धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के बीच तेज और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इससे न केवल यात्रियों की यात्रा का समय कम होगा, बल्कि एक ही दिन में आने-जाने की सुविधा भी संभव हो सकेगी।

    नई रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लगभग 134 किलोमीटर लंबी यह परियोजना करीब 284 गांवों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे करीब 5 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना भी जताई जा रही है।

    सरकार का मानना है कि यह परियोजना देश में सेमी-हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगी। इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य हिस्सों में भी लागू करने की योजना पर विचार किया जा सकता है, जिससे रेलवे सिस्टम और अधिक आधुनिक और तेज बनाया जा सके।

    यह परियोजना राष्ट्रीय अवसंरचना विकास योजना के तहत तैयार की गई है, जिसमें मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे न केवल यात्री परिवहन बल्कि माल ढुलाई भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

    पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रेलवे एक ऊर्जा-कुशल और कम प्रदूषण वाला परिवहन माध्यम है। अनुमान है कि इससे ईंधन की खपत में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

  • तला-भुना खाना कितना खतरनाक? जानें कैसे कम तेल से सुधर सकती है आपकी हेल्थ

    तला-भुना खाना कितना खतरनाक? जानें कैसे कम तेल से सुधर सकती है आपकी हेल्थ

    नई दिल्ली । आज के समय में तला-भुना और ज्यादा तेल वाला खाना लोगों की डाइट का एक आम हिस्सा बन चुका है। भारतीय रसोई में तड़के से लेकर डीप फ्राई डिशेज तक तेल का इस्तेमाल काफी अधिक होता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि जरूरत से ज्यादा तेल का सेवन शरीर के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

    ज्यादा ऑयली खाना सबसे पहले पाचन तंत्र पर असर डालता है। ऐसे भोजन को पचाने में शरीर को अधिक समय और ऊर्जा लगती है, जिससे कई लोगों को पेट भारी लगना, एसिडिटी, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याएं होने लगती हैं। धीरे-धीरे यह आदत पाचन क्षमता को कमजोर कर सकती है।

    इसके अलावा, ज्यादा तला हुआ खाना मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। प्रोसेस्ड और डीप फ्राइड फूड में मौजूद अनहेल्दी फैट्स शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं, जिसका सीधा संबंध दिमाग के कामकाज और मूड से भी जोड़ा जाता है। कुछ रिसर्च में ऐसे खान-पान को तनाव और मानसिक अस्थिरता से भी जोड़ा गया है।

    लंबे समय तक अधिक तेल वाला भोजन करने से वजन बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। फ्राइड फूड में कैलोरी अधिक होती है, जबकि पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं, जिससे शरीर में फैट जमा होने लगता है और मोटापा बढ़ सकता है। यही स्थिति आगे चलकर कई अन्य बीमारियों की वजह बन सकती है।

    दिल की सेहत पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव देखा जाता है। अधिक तेल वाला भोजन बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है। इससे धमनियों में ब्लॉकेज बनने का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों को जन्म दे सकता है।

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ज्यादा ऑयली डाइट का असर लिवर और ब्लड शुगर पर भी पड़ सकता है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है, साथ ही फैटी लिवर जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।

    हालांकि अच्छी बात यह है कि छोटे-छोटे बदलावों से सेहत में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। डीप फ्राइड खाने की जगह ग्रिल्ड या बेक्ड विकल्प अपनाना, साथ ही डाइट में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करना शरीर को संतुलित और स्वस्थ रखने में मदद करता है।