Author: bharati

  • UEFA Europa League में रोमांच, Aston Villa, FC Porto और FC Midtjylland ने पहले चरण में बढ़त बनाई

    UEFA Europa League में रोमांच, Aston Villa, FC Porto और FC Midtjylland ने पहले चरण में बढ़त बनाई


    नई दिल्ली। यूरोपियन क्लब फुटबॉल के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट UEFA यूरोपा लीग के राउंड ऑफ 16 के पहले लेग मुकाबलों में कई रोमांचक नतीजे देखने को मिले। इंग्लैंड की टीम एस्टन विला F.C., पुर्तगाल की FC पोर्टो और डेनमार्क की FC मिडट्जिलैंड ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज कर अगले चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। हालांकि सभी मुकाबले बेहद करीबी रहे, जिससे दूसरे लेग में रोमांच और बढ़ने की उम्मीद है।

    वॉटकिंस के गोल से विला को अहम जीत
    फ्रांस में खेले गए मुकाबले में एस्टन विला F.C. ने लिली OSC को 1-0 से हराया। मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई गोल नहीं हो सका।

    दूसरे हाफ के 61वें मिनट में विला के स्टार स्ट्राइकर ओली वॉटकिंस ने शानदार हेडर लगाकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद विला ने बढ़त बनाए रखी और महत्वपूर्ण जीत हासिल कर ली।

    गोलकीपर मार्टिनेज ने बचाई टीम
    इस मुकाबले में विला के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज का प्रदर्शन भी शानदार रहा। उन्होंने लिली के कई खतरनाक हमलों को नाकाम किया और टीम को क्लीन शीट दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ विला ने फ्रांस में अपने सातवें प्रयास में पहली जीत दर्ज की।

    उनाई एमरी के लिए ऐतिहासिक पल
    यह मुकाबला विला के मैनेजर उनाई एमरी के लिए भी खास रहा। क्लब के साथ यह उनकी 100वीं जीत थी। इसके साथ ही वह विला के इतिहास में सबसे तेज 100 जीत दर्ज करने वाले मैनेजर बन गए।

    पोर्टो की तेज शुरुआत
    दूसरी ओर, एफसी पोर्टो ने वीएफबी स्टटगार्ट के खिलाफ मुकाबले में शानदार शुरुआत की। मैच के शुरुआती सात मिनट में ही दो गोल कर पोर्टो ने मजबूत बढ़त बना ली।

    पोर्टो की ओर से तेरेम मोफी और रोड्रिगो मोरा ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि स्टटगार्ट ने वापसी की कोशिश की और हाफ टाइम से पहले डेनिज उनदाव ने शानदार हाफ-वाली के जरिए अंतर कम कर दिया।

    मिडटजिलैंड ने किया बड़ा उलटफेर
    डेनमार्क की टीम FC मिडटजिलैंड ने इंग्लैंड के नॉटिंघम फॉरेस्ट F.C. को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। मैच के 80वें मिनट में सबसे अच्छे खिलाड़ी चो गुए-सुंग ने लूपिंग हेडर के ज़रिए फिट गोल दागा और अपनी टीम को अहम बढ़त दिलाई।

    दूसरे लेग में तय होगी आगे की राह
    राउंड ऑफ 16 के पहले लेग के बाद इन टीमों ने भले ही बढ़त बना ली हो, लेकिन क्वार्टरफाइनल का टिकट अभी तय नहीं हुआ है। दूसरे लेग के मुकाबलों में सभी टीमों ने वापसी की कोशिश की, जिससे मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।

  • शुक्रवार का विशेष दिन: लक्ष्मी और संतोषी माता की विधिपूर्वक आराधना से घर में आए सकारात्मक ऊर्जा

    शुक्रवार का विशेष दिन: लक्ष्मी और संतोषी माता की विधिपूर्वक आराधना से घर में आए सकारात्मक ऊर्जा


    नई दिल्ली। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और संतोषी माता की आराधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि धन और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करना शुभ माना जाता है। इससे वातावरण शुद्ध होता है और देवी लक्ष्मी का आगमन होता है।

    पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाना अत्यंत फलदायी होता है। कमल के फूल या मोगरा का इत्र अर्पित करने से देवी की कृपा और धन-धान्य की वृद्धि होती है। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना भी इस दिन विशेष रूप से लाभकारी है। श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका पाठ करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है।

    घर में स्थापित श्री यंत्र की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। दूध और गंगाजल से इसकी आराधना करने से धन, वैभव और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना विशेष रूप से सौभाग्य और समृद्धि बढ़ाने वाला उपाय है।

    संतोषी माता की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। माता को गुड़ और चने का भोग अर्पित करने की परंपरा इस दिन विशेष रूप से प्रचलित है। उनकी चालीसा का पाठ करने से परिवार में सौहार्द और मानसिक शांति बनी रहती है।

    दान का महत्व भी इस दिन बढ़ जाता है। सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद कपड़े का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। दान से न केवल जीवन में सकारात्मकता आती है बल्कि आर्थिक समृद्धि के मार्ग भी खुलते हैं।

    इस प्रकार शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा, कनकधारा स्तोत्र का पाठ, दीपदान और दान के उपाय से घर में सुख-शांति धन-संपत्ति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यह दिन अपने धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने वाला माना गया है।

  • टी20 विश्व कप पर Michael Vaughan की राय, बोले- भारत को सिर्फ South Africa national cricket team रोक सकती थी

    टी20 विश्व कप पर Michael Vaughan की राय, बोले- भारत को सिर्फ South Africa national cricket team रोक सकती थी


    नई दिल्ली। माइकल वॉन ने टी20 विश्व कप 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की एक टीम की गलती के कारण भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को खिताब जीतने का मौका मिला। वॉन के मुताबिक अगर दक्षिण अफ्रीका सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम से हार जाता तो भारत सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाता और इतिहास भी नहीं बनता।

    पॉड में कही बड़ी बात
    एक क्रिकेट पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान माइकल वॉन ने कहा कि टूर्नामेंट की सबसे “बेवकूफ टीम” दक्षिण अफ्रीका रही। उनका तर्क था कि अगर दक्षिण अफ्रीका वेस्टइंडीज से हार जाता, तो भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाता।

    वॉन ने कहा, “अगर दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को सुपर-8 में जीत दिया होता तो भारत बाहर हो जाता। टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम को रोकने का सबसे अच्छा तरीका उसे शुरुआती चरण में बाहर करना होता है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने यह मौका गंवा दिया।”

    भारत की जीत का क्रम जारी रहा
    वॉन ने आगे कहा कि उस मैच के बाद भारत की जीत की लय जारी रही। उनके अनुसार भारत ने पहले जिम्बाब्वे की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को हराया, फिर एक तरह के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में वेस्टइंडीज को हराया और सेमीफाइनल में इंग्लैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाई।

    फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर इतिहास
    फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को हराकर ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत तीन बार T20 विश्व कप जीतने वाला पहला देश बन गया।

    चौथी बार फाइनल में पहुंचा भारत
    भारतीय टीम T20 विश्व कप के इतिहास में चौथी बार फाइनल में पहुंची थी और तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रही। वहीं न्यूजीलैंड की टीम दूसरी बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन उसे फिर हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले कीवी टीम 2021 के फाइनल में भी हार गई थी।

    क्रिकेट जगत में छिड़ी बहस
    माइकल वॉन के इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में नई बहस छिड़ गई है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि टूर्नामेंट में रणनीति और अहम होती हैं, लेकिन अंततः चैंपियन वही टीम बनती है जो लगातार अच्छा प्रदर्शन करती है। भारत की जीत को भी इसी नजर से देखा जा रहा है, क्योंकि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

  • आज का पंचांग 13 मार्च 2026 चैत्र कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

    आज का पंचांग 13 मार्च 2026 चैत्र कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

    नई दिल्ली। आज शुक्रवार 13 मार्च 2026 चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन दशा माता व्रत भी रखा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहेगा जिससे आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी और नेतृत्व क्षमता प्रबल होगी।

    आज की तिथि कृष्ण दशमी है जो पूर्ण रात्रि तक रहेगी। प्रातः 10:32 बजे तक व्यक्तिपात योग रहेगा। करण वणिज सायं 07:23 बजे तक प्रभावी रहेगा और इसके बाद विश्टि करण पूरी रात रहेगा। सूर्योदय प्रातः 06:33 बजे और सूर्यास्त सायं 06:28 बजे होगा। चंद्रमा 14 मार्च को रात्रि 03:30 बजे उदय होगा और दोपहर 12:54 बजे अस्त होगा।

    ग्रहों की स्थिति देखें तो सूर्य कुंभ राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित है। आज का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र है जो 14 मार्च रात्रि 03:03 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह नक्षत्र धनु राशि के 13°20’ से 26°40’ तक फैला है और इसके स्वामी शुक्र हैं जबकि राशि स्वामी बृहस्पति हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र व्यक्ति में साहस आत्मविश्वास उदारता और सामाजिक लोकप्रियता बढ़ाता है। हालांकि अहंकार और खर्चीले स्वभाव से बचने की सलाह भी दी जाती है।

    आज के शुभ मुहूर्त में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:55 बजे तक रहेगा। यह समय पूजा, नया कार्य शुरू करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल रात्रि 09:47 से 11:32 बजे तक प्रभावी रहेगा। वहीं आज के अशुभ समय में राहुकाल प्रातः 11:01 से 12:31 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त गुलिकाल प्रातः 08:03 से 09:32 बजे तक और यमगंड दोपहर 03:29 से सायं 04:59 बजे तक रहेगा। राहुकाल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए।

    धार्मिक दृष्टि से आज दशा माता व्रत रखने वाले श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए व्रत रखते हैं। अभिजीत मुहूर्त में किए जाने वाले कार्य शुभ और फलदायी माने जाते हैं। इस दिन चंद्रमा की स्थिति आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि के साथ-साथ समाज में प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाती है।

    इस प्रकार 13 मार्च 2026 का पंचांग सभी धार्मिक कर्मों और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मार्गदर्शक साबित होता है। सुबह के शुभ समय से लेकर दोपहर के अभिजीत मुहूर्त और शाम के राहुकाल तक की जानकारी का पालन करने से दिन की सफलता और शुभता सुनिश्चित होती है। आज का दिन अपने आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाने के लिए भी अनुकूल है।

  • नई क्रिकेट लीग ‘Sanatan Premier League’ का आगाज, मार्गदर्शन देंगे Suresh Raina

    नई क्रिकेट लीग ‘Sanatan Premier League’ का आगाज, मार्गदर्शन देंगे Suresh Raina


    नई दिल्ली। क्रिकेट और सनातन संस्कृति को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) का भव्य आगाज गुरुवार को नेहरू स्टेडियम इंदौर में हुआ। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पूजा-अर्चना के साथ टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में लीग से जुड़े अधिकारी, मेंटोर और सभी टीमों के खिलाड़ी मौजूद रहे।

    13 से 15 मार्च तक होंगे मुकाबले
    सनातन प्रीमियर लीग के पहले सीजन के मुकाबले 13 से 15 मार्च तक खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में 8 टीमें और 120 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। लीग का उद्देश्य गांवों और स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को बड़ा मंच देना है ताकि वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें।

    मेंटोर की भूमिका में दिग्गज क्रिकेटर
    इस लीग में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम भी जुड़े हुए हैं। पूर्व भारतीय स्टार बल्लेबाज सुरेश रैना, अनुभवी स्पिनर पीयूष चावला, तेज गेंदबाज मोहित शर्मा और भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने के लिए मेंटोर की भूमिका निभा रहे हैं।

    इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा टूर्नामेंट में कमेंटेटर की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मदन लाल इस लीग के कमिश्नर बनाए गए हैं।

    विजेता टीम को 31 लाख का इनाम
    टूर्नामेंट को और रोमांचक बनाने के लिए आयोजकों ने आकर्षक पुरस्कारों की भी घोषणा की है। विजेता टीम को 31 लाख रुपये, जबकि उपविजेता टीम को 15 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। खास बात यह है कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले हर खिलाड़ी को, चाहे वह एक मैच खेले या पूरे टूर्नामेंट में खेले, 11,000 रुपये की राशि दी जाएगी।

    इसके अलावा प्लेयर ऑफ द मैच को 21,000 रुपये नगद और 16,000 रुपये के जूते दिए जाएंगे। मैन ऑफ द सीरीज जीतने वाले खिलाड़ी को एक कार मिलेगी, जबकि ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को एक-एक मोटरसाइकिल से सम्मानित किया जाएगा।

    ट्रॉफी जाएगी देश के तीर्थ स्थलों तक
    आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट खत्म होने के बाद एसपीएल की ट्रॉफी को देश के कई प्रमुख तीर्थ स्थलों पर ले जाया जाएगा। इंदौर को होस्ट शहर इसलिए चुना गया क्योंकि यह प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के काफी करीब है।

    युवाओं को सही दिशा देने की पहल
    सनातन प्रीमियर लीग के प्रवक्ता सुमेंद्र तिवारी ने बताया कि इस लीग का उद्देश्य केवल क्रिकेट नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देना भी है। उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे कस्बों में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी होते हैं, जिन्हें सही मंच नहीं मिल पाता। यह लीग उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे बच्चे जो नशे या गलत गतिविधियों की ओर जा सकते थे, अब उन्हें अपनी ऊर्जा को खेल और सकारात्मक कार्यों में लगाने का मौका मिलेगा। इस तरह यह टूर्नामेंट न केवल खेल को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • आईपीएल 2026 से पहले बढ़ी चिंता, Royal Challengers Bengaluru के इस धाकड़ तेज गेंदबाज के खेलने पर संशय

    आईपीएल 2026 से पहले बढ़ी चिंता, Royal Challengers Bengaluru के इस धाकड़ तेज गेंदबाज के खेलने पर संशय


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सीजन से पहले Royal Challengers Bengaluru की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। टीम के स्टार तेज गेंदबाज Josh Hazlewood के आईपीएल 2026 में खेलने को लेकर संशय बना हुआ है। चोटों से जूझ रहे हेजलवुड अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और मेडिकल टीम की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। यदि वह टूर्नामेंट की शुरुआत तक फिट नहीं होते हैं तो आरसीबी की गेंदबाजी लाइन-अप को बड़ा झटका लग सकता है।

    चोट के कारण लंबे समय से क्रिकेट से दूर
    रिपोर्ट्स के अनुसार हेजलवुड पिछले कुछ समय से हैमस्ट्रिंग और अकिलीज टेंडन की चोट से परेशान हैं। वह फिलहाल फिजियो और मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। पूरी तरह फिटनेस हासिल करने के बाद ही उन्हें मैदान पर उतरने की अनुमति मिल सकती है। चोट के कारण ही वह हाल ही में खेले गए The Ashes और ICC Men’s T20 World Cup 2026 से भी बाहर रहे थे।

    पिछले सीजन में रहे थे आरसीबी के हीरो
    हेजलवुड पिछले सीजन में आरसीबी के लिए सबसे प्रभावी गेंदबाजों में से एक रहे थे। उन्होंने 12 मैचों में 22 विकेट लेकर टीम को पहली बार आईपीएल खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता ने विरोधी टीमों को काफी परेशान किया था। ऐसे में अगर वह इस सीजन की शुरुआत में उपलब्ध नहीं होते हैं तो टीम की गेंदबाजी कमजोर पड़ सकती है।

    न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलते समय लगी थी चोट
    हेजलवुड को नवंबर में घरेलू क्रिकेट के दौरान New South Wales cricket team के लिए खेलते समय दाहिने पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। इसी वजह से वह एशेज सीरीज के पहले टेस्ट से बाहर हो गए थे। इसके बाद उन्हें अकिलीज टेंडन की नई समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वह पूरी एशेज और फिर टी20 विश्व कप से भी बाहर रहे।

    चोटों ने प्रभावित किया आईपीएल करियर
    हेजलवुड का आईपीएल करियर भी चोटों की वजह से कई बार प्रभावित हुआ है। उन्होंने अब तक 39 आईपीएल मैच खेले हैं, जिनमें 57 विकेट अपने नाम किए हैं। हालांकि जब भी वह फिट होकर मैदान में उतरे हैं, तब उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से टीम को कई अहम मुकाबले जिताए हैं।

    आरसीबी का पहला मुकाबला SRH से
    आईपीएल 2026 में आरसीबी अपना पहला मुकाबला Sunrisers Hyderabad के खिलाफ खेलेगी। यह मैच 28 मार्च को M. Chinnaswamy Stadium में खेला जाना है। हालांकि इस मैच में एसआरएच के कप्तान Pat Cummins के खेलने पर भी संशय बना हुआ है, क्योंकि वह भी फिलहाल चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं।

    फैंस को फिटनेस अपडेट का इंतजार
    ऐसे में आईपीएल शुरू होने से पहले दोनों टीमों के फैंस की नजरें खिलाड़ियों की फिटनेस अपडेट पर टिकी हुई हैं। अगर हेजलवुड समय पर फिट होकर मैदान में लौटते हैं तो आरसीबी की गेंदबाजी और मजबूत हो जाएगी, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। 

  • OBC आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… कहा- सिर्फ आय के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर

    OBC आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… कहा- सिर्फ आय के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर

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    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण (OBC Reservation) को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी उम्मीदवार के क्रीमी लेयर (Creamy Layer) में होने या न होने का निर्धारण केवल उसकी पारिवारिक आय के आधार पर नहीं किया जा सकता है। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “पदों की श्रेणियों और स्टेटस मापदंडों का संदर्भ लिए बिना, केवल आय के आधार पर क्रीमी लेयर का दर्जा तय करना कानून की दृष्टि से टिकाऊ नहीं है।” अदालत का मानना है कि आय के साथ-साथ व्यक्ति के सामाजिक और व्यावसायिक पद को भी ध्यान में रखा जाना अनिवार्य है।


    क्या है क्रीमी लेयर की अवधारणा?

    क्रीमी लेयर शब्द का प्रयोग ओबीसी समुदाय के उन लोगों के लिए किया जाता है जो आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी समृद्ध हो चुके हैं। आरक्षण का लाभ इस वर्ग को न मिलकर समुदाय के उन गरीब और पिछड़े लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है। इस अवधारणा की शुरुआत 1992 के प्रसिद्ध इंद्रा सहनी बनाम भारत सरकार मामले के बाद हुई थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को तो बरकरार रखा था, लेकिन संपन्न तबके को इससे बाहर रखने का आदेश दिया था। इसके बाद 1993 में सरकार ने इसे लागू करने के नियम बनाए थे।

    वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि किसी ओबीसी परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक है तो उसे क्रीमी लेयर में माना जाता है। ऐसे उम्मीदवार सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के हकदार नहीं होते। आय की यह सीमा आखिरी बार 2017 में 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की गई थी।

    आय के अलावा उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सशस्त्र बलों के उच्च अधिकारियों और बड़े व्यवसायियों के बच्चों को भी क्रीमी लेयर की श्रेणी में रखा जाता है।

    सुप्रीम कोर्ट के इस नए फैसले से सरकार पर क्रीमी लेयर की पहचान करने वाले 1993 के नियमों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ सकता है। अदालत ने संकेत दिया है कि केवल पैसे को पैमाना मान लेना सामाजिक न्याय के व्यापक उद्देश्यों के खिलाफ हो सकता है। उदाहरण के लिए एक कम वेतन पाने वाला व्यक्ति भी अगर ऊंचे प्रशासनिक पद पर है तो उसकी सामाजिक स्थिति एक अमीर व्यापारी से भिन्न हो सकती है।

  • प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग

    प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं, जो एलपीजी को लेकर पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं और देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। एनएक्सटी समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट से कोई भी देश अछूता नहीं है और सरकार भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग मौजूदा हालात का फायदा उठाकर कुछ उत्पादों की कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं और चेतावनी दी कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मोदी ने कहा, ”कुछ लोग एलपीजी को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बिना किसी राजनीतिक टिप्पणी के मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि वे न सिर्फ लोगों के सामने खुद को उजागर कर रहे हैं, बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा संकट से निपटने में हर किसी की महत्वपूर्ण भूमिका है- चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, युवा हों, शहर हों या गांव हों। पीएम मोदी ने कहा कि कई वैश्विक संकटों के बावजूद, विश्व नेता और विशेषज्ञ भारत की ओर बड़ी आशा से देखते हैं, जिससे भारत की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ”आज पूरी दुनिया जानती है कि यदि आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको भारत से जुड़ना होगा और भारत में रहना होगा।”

    उन्होंने कहा, ”हमारा एक ही लक्ष्य है, एक ही मंजिल है, और वो है विकसित भारत। भारत न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि अगले स्तर की ओर अग्रसर है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विश्व एक कठिन दौर से गुजर रहा है, लेकिन भारत तेज और स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने कहा, ”कई वैश्विक नेता कह रहे हैं कि भारत पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।”

  • Uttarakhand: बदरीनाथ-केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में गैर सनातनियों का प्रवेश वैन…

    Uttarakhand: बदरीनाथ-केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में गैर सनातनियों का प्रवेश वैन…


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के चारधाम मंदिरों (Chardham Temples) में विशेष धार्मिक महत्व रखने वाले बदरीनाथ-केदारनाथ (Badrinath-Kedarnath) समेत 47 मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर पाबंदी का फैसला लिया गया है। मंदिर समिति बीकेटीसी (Temple Committee BKTC) ने हाल ही में यह कड़ा कदम उठाया। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह पाबंदी केवल उन लोगों पर लागू होगी जो सनातन धर्म में विश्वास नहीं रखते हैं और इसका मुख्य उद्देश्य चारधाम यात्रा और अन्य मंदिरों की पवित्रता और मर्यादा को बनाए रखना है। इस मामले में अब सरकार का रिएक्शन आया है।

    बदरीनाथ धाम, केदारनाथ में गैर सनातियों के प्रवेश पर रोक के बीकेटीसी के फैसले का सरकार अध्ययन करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि बीकेटीसी का फैसला अभी सरकार के पास नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जब यह प्रस्ताव सरकार के पास आएगा, उसका एक्ट के अनुसार अध्ययन किया जाएगा। सभी पक्षों से चर्चा के करने के बाद ही अंतिम निर्णय किया जाएगा।


    प्रतिबंध गर्भगृह और मुख्य परिसर में लागू

    समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यह प्रतिबंध मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर के भीतर लागू होगा। उन्होंने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि केवल उन लोगों को ही धामों के दर्शन करने चाहिए जो सनातन धर्म में सच्ची श्रद्धा और विश्वास रखते हैं। गौरतलब है कि इस साल जनवरी में ही समिति ने ऐसे प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए थे, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है।


    चारधाम यात्रा के लिए 121 करोड़ बजट पास

    इसी बैठक में बीकेटीसी ने आगामी चारधाम यात्रा 2026-27 के लिए 121 करोड़ का बजट भी पास किया है। इस कुल राशि में से 57.5 करोड़ बदरीनाथ धाम और 63.6 करोड़ केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। साथ ही, मंदिर के पुजारियों (तीर्थ पुरोहितों) की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ बनाने के फैसले को भी बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है। यह कोष पुजारियों को वित्तीय सहायता और अन्य कल्याणकारी लाभ प्रदान करेगा।


    19 अप्रैल को खुल रहे कपाट

    2026 की यात्रा के लिए कपाट खुलने की तारीखें भी तय हो चुकी हैं। केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को खुलेंगे। हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर समिति ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।