Author: bharati

  • ट्रंप ने ईरान डील से किया इनकार, नए सुप्रीम लीडर के जीवित होने पर जताया शक

    ट्रंप ने ईरान डील से किया इनकार, नए सुप्रीम लीडर के जीवित होने पर जताया शक


    वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को लेकर संभावित समझौते को खारिज कर दिया है। शनिवार को एनबीसी न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बातचीत में दिलचस्पी दिखाई है लेकिन प्रस्तावित शर्तें काफी अच्छी नहीं हैं”। उन्होंने साफ किया कि जब तक युद्ध की स्थिति जारी है वाशिंगटन जल्दबाजी में कोई सीजफायर डील नहीं करेगा।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा ईरान डील करना चाहता है और मैं इसे नहीं करना चाहता क्योंकि शर्तें अभी पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने संभावित समझौते की शर्तों पर अधिक जानकारी देने से इनकार किया लेकिन यह स्वीकार किया कि न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को छोड़ना किसी भी मामले में प्राथमिकता होगी।

    इंटरव्यू में ट्रंप ने अमेरिकी फोर्स द्वारा ईरान के रणनीतिक ऑयल हब खार्ग आइलैंड पर स्ट्राइक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खार्ग आइलैंड को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है लेकिन जरूरत पड़ने पर हम फिर से हमला कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ऊर्जा लाइनों को नहीं छुआ क्योंकि उन्हें फिर से बनाने में सालों लग जाते हैं।

    ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई के जीवित होने पर भी संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा मुझे नहीं पता कि वह जिंदा भी हैं या नहीं। अभी तक कोई उन्हें सार्वजनिक रूप में नहीं देख पाया है। मैं सुन रहा हूं कि वह जिंदा नहीं हैं और अगर हैं तो उन्हें अपने देश के लिए स्मार्ट काम करना चाहिए और वह है सरेंडर करना।”

    ट्रंप ने किसी खास ईरानी नेता को भविष्य के विकल्प के रूप में नामित करने से इनकार करते हुए कहा कि अमेरिका के पास ऐसे लोग हैं जो देश के भविष्य के लिए बेहतरीन नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने ग्लोबल ऊर्जा की कीमतों के बीच रूस के तेल पर लगाए गए बैन को अस्थायी रूप से कम करने की रणनीति का भी जिक्र किया। ट्रंप के अनुसार यह बैन 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद लगाया गया था और संकट खत्म होते ही इसे वापस ले लिया जाएगा।

    यूक्रेन को मदद देने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि हमें जिस आखिरी इंसान से मदद चाहिए वह वोलोडिमिर जेलेंस्की हैं। उनका यह बयान वैश्विक राजनीति और सुरक्षा स्थिति में अमेरिका के रुख को स्पष्ट करता है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति का ईरान डील से इनकार और नए सुप्रीम लीडर के जीवित होने पर संदेह ने मध्य पूर्व की राजनीति में नई अस्थिरता की संभावना पैदा कर दी है। ट्रंप ने अपनी प्राथमिकताओं में ऊर्जा सुरक्षा और सैन्य सटीकता को सबसे ऊपर रखा है जबकि वार्ता और रणनीतिक समझौते फिलहाल लंबित हैं।

  • सोने और चांदी ने इस हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार किया, कीमतों में मामूली बदलाव

    सोने और चांदी ने इस हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार किया, कीमतों में मामूली बदलाव

    नई दिल्ली। सोने और चांदी ने इस हफ्ते एक सीमित दायरे में कारोबार किया है। इस कारण से सोने और चांदी की कीमतों में मामूली कमी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत इस हफ्ते 352 रुपए कम होकर 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,58,751 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।

    समीक्षा अवधि में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,416 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,45,093 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,18,799 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,19,063 रुपए प्रति 10 ग्राम था।

    सोने के साथ चांदी की कीमत में भी मामूली गिरावट देखी गई। यह एक हफ्ते में 235 रुपए कम होकर 2,60,488 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 2,60,723 रुपए प्रति किलो थी।

    हाजिर बाजार में 24 कैरेट के सोने ने 12 मार्च को 1,60,303 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम भाव छुआ। वहीं, न्यूनतम भाव 13 मार्च को 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम का रहा।

    चांदी ने 10 मार्च को 2,70,944 रुपए प्रति किलो का उच्चतम भाव छुआ। वहीं, न्यूनतम भाव 9 मार्च को 2,60,056 रुपए प्रति किलो का देखा गया।

    इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है। सोना और चांदी का दाम क्रमशः 5,061.70 डॉलर प्रति औंस और 81.343 डॉलर प्रति औंस था, जो कि एक हफ्ते पहले क्रमश: 5,158.70 डॉलर प्रति औंस और 84.311 डॉलर प्रति औंस था।

    सोने और चांदी में कमजोरी की वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। डॉलर इंडेक्स इस हफ्ते 100 के पार निकलकर 100.360 पर बंद हुआ है, जो कि बीते पांच महीनों का डॉलर का सबसे उच्चतम स्तर है।

  • मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच CBSE ने GCC देशों में 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को रद्द किया

    मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच CBSE ने GCC देशों में 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को रद्द किया


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल अमेरिका के हालिया संघर्ष के चलते तनावपूर्ण स्थिति बढ़ने के बीच भारतीय दूतावासों ने छात्रों और अभिभावकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इस अपडेट में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को बहरीन ईरान कुवैत ओमान कतर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रद्द करने की घोषणा की है। यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा और शिक्षण गतिविधियों पर पड़ रहे प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि यह एडवाइजरी पहले जारी 01.03.2026 03.03.2026 05.03.2026 07.03.2026 और 09.03.2026 के सर्कुलरों का अपडेशन है। इन सर्कुलरों के माध्यम से प्रभावित देशों में स्कूलों और संबंधित अधिकारियों से मिले इनपुट और अपील के आधार पर बोर्ड ने 12वीं क्लास की परीक्षाओं की समीक्षा की। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 16 मार्च से लेकर 10 मार्च तक निर्धारित सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही पहले स्थगित की गई परीक्षाओं की तारीखें भी पूरी तरह रद्द होंगी।

    इस निर्णय का उद्देश्य न केवल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि उनके परिणाम सही समय पर घोषित किए जाएं। एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि परीक्षा स्थगित होने के बाद रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया और तरीका बाद में अलग से बताया जाएगा। इससे पहले दूतावास ने कहा था कि सीबीएसई 10 मार्च को स्थिति की पुनः समीक्षा करेगा और 12 मार्च से होने वाली परीक्षाओं के लिए सही निर्णय लेगा।

    मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ओमान में भारतीय दूतावास ने पहले भी 9 10 और 11 मार्च को होने वाली 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को फिलहाल टालने की जानकारी साझा की थी। यह कदम ईरान इजरायल युद्ध और वहां की सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर छात्रों और उनके परिवारों के हित में उठाया गया। दूतावास ने यह भी बताया कि सभी संबंधित स्कूलों और अधिकारियों को बोर्ड ने सीधे निर्देश दिए हैं कि परीक्षा स्थगित होने की जानकारी तुरंत छात्रों तक पहुँचाई जाए।

    इस स्थिति से प्रभावित छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की बात यह है कि बोर्ड ने पहले से ही स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षाओं के परिणामों को घोषित करने की प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। इस बीच छात्रों को आवश्यकतानुसार ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकता है ताकि उनका अकादमिक नुकसान कम से कम हो।

    इस निर्णय से यह भी साफ हो जाता है कि वैश्विक तनाव और सुरक्षा स्थिति सीधे तौर पर शिक्षा पर प्रभाव डाल सकती है। सीबीएसई का यह कदम छात्रों की सुरक्षा मानसिक शांति और शिक्षण गतिविधियों की निरंतरता को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • फीफा विश्व कप 2026: प्ले-ऑफ के लिए प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको जाएगी इराक की टीम

    फीफा विश्व कप 2026: प्ले-ऑफ के लिए प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको जाएगी इराक की टीम


    नई दिल्ली। इराक फुटबॉल एसोसिएशन के प्रमुख अदनान दिरजाल ने रविवार को कहा कि टीम 31 मार्च को मेक्सिको के मॉन्टेरी में होने वाले फीफा विश्व कप 2026 इंटरकॉन्टिनेंटल प्ले-ऑफ में हिस्सा लेगी।

    अमेरिका-इजरायली हमले शुरू होने और ईरान के आस-पास के दूसरे देशों पर मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करके जवाबी हमला करने के बाद 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस बंद है।

    सफर में आने वाली दिक्कतों के बावजूद इराक फुटबॉल टीम प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको जाएगी, जिसने पहले ही सभी खिलाड़ियों को जरूरी प्लेऑफ के लिए वीजा दे दिया है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक दिरजाल ने कहा, “इन्फेंटिनो (फीफा अध्यक्ष) ने मैटियास ग्राफस्ट्रॉम (फीफा महासचिव) को हमारी राष्ट्रीय टीम के मेक्सिको जाने में मदद करने और सभी मुश्किलों को दूर करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय टीम इस सप्ताह के आखिर में एक निजी प्लेन से मेक्सिको के लिए रवाना होगी।”

    दिरजाल ने कहा, “टीम का लक्ष्य मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करना है, और खिलाड़ियों को सिर्फ उसी पर ध्यान देना चाहिए। मेरा सभी के लिए संदेश है, सिर्फ 17 दिन बचे हैं, और हमें मैच की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।”

    उन्होंने कहा, “इराकी फुटबॉल एसोसिएशन और कोचिंग स्टाफ में हमारा ध्यान खिलाड़ियों को इस मैच पर ध्यान देने और इराकी फैन्स का सपना पूरा करने के लिए सभी सही हालात देने पर है।”

    इस बीच, इराक का सामना प्ले-ऑफ में बोलीविया या सूरीनाम से होगा, जिसका विजेता 2026 वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की कर लेगा। इराक ने आखिरी बार 1986 में वर्ल्ड कप खेला था, और वे महीने के आखिर में खेले जाने वाले प्ले-ऑफ में 39 साल का सूखा खत्म करना चाहेंगे।

    इराक ने क्वालिफायर में अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ने पांचवें राउंड में यूनाइटेड अरब अमीरात के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज करके इंटरकॉन्टिनेंटल प्ले-ऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली।

  • भोपाल निगम में फर्जी बिलिंग के आरोप पर लोकायुक्त का सेंट्रल वर्कशॉप में छापा

    भोपाल निगम में फर्जी बिलिंग के आरोप पर लोकायुक्त का सेंट्रल वर्कशॉप में छापा



    भोपाल भोपाल नगर निगम में फर्जी बिलिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते रविवार सुबह लोकायुक्त की टीम ने सेंट्रल वर्कशॉप स्थित नगर निगम कार्यालय में छापेमारी की। यह कार्यवाही सुबह 9 बजे शुरू हुई और अभी भी जारी है। नगर निगम की यह वर्कशॉप गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य मैकेनिकल कार्यों के लिए जानी जाती है।

    लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को निगम के फतेहगढ़ डाटा सेंटर पर कार्रवाई करते हुए पिछले 10 वर्षों के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त किए थे। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिले, जिसके आधार पर सेंट्रल वर्कशॉप में यह छापेमारी की गई। जांच टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन फर्मों और व्यक्तियों की संलिप्तता रही।

    11 मार्च को अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कोर्ट से सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की गई।

    लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि SAP सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल तैयार किए गए। इन बिलों के माध्यम से परिचितों और रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि असल में संबंधित काम या तो किया ही नहीं गया या विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि नगर निगम के जलकार्य विभाग, सामान्य प्रशासन और सेंट्रल वर्कशॉप के नाम पर गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए, लेकिन कई मामलों में वास्तव में काम नहीं हुआ था। डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच से अब यह पता लगाया जाएगा कि किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तविकता क्या थी।

    अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर का कहना है कि लेखा शाखा में बिल सीधे पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार नगर निगम आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है। उनका यह बयान यह दर्शाता है कि भुगतान प्रक्रिया में कई स्तरों पर सत्यापन होता है, लेकिन कथित फर्जी बिलिंग के मामले ने प्रणाली में संभावित गड़बड़ियों को उजागर किया है।

    लोकायुक्त टीम का कहना है कि जब्त SAP सॉफ्टवेयर का डेटा और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में और फर्मों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। यह कार्रवाई भोपाल नगर निगम में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

  • ज़ाकिर खान का अचानक अस्पताल में दाख़िला, ईद से पहले फैंस में बढ़ी चिंता…

    ज़ाकिर खान का अचानक अस्पताल में दाख़िला, ईद से पहले फैंस में बढ़ी चिंता…


    नई दिल्ली:स्टैंड-अप कॉमेडी के मशहूर कलाकार जाकिर खान को लीलावती अस्पताल में अचानक भर्ती होते देख फैंस की चिंता बढ़ गई है। ईद से ठीक पहले यह खबर सामने आई और सोशल मीडिया पर फैंस ने ‘Get Well Soon’ और ‘जल्दी ठीक हो जाओ’ जैसी दुआओं की बाढ़ लगा दी।

    जाकिर के छोटे भाई अरबाज खान ने हाल ही में अपने रमजान व्लॉग में अस्पताल का वीडियो शेयर किया जिसमें जाकिर गुलाबी अस्पताल गाउन पहने दोस्तों और परिवार के साथ भारत बनाम इंग्लैंड क्रिकेट मैच देखते नजर आए। वीडियो में अरबाज ने पूछा, ‘कैसा है भाई?’ तो जाकिर ने मज़ाक में जवाब दिया, ‘मैच अभी फंसा हुआ है।’ इस वायरल वीडियो के बाद फैंस ने कमेंट्स में उनकी सेहत के बारे में सवाल उठाने शुरू कर दिए।

    कई फैंस ने लिखा, ‘जाकिर भाई, आप ठीक तो हैं? ईद से पहले जल्दी ठीक हो जाओ।’ तो किसी ने पूछा, ‘अस्पताल में क्यों भर्ती हो गए?’ सोशल मीडिया पर फैंस का प्यार और समर्थन लगातार बरस रहा है।

    दरअसल, जाकिर खान ने कुछ दिन पहले ही मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे 1.5 से 2 साल का ब्रेक ले रहे हैं। उन्होंने साफ़ किया कि वे हटना नहीं चाहते, बस थोड़े समय के लिए खुद पर ध्यान देना चाहते हैं। उनका कहना था, ‘थोड़ा स्टूडेंट की तरह जीवन जीना है, सेहत पर ध्यान देना है, यात्रा करनी है और लिखने का काम पूरा करना है।’

    जाकिर ने पहले भी खुलासा किया था कि परिवार में कुछ जेनेटिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं और उनकी अपनी लाइफस्टाइल, जैसे नींद की कमी और अनियमित खान-पान ने उनकी सेहत पर असर डाला है। लेकिन उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि यह कोई गंभीर या तत्काल खतरा नहीं है और वे पूरी तरह से कॉमेडी छोड़ नहीं रहे।

    फैंस की प्रतिक्रिया इस खबर पर बेहद इमोशनल रही। कई लोग लिख रहे हैं, ‘ईद से पहले जल्दी ठीक हो जाओ जाकिर भाई,’ ‘आपकी हंसी हमें मिस हो रही है, जल्दी वापस आओ,’ और ‘सेहत पहले, बाकी सब बाद में।’ अस्पताल में भर्ती होने की खबर से लोगों में चिंता बढ़ी, क्योंकि जाकिर पिछले कई महीनों से काम और सोशल मीडिया से दूरी बनाए हुए थे।

    हालांकि परिवार ने अभी तक कोई स्पेसिफिक मेडिकल विवरण नहीं साझा किया है, लेकिन जाकिर खान ने खुद कहा है कि यह सिर्फ ब्रेक है और वे कॉमेडी से दूर नहीं जा रहे हैं। लीलावती अस्पताल में भर्ती होने की वजह स्वास्थ्य संबंधित बताई जा रही है। फैंस और पूरी कॉमेडी कम्युनिटी की यही दुआ है कि ‘सख्त लौंडा’ जल्दी ठीक होकर वापस आए और ईद से पहले घर लौटे।

    इस वीडियो में जाकिर का आरामदायक अंदाज़ और उनकी हल्की-फुल्की बातचीत यह दिखाती है कि फिलहाल उनकी हालत गंभीर नहीं है। फैंस के दिलों में चिंता और प्यार एक साथ उमड़ रहा है। सोशल मीडिया पर दुआओं की बाढ़ और प्यार भरे मैसेज उनके लिए उम्मीद और हौसला बनकर आ रहे हैं।

    जाकिर खान की यह ब्रेक और अस्पताल में भर्ती होने की घटना उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देने की ज़रूरत और फैंस के लिए उनके हंसते-खिलखिलाते चेहरे की याद दिलाती है। सभी को बस यही दुआ है कि वे जल्द स्वस्थ होकर वापस आएं और अपनी हंसी और कॉमेडी से लोगों के दिलों में फिर से जगह बनाएँ।

  • इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच

    इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच



    नई दिल्ली। नेहरू स्टेडियम में रविवार को सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) सीजन-1 का आखिरी दिन रोमांचक होने वाला है। 12 मार्च से चल रहे इस क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन विशेष फ्रेंडली मैच के साथ होगा, जिसमें संतों और पेशेवर क्रिकेटरों के बीच खेल का आयोजन किया गया है। इस मैच का उद्देश्य न केवल खेल भावना का प्रदर्शन है, बल्कि खिलाड़ियों और संतों के बीच आध्यात्मिक और मानसिक सामंजस्य को भी बढ़ावा देना है।

    इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित संत उपस्थित रहेंगे, जिनमें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, चिन्मयानंद बापूजी, पं. प्रदीप मिश्रा, इंद्रेश उपाध्याय महाराज, देवकीनंदन ठाकुर महाराज, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य महाराज, संत त्रिलोचन दर्शनदास और अर्पित दास महाराज शामिल हैं। वहीं क्रिकेट जगत से प्रमुख खिलाड़ी जैसे सुरेश रैना, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, मोहित शर्मा और चेतन शर्मा भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।

    फाइनल मुकाबले से पहले संतों और खिलाड़ियों के बीच वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह सत्र खिलाड़ियों को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

    एसपीएल में कुल आठ टीमों ने भाग लिया और सभी मैच टी-10 फॉर्मेट में खेले गए। लीग के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। शनिवार को मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 5 विकेट से हराया, जबकि उत्तराखंड ने दिल्ली को भी 5 विकेट से मात दी। तीसरे मैच में साउथ डीसीआर ने गुजरात को 25 रन से हराया और चौथे मुकाबले में महाराष्ट्र ने उत्तर प्रदेश को 23 रन से पराजित किया।

    आज चार महत्वपूर्ण मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच दोपहर 2 बजे शुरू होगा। इसके बाद शाम 4 बजे मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच दूसरा मुकाबला होगा। शाम 6 बजे संतों और खिलाड़ियों का वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला रात 8 बजे से होगा, जो इस सीजन का सर्वोच्च रोमांच प्रदान करेगा।

    एसपीएल के आयोजन में देवकीनंदन ठाकुर का मार्गदर्शन रहा। उन्होंने कहा कि यह लीग नई प्रतिभाओं को निखारने और संत समाज को खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करने का अद्भुत मंच है। इस दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी मौजूद रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही खेल और आध्यात्मिक मूल्य दोनों को बढ़ावा देती हैं।

    नेहरू स्टेडियम में खेल का माहौल उत्साहपूर्ण और अनुशासित है। खिलाड़ियों और संतों के बीच यह प्रतियोगिता दर्शकों के लिए खेल, मनोरंजन और आध्यात्मिक एकता का अनूठा संगम पेश करेगी। इस आयोजन से इंदौर का खेल और सांस्कृतिक माहौल भी समृद्ध होगा।

  • इंदौर मेट्रो का फाइनल निरीक्षण शुरू, सुरक्षा जांच और ब्रेक सिस्टम की गति 80 किमी/घंटा

    इंदौर मेट्रो का फाइनल निरीक्षण शुरू, सुरक्षा जांच और ब्रेक सिस्टम की गति 80 किमी/घंटा



    नई दिल्ली। इंदौर मेट्रो के रेडिसन चौराहे तक विस्तार के लिए आज से सीएमआरएस (Commissioner of Metro Rail Safety) की टीम ने फाइनल निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-2 से शुरू हुए इस निरीक्षण में टीम मेट्रो की सुरक्षा, ट्रैक, सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक और यात्री सुविधाओं का पूरा जायजा लेगी। निरीक्षण चार दिनों तक चलेगा और इसके बाद ही प्रबंधन कमर्शियल संचालन शुरू कर पाएगा।

    सीएमआरएस की छह सदस्यीय टीम की अगुवाई नीलाभ्र सेनगुप्ता कर रहे हैं। टीम ने निरीक्षण की शुरुआत सुपर कॉरिडोर-2 स्टेशन से की और लवकुश चौराहा व कुमेड़ी स्थित स्टेशनों तक का हिस्सा देखा। टीम 11 मेट्रो स्टेशनों, वायडक्ट, प्रवेश व निकासी गेट, सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का परीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान मेट्रो को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ब्रेक सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेन संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।

    एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने निरीक्षण से पहले अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्टेशन परिसरों, ट्रैक और यात्री सुविधाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोपरि है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा। यह बंदी चार दिन तक लागू रहेगी, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। विजयनगर स्टेशन पर प्रवेश व निकासी गेट का कार्य अभी अधूरा है, इसलिए उसका निरीक्षण बाद में किया जाएगा। वहीं, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, हीरानगर, चंद्रगुप्त चौराहा, आइएसबीटी, एमआर-10 रोड और भौरासला चौराहे के स्टेशनों पर लिफ्ट और फिनिशिंग का कार्य जारी है।

    यह फाइनल निरीक्षण इस बात का संकेत है कि इंदौर मेट्रो का रेडिसन तक संचालन मार्च माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। निरीक्षण के पूरा होने और सुरक्षा प्रमाणन मिलने के बाद, यात्रियों को सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक सुविधा प्रदान की जाएगी।

    इंदौर मेट्रो परियोजना के अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन, ट्रैक और सिग्नलिंग का निर्माण पूरी तरह से हो चुका है। अब मुख्य कार्य शेष है: यात्रियों के लिए सुविधाजनक प्रवेश-निकासी गेट, लिफ्ट और फिनिशिंग। यह कदम यात्रियों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय मेट्रो संचालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

  • गया: CM के बेटे निशांत और मैथिली ठाकुर की 'आपत्तिजनक AI फोटो' वायरल करने वाला गिरफ्तार

    गया: CM के बेटे निशांत और मैथिली ठाकुर की 'आपत्तिजनक AI फोटो' वायरल करने वाला गिरफ्तार



    नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लेकर मशहूर हस्तियों को बदनाम करने का एक बड़ा मामला बिहार के गया जिले में उजागर हुआ है। पुलिस ने विकास कुमार यादव (35) नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और प्रसिद्ध लोक गायिका व विधायक मैथिली ठाकुर की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाली एआई-जनित (AI Generated) तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। आरोपी ने सोशल मीडिया पर रातों-रात लोकप्रियता और फॉलोअर्स पाने की सनक में इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया।

    साजिश: AI की मदद से तैयार की ‘फर्जी’ तस्वीरें
    पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय थाने की जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं:

    डीपफेक का इस्तेमाल: आरोपी विकास यादव (निवासी: शब्दों गांव, फतेहपुर) ने करीब एक सप्ताह पहले एआई टूल की मदद से निशांत और मैथिली ठाकुर की चेहरे वाली आपत्तिजनक और भ्रामक तस्वीरें तैयार कीं।

    सोशल मीडिया पर वायरल: इन फर्जी तस्वीरों को उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पोस्ट कर दिया, जिससे तेजी से अफवाहें फैलने लगीं और दोनों हस्तियों की छवि को नुकसान पहुँचा।

    बयान: आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने केवल लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने की लालच में यह काम किया था, उसे अंदाजा नहीं था कि वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाएगा।

    पुलिसिया कार्रवाई: आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज
    गया पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की:

    साइबर सर्विलांस: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की निगरानी कर रही टीम ने आईपी एड्रेस और लोकेशन के आधार पर आरोपी को ट्रेस किया।

    गिरफ्तारी: फतेहपुर पुलिस ने दबिश देकर विकास कुमार यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसके मोबाइल और कंप्यूटर की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने और किन हस्तियों को निशाना बनाया है।

    निष्कर्ष
    “एआई तकनीक का यह दुरुपयोग समाज के लिए एक नया और खतरनाक खतरा बन गया है। महज कुछ लाइक पाने की चाह में किसी की प्रतिष्ठा को सरेराह नीलाम करने की कोशिश करने वाला यह अपराधी अब जेल की सलाखों के पीछे है। यह मामला उन सभी के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया को अपनी मनमानी का जरिया समझते हैं।”

  • हरदा के भुआणा का गणगौर उत्सव राष्ट्रीय मंच पर, 21 मार्च को दूरदर्शन पर होगा प्रसारण

    हरदा के भुआणा का गणगौर उत्सव राष्ट्रीय मंच पर, 21 मार्च को दूरदर्शन पर होगा प्रसारण

    हरदा जिले के भुआणा क्षेत्र में गणगौर महोत्सव की धूम 9 दिनों तक देखने को मिलती है। इस दौरान गांवों में कन्याएं और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और पूजा के माध्यम से माता गौरा की आराधना करती हैं। मालवा, निमाड़ और भुआणा क्षेत्र की साझा संस्कृति की झलक इस उत्सव में स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है।

    इस वर्ष भुआणा के कलाकारों ने अपनी कला के दम पर जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी को राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन से प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया। कलाकारों ने गणगौर उत्सव और निमाड़ी संस्कृति पर आधारित अपनी प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग कराई, जिसे 21 मार्च को दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे देश के दर्शक भुआणा क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और उत्सव की धूम को देख सकेंगे।

    स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी की गायिका मिशा शर्मा अपने मंडल ‘मां कात्यायनी शक्ति गणगौर मंडल’ के साथ दूरदर्शन के स्टूडियो पहुंचीं। मंडल के कलाकारों ने पारंपरिक गणगौर गीतों और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। रिकॉर्डिंग के दौरान कलाकारों ने निमाड़ की लोक संस्कृति और गणगौर उत्सव की परंपराओं को जीवंत रूप में मंच पर प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति से क्षेत्र की लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुति देने वालों में प्रियांशी, भूमी, पूजा, साधना रानी, पायल, लक्ष्मी, हर्षा, दुर्गा और मीनाक्षी शामिल रहीं। गायन में मिशा शर्मा और सुमित शर्मा ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। संगीत में ढोलक पर मयंक मालवीय, तबले पर सान्निध्य गंगराड़े और ऑक्टोपैड पर दिव्यांश शर्मा ने संगत देकर प्रस्तुति को और आकर्षक बनाया।

    भुआणा क्षेत्र की गणगौर परंपरा और निमाड़ी संस्कृति को पहले भी कई मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जा चुका है। स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी के सुमित शर्मा लगातार अपने विद्यार्थियों को तैयार कर बड़े मंचों पर प्रस्तुति का अवसर दिला रहे हैं। इस बार दूरदर्शन पर होने वाला प्रसारण हरदा और भुआणा क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। गणगौर महोत्सव के माध्यम से भुआणा का यह सांस्कृतिक रंग न केवल जिले बल्कि पूरे देश के दर्शकों तक पहुंच रहा है।

    भुआणा का गणगौर उत्सव अब सिर्फ स्थानीय या क्षेत्रीय ही नहीं रह गया, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने में सफल हो रहा है। 21 मार्च को प्रसारित यह कार्यक्रम इस क्षेत्र की कला और संस्कृति की गौरवपूर्ण छवि को और मजबूती देगा।