Author: bharati

  • हरित प्रदेश’ की ओर यूपी! 9 साल में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए

    हरित प्रदेश’ की ओर यूपी! 9 साल में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए


    नई दिल्ली उत्तर प्रदेश को विकास के साथ-साथ हरियाली की नई पहचान देने की दिशा में Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार अभियान चला रही है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश भर में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य का वनाच्छादन भी बढ़ा है और यूपी अब ‘हरित प्रदेश’ की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाता दिख रहा है।

    वन क्षेत्र में 559.19 वर्ग किमी की बढ़ोतरी
    Forest Survey of India की ‘भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार उत्तर प्रदेश के वनाच्छादन में 559.19 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी व्यापक स्तर पर चलाए गए पौधरोपण अभियानों का परिणाम मानी जा रही है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सत्ता संभालने के बाद से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता में रखा। हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस और वर्षाकाल के दौरान राज्यव्यापी पौधरोपण अभियान चलाया जाता है, जिसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री करते हैं।

    एक दिन में 37.21 करोड़ पौधे
    प्रदेश में पिछले वर्ष 9 जुलाई को एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया। यह अभियान जनभागीदारी के साथ संचालित हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।

    इतना ही नहीं, वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे में 2,51,446 पौधों का रोपण कर नया इतिहास रचा गया। इस उपलब्धि पर Guinness World Records के जज ऋषिनाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा।

    चीन का पुराना रिकॉर्ड टूटा
    सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित ‘शहरी वन’ ने विश्व स्तर पर पहचान बनाई। इससे पहले 10 मार्च 2018 को चीन की हेनान प्रांतीय समिति ने 1,53,981 पौधों का रोपण कर रिकॉर्ड बनाया था, जिसे काशीवासियों ने पीछे छोड़ दिया।

    इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन का परिणाम बताया जा रहा है।

    ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ और जनजागरण
    प्रदेश सरकार ने 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 नवजातों को ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ प्रदान किए। उनके अभिभावकों को फलदार, लकड़ी और सहजन जैसी प्रजातियों के पौधे दिए गए। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी व्यापक सराहना मिली।

    साथ ही, गांवों में ‘ग्रीन चौपाल’ की शुरुआत कर पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की कोशिश की गई है। अब तक 15,000 से अधिक ग्रामसभाओं में ग्रीन चौपाल आयोजित की जा चुकी हैं, जहां महीने में कम से कम एक बैठक अनिवार्य है।

    2026 में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य
    वर्षाकाल 2026 के लिए सरकार ने 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ रुपये और राज्य प्रतिकारात्मक वनरोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जनभागीदारी इसी तरह बनी रही, तो यूपी न केवल विकास बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

  • सावधान! वेज बर्गर के नाम पर खिला दिया सूअर का मांस; सतना की पिज्जा शॉप पर ₹8 लाख का हर्जाना, 9% ब्याज भी देना होगा

    सावधान! वेज बर्गर के नाम पर खिला दिया सूअर का मांस; सतना की पिज्जा शॉप पर ₹8 लाख का हर्जाना, 9% ब्याज भी देना होगा

    मध्य प्रदेश के सतना जिले से फास्ट फूड के शौकीनों को सतर्क कर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक नामी मल्टीनेशनल पिज्जा कंपनी की ब्रांच को ग्राहक की धार्मिक भावनाओं को आहत करना और सेवा में गंभीर लापरवाही बरतना बेहद भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता फोरम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पिज्जा कंपनी पर 8 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह फैसला शहर की निवासी नैंसी तिवारी और उनके पति सूरज तिवारी द्वारा करीब डेढ़ साल तक लड़ी गई कानूनी लड़ाई के बाद आया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की आस्था और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    यह विचलित कर देने वाली घटना 31 अक्टूबर 2024, दीपावली के पावन पर्व पर घटी थी। पीड़ित दंपति सिविल लाइन पन्ना नाका मार्ग स्थित इस मशहूर पिज्जा शॉप पर डिनर के लिए गए थे। उन्होंने पूरी तरह शाकाहारी (वेज) पिज्जा और बर्गर का ऑर्डर दिया था। जैसे ही उन्होंने बर्गर खाना शुरू किया, उन्हें स्वाद में गड़बड़ी महसूस हुई और अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। जब उन्होंने बर्गर की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए; वेज बर्गर के नाम पर उन्हें सूअर का मांस Pork परोस दिया गया था। इस भयंकर चूक के बाद जब दंपति ने संचालक से शिकायत की, तो प्रबंधन ने अपनी गलती मानने के बजाय ग्राहकों की बात को अनसुना कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

    न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार ने पहले पुलिस और फिर जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सितंबर 2025 में एफआईआर दर्ज की थी। फोरम में अधिवक्ता करुणेश अरोरा ने मजबूती से साक्ष्य पेश किए, जिसके बाद 27 फरवरी 2026 को फोरम ने अपना अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिज्जा कंपनी को मानसिक संताप और सेवा में कमी का दोषी पाते हुए 8 लाख रुपये का मुआवजा, 10 हजार रुपये कानूनी खर्च और पूरी राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया है। कंपनी को यह राशि एक माह के भीतर जमा करनी होगी, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • ईरान के गेराश इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप, अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच बढ़ी मुश्किलें

    ईरान के गेराश इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप, अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच बढ़ी मुश्किलें


    तेहरान। अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बीच मंगलवार दोपहर ईरान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। दक्षिणी ईरान के गेराश इलाके में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई। सैन्य हमलों से पहले ही तनाव झेल रहे देश में भूकंप के झटकों ने आम लोगों और प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी।

    यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक गेराश के पास आया यह 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल सूचना नहीं है, हालांकि स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पूरी स्थिति स्पष्ट होने में कुछ समय लग सकता है।

    हमलों के बीच कांपा ईरान
    इजरायल और अमेरिका ने शनिवार से ईरान पर अपने हमले तेज कर रखे हैं। इन एयरस्ट्राइक में देश के कई हिस्सों में भारी तबाही की खबरें हैं। मंगलवार को तेहरान से लगभग 800 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित केरमान एयर बेस पर हुए हमले में कम से कम 13 ईरानी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है। बताया गया है कि एक सैन्य हेलीकॉप्टर को निशाना बनाकर हमला किया गया।

    अमेरिका और इजरायल का कहना है कि उनका उद्देश्य ईरान के मिसाइल भंडार और सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेता और सैन्य अधिकारी मारे गए हैं।

    लंबे अभियान की तैयारी
    इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा है कि उनकी सेना ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले अभियान की तैयारी कर रही है। हालांकि फिलहाल जमीनी सेना उतारने की कोई योजना नहीं है और हवाई हमलों के जरिए ही ईरान की सैन्य क्षमता और सत्ता ढांचे को कमजोर किया जाएगा।

    ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है। मिसाइल हमलों के जरिए इजरायल और अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने इजरायल के अलावा सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागी हैं। सैन्य तनाव के इस दौर में आए भूकंप ने हालात को और जटिल बना दिया है, जिससे प्रभावित इलाकों में दहशत और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

  • 230 अधिकारियों की कार्रवाई बेअसर! हटाए गए कब्जे के बाद फिर बस गई टपरियां, वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण

    230 अधिकारियों की कार्रवाई बेअसर! हटाए गए कब्जे के बाद फिर बस गई टपरियां, वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण


    नई दिल्ली। तीन साल से जारी अतिक्रमण के खिलाफ 27 फरवरी को प्रशासन ने 230 कर्मचारियों की मौजूदगी में कार्रवाई कर टपरियां हटाईं और जमीन पर गड्ढे खोदे थे। बावजूद इसके, कुछ ही दिनों में फिर से उसी जगह पर टपरियां बनाकर दोबारा कब्जा कर लिया गया।

    तीन साल से वन भूमि पर जारी अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने 27 फरवरी को बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश देने की कोशिश की थी, लेकिन हालात फिर वहीं के वहीं नजर आ रहे हैं। वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने उस दिन मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाया था। कार्रवाई में वन विभाग के एसडीओ अनिल विश्वकर्मा, तहसीलदार कीर्ति प्रधान, एसडीओपी महेंद्र चौहान और थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर मौजूद रहे। करीब 230 वनकर्मी, पुलिस जवान और राजस्व अमले ने मिलकर अवैध कब्जे हटाए थे।

    कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों द्वारा बनाई गई अस्थायी टपरियों को तोड़ा गया और जमीन को दोबारा खेती या कब्जे से बचाने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे भी खोदे गए थे। प्रशासन का मकसद साफ था—वन भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर भविष्य में दोबारा कब्जा न होने देना। उस समय अधिकारियों ने दावा किया था कि अब दोबारा यहां कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और क्षेत्र की नियमित निगरानी की जाएगी।

    लेकिन कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद तस्वीर बदलती दिख रही है। उसी जमीन पर फिर से टपरियां खड़ी कर दी गई हैं। इससे साफ है कि अतिक्रमणकारियों के हौसले अब भी बुलंद हैं और प्रशासनिक सख्ती का असर लंबे समय तक नहीं टिक पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर लगातार निगरानी और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वन भूमि पर कब्जे का सिलसिला फिर से बढ़ सकता है।

    यह सवाल भी उठ रहा है कि जब इतनी बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई थी, तो उसके बाद क्षेत्र की निगरानी क्यों कमजोर पड़ गई। वन भूमि पर बार-बार कब्जा होना न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन दोबारा सख्ती दिखाता है या अतिक्रमण का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

  • दुबई में फंसे भारतीयों को लेकर दिल्‍ली पहुंची पहली फ्लाइट, 149 लौटे स्‍वदेश

    दुबई में फंसे भारतीयों को लेकर दिल्‍ली पहुंची पहली फ्लाइट, 149 लौटे स्‍वदेश

    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दुबई में फंसे भारतीयों को लेकर एयर इंडिया की पहली फ्लाइट मंगलवार सुबह नई दिल्ली पहुंची तो यात्रियों के चेहरों पर राहत साफ झलक रही थी। फ्लाइट एआई916डी सुबह करीब 11 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। वीटी-ईडीसी एयरक्राफ्ट में कुल 149 यात्री सवार थे। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले तथा ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए थे। ऐसे माहौल में यह पहली उड़ान थी, जिसके जरिए यात्रियों को सुरक्षित भारत लाया गया। इससे पहले एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 143 कॉकपिट और केबिन क्रू सदस्यों को भी सुरक्षित दिल्ली लाया गया था, जो दुबई में फंसे हुए थे। भारत लौटे यात्रियों ने राहत की सांस लेते हुए सरकार और एयरलाइन का आभार जताया।

    एयर इंडिया ने जताया आभार
    एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा हालात में उनकी टीम लगातार समन्वय के साथ काम कर रही है और स्थिति को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। एयरलाइन ने सहयोग के लिए भारत सरकार, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और दुबई के स्थानीय अधिकारियों का धन्यवाद किया। साथ ही यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही अनुमति मिलेगी, और उड़ानें संचालित की जाएंगी।

    अबू धाबी-बेंगलुरु फ्लाइट से भी लौटी राहत
    सैन्य अभियानों के बाद पश्चिम एशिया के बड़े हिस्से में अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया था, जिससे खाड़ी देशों और भारत के बीच कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि हवाई क्षेत्र के चरणबद्ध तरीके से खुलने के बाद कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ सीमित निकासी और वापसी उड़ानें शुरू की गईं। अबू धाबी से बेंगलुरु पहुंची फ्लाइट के यात्रियों ने बताया कि संघर्ष के दौरान हालात बेहद भयावह थे। एक यात्री ने कहा कि एयरलाइन ने होटल में ठहरने की व्यवस्था की थी, जहां आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती थीं और मिसाइलों को रोके जाने की घटनाएं दिख रही थीं। भारत लौटने पर उन्हें बड़ी राहत महसूस हुई।

    एक अन्य यात्री ने बताया कि एतिहाद एयरवेज ने रद्द उड़ानों से प्रभावित यात्रियों के लिए होटल और अन्य सहायता उपलब्ध कराई और अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंसे लोगों की देखभाल की। इस बीच भारत की प्रमुख विमानन कंपनियों एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर और स्पाइसजेट ने मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से स्थगित कर दी थीं। खाड़ी मार्गों पर निर्भर कुछ यूरोप जाने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुईं।

    डीजीसीए की एहतियाती सलाह
    नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एहतियात के तौर पर कई पश्चिम एशियाई देशों के ऊपर के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी थी और यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए थे। इन व्यवधानों के कारण हजारों यात्री पश्चिम एशिया और भारत में फंसे रहे। अब सीमित उड़ानों की बहाली के साथ स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, हालांकि सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • आज का पंचांग और होलिका दहन: राहुकाल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक आयोजन

    आज का पंचांग और होलिका दहन: राहुकाल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक आयोजन

     
    नई दिल्ली :आज 3 मार्च 2026 मंगलवार को फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि है और पूरे देश में होलिका दहन का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि आज शाम 5:07 बजे तक रहेगी और इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। सूर्योदय आज प्रातः 6:44 बजे होगा और सूर्यास्त सायं 6:22 बजे होगा।

    चंद्रमा आज सिंह राशि में मघा नक्षत्र में विराजमान हैं और यह नक्षत्र प्रातः 7:31 बजे तक रहेगा। मघा नक्षत्र के देवता पितृ माने गए हैं, इसलिए आज का दिन पूर्वजों के स्मरण, आशीर्वाद और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस दिन की पूजा और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फलदायक होते हैं। चंद्रोदय सायं 6:21 बजे होगा और चंद्रास्त नहीं होगा, जिससे पूर्णिमा की रात विशेष महत्व रखती है।

    ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो सूर्य, मंगल, बुध और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं। गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में, जबकि शुक्र और शनि मीन राशि में विराजमान हैं और केतु सिंह राशि में हैं। इन ग्रहों की स्थिति सामाजिक सक्रियता और धार्मिक आयोजनों को बल देने वाली मानी जाती है।

    आज का योग ‘सुकर्मा’ है, जो प्रातः 10:25 बजे तक रहेगा। यह योग नए कार्यों की शुरुआत और प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। करण बव आज सायं 5:07 बजे तक रहेगा और इसके बाद अगले दिन प्रातः 4:54 बजे तक अन्य करण प्रभावी रहेगा।

    शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से 12:56 बजे तक है। इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेना, पूजा-अर्चना करना और नए कार्य की शुरुआत करना लाभकारी माना जाता है। अमृत काल 4 मार्च की प्रातः 1:13 बजे से 2:49 बजे तक रहेगा।

    अशुभ समय में राहुकाल दोपहर 3:28 बजे से 4:55 बजे तक रहेगा, इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए। गुलिकाल दोपहर 12:33 बजे से 2:00 बजे तक है और यमगण्ड प्रातः 9:39 बजे से 11:06 बजे तक रहेगा। धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि राहुकाल के समय किसी भी निर्णय या पूजा से बचना चाहिए और शुभ मुहूर्त का ही पालन करना चाहिए।

    देशभर में होलिका दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पूर्णिमा तिथि पर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और रात्रि में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक आस्थावानों को सलाह दी गई है कि इस दिन दान-पुण्य करें, पारिवारिक एकता बनाए रखें और आध्यात्मिक साधना में समय दें।

    पूर्णिमा और मघा नक्षत्र का यह संयोजन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी है। यह दिन न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त है बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मेल-जोल के लिए भी महत्वपूर्ण है। पंचांग के जानकारों के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करने से मनोकामना पूरी होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    आज का दिन आध्यात्मिक जागरूकता और धार्मिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राहुकाल में सतर्क रहने और शुभ मुहूर्त का लाभ उठाने से सभी कार्य सफल और फलदायी होंगे। होलिका दहन के साथ यह पूर्णिमा तिथि जीवन में अच्छाई और समृद्धि का संदेश लेकर आती है।

  • कतर सरकार की सख्त अपील: घटनास्थल की फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर न करें पोस्ट

    कतर सरकार की सख्त अपील: घटनास्थल की फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर न करें पोस्ट


    नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चौथे दिन कतर और बहरीन की सरकारों ने नागरिकों के लिए अहम सार्वजनिक नोटिस जारी किए हैं। कतर के आंतरिक मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से अपील की है कि वे किसी भी घटना से जुड़ी वीडियो क्लिप या तस्वीरें साझा न करें और घटनास्थल के आसपास इकट्ठा होने से बचें।

    मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि चल रहे फील्ड ऑपरेशन या घटनास्थल से जुड़ा कंटेंट शूट कर उसे प्रकाशित करना कानूनी जवाबदेही का कारण बन सकता है। बयान में कहा गया कि ऐसी गतिविधियों से संबंधित अधिकारियों के काम में बाधा आती है, जिससे रिस्पॉन्स स्पीड और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

    भीड़ न जुटाएं, अफवाहों से बचें
    कतर के अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी दुर्घटना या हमले की जगह पर जाने, भीड़ लगाने या वहां की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालने से बचें। सरकार का जोर इस बात पर है कि संवेदनशील हालात में सुरक्षा एजेंसियों को बिना व्यवधान काम करने दिया जाए।

    Ministry of Interior Bahrain की भी चेतावनी
    इसी बीच बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने भी नागरिकों और निवासियों से शांत और सतर्क रहने की अपील की है। एक्स पर जारी संदेश में बताया गया कि सायरन बज चुका है और सभी लोग अपने नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। मंत्रालय ने लोगों से संयम बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है।

    तेहरान में एयरस्ट्राइक की खबर
    ईरान के ‘शारघ’ अखबार के मुताबिक, तेहरान के डाउनटाउन इलाके में पुरानी संसद भवन के पास एयरस्ट्राइक हुई है। हमला वलियासर और जामी स्ट्रीट के चौराहे के पास बताया जा रहा है, जहां कई सांस्कृतिक स्थल और संग्रहालय स्थित हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    Islamic Revolutionary Guard Corps का दावा
    आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने बहरीन के शेख ईसा इलाके में स्थित एक अमेरिकी एयर बेस पर बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला किया। संगठन के अनुसार 20 ड्रोन और तीन मिसाइलें दागी गईं, जिससे “एयर बेस की मुख्य कमांड और मुख्यालय इमारत तबाह हो गई और ईंधन टैंक में आग लग गई।” इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    बढ़ती मानवीय चिंता
    अमेरिका स्थित मानवाधिकार संस्था Human Rights Activists News Agency (एचआरएएनए) के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार शाम तक कम से कम 742 लोगों के मारे जाने की बात कही गई, जिनमें 176 बच्चे शामिल बताए गए हैं। 900 से ज्यादा नागरिक घायल हुए हैं। संस्था का कहना है कि वह अन्य सैकड़ों मौतों की रिपोर्ट की पुष्टि कर रही है।

    क्षेत्र में बढ़ता तनाव
    कतर और बहरीन की एडवाइजरी इस बात का संकेत है कि खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। सरकारें एक ओर सुरक्षा बलों को सक्रिय रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर नागरिकों से संयम और जिम्मेदारी की अपील कर रही हैं।  मानना है कि ऐसे समय में सोशल मीडिया पर अनियंत्रित तस्वीरें और वीडियो न केवल अफवाहों को बढ़ा सकते हैं, बल्कि सैन्य और सुरक्षा अभियानों को भी प्रभावित कर सकते हैं।

  • उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

    उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

     उज्जैनउज्जैन में मंगलवार को चंद्र ग्रहण के चलते शहर के कई प्रमुख मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। सुबह 6:47 बजे शुरू हुए सूतक काल के दौरान महाकालेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में दर्शन वर्जित रहे। सूतक शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और संध्या आरती के बाद दर्शन फिर से शुरू होंगे।

    महाकाल मंदिर के पट खुले रहने के बावजूद गर्भगृह में पुजारियों ने मंत्रोच्चार किया। श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर से ही भगवान के दर्शन कर रहे थे। इस दौरान मंदिर में केवल मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। शहर के अन्य प्रमुख मंदिर जैसे सांदीपनि आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर और गोपाल मंदिर में सुबह 5 बजे तक नियमित पूजा हुई, उसके बाद सूतक लगते ही पट बंद कर दिए गए।

    सूतक के दौरान भक्तों ने मंदिर के बाहर ही भगवान के दर्शन किए। मंगलनाथ मंदिर में भी पट बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अंगारेश्वर, गोपाल, चिंताहरण हनुमान और सिद्धेश्वर मंदिर सहित हजारों मंदिरों में दर्शन रोक दिए गए थे। मंदिर प्रशासन ने कहा कि शाम को सूतक समाप्त होने के बाद सभी मंदिरों की सफाई और शुद्धिकरण के बाद भगवान का स्नान, श्रृंगार और संध्या आरती की जाएगी।

    ज्योतिषाचारियों के अनुसार सूतक काल में पूजा, भोग और मूर्ति के स्पर्श वर्जित होते हैं। यही कारण है कि अधिकांश मंदिरों में यह व्यवस्था लागू की गई। हालांकि महाकाल मंदिर में भक्त दर्शन कर सकते हैं, लेकिन गर्भगृह में पुजारियों ने ही मंत्रोच्चार और अनुष्ठान जारी रखा।

    सूतक से पहले होली का उत्सव भी मंदिरों में पारंपरिक रूप से मनाया गया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ हर्बल गुलाल और फूलों से होली खेली। इसके बाद विधि-विधान से मंदिरों के पट बंद कर दिए गए और दर्शन वर्जित कर दिए गए।

    मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की कि वे सूतक के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश न करें और बाहर से ही पूजा करें। संध्या में पट खुलने के बाद सभी मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी।

    इस तरह, चंद्र ग्रहण के दौरान उज्जैन के मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक परंपरा दोनों का ध्यान रखा गया। भक्तों ने मंदिरों के बाहर भी पूजा कर अपनी आस्था व्यक्त की। सूतक समाप्ति के बाद मंदिरों में संपूर्ण शुद्धिकरण और भव्य संध्या आरती के साथ दर्शन शुरू होंगे, जिससे शहर में धार्मिक माहौल पूरी तरह लौट आएगा।

  • PM मोदी का विनिर्माताओं से आव्‍हान, कहा- भारत के लिए खुले हैं अवसरों के द्वार, क्वालिटी को बनाएं महामंत्र

    PM मोदी का विनिर्माताओं से आव्‍हान, कहा- भारत के लिए खुले हैं अवसरों के द्वार, क्वालिटी को बनाएं महामंत्र

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारतीय उद्योग जगत से ‘गुणवत्ता’ को अपना महामंत्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया विनिर्माण के क्षेत्र में विश्वसनीय और मजबूत भागीदारों की तलाश कर रही है, और यह भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि हाल में विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से भारतीय उद्यमियों और निर्यातकों के लिए अवसरों के नए द्वार खुले हैं, लेकिन इनका लाभ तभी उठाया जा सकता है जब भारतीय उत्पाद गुणवत्ता के उच्चतम मानकों पर खरे उतरें।

    प्रधानमंत्री मंगलवार को बजट 2026-27 पर आयोजित दूसरे वेबिनार का उद्घाटन कर रहे थे। इस दिनभर चलने वाले वेबिनार का विषय “आर्थिक वृद्धि को निरंतर संभालना और सशक्त करना” रखा गया है, जिसमें चार अलग-अलग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

    एफटीए से खुले नए अवसर, आत्मविश्वास से बढ़ें उद्योग
    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ एफटीए किए हैं और इससे देश के लिए बड़े अवसर पैदा हुए हैं। ऐसे में उद्योग जगत की जिम्मेदारी है कि वह गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आपका एक ही महामंत्र होना चाहिए—क्वालिटी, क्वालिटी और अधिक क्वालिटी।”

    उन्होंने उद्योगों से अपील की कि वे इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाएं और अनुसंधान एवं विकास पर खर्च बढ़ाएं। उनका कहना था कि अनुसंधान पर कंजूसी करने के बजाय निवेश बढ़ाना समय की मांग है।

    विश्वस्तरीय से भी बेहतर उत्पाद देने की जरूरत
    प्रधानमंत्री ने भारतीय विनिर्माताओं से विश्वस्तर से भी बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद प्रस्तुत करने का आह्वान करते हुए कहा कि गुणवत्ता पर सबसे अधिक समय, साधन और बुद्धि खर्च की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योग जगत विश्व बाजार की जरूरतों का गहन अध्ययन और विश्लेषण करे तथा उसी अनुरूप अपनी विनिर्माण क्षमता विकसित करे।

    उन्होंने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हो रहा है और बाजार अब केवल लागत को नहीं देखते, बल्कि टिकाऊ और स्वस्थ उपायों को भी महत्व देते हैं। भारत इस बदलते परिदृश्य में एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर सकता है।

    वेबिनार में चार अहम सत्र
    इस वेबिनार में चार प्रमुख सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पहला सत्र विनिर्माण और उद्योगों के स्तर को उन्नत करने तथा रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित है। दूसरा सत्र सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए ऋण और बाजार सुविधाओं पर आधारित है। तीसरा सत्र नगरों के आर्थिक इलाकों की योजना से जुड़ा है, जबकि चौथा सत्र अवसंरचना विकास, लॉजिस्टिक्स और किराया जैसे विषयों पर केंद्रित है। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री ने बजट में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों, अवसंरचना, बायोफार्म, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स तथा कार्बन कैप्चर एवं स्टोरेज के विकास के लिए की गई पहलों का विशेष उल्लेख किया।

    विकसित भारत के लिए साझेदारी जरूरी
    प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग जगत और संस्थानों के बीच पूर्ण तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल साझेदारी के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है और सभी हितधारकों को मिलकर काम करना होगा।

  • ग्वालियर: एटीएम में छल, मदद के नाम पर हो रही थी ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

    ग्वालियर: एटीएम में छल, मदद के नाम पर हो रही थी ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

    ग्वालियर के मुरार इलाके में एटीएम के भीतर चल रही एक चालाक ठगी का खुलासा हुआ है। सदर बाजार स्थित एक एटीएम में एक युवक लोगों की मदद करने का बहाना कर उनके कार्ड बदलता था। आज का दिन भी इस कहानी का नया अध्याय बन गया जब युवक को पकड़ लिया गया।

    पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रदीप शिवहरे उर्फ पिंकू, निवासी कोटेश्वर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार यह युवक एटीएम पर आने वाले ग्राहकों को मशीन चलाने में मदद करने का नाटक करता था। इस दौरान वह असली कार्ड की जगह दूसरा कार्ड थमा देता और किसी तरह पिन की जानकारी हासिल करने की कोशिश करता। इसके बाद वह मौके से खिसक जाता।

    हालांकि आज की घटना में पीड़ित ने समय रहते संदेह कर लिया। जैसे ही कार्ड बदलने की कोशिश हुई, पीड़ित ने विरोध किया और शोर मचाया। आसपास मौजूद लोग तुरंत सक्रिय हो गए और आरोपी को दबोच लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हैरान करने वाले खुलासे किए। उसके पास 100 से अधिक एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। ये कार्ड विभिन्न खाताधारकों के थे और सभी जब्त कर लिए गए। पुलिस अब इनके असली मालिकों की पहचान करने में जुटी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं था बल्कि यह एक संगठित ठगी का हिस्सा हो सकता है।

    ASP अनु बेनीवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। गहन पूछताछ के जरिए पुलिस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस दौरान अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।

    स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी चौकन्ने हैं। उनका कहना है कि अब एटीएम पर सहायता लेने से पहले सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। वहीं पुलिस का भी कहना है कि लोगों को हमेशा अपने कार्ड और पिन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से पहले सावधान रहना चाहिए।

    ग्वालियर में यह घटना लोगों के लिए चेतावनी का संदेश बन गई है कि मदद के बहाने ठगी की घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं। यह मामला यह भी साबित करता है कि सतर्कता और सामूहिक चौकसी ही ऐसे अपराधों को रोक सकती है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी संभावित शिकारों और संदिग्धों की पहचान कर रही है।