Author: bharati

  • इजरायल-ईरान संघर्ष का असर दुबई रियल एस्टेट पर, बिक्री में गिरावट के संकेत

    इजरायल-ईरान संघर्ष का असर दुबई रियल एस्टेट पर, बिक्री में गिरावट के संकेत


    नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव ने दुबई के रियल एस्टेट बाजार में चिंता पैदा कर दी है। दुबई के रियल एस्टेट डेवलपर्स और ब्रोकर्स का कहना है कि हाल के दिनों में प्रॉपर्टी बुल रन थम सकता है और आने वाले समय में बिक्री में गिरावट देखने को मिल सकती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों ने लंबे समय से चली आ रही धारणा को चुनौती दी है कि दुबई संघर्षों के समय धन रखने के लिए सुरक्षित ठिकाना है। पिछली बार, रूस, यूक्रेन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों के निवेशकों को यही धारणा आकर्षित करती रही थी, जिससे दुबई में निवेश बढ़ा।

    ब्रोकर्स के मुताबिक, ईरानी मिसाइल हमलों के बाद निवेशक स्पष्टता की प्रतीक्षा कर सकते हैं कि क्या यह संघर्ष लंबे युद्ध में बदल सकता है या जल्दी समाप्त हो जाएगा। हालांकि, दुबई रियल एस्टेट में मांग में कमी आ सकती है, लेकिन कीमतों में फिलहाल कोई गिरावट की संभावना नहीं है।

    दुबई में 2025 में रियल एस्टेट से जुड़े 2.15 लाख से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए थे, जिनकी कुल वैल्यू करीब 187 अरब डॉलर थी। इसकी मुख्य वजह लग्जरी प्रॉपर्टी की मांग और भारत समेत अन्य विदेशी निवेशकों की रुचि थी।

    हाल ही में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों के वीडियो वायरल हुए हैं, जो अमेरिकी और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों की ओर बढ़ते हुए दिखाए गए। स्थानीय सुरक्षा बलों ने इन हमलों को रोकने में सफलता हासिल की। यूएई के सरकारी मीडिया ने बताया कि इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई और पाम जुमेराह परिसर में एक इमारत पर हमला हुआ जिसमें चार लोग घायल हुए। बुर्ज खलीफा को भी एहतियात के तौर पर खाली करवा लिया गया।

    इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने रविवार को अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर हमलों की नई लहर की घोषणा की। ये हमले हाल ही में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों का बदला लेने के लिए किए गए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु शामिल थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबी अवधि तक चलता है, तो दुबई की प्रॉपर्टी बिक्री और निवेश में और गिरावट आ सकती है। निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और बाजार में किसी स्थिर संकेत का इंतजार कर रहे हैं।

    दुबई रियल एस्टेट बाजार की यह संवेदनशीलता दिखाती है कि क्षेत्रीय संघर्ष सीधे तौर पर विदेशी निवेश और संपत्ति मूल्यांकन को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन बिक्री और लेनदेन की गति धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

  • पुडुचेरी में डबल इंजन सरकार का जश्न, पीएम मोदी ने किया 2,700 करोड़ परियोजनाओं का उद्घाटन

    पुडुचेरी में डबल इंजन सरकार का जश्न, पीएम मोदी ने किया 2,700 करोड़ परियोजनाओं का उद्घाटन


    पुडुचेरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुडुचेरी में आयोजित जनसभा में कांग्रेस और तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी की विकास यात्रा में कांग्रेस और डीएमके दोनों ही बड़े स्पीड ब्रेकर साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब डबल इंजन सरकार के कामों का जश्न मनाने का समय है और विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने मौके पर 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समावेशी प्रगति सुनिश्चित करने के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों अवसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया है।

    डीएमके और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले के दौर में पुडुचेरी के लोग भारी कष्ट झेलते रहे। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और अपराध आम बात थी। राशन की दुकानों में चावल नहीं मिलता था, सैलरी देर से मिलती थी, और सड़कों पर गुंडों और ड्रग माफिया का राज था। प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस ने पुडुचेरी को दिल्ली में बैठे एक परिवार का एटीएम बना दिया था। डीएमके की बात करें तो तमिलनाडु में हो रहे घोटालों की लंबी सूची देखी जा सकती है।”

    पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और डीएमके अब भी सत्ता की भूखी हैं, लेकिन पुडुचेरी के लोग इसे दोबारा नहीं चाहेंगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पुडुचेरी में विकास और कल्याण के कामों को तेज गति से आगे बढ़ाया है।

    प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी के पर्यटन क्षेत्र को इसकी ताकत बताते हुए कहा कि यह वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में पहले से ही हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। ट्रेनें और उड़ानें हमेशा भरी रहती हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक पर्यटन, इको-टूरिज्म और स्वास्थ्य पर्यटन में निवेश से पुडुचेरी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

    स्वास्थ्य सेवा को लेकर पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि जब तक मानव संसाधन स्वस्थ रहेगा, तब तक राष्ट्र की प्रगति संभव है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सभी के लिए सुलभ, उपलब्ध और किफायती होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पुडुचेरी के किसी भी नागरिक को इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने की जरूरत न पड़े।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि पुडुचेरी मेडिकल टूरिज्म हब बन सकता है। वर्तमान में यहां नौ मेडिकल कॉलेज हैं, और केंद्र सरकार की नीतियां इसे वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य पर्यटन केंद्र बनाने में सहायक होंगी।

    पीएम मोदी के संबोधन में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया गया और कांग्रेस-डीएमके शासनकाल की कमियों का उदाहरण देते हुए विकास और कल्याण पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने पुडुचेरीवासियों से कहा कि अब भ्रष्टाचार और अस्थिरता के दौर में लौटने का समय नहीं है, बल्कि विकास और नई परियोजनाओं का लाभ उठाने का समय है।

  • पैदा होते ही टाइगर श्रॉफ को मिला था 'साइनिंग अमाउंट', सुभाष घई ने किया था ये बड़ा वादा

    पैदा होते ही टाइगर श्रॉफ को मिला था 'साइनिंग अमाउंट', सुभाष घई ने किया था ये बड़ा वादा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्शन और डांस स्टार टाइगर श्रॉफ की कहानी खास है। आज उन्हें उनके जबरदस्त स्टंट्स, फिटनेस और स्टाइल के लिए जाना जाता है, लेकिन कम लोग जानते हैं कि टाइगर को जन्म के समय ही बॉलीवुड से पहला साइनिंग अमाउंट मिल चुका था। मशहूर फिल्ममेकर सुभाष घई ने जन्म के समय ही टाइगर के हाथ में 101 रुपए रखकर यह वादा किया था कि वह उन्हें बड़े होकर हीरो बनाएंगे।

    टाइगर श्रॉफ का जन्म 2 मार्च 1990 को मुंबई में हुआ। उनका असली नाम जय हेमंत श्रॉफ है। वे बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ और फिल्म प्रोड्यूसर आयशा श्रॉफ के बेटे हैं। बचपन में उनकी फुर्ती और शरारत के चलते घर में उन्हें प्यार से ‘टाइगर’ कहा जाने लगा। यही नाम आगे चलकर उनकी पहचान बन गया।

    जन्म के समय ही सुभाष घई टाइगर से मिलने आए। घई ने जैकी श्रॉफ को फिल्म ‘हीरो’ से लॉन्च किया था। टाइगर को देखकर उन्होंने 101 रुपए साइनिंग अमाउंट के रूप में दिए और कहा कि भविष्य में वे ही टाइगर को हीरो बनाएंगे। हालांकि, समय के साथ सुभाष घई ने इस वादे को निभाया नहीं, लेकिन टाइगर की किस्मत ने उनके लिए दूसरा रास्ता बनाया। निर्माता साजिद नाडियाडवाला ने टाइगर को बॉलीवुड में डेब्यू का मौका दिया।

    टाइगर ने 2014 में फिल्म ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके एक्शन और डांस को खूब सराहा गया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और टाइगर को बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने ‘बागी’, ‘ए फ्लाइंग जट’, ‘मुन्ना माइकल’, और ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्में सुपरहिट रहीं, जबकि कुछ ने बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं किया।

    साल 2019 में आई फिल्म ‘वॉर’ उनके करियर की बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड के एक्शन आइकन ऋतिक रोशन थे, जिन्हें टाइगर अपना आदर्श मानते हैं। ‘वॉर’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और टाइगर की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी।

    टाइगर को डेब्यू फिल्म के लिए कई सम्मान मिले, जिनमें फिल्मफेयर अवॉर्ड और आईफा अवॉर्ड शामिल हैं। कम फिल्मों में काम करने के बावजूद टाइगर श्रॉफ आज के दौर के सबसे चर्चित और पसंदीदा एक्शन स्टार माने जाते हैं।

    टाइगर का यह जन्मकालीन किस्सा और बॉलीवुड में उनके सफर ने यह साबित किया कि प्रतिभा, मेहनत और सही मौके का संयोजन किसी को भी स्टार बना सकता है, और टाइगर श्रॉफ इसके जीते-जागते उदाहरण हैं।

  • यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर स्टे, तिहाड़ जेल भेजे गए

    यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर स्टे, तिहाड़ जेल भेजे गए


    नई दिल्ली । एआई समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट के मामले में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की जमानत पर सेशंस कोर्ट ने रोक लगा दी है। दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में अपील की और जमानत पर स्टे लगवाने के बाद चिब को तिहाड़ जेल भेज दिया।

    इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने नाराजगी व्यक्त की है। इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए पुलिस पर सत्ता पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। पोस्ट में बताया गया कि आधी रात को दिल्ली पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी, जिसे न्यायालय ने अवैध बताते हुए खारिज कर दिया और जमानत आदेश दिया।

    हालांकि, जब चिब के वकील जमानत मुचलके आदि की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे थे, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच चुपके से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ सेशंस कोर्ट पहुंच गई। बिना पक्ष सुने ही जमानत आदेश पर स्टे लगा दिया गया और अगली सुनवाई की तारीख 6 मार्च तय की गई।

    यूथ कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा कि संगठन न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करता है और इस आदेश के खिलाफ हर कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस और सरकार के प्रयास असफल होंगे। यूथ कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाखों के पीछे रखकर अपनी मंशा के अनुरूप भारत विरोधी ट्रेड डील पर सवालों से बचना चाहती है।

    बताया गया कि हाल ही में दिल्ली में हुए AI समिट के दौरान उदय भानु चिब और कई यूथ कांग्रेस नेताओं ने शर्टलेस प्रोटेस्ट किया था। मामले में दिल्ली पुलिस ने चिब समेत देश के अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। पिछले दिनों कोर्ट ने चिब को जमानत दे दी थी, लेकिन रिहाई से पहले पुलिस ने सेशंस कोर्ट में अपील की, और कोर्ट ने जमानत पर स्टे लगा दिया। इसके बाद चिब को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। यूथ कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया कि युवा-किसान विरोधी ट्रेड डील और अन्य गिरफ्तारियों के खिलाफ उनका संघर्ष और तेज होगा और अंततः सच्चाई और न्याय की जीत होगी।

  • मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

    मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मार्च महीने के लिए मंत्री ड्यूटी का रोस्टर जारी कर दिया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शनिवार-रविवार और सरकारी छुट्टियों को छोड़कर रोज़ाना एक मंत्री को कार्यालय में बैठकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने का निर्देश दिया है।

    कल यानी 2 मार्च को डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक कार्यालय में रहेंगे।

    मार्च में कुल 17 दिन मंत्रियों की ड्यूटी होगी। लेकिन इस महीने पांच मंत्रियों की एक भी दिन ड्यूटी नहीं लगी है। जिन मंत्रियों की ड्यूटी नहीं है, वे हैं:

    राकेश सिंह (PWD मंत्री)

    विश्वास सारंग (सहकारिता एवं खेल मंत्री)

    लखन पटेल (पशुपालन मंत्री)

    प्रतिमा बागरी (नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री)

    दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री)

    छुट्टियों के कारण ड्यूटी नहीं लगेगी:
    1 मार्च (रविवार), 3-5 मार्च (होली), 7 मार्च (शनिवार), 8 मार्च (रविवार), 14-15 मार्च (शनिवार-रविवार), 19 मार्च (गुड़ी पड़वा), 21-22 मार्च (शनिवार-रविवार), 27 मार्च (राम नवमी), 28-29 मार्च (शनिवार-रविवार)।

    मंत्रियों की तारीखवार ड्यूटी (मुख्य विवरण):

    2 मार्च, सोमवार – जगदीश देवड़ा (वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी), गौतम टेटवाल (कौशल विकास एवं रोजगार)

    6 मार्च, शुक्रवार – कुंवर विजय शाह (जनजातीय कार्य, भोपाल गैस त्रासदी राहत), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा)

    9 मार्च, सोमवार – राजेन्द्र शुक्ल (डिप्टी सीएम, लोक स्वास्थ्य), नारायण सिंह पंवार (मछुआ कल्याण एवं मत्स्य)

    10 मार्च, मंगलवार – प्रहलाद पटेल (पंचायत एवं श्रम), राधा सिंह (पंचायत राज)

    11 मार्च, बुधवार – उदय प्रताप सिंह (परिवहन एवं स्कूल शिक्षा), दिलीप जायसवाल (कुटीर एवं ग्रामोद्योग)

    12 मार्च, गुरुवार – करण सिंह वर्मा (राजस्व)

    13 मार्च, शुक्रवार – संपतिया उईके (PHE)

    16 मार्च, सोमवार – तुलसी सिलावट (जल संसाधन)

    17 मार्च, मंगलवार – एदल सिंह कंसाना (कृषि)

    18 मार्च, बुधवार – निर्मला भूरिया (महिला एवं बाल विकास)

    20 मार्च, शुक्रवार – नारायण सिंह कुशवाह (सामाजिक न्याय)

    23 मार्च, सोमवार – नागर सिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण)

    24 मार्च, मंगलवार – प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा)

    25 मार्च, बुधवार – राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा)

    26 मार्च, गुरुवार – चेतन्य काश्यप (MSME)

    30 मार्च, सोमवार – कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण)

    31 मार्च, मंगलवार – धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन एवं संस्कृति)

    इस व्यवस्था से आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को सीधे मंत्री से मिलने और अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलेगा।

  • यूपीआई लेनदेन में बूम: फरवरी में 27% वृद्धि, 26 लाख करोड़ से अधिक का डिजिटल ट्रांजेक्शन

    यूपीआई लेनदेन में बूम: फरवरी में 27% वृद्धि, 26 लाख करोड़ से अधिक का डिजिटल ट्रांजेक्शन


    नई दिल्ली: फरवरी 2026 में यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई ट्रांजेक्शन में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 20.39 अरब हो गई है। इसी दौरान यूपीआई ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू भी 22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 26.84 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।

    इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 728 मिलियन लेनदेन हुए, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 700 मिलियन था। फरवरी का औसत दैनिक लेनदेन 95,865 करोड़ रुपए रहा, जो जनवरी के 91,403 करोड़ रुपए की तुलना में अधिक है। जनवरी में यूपीआई के लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़ी थी और कुल वैल्यू 28.33 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची थी।

    वहीं, यूपीआई की तुलना में आईएमपीएस लेनदेन का मासिक वॉल्यूम फरवरी में 336 मिलियन रहा, जिसमें सालाना 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल लेनदेन वैल्यू 6.42 लाख करोड़ रुपए रही। प्रतिदिन औसतन 12 मिलियन लेनदेन दर्ज किए गए। फास्टैग का मासिक लेनदेन 350 मिलियन रहा और इसका कुल मूल्य 6,925 करोड़ रुपए था, जो पिछले साल की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है।

    यूपीआई का विस्तार केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है। यह अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में सक्रिय है। इस वैश्विक विस्तार के कारण भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गया है। यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय पहुँच से रेमिटेंस बढ़ रही है, वित्तीय समावेशन मजबूत हो रहा है और भारत की फिनटेक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

    हाल ही में भारत और इजरायल ने यूपीआई के सीमा-पार उपयोग को सक्षम करने की घोषणा की, जिससे दोनों देशों की डिजिटल और वित्तीय साझेदारी और गहरी होगी। इस प्रक्रिया के तहत यूपीआई इजरायल के घरेलू भुगतान नेटवर्क से जुड़कर तेज और किफायती डिजिटल लेनदेन सुनिश्चित करेगा।

    भारत के वित्त मंत्रालय के स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, यूपीआई देश में भुगतान का सबसे पसंदीदा माध्यम बन चुका है। कुल डिजिटल भुगतान में यूपीआई का हिस्सा 57 प्रतिशत है, जबकि नकद लेनदेन 38 प्रतिशत पर सीमित है। इसकी सफलता का मुख्य कारण इसकी उपयोग में सरलता और इंस्टेंट मनी ट्रांसफर की क्षमता है। यूपीआई के बढ़ते ट्रांजेक्शन और अंतरराष्ट्रीय विस्तार ने यह साबित कर दिया है कि भारत डिजिटल भुगतान में न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

  • नर्मदापुरम में भीषण सड़क हादसा: IIIT नागपुर के छात्र की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

    नर्मदापुरम में भीषण सड़क हादसा: IIIT नागपुर के छात्र की मौत, चार गंभीर रूप से घायल


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में रविवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को हिला कर रख दिया। पिपरिया-छिंदवाड़ा स्टेट हाईवे पर मटकुली के पास भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान IIIT नागपुर के छात्र नयन मंडल की कार पलटने से दर्दनाक मौत हो गई। छात्र सवार कार अनियंत्रित होकर पलटी जिससे नयन मंडल काल के गाल में समा गया।

    हादसा मटकुली से लगभग 1 किलोमीटर आगे छिंदवाड़ा रोड पर हुआ। कार में चालक अनय गौर और छात्र सुमेद शबाने अनुज सिंह सुमेद भामरे भी सवार थे। ये सभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार एक घायल की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे नर्मदापुरम रेफर किया गया। अन्य घायलों को पिपरिया अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।

    सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह हादसा कार के नियंत्रण खो देने के कारण हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    घायकों में महाराष्ट्र के नांदेड़ मुंबई नासिक और मध्य प्रदेश के इंदौर के छात्र शामिल हैं। सभी छात्र वर्तमान में IIIT नागपुर के हॉस्टल में रह रहे थे और अध्ययन तथा परियोजना कार्य के सिलसिले में यात्रा पर थे।

    यह हादसा न केवल छात्रों के परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए भी तत्काल कार्रवाई की स्थिति पैदा कर गया है। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • प्रधानमंत्री ने नागपुर फैक्टरी विस्फोट पीड़ितों के लिए पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा की

    प्रधानमंत्री ने नागपुर फैक्टरी विस्फोट पीड़ितों के लिए पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा की

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक फैक्टरी में हुए दुखद विस्फोट पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में पूरी तत्परता से लगा हुआ है।

    प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा विस्फोट में घायल हुए लोगों को 50, 000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने अपने एक्‍स संदेश में कहा महाराष्ट्र के नागपुर में फैक्टरी में हुआ विस्फोट अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजन को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50 000 रुपये दिए जाएंगे।

    यह राहत राशि पीड़ित परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने और उन्हें इस मुश्किल समय में सहारा देने का उद्देश्य रखती है। स्थानीय प्रशासन भी प्रभावित परिवारों की मदद के लिए लगातार काम कर रहा है और राहत एवं बचाव कार्यों को गति दी गई है।

    प्रधानमंत्री की यह पहल न केवल पीड़ितों के लिए सहारा है बल्कि यह संकट में सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। राहत राशि के अलावा प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुरक्षा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    इस प्रकार नागपुर फैक्टरी विस्फोट पर केंद्र और राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा प्रभावित परिवारों के लिए राहत और समर्थन का महत्वपूर्ण कदम है।

  • इंदौर में गेर पर सुरक्षा का नया आयाम, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पर रोक

    इंदौर में गेर पर सुरक्षा का नया आयाम, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पर रोक


    इंदौर: 1 मार्च 2026। रंगपंचमी के अवसर पर निकलने वाली गेर को लेकर नगर निगम, पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों ने गेर मार्ग का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और बुनियादी ढाँचे पर विशेष ध्यान दिया।

    दौरे के दौरान तय किया गया कि पूरे गेर मार्ग पर पर्याप्त पुलिसबल तैनात किया जाएगा। ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा गेर मार्ग में आने वाली ऊंची इमारतों पर वॉच टावर बनाए जाएंगे ताकि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि असामाजिक तत्वों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। हुड़दंग करने वाले, महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले या सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं के विशेष दस्ते और सादी वर्दी में पुलिसबल भीड़ के बीच तैनात रहेंगे, जिससे नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    सुरक्षा के साथ-साथ वाहन नियमों का भी कड़ाई से पालन होगा। गेर मार्ग में बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। यह कदम आयोजनों में होने वाले दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए उठाया गया है।

    महापौर ने नगर निगम की तैयारियों का जायजा लेते हुए स्वच्छता और बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गेर के तुरंत बाद शहर की सफाई और स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिकता होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को विशेष संसाधनों के साथ सक्रिय स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आयोजन समाप्त होने के तुरंत बाद मार्गों की सफाई और कचरा प्रबंधन पर कोई कमी न रह जाए।

    निरीक्षण की शुरुआत मल्हारगंज चौराहे से हुई और पूरे मार्ग का दौरा किया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और पुलिस मिलकर गेर को सुरक्षित, व्यवस्थित और आनंददायक बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन के इन उपायों के साथ इंदौर की गेर इस साल भी नागरिकों के लिए आनंद और उत्साह का प्रतीक बनेगी।

  • वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ

    वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ


    भोपाल: 1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी शुभरंजन सेन को नया पीसीसीएफ हॉफ नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल आज से शुरू होगा और वे लगभग दो वर्षों तक इस पद पर रहेंगे। वन भवन से जारी आदेश के अनुसार सेन इससे पहले पीसीसीएफ पद पर कार्यरत थे और अब अप्रैल 2028 तक अपनी सेवानिवृत्ति से पहले विभाग की कमान संभालेंगे।

    इस नियुक्ति के पहले इस पद पर विजय कुमार अंबाड़े तैनात थे, जिनका कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हुआ और वे अब सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति से पहले ही सरकार ने शुभरंजन सेन को पीसीसीएफ हॉफ बनाने का आदेश जारी कर दिया था। सेन मूल रूप से भुवनेश्वर, उड़ीसा के रहने वाले हैं और उन्होंने लंबे समय तक वाइल्डलाइफ विभाग में सेवाएं दी हैं।

    इस नियुक्ति को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि शुभरंजन सेन ने विभागीय वरिष्ठता क्रम को पीछे छोड़ते हुए दो वरिष्ठ अफसरों को पीछे छोड़कर यह पद हासिल किया है। वन विभाग में परंपरा रही है कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान ग्रेडेशन लिस्ट के अनुसार दी जाती है। पहले चर्चा थी कि इस पद के लिए अंबाड़े के ठीक नीचे मौजूद एचयू खान को चुना जाएगा, जिनकी सेवानिवृत्ति जुलाई 2026 में थी। उनके ठीक नीचे 1990 बैच के आईएफएस अधिकारी विभाष कुमार ठाकुर का नाम था। लेकिन इस बार शुभरंजन सेन ने दोनों को पीछे छोड़ते हुए पद प्राप्त किया।

    वन विभाग में यह नियुक्ति वरिष्ठता के पारंपरिक क्रम को तोड़ने वाली मानी जा रही है। लंबे समय से आईएफएस लॉबी इतनी मजबूत थी कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान किसी अधिकारी को सिर्फ एक दिन या एक महीने के लिए मिलती थी। उदाहरण के तौर पर कुछ समय पहले पीसीसीएफ एके जैन को महज एक दिन के लिए यह पद संभालना पड़ा और आदेश उसी दिन दोपहर में जारी हुआ और शाम को वे सेवानिवृत्त हो गए। इस बार शुभरंजन सेन ने सभी को पीछे छोड़कर पद हासिल कर विभाग में अपनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस नियुक्ति से वन विभाग में रणनीतिक बदलाव की संभावना बढ़ सकती है। शुभरंजन सेन के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण, प्रशासनिक नीतियों और विभागीय सुधारों में नए आयाम देखने को मिल सकते हैं। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव विभाग के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित हो सकते हैं।