Author: bharati

  • ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमला: तेल स्टोरेज टैंकों में लगी आग, सुल्तान ने ईरानी राष्ट्रपति से जताई नाराजगी, मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ा

    ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमला: तेल स्टोरेज टैंकों में लगी आग, सुल्तान ने ईरानी राष्ट्रपति से जताई नाराजगी, मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ा

     
     
     
    नई दिल्ली। ओमान के दक्षिणी शहर सलालाह के पोर्ट पर तेल स्टोरेज टैंकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले की सूचना मिली है। ओमानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ड्रोन हमले के बाद पोर्ट के फ्यूल स्टोरेज टैंकों में आग भड़क गई, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने पुष्टि की कि पोर्ट पर मौजूद किसी व्यापारी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा।
    घटना के बाद ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान को फोन कर इस हमले पर अपनी गहरी नाराजगी जताई। सुल्तान ने कहा कि ओमान मौजूदा संघर्ष में तटस्थ है और अपनी सुरक्षा व क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
    तुर्किये के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन ने मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि ईरान में जारी युद्ध को तुरंत रोकना होगा, वरना पूरा क्षेत्र आग की चपेट में आ सकता है। एर्दोआन ने कहा कि कूटनीति के माध्यम से ही इस संकट का समाधान संभव है और तुर्किये अभी भी दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
    इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बताया कि अमेरिका के सहयोग से चल रहा अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, और इस ऑपरेशन की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।
    इस बीच, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति पर असर को देखते हुए घोषणा की कि उसके 32 सदस्य देश आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में उतारेंगे। IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने बताया कि यह एजेंसी के इतिहास में सबसे बड़ा तेल रिलीज होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम युद्ध के कारण तेल आपूर्ति में आई बाधा को दूर करने के लिए उठाया गया है।
    28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात युद्ध से पहले के स्तर से केवल 10% तक ही पहुंच पाया है। IEA ने कहा कि आपातकालीन भंडार से तेल सदस्य देशों की परिस्थितियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाएगा।
    1974 में स्थापित IEA के इतिहास में यह छठी बार है जब सदस्य देश मिलकर रणनीतिक भंडार से तेल जारी कर रहे हैं। इससे पहले 1991 के खाड़ी युद्ध, 2005 के हरिकेन कैटरीना, 2011 के लीबिया युद्ध और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ऐसा कदम उठाया गया था। IEA के 32 सदस्य देशों में अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। भारत इस एजेंसी का सदस्य नहीं है, लेकिन 2017 से यह IEA का एसोसिएट देश है।
    ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमला, सुल्तान की नाराजगी, मध्यस्थता के प्रयास और 32 देशों द्वारा 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारने की योजना के बीच, मिडिल-ईस्ट में तनाव और ऊर्जा संकट गहराता दिखाई दे रहा है।

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  • मार्च में हैं घूमने का प्लान, तो सुकून और रिफ्रेशमेंट के लिए चुनें ये परफेक्ट डेस्टिनेशन्स

    मार्च में हैं घूमने का प्लान, तो सुकून और रिफ्रेशमेंट के लिए चुनें ये परफेक्ट डेस्टिनेशन्स


    नई दिल्ली। अगर आपको ट्रैवल करना पसंद है, तो नई जगहों को देखने और समझने की चाहत हमेशा बनी रहती होगी। हर सीजन की अपनी खासियत होती है, लेकिन कुछ डेस्टिनेशन ऐसे भी हैं जहां मार्च के महीने में जाना खास अनुभव दे सकता है। दरअसल, यह समय न तो कड़ाके की ठंड का होता है और न ही तेज गर्मी का, जिससे घूमना ज्यादा आरामदायक बन जाता है।

    अगर आप रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तनाव कम करना चाहते हैं और शांति भरे माहौल में वक्त बिताने का सोच रहे हैं, तो मार्च में ट्रिप प्लान करना एक अच्छा फैसला हो सकता है। इस दौरान आप ऐसी जगहों को चुन सकते हैं, जहां प्राकृतिक खूबसूरती, सुकून और हल्का-फुल्का मौसम आपके मूड को पूरी तरह फ्रेश कर दे। आइए हम आपको कुछ ऐसे ही जगहों के बारे में बतायेंगे।

    कूर्ग (कर्नाटक
    अगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मशहूर हिल स्टेशनों की कई बार यात्रा कर चुके हैं और इस बार कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो मार्च में कूर्ग जाने का प्लान बना सकते हैं। कर्नाटक में बसा कूर्ग अपनी प्राकृतिक खूबसूरती की वजह से “भारत का स्कॉटलैंड” कहलाता है। यहां फैले कॉफी के बागान, हरी-भरी पहाड़ियां, मनमोहक झरने और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं। प्रकृति के करीब समय बिताने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर हरियाली और सुकून की तलाश में हैं, तो कूर्ग का सफर आपको जरूर पसंद आएगा।

    ऋषिकेश (उत्तराखंड)
    अगर आप अब तक ऋषिकेश नहीं जा पाए हैं, तो मार्च का महीना यहां घूमने के लिए बेहतरीन मौका हो सकता है। उत्तराखंड में स्थित यह खूबसूरत शहर वसंत ऋतु में और भी आकर्षक हो जाता है। खासतौर पर मार्च और अप्रैल के दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है, जिससे यात्रा का आनंद दोगुना हो जाता है। सुबह के समय कई श्रद्धालु पवित्र गंगा नदी में स्नान कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। यहां का वातावरण मन को सुकून देता है और कुछ समय के लिए शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी को भुला देता है। सिर्फ शांति ही नहीं, रोमांच के शौकीनों के लिए भी यह जगह खास है। रिवर राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश देशभर में प्रसिद्ध है, जहां आप एडवेंचर और प्रकृति का बेहतरीन मेल महसूस कर सकते हैं।

    सिक्किम
    क्या आप कभी सिक्किम की वादियों तक पहुंचे हैं? अगर अब तक यह जगह आपकी ट्रैवल लिस्ट में ही है, तो मार्च इसका सही समय हो सकता है। वसंत ऋतु के दौरान यहां का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है और रंग-बिरंगे फूलों से सजी घाटियां मन मोह लेती हैं। प्राकृतिक नज़ारों के बीच बिताया गया समय आपके तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। ऊंचे-ऊंचे पहाड़, साफ हवा और शांत वातावरण यहां की सबसे बड़ी खासियत हैं। सिक्किम अपने खूबसूरत लैंडस्केप, प्राचीन बौद्ध मठों और रोमांचक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। एक बार यहां की वादियों को करीब से देखने के बाद आपका मन बार-बार इस शांत और सुंदर राज्य की ओर खिंच सकता है।

  • गर्मियों में भी रहेगा ग्लो बरकरार! बस रूटीन में करें ये 3 आसान बदलाव

    गर्मियों में भी रहेगा ग्लो बरकरार! बस रूटीन में करें ये 3 आसान बदलाव


    नई दिल्ली। गर्मियों की दस्तक के साथ ही त्वचा की परेशानियां भी सिर उठाने लगती हैं। तेज धूप, उमस और पसीने की वजह से चेहरा काला पड़ने लगता है और ऑयली स्किन वालों की समस्या दोगुनी हो जाती है। कई लोग महंगे क्रीम और फेसवॉश पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन सही रिजल्ट नहीं मिल पाता। दरअसल, गर्मियों में स्किन को खूबसूरत रखने का राज महंगे प्रोडक्ट्स में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में छिपा है। अगर आप अपनी डेली रूटीन में तीन छोटे लेकिन असरदार बदलाव कर लें, तो तपती धूप में भी चेहरा फ्रेश, साफ और चमकदार बना रह सकता है।

    चेहरा धोने का सही तरीका ही असली गेमचेंजर
    गर्मी में बार-बार चेहरा धोना आम आदत है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती भी साबित हो सकती है। जरूरत से ज्यादा फेसवॉश इस्तेमाल करने से त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है, जिससे स्किन और ज्यादा ऑयली बन जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में दो से तीन बार माइल्ड फेसवॉश से चेहरा साफ करना काफी है। बाहर से आने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धोना या हल्के छींटे मारना धूल-मिट्टी और पसीना हटाने में मदद करता है। वहीं रात को सोने से पहले चेहरा जरूर साफ करें, ताकि त्वचा को सांस लेने का मौका मिले और पोर्स बंद न हों।

    women skin careधूप में निकलना हो या घर की खिड़की के पास बैठना-सूरज की यूवी किरणें हर जगह असर डालती हैं। यही किरणें टैनिंग, पिग्मेंटेशन और झुर्रियों का कारण बनती हैं। इसलिए सनस्क्रीन को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कम से कम SPF 30 या उससे ज्यादा वाली सनस्क्रीन को बाहर निकलने से 20 मिनट पहले लगाएं। खास बात यह है कि हर 3 से 4 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है, खासकर अगर आप धूप में ज्यादा समय बिता रहे हों। यह त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बनाकर कालेपन और समय से पहले एजिंग से बचाती है।

    अंदर से ठंडक, बाहर से चमक
    सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि अंदर से शरीर को हाइड्रेट रखना भी उतना ही जरूरी है। गर्मियों में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए, ताकि शरीर से टॉक्सिन बाहर निकल सकें। अपनी डाइट में खीरा, तरबूज, संतरा और नींबू पानी जैसी चीजें शामिल करें, जो शरीर को ठंडक देती हैं। ज्यादा तेल-मसाले वाला और तला हुआ खाना कम करें, क्योंकि इससे पिंपल्स और ऑयली स्किन की समस्या बढ़ सकती है। जितना संतुलित और हल्का खानपान होगा, उतनी ही त्वचा प्राकृतिक रूप से दमकेगी।

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  • Gudi Padwa 2026: मराठी लुक को रॉयल बनाएंगी ये खूबसूरत नथ डिजाइन्स, त्योहार पर ट्राई करें लेटेस्ट स्टाइल

    Gudi Padwa 2026: मराठी लुक को रॉयल बनाएंगी ये खूबसूरत नथ डिजाइन्स, त्योहार पर ट्राई करें लेटेस्ट स्टाइल


    नई दिल्ली । गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र का एक प्रमुख और पारंपरिक त्योहार है जो न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि राज्य की समृद्ध संस्कृति परंपरा और फैशन का भी प्रतीक माना जाता है। इस खास अवसर पर महिलाएं पारंपरिक मराठी वेशभूषा जैसे पैठणी साड़ी या सिल्क साड़ी पहनती हैं और अपने लुक को पूरा करने के लिए पारंपरिक आभूषणों का विशेष ध्यान रखती हैं। महाराष्ट्रियन श्रृंगार में नथ का स्थान बेहद खास माना जाता है जो पूरे लुक को आकर्षक और रॉयल बना देती है।

    गुड़ी पड़वा के मौके पर महिलाएं अलग अलग प्रकार की नथ पहनकर अपने पारंपरिक लुक में चार चांद लगा सकती हैं। फैशन एक्सपर्ट्स के अनुसार आजकल पारंपरिक डिजाइन्स के साथ मॉडर्न स्टाइल का कॉम्बिनेशन भी काफी पसंद किया जा रहा है।

    पारंपरिक पेशवाई नथ

    पेशवाई नथ को मराठी नथ का सबसे पारंपरिक और रॉयल रूप माना जाता है। इसमें लाल और हरे रंग के नगों के साथ मोतियों का खूबसूरत काम किया जाता है। यदि आप गुड़ी पड़वा पर भारी काम वाली पैठणी साड़ी पहन रही हैं तो पेशवाई नथ आपके पूरे लुक को महारानी जैसा भव्य बना सकती है।

    स्लीक ब्राह्मणी नथ
    जो महिलाएं सादगी और एलिगेंस पसंद करती हैं उनके लिए ब्राह्मणी नथ एक बेहतरीन विकल्प है। यह डिजाइन थोड़ा लंबा और पतला होता है और इसमें छोटे छोटे मोतियों का काम किया जाता है। यह खासतौर पर सिल्क साड़ियों के साथ बहुत आकर्षक लगता है।

    डायमंड और पोलकी नथ
    आजकल पारंपरिक नथ डिजाइन्स में मॉडर्न टच भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। गोल्ड के साथ डायमंड या पोलकी वर्क वाली नथ युवतियों के बीच खासा ट्रेंड में है। यह डिजाइन हैवी मेकअप और फेस्टिव लुक के साथ बेहद स्टाइलिश दिखाई देता है।

    मोती जड़ाऊ नथ

    अगर आपकी साड़ी हल्के रंग की है तो सफेद मोतियों वाली जड़ाऊ नथ आपके लुक को और भी खूबसूरत बना सकती है। यह चेहरे पर एक फ्रेश और ब्राइट लुक देती है और पारंपरिक के साथ साथ एलिगेंट स्टाइल भी प्रदान करती है।

    क्लिप ऑन नथ
    आजकल उन लड़कियों के लिए भी कई विकल्प मौजूद हैं जिनकी नाक छिदी हुई नहीं है। क्लिप ऑन नथ को आसानी से पहना जा सकता है और यह दिखने में बिल्कुल असली नथ जैसी लगती है। इस वजह से यह युवतियों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।

    इसके अलावा नथ चुनते समय चेहरे के आकार का भी ध्यान रखना जरूरी है। यदि आपका चेहरा गोल है तो थोड़ी लंबी नथ चुनना बेहतर माना जाता है जिससे चेहरा स्लिम दिखाई देता है। वहीं लंबे चेहरे वाली महिलाओं पर छोटी और गोल नथ ज्यादा अच्छी लगती है। गुड़ी पड़वा के इस खास अवसर पर सही नथ का चुनाव करके महिलाएं अपने पारंपरिक मराठी लुक को और भी आकर्षक और स्टाइलिश बना सकती हैं।

  • Indian Wells Open: Yuki Bhambri-Andre Goransson की जोड़ी ने बनाई सेमीफाइनल में जगह

    Indian Wells Open: Yuki Bhambri-Andre Goransson की जोड़ी ने बनाई सेमीफाइनल में जगह


    नई दिल्ली। भारतीय टेनिस खिलाड़ी युकी भांबरी और उनके स्वीडिश जोड़ीदार आंद्रे गोरान्सन ने शानदार खेल दिखाते हुए इंडियन वेल्स ओपन के पुरुष डबल्स सेमीफाइनल में जगह बना ली है। गुरुवार सुबह खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इस जोड़ी ने ऑस्ट्रिया के Alexander Erler और इटली के Andrea Vavassori की मजबूत जोड़ी को 6-3, 7-6(2) से हराया। मुकाबले में भांबरी और गोरान्सन ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले सेट को 6-3 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन टाईब्रेक में इस जोड़ी ने शानदार नियंत्रण दिखाते हुए मैच जीतकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

    मास्टर्स 1000 स्तर पर भांबरी का पहला सेमीफाइनल
    यह उपलब्धि युकी भांबरी के करियर के लिए काफी अहम मानी जा रही है। एटीपी मास्टर्स 1000 स्तर के किसी टूर्नामेंट में यह उनका पहला सेमीफाइनल है। इससे पहले वह दो बार इस स्तर के टूर्नामेंट में डबल्स क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे। उन्होंने Indian Wells 2025 में आंद्रे गोरान्सन के साथ और Miami Open में Nuno Borges के साथ क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। इस बार सेमीफाइनल में पहुंचकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।

    पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय
    भांबरी और गोरान्सन की जोड़ी इस टूर्नामेंट में अब तक शानदार लय में दिखाई दी है। खास बात यह है कि दोनों खिलाड़ियों ने अभी तक एक भी सेट नहीं गंवाया है। राउंड ऑफ 16 में उन्होंने नीदरलैंड के Sander Arends और चेक गणराज्य के Jiří Lehečka की जोड़ी को 6-4, 6-4 से हराया था। इससे पहले पहले दौर में उन्होंने David Pel और Fabrice Martin की जोड़ी को 6-1, 6-3 से हराकर अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत की थी। लगातार सीधे सेटों में जीत से इस जोड़ी का आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ है।

    सेमीफाइनल में कड़ी चुनौती
    अब सेमीफाइनल में भांबरी और गोरान्सन की जोड़ी का सामना रूस के Karen Khachanov और Andrey Rublev की जोड़ी तथा फ्रांस के Arthur Rinderknech और मोनाको के Valentin Vacherot की जोड़ी के बीच होने वाले मुकाबले के विजेताओं से होगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज करने वाली जोड़ी फाइनल में जगह बनाएगी। ऐसे में भांबरी और गोरान्सन के सामने कड़ी चुनौती होगी, लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनसे एक और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

    एटीपी रैंकिंग में भी बड़ी उपलब्धि
    हाल ही में युकी भांबरी ने एटीपी डबल्स रैंकिंग में भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पिछले महीने वह विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर पहुंचे, जो उनके करियर की अब तक की सर्वोच्च रैंकिंग है। इसके साथ ही वह Rohan Bopanna के बाद टॉप-20 में जगह बनाने वाले पहले भारतीय पुरुष डबल्स खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन का परिणाम मानी जा रही है।

    पिछले सीजन से शानदार फॉर्म में
    युकी भांबरी पिछले कुछ समय से डबल्स टेनिस में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने 2025 सीजन में कई बड़े टूर्नामेंटों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। US Open में वह न्यूजीलैंड के Michael Venus के साथ सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। हालांकि वहां उन्हें ब्रिटेन की जोड़ी Joe Salisbury और Neal Skupski से कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।

    दुबई में जीता पहला एटीपी 500 खिताब
    मार्च 2025 में भांबरी ने अपने करियर का पहला एटीपी 500 डबल्स खिताब भी जीता था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के Alexei Popyrin के साथ मिलकर Dubai Tennis Championships में यह उपलब्धि हासिल की थी। फाइनल मुकाबले में उन्होंने फिनलैंड के Harri Heliövaara और ब्रिटेन के Henry Patten को रोमांचक मुकाबले में 3-6, 7-6(12), 10-8 से हराया था। एक समय यह जोड़ी मैच हारने के करीब थी, लेकिन चार मैच पॉइंट बचाकर उन्होंने शानदार वापसी की और खिताब अपने नाम कर लिया।

  • IPL 2026 के शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल जारी: 28 मार्च को RCB-SRH का ओपनिंग मुकाबला, एम चिन्नास्वामी में सुरक्षा पर विशेष ध्यान

    IPL 2026 के शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल जारी: 28 मार्च को RCB-SRH का ओपनिंग मुकाबला, एम चिन्नास्वामी में सुरक्षा पर विशेष ध्यान


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के पहले 20 मैचों का शेड्यूल बुधवार को आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। इस बार भी टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला 28 मार्च को बेंगलुरु के प्रतिष्ठित एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा।

    बेंगलुरु का एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पिछले साल RCB के पहले IPL खिताब के बाद हुई विक्ट्री परेड की वजह से सुर्खियों में आया था। 4 जून 2025 को हुई उस परेड के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मची थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और 33 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस कारण इस बार स्टेडियम में मैचों के लिए विशेष सुरक्षा और एक्सपर्ट निरीक्षण का इंतजाम किया जाएगा। कर्नाटक सरकार की एक्सपर्ट कमेटी 13 मार्च को मैदान का निरीक्षण करेगी, जिसके बाद ही ओपनिंग मुकाबले की अनुमति दी जाएगी।

    IPL 2026 के पहले फेज में 16 दिन में कुल 20 मैच खेले जाएंगे, जिनमें चार डबल हेडर शामिल हैं। मुंबई इंडियंस (MI) अपनी पांचवीं चैंपियन टीम के रूप में 29 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में अपना पहला मैच खेलेगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ गुवाहाटी में अपना अभियान शुरू करेगी। इस सीजन CSK में ऋतुराज गायकवाड की कप्तानी में संजू सैमसन भी खेलते दिखेंगे, जिन्होंने हाल ही में T20 वर्ल्ड कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता है।

    देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के कारण इस बार IPL की शुरुआत दो दिन टालकर 28 मार्च की गई है। इन चुनाव वाले राज्यों के प्रमुख स्टेडियम जैसे एमए चिदंबरम (चेन्नई), ईडन गार्डन्स (कोलकाता), बारसापारा स्टेडियम (गुवाहाटी) और एम चिन्नास्वामी (बेंगलुरु) में मैचों का संचालन किया जाएगा। चुनाव और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट के दूसरे फेज का शेड्यूल चुनावों के बाद जारी किया जाएगा।

    RCB ने पिछले सीजन के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार IPL खिताब जीता था। इसलिए परंपरा के अनुसार इस बार भी ओपनिंग मैच, क्वालिफायर-2 और फाइनल मुकाबला RCB के होम ग्राउंड एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रखा गया है।

    सुरक्षा एजेंसियों ने इस बार स्टेडियम के बाहर और भीतर अतिरिक्त पुलिस और भीड़ नियंत्रण प्रबंध करने का आदेश दिया है। विक्ट्री परेड में हुई दुर्घटना की याद को ध्यान में रखते हुए आयोजक और स्थानीय प्रशासन ने सभी सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा पूरी कर ली है।

    इस तरह IPL 2026 का आगाज न केवल रोमांचक मुकाबलों से होगा, बल्कि पिछले साल की घटनाओं से सीख लेकर सुरक्षा के सख्त इंतजामों के साथ होगा। खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी।

  • ग्वालियर में बेटे ने पिता और बेटी को बेरहमी से पीटा, गृहस्थी का सामान महिला मित्र के घर ले गया

    ग्वालियर में बेटे ने पिता और बेटी को बेरहमी से पीटा, गृहस्थी का सामान महिला मित्र के घर ले गया



    ग्वालियर । ग्वालियर की पुरानी छावनी बाथम मोहल्ला में एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 72 वर्षीय रामदास तोमर और उनकी बेटी मोहिनी तोमर अपने ही बेटे राजेश तोमर की हिंसक हरकतों का शिकार बन गए। आरोप है कि राजेश ने अपनी महिला मित्र रेखा बाथम के लिए पूरे परिवार और गृहस्थी को जोखिम में डालते हुए घर से सभी कीमती सामान अपने साथ ले लिया और पिता-पुत्री को जमकर पीटा।

    रामदास तोमर ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनका बेटा राजेश शराब पीने का आदी बन चुका है और अक्सर घर में मारपीट करता है। उनकी बहू और बच्चों के साथ भी वह अक्सर मारपीट करता था। इस बार राजेश ने परिवार की गैरमौजूदगी में घर से पूरे गृहस्थी का सामान निकाल लिया। जब रामदास और उनकी बेटी मोहिनी सामान लेने उनके घर गए, तो राजेश ने उन्हें पीटा। इस दौरान उसकी महिला मित्र रेखा बाथम ने भी बेटी पर हमला किया। घटना के बाद पिता-पुत्री को मानसिक और शारीरिक चोटें आईं, और उन्हें स्थानीय पुलिस के पास शिकायत दर्ज करानी पड़ी।

    पुलिस ने बताया कि रेखा बाथम बाथम मोहल्ला में रहती है और राजेश उसका टेंपो चलाता है। घटना के समय रेखा के बच्चे और परिवार अपने गांव गए हुए थे, जिससे राजेश को मौका मिला और उसने रात के समय घर से दो बार सामान भरकर ले गया। केवल एक ड्रम और टब जैसी कुछ वस्तुएं छोड़ दी गईं।

    रामदास ने बताया कि राजेश की महिला मित्र के लिए अति लगाव ने उसे परिवार और जिम्मेदारियों से दूर कर दिया। अपने पिता और बेटी के साथ हिंसा करने के बाद राजेश ने गृहस्थी का सामान अपने प्रेम संबंध के घर पहुंचा दिया। पुलिस ने कहा कि इस मामले में पिता की शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

    पुरानी छावनी थाना पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और उसकी महिला मित्र की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि परिवार और समाज दोनों सुरक्षित रह सकें।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना परिवारिक संबंधों में आए तनाव, अविवेकपूर्ण संबंध और व्यक्तिगत लालच का एक गंभीर उदाहरण है। इसके साथ ही यह समाज और समुदाय के लिए चेतावनी भी है कि अविवेकपूर्ण निर्णय और गलत संगति किस हद तक हिंसा और पारिवारिक विवाद में बदल सकते हैं।

  • भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई

    भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई



    नई दिल्ली। भोपाल नगर निगम ने कल्पना नगर स्थित कम्यूनिटी हॉल को लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। निगम को कॉलोनीवासियों द्वारा सूचना मिली थी कि इस भवन में अवैध रूप से मदरसा संचालित किया जा रहा है। शिकायत के बाद नगर निगम के जोन 15 के अमले और अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वार्ड 64 में स्थित कम्यूनिटी हॉल को खाली कराया।

    निगम अधिकारियों के अनुसार, कम्यूनिटी हॉल में मदरसा संचालित होने की जानकारी मिलने पर जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह ने संचालिका रूशदा सुल्तान को पहले नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद मदरसा संचालिका ने भवन खाली नहीं किया, जिसके बाद बुधवार को निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया और कम्यूनिटी हॉल को कब्जे से मुक्त करवा दिया।

    नगर निगम की इस कार्रवाई से कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि निगम ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं देगा और शहर में किसी भी सरकारी या सार्वजनिक भवन पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    निगम की यह कार्रवाई न केवल अवैध कब्जों को समाप्त करने के लिए बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और कानूनी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भविष्य में भी निगम ऐसे मामलों पर सतर्कता बनाए रखेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल नगर निगम शहर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

  • भोपाल संभाग में डेवलपमेंट प्लान पर एसीएस की बैठक: पानी की समस्या और नगरीय विकास पर जोर, विधायकों ने ग्रीष्मकालीन पानी संकट उजागर किया

    भोपाल संभाग में डेवलपमेंट प्लान पर एसीएस की बैठक: पानी की समस्या और नगरीय विकास पर जोर, विधायकों ने ग्रीष्मकालीन पानी संकट उजागर किया


    भोपाल। भोपाल संभाग की विकास योजनाओं और शासकीय नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय कुमार शुक्ला ने बुधवार को कमिश्नर ऑफिस में अहम बैठक की। बैठक में संभाग के विभिन्न जिलों से जुड़े कलेक्टर, जिपं सीईओ और विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्य चर्चा का केंद्र पानी से जुड़े मुद्दे, पेयजल आपूर्ति, अधोसंरचना विकास और स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग रहा।

    बैठक में भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी, सांची विधायक प्रभुराम चौधरी, शमशाबाद विधायक सूर्यप्रकाश मीणा, नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा और बैरसिया विधायक विष्णु खत्री उपस्थित रहे। अन्य जिलों के विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    एसीएस शुक्ला ने पानी आपूर्ति, नल-जल योजना और जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि समूह पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना प्राथमिकता होनी चाहिए। शुक्ला ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों और विधायकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें और उनके द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

    स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए शुक्ला ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और आंगनवाड़ियों की संचालन मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए। किसी भी कमी या अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

    अधोसंरचना और नगरीय विकास के तहत, उन्होंने अमृत-2.0 योजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों और सार्वजनिक ढांचों को जीर्ण-शीर्ण अवस्था में न छोड़ा जाए। शहरों की बाहरी सीमाओं पर बहुद्देश्यीय विकास परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि शहरी विकास नियोजित रूप में हो।

    बैठक में दोहरा प्रभार वाले अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे संबंधित कार्यस्थलों पर नियमित समीक्षा के लिए उपस्थित रहें और किसी प्रकार की बाधा रोकें। साथ ही, बांधों और अधिग्रहीत भूमि का शीघ्र नामांतरण संबंधित विभागों के नाम करने के निर्देश भी दिए गए।

    एसीएस शुक्ला ने स्पष्ट किया कि शहरों के विकास और नागरिक सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय अनिवार्य है। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

  • भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली

    भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली


    भोपाल। भोपाल नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कल्पना नगर स्थित एक कम्यूनिटी हॉल को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई कॉलोनीवासियों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सामुदायिक उपयोग के लिए बने इस भवन पर कब्जा कर वहां मदरसे का संचालन किया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार यह मामला वार्ड क्रमांक 64 के कल्पना नगर इलाके का है, जहां लंबे समय से कम्यूनिटी हॉल में निजी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को लिखित शिकायत देकर बताया था कि जिस भवन का उपयोग क्षेत्र के सामाजिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए, वहां अवैध रूप से मदरसा चलाया जा रहा है, जिससे कॉलोनीवासियों को असुविधा हो रही है।

    शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के जोन क्रमांक 15 के अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित संचालिका को भवन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह की ओर से संचालिका रूशदा सुल्तान को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कम्यूनिटी हॉल से तत्काल सामान हटाकर भवन खाली कर दिया जाए।

    हालांकि तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब भवन खाली नहीं किया गया तो निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। बुधवार को अतिक्रमण निरोधक दस्ते और जोन क्रमांक 15 के अमले ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने कम्यूनिटी हॉल में रखा सामान हटवाया और भवन को पूरी तरह खाली कराकर नगर निगम के कब्जे में ले लिया।

    कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामुदायिक भवनों का उपयोग केवल सार्वजनिक और सामाजिक कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन भवनों का निजी उपयोग करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों की लगातार निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि सामुदायिक भवनों का उपयोग उनके वास्तविक उद्देश्य के अनुसार ही हो सके।