Author: bharati

  • दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित, कोच्चि फ्लाइट वापस लौटी

    दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के बाद सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित, कोच्चि फ्लाइट वापस लौटी

    नई दिल्ली । दुबई एयरपोर्ट ने सोमवार को सुरक्षा कारणों के चलते सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। यह कदम तब उठाया गया जब एयरपोर्ट के पास एक ड्रोन का ईंधन टैंक से टकराने के बाद आग लग गई। दुबई एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट ने यात्रियों को अपनी एयरलाइन से ताजा उड़ान अपडेट लेने की सलाह दी।

    दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और मीडिया कार्यालय ने भी कहा कि आग बुझाने और सुरक्षा उपायों को लागू करने के बाद किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। आपातकालीन टीम और नागरिक सुरक्षा दल तुरंत तैनात किए गए।

    इस घटना के चलते सोमवार को कोच्चि से दुबई जा रही एमिरेट्स की फ्लाइट ईके533 को वापस लौटने का निर्देश दिया गया। सीआईएएल के प्रवक्ता ने बताया कि विमान में 325 यात्री सवार थे और एयरपोर्ट अचानक बंद होने की वजह से विमान को कोच्चि लौटना पड़ा।

    सुरक्षा और आपातकालीन उपायों के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में छह लोगों की मौत की सूचना दी है। इनमें चार नागरिक और दो सैनिक शामिल हैं। सैनिकों की मौत हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई जो तकनीकी खराबी के कारण हुई।

    दुबई एयरपोर्ट ने यात्रियों से अपील की है कि वे उड़ानों और सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए आधिकारिक चैनलों से अपडेट लेते रहें। अधिकारियों ने कहा कि आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही सभी को सूचित किया जाएगा।

  • ट्रंप का आरोप: अमेरिकी अदालतें रिपब्लिकन के खिलाफ पक्षपाती, जजों की सोच ने फैसलों को प्रभावित किया

    ट्रंप का आरोप: अमेरिकी अदालतें रिपब्लिकन के खिलाफ पक्षपाती, जजों की सोच ने फैसलों को प्रभावित किया


    नई दिल्ली:  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अदालतों पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका जरूरत से ज्यादा राजनीतिक हो चुकी है और कई मामलों में जजों की सोच फैसलों से अधिक प्रभाव डालती है। ट्रंप का आरोप है कि अदालतें अक्सर रिपब्लिकन नेताओं और उनके साथ जुड़े मामलों में अनुचित रुख अपनाती हैं और कई बार ऐसे लोगों को संरक्षण देती दिखाई देती हैं जिन्हें नहीं बचाया जाना चाहिए।

    इसके साथ ही ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में स्थित फेडरल रिजर्व कॉम्प्लेक्स के नवीनीकरण प्रोजेक्ट में बजट और समय की अनियमितताओं की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट बजट से कहीं अधिक खर्च कर रहा है और तय समय से पीछे चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी पारदर्शी जांच होनी चाहिए और प्रोजेक्ट से जुड़े कॉन्ट्रैक्टरों की जिम्मेदारी तय की जाए।

    ट्रंप ने विशेष रूप से जज जेम्स बोसबर्ग पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके और रिपब्लिकन नेताओं से जुड़े मामलों में पक्षपातपूर्ण रुख अपनाया। ट्रंप ने कहा कि बोसबर्ग ने डी.सी. सर्किट में बेगुनाह रिपब्लिकन को दोषी ठहराने का समर्थन किया और अब फेडरल रिजर्व की वित्तीय गड़बड़ी की जांच रोक रहे हैं। उन्होंने जज बोसबर्ग को ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम (टीडीएस) के उच्च स्तर से पीड़ित बताया।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने अदालतों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक एजेंडे से दूर रहकर केवल कानून और न्याय के सिद्धांतों पर ध्यान दें। ट्रंप ने बोसबर्ग को उनके और रिपब्लिकन से जुड़े सभी केसों से हटाने और उन पर गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई लेने की मांग की।

    ट्रंप के बयान ने अमेरिकी न्यायपालिका और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि उन्होंने न्यायिक निष्पक्षता और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

  • 500 किमी की अविरल-निर्मल यमुना यात्रा का समापन, जल संरक्षण का दिया संदेश

    500 किमी की अविरल-निर्मल यमुना यात्रा का समापन, जल संरक्षण का दिया संदेश

    जालौन । बुंदेलखंड की जल सहेलियों द्वारा यमुना नदी को अविरल और निर्मल बनाने के संकल्प के साथ निकाली गई लगभग 500 किलोमीटर लंबी अविरल निर्मल यमुना यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह पदयात्रा नदी संरक्षण और जल जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

    सोमवार को जालौन में आयोजित भेंट वार्ता के दौरान जन जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यह पदयात्रा 29 जनवरी को पंचनद धाम से शुरू हुई थी। यह स्थान क्षेत्र का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है।स्थल है जहां से जल सहेलियों ने यमुना नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने का संकल्प लेकर यात्रा प्रारंभ की थी।

    उन्होंने बताया कि यह यात्रा कई जिलों और सैकड़ों गांवों से होकर गुजरी। पदयात्रा के दौरान लोगों को जल संरक्षण नदी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि नदियों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी से ही संभव है।

    करीब डेढ़ महीने तक चली इस पदयात्रा का समापन अंततः दिल्ली में स्थित वासुदेव घाट पर हुआ। यहां यात्रा से जुड़े लोगों ने यमुना नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया।

    आयोजकों के अनुसार इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि यमुना जैसी जीवनदायिनी नदी को प्रदूषण से बचाने और उसकी अविरल धारा बनाए रखने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर सभाएं संवाद कार्यक्रम और जागरूकता अभियान भी आयोजित किए गए।

    बुंदेलखंड क्षेत्र की जल सहेलियों द्वारा की गई इस पहल को स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिला और इसे नदी संरक्षण के लिए जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं

    राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं


    भोपाल । राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होते हैं और इस दिशा में टीकाकरण की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि माताओं और शिशुओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। टीकाकरण न केवल बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाता है बल्कि समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार भी तैयार करता है।

    डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित टीकाकरण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में मातृ और शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे टीकाकरण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने बच्चों का निर्धारित समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं।

    मुख्यमंत्री ने टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं स्वयंसेवी संस्थाओं और सभी संबंधित टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

  • मुरैना-धौलपुर रोड पर चलती कार में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, NHM ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट

    मुरैना-धौलपुर रोड पर चलती कार में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, NHM ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की टीम ने एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन में चलती कार में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया। ऑपरेशन में टीम ने ननद बनकर महिला के साथ बैठी डॉक्टर और गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

    स्टिंग ऑपरेशन की झलक
    घटना 2 मई 2025 को मुरैना-धौलपुर रोड पर चंबल नदी के पुल के पास हुई।

    एक कार में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लगाकर गर्भवती महिला का लिंग पता लगाया जा रहा था।

    पीछे से आ रही NHM की टीम ने गाड़ी को रोका, शीशे तोड़े और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

    टीम में डॉ. प्रज्ञा तिवारी, डॉ. बिंदु, डॉ. प्रबल, डॉ. अनुभा और संजय जोशी शामिल थे।

    गिरोह का नेटवर्क
    जांच में सामने आया कि यह गिरोह मध्यप्रदेश-राजस्थान बॉर्डर क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय था।

    नेटवर्क में कुछ एएनएम और आशा कार्यकर्ता भी शामिल थीं।

    गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग लोकेशन पर ले जाकर चलती कार में सोनोग्राफी की जाती थी।

    भ्रूण का लिंग मौखिक रूप से और स्क्रीन पर दिखाकर बताया जाता था।

    स्टिंग ऑपरेशन की तैयारी
    NHM ने करीब 6 महीने की तैयारी के बाद स्टिंग ऑपरेशन किया।

    एक गर्भवती महिला को डिकॉय के रूप में तैयार किया गया और गिरोह तक पहुंचाने के लिए स्थानीय इंफॉर्मर का उपयोग किया गया।

    आशा कार्यकर्ता ने भ्रूण लिंग बताने के लिए 50 हजार रुपए की मांग भी की।

    रिपोर्ट और केंद्र को जानकारी
    इस स्टिंग ऑपरेशन की जानकारी 6 मार्च 2026 को NHM की संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी ने केंद्र सरकार को भेजी थी।

    रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश में बिगड़ते लिंगानुपात के पीछे अवैध लिंग परीक्षण और फैमिली बैलेंसिंग तकनीकें बड़ी वजह हैं।

    लिंगानुपात पर चिंता
    आंकड़ों के अनुसार, 2016-18 में मध्यप्रदेश का लिंगानुपात 925 था, जो 2020-22 में घटकर 915 हो गया। 2023 में हल्का सुधार हुआ और यह 917 पर पहुंचा।

    ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों का जन्म अनुपात अभी भी कम (911) है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 941 दर्ज किया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रूण लिंग परीक्षण और बेटे की चाह सामाजिक मानसिकता के मुख्य कारण हैं।

    चुनौती अभी बाकी
    NHM का कहना है कि नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

    जागरूकता अभियान और इनफॉर्मर रिवॉर्ड (50 हजार से 2 लाख रुपए) के जरिए लोगों को सही रास्ते पर लाया जा रहा है।

    विभाग लगातार निगरानी और कानूनी कार्रवाई से इस काले कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है।

    यह स्टिंग ऑपरेशन न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे अवैध और सामाजिक रूप से घातक कृत्यों पर कड़ी कार्रवाई की मिसाल है।

  • MP में दो दिन और झुलसाएगी गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश के आसार; भोपाल में घरों पर ग्रीन नेट, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

    MP में दो दिन और झुलसाएगी गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश के आसार; भोपाल में घरों पर ग्रीन नेट, सड़कों पर पसरा सन्नाटा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने लगा है और लोग इससे बचने के लिए तरह तरह के उपाय करने लगे हैं। राजधानी भोपाल में कई घरों को तेज धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट से कवर किया जा रहा है, ताकि घरों के अंदर का तापमान ज्यादा न बढ़े। वहीं इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन तक तेज गर्मी का असर बना रहेगा, जबकि 18 और 19 मार्च को मौसम में बदलाव के साथ कई जिलों में बारिश हो सकती है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक रविवार को ग्वालियर चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला। इसके चलते आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है। इसी वजह से 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादलों का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च को देखने को मिलेगा।

    रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि शाम तक कहीं बारिश नहीं हुई, लेकिन बादल छाए रहने से तापमान में कुछ राहत मिली।

    वहीं पिछले तीन दिनों से तीव्र गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी पारा कुछ नीचे आया और अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    तेज गर्मी के चलते राजधानी भोपाल को मार्च महीने में ही जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी करते हुए निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी है। अब केवल सरकारी ट्यूबवेल ही खोदे जा सकेंगे और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की नल जल योजनाओं को सुचारू रखने के लिए जरूरी काम किए जाएंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि बिना अनुमति ट्यूबवेल खनन करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी रोक लगा दी गई है।

    डॉक्टरों का कहना है कि मार्च का मौसम बीमारियों के लिहाज से भी संवेदनशील होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह शाम हल्की ठंड रहने से सर्दी जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। कई लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए सुबह और देर रात की ठंडी हवा से बचने की सलाह दी गई है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।

    मौसम विभाग के अनुसार इस साल अप्रैल और मई में प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।

  • भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं

    भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं



    भोपाल। राजधानी भोपाल में जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता द्वारा जारी फतवा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद का विषय बन गया है। फतवा प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की इमामत (नमाज पढ़ाने) क्षमता पर केंद्रित है।दस्तावेज में कहा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो, उसे शरियत में ‘माजूर’ माना जाता है।

    ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़ा सकता।यदि कोई व्यक्ति ऐसे इमाम के पीछे फर्ज़ नमाज पढ़ ले, तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं।

    जरूरी जानकारी

    फतवा 9 मार्च 2026 को नायब मुफ़्ती सैयद अहमद खान कासमी की ओर से जारी किया गया।मुफ़्ती-ए-शहर भोपाल की मुहर भी लगी है।सवाल भोपाल के पीरगेट निवासी सहेल अली ने पूछा था।पूरे दस्तावेज में भोपाल के वर्तमान शहर काज़ी का नाम नहीं है।बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर इसे सीधे शहर काजी से जोड़कर वायरल किया गया, जिससे भ्रम फैल गया।

    धार्मिक जानकारों की राय:

    इस तरह के फतवे आमतौर पर शरई नियम स्पष्ट करने के लिए दिए जाते हैं।यह जरूरी नहीं कि फतवा किसी खास व्यक्ति के खिलाफ हो।

    आगामी कदम:

    ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने फतवे को लेकर अहम बैठक बुलाई है।बैठक में मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि बैठक में शहर काजी की बीमारी और नमाज को लेकर फतवा पर चर्चा होगी।

    विशेष टिप्पणी:

    यह फतवा केवल धार्मिक नियम स्पष्ट करने के लिए जारी किया गया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दावे भ्रम पैदा कर सकते हैं, इसलिए सटीक दस्तावेज देखें।

  • 1 अप्रैल से बदलेगी मध्यप्रदेश में पेंशन व्यवस्था: SBI बनेगा एकमात्र एग्रीगेटर बैंक, जिला पेंशन कार्यालय होंगे बंद

    1 अप्रैल से बदलेगी मध्यप्रदेश में पेंशन व्यवस्था: SBI बनेगा एकमात्र एग्रीगेटर बैंक, जिला पेंशन कार्यालय होंगे बंद


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को राहत देने के लिए पेंशन भुगतान की पूरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी जिसके तहत अब किसी भी बैंक में खाता रखने वाले सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद उसी खाते में सीधे पेंशन मिल सकेगी। राज्य शासन ने इस प्रक्रिया को अधिक सरल पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एकमात्र ‘एग्रीगेटर बैंक’ नियुक्त किया है।

    नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार पेंशन की पूरी राशि सीधे SBI को हस्तांतरित करेगी। इसके बाद SBI नोडल एजेंसी के रूप में काम करते हुए सभी पेंशनभोगियों के खातों में पेंशन की राशि जमा करेगा चाहे उनका बैंक खाता किसी भी बैंक में क्यों न हो। अभी तक पेंशन वितरण की प्रक्रिया में करीब 11 अलग-अलग बैंक शामिल थे लेकिन अब पूरा प्रबंधन और क्लेम प्रक्रिया सिर्फ SBI के माध्यम से होगी।

    दरअसल मौजूदा पेंशन प्रणाली में कई तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आ रही थीं जिनकी वजह से पेंशनर्स को काफी परेशानी होती थी। कई मामलों में पेंशनभोगियों को उसी बैंक में खाता बनाए रखना पड़ता था जहां उनका वेतन खाता था। इसके अलावा महंगाई भत्ता बढ़ने या वेतनमान में संशोधन होने पर पेंशन अपडेट करने की प्रक्रिया भी काफी जटिल थी। यह काम सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेल (CPPC) के माध्यम से होता था और यह सुविधा केवल चार बड़े बैंकों में ही उपलब्ध थी। जिन बैंकों में यह सुविधा नहीं थी वहां पेंशन अपडेट होने में काफी समय लग जाता था और पेंशनभोगियों को एरियर के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था।

    पेंशन भुगतान में देरी की एक बड़ी वजह पेंशन अदायगी आदेश यानी PPO के हस्तांतरण में लगने वाला समय भी था। सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारी का PPO संबंधित बैंक को भेजा जाता था लेकिन समन्वय की कमी के कारण कई बार रिटायरमेंट के बाद भी पेंशन शुरू होने में देरी हो जाती थी। इसके अलावा वेतनमान फिक्सेशन में मामूली त्रुटियां भी पेंशन प्रक्रिया को महीनों तक रोक देती थीं।

    पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेशदत्त जोशी ने मौजूदा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार जिला और संभागीय पेंशन कार्यालयों में कई बार कर्मचारियों द्वारा पेंशन प्रकरणों में बार-बार आपत्तियां लगाई जाती हैं जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है और कई मामलों में रिश्वत की शिकायतें भी सामने आती हैं।

    इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद किया जाएगा जबकि संभागीय मुख्यालयों के कार्यालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। अब पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी। नई व्यवस्था में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी कर्मचारी को यह पता नहीं चलेगा कि उसकी पेंशन फाइल किस अधिकारी के पास है जिससे स्थानीय स्तर पर दबाव और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।

    इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए SBI ने भी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में राज्य में करीब 4 लाख 46 हजार पेंशनर्स हैं और इस वर्ष लगभग 22 हजार कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। बैंक ने अन्य 10 बैंकों से दो लाख से अधिक PPO वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है जिसे पूरा होने में तीन से चार महीने लग सकते हैं।

    वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए केंद्र से निराशाजनक खबर आई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में फिलहाल किसी प्रकार की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है।

  • देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की जयंती, गडकरी, योगी और अन्य नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की जयंती, गडकरी, योगी और अन्य नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    नई दिल्ली : भारत अपने पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत को उनकी जयंती पर याद कर रहा है। देशभर के नेता और अधिकारी इस अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

    केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, देश के प्रथम रक्षा प्रमुख पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।

    केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, “जनरल बिपिन रावत ने अपना पूरा जीवन देश की रक्षा को मजबूत करने और सशस्त्र बलों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए समर्पित कर दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व और देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”

    केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लिखा, देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की आन-बान-शान और सेनाओं को मजबूत करने में लगाया।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,मां भारती के वीर सपूत, देश के प्रथम सीडीएस और ‘पद्म विभूषण’ जनरल बिपिन रावत की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र की सुरक्षा और सैन्य सुदृढ़ता में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें याद करते हुए कहा, “अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, जनरल बिपिन रावत जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। अदम्य साहस और अद्वितीय सैन्य कौशल के प्रतीक के रूप में उन्होंने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में अतुलनीय योगदान दिया।

    दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति आपका समर्पण, साहस और अदम्य नेतृत्व सदैव हम सभी को प्रेरित करता रहेगा।

    बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी लिखा, राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, अद्भुत नेतृत्व क्षमता और साहसिक व्यक्तित्व हर भारतवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। देश सेवा में उनके अमूल्य योगदान और बलिदान को देश सदैव गर्व के साथ याद रखेगा।

    देशभर के नेताओं की यह श्रद्धांजलि न केवल जनरल बिपिन रावत के साहस और नेतृत्व को याद करती है बल्कि भारतीय सेना और राष्ट्र सेवा में उनके योगदान को भी सम्मानित करती है।

  • जबलपुर में नदी में डूबे दो छात्रों में से एक का शव मिला, दोस्त को बचाने में बहा इंजीनियरिंग छात्र

    जबलपुर में नदी में डूबे दो छात्रों में से एक का शव मिला, दोस्त को बचाने में बहा इंजीनियरिंग छात्र


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में रविवार को हुई नदी में डूबने की घटना में बड़ा अपडेट सामने आया है। नहाने के दौरान नदी में बह गए दो छात्रों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है जबकि दूसरे युवक की तलाश अभी भी जारी है। घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।

    जानकारी के मुताबिक यह हादसा गौर पुलिस चौकी क्षेत्र के जामतारा घाटपर रविवार को हुआ था। बताया जा रहा है कि सात दोस्त एक साथ नदी में नहाने के लिए घाट पर पहुंचे थे। नहाते नहाते तीन युवक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में फंस गए।

    इस दौरान एक इंजीनियरिंग छात्र ने साहस दिखाते हुए अपने दो दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन जब वह तीसरे साथी को बचाने की कोशिश कर रहा था तभी दोनों तेज बहाव में बह गए और नदी में डूब गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने एक छात्र का शव बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि छात्र का शव बहते हुए ग्वारीघाटतक पहुंच गया था जहां से उसे बाहर निकाला गया।

    हालांकि दूसरे युवक की तलाश अभी भी जारी है। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन का कहना है कि दूसरे छात्र का पता लगाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।

    इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। दोस्तों के साथ घूमने और नहाने गए छात्रों के साथ हुई इस दुर्घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नदी या जलाशयों में नहाते समय सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दूसरे युवक की तलाश जारी है।