Author: bharati

  • भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना

    भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही राजनीतिक और जनसंवाद का नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अचानक वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और माहौल उत्साह से भर गया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात को सुना और आम लोगों के साथ बैठकर संवाद भी किया।

    सीएम का यह अंदाज काफी अलग और सहज था जहां उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के युवाओं और आम नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने लोगों के साथ बैठकर स्वल्पाहार किया और विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार तीसरे साल यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के जरिए पुराने जल स्रोतों जैसे कुएं और बावड़ियों को नया जीवन मिल रहा है और मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह किसान हितैषी है। उन्होंने बताया कि सरकार गेहूं के साथ साथ चना और मसूर की भी खरीद कर रही है जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।

    इस दौरान सीएम मोहन यादव ने विपक्ष विशेषकर कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ जो अन्याय हुआ है उसे देश कभी नहीं भूलेगा और कांग्रेस को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।

    सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है लेकिन विपक्षी दलों के रवैये के कारण यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और रोजगार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का सहज और जनसरोकारों से जुड़ा रूप देखने को मिला जहां उन्होंने सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित किया। लोगों ने भी उनके इस अंदाज की सराहना की और खुलकर अपने विचार साझा किए।

    कुल मिलाकर यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम लोगों से जुड़ने और उनके बीच भरोसा मजबूत करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं के साथ साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • भारत की वैज्ञानिक ताकत पर जोर, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर प्रोग्राम की उपलब्धियों को सराहा..

    भारत की वैज्ञानिक ताकत पर जोर, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर प्रोग्राम की उपलब्धियों को सराहा..

    नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक प्रगति और सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम के महत्व पर विस्तार से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में विज्ञान हमेशा एक मजबूत आधार रहा है और देश के वैज्ञानिक इसी सोच के साथ लगातार नई उपलब्धियों को हासिल कर रहे हैं।

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम ने भारत के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षेत्र और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का असर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि से जुड़े लोगों के साथ-साथ तकनीकी नवाचार करने वालों तक भी पहुंच रहा है, जिससे देश में विकास की गति और मजबूत हुई है।

    प्रधानमंत्री ने हाल ही में तमिलनाडु के कलपक्कम में हासिल की गई वैज्ञानिक उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है, जो भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जाता है। यह वह अवस्था होती है जब रिएक्टर अपने आप ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया को स्थिर रूप से शुरू कर देता है।

    उन्होंने आगे बताया कि ब्रीडर रिएक्टर की विशेषता यह है कि यह न केवल ऊर्जा उत्पन्न करता है, बल्कि भविष्य के लिए आवश्यक ईंधन भी तैयार करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है और आने वाले समय में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने मार्च 2024 के उस अनुभव को भी याद किया, जब वे कलपक्कम में रिएक्टर की कोर लोडिंग प्रक्रिया के साक्षी बने थे। उन्होंने इसे देश की वैज्ञानिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक क्षण बताया।

    अंत में प्रधानमंत्री ने देश के सभी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को बधाई दी, जिन्होंने भारत के परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत को तकनीकी रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में लगातार मदद करेंगे।

  • मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार

    मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है जहां एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जिससे इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

    घटना चितरंगी थाना क्षेत्र के ग्राम सूदा की है जहां 24 अप्रैल को भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल का शव संदिग्ध हालत में मिला था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली तत्काल टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ जिसके बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच को आगे बढ़ाया।

    जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण जानकारी मिली और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मुन्नालाल पनिका को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि मृतक बार बार उसका बिजली कनेक्शन काट देता था जिससे वह बेहद परेशान और नाराज था।

    आरोपी के मुताबिक 23 अप्रैल की रात दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ जो धीरे धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया। गुस्से में आकर उसने लाठी उठाई और भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम गठित की और लगातार दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लाठी भी बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

    इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक मामूली बिजली कनेक्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि उसने एक व्यक्ति की जान ले ली। यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है क्योंकि इतने कम समय में मामले को सुलझाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें और कानून को अपने हाथ में न लें। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि छोटी छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा किस तरह बड़े अपराध में बदल सकता है और एक पल का आवेश किसी की जिंदगी खत्म कर सकता है।

  • इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल

    इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल


    खजुराहो । मध्य प्रदेश के खजुराहो से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने निजी क्लिनिक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली चोट के इलाज के लिए पहुंचे 14 वर्षीय बच्चे की अचानक मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में लगाए गए इंजेक्शन के कारण ही बच्चे की जान गई है।

    जानकारी के अनुसार जटकरा गांव का रहने वाला यह बच्चा साइकिल चलाते समय गिर गया था जिससे उसे हल्की चोट आई थी। परिवार वाले उसे इलाज के लिए सेवाग्राम स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए जहां सामान्य प्राथमिक उपचार किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं थी और बच्चा सामान्य रूप से बात कर रहा था।

    आरोप है कि इलाज के दौरान क्लिनिक संचालक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया जिसके तुरंत बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे के दादा राजू पटेल के मुताबिक इंजेक्शन लगते ही उसे बेचैनी महसूस होने लगी और कुछ ही मिनटों में उसकी तबीयत इतनी खराब हो गई कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और परिजन इसे सीधे तौर पर मेडिकल लापरवाही बता रहे हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजनगर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं या नहीं। अगर परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही का उदाहरण बन सकता है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और क्लिनिक से जुड़े दस्तावेजों और इलाज की प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं परिवार न्याय की मांग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मामूली दिखने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में भी सही और सुरक्षित इलाज कितना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए जीवन भर का दर्द बन सकती है।

  • यूपी को मिलेगा विकास का नया रफ्तार-पथ, 37 हजार करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना तैयार

    यूपी को मिलेगा विकास का नया रफ्तार-पथ, 37 हजार करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना तैयार


    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को नई दिशा देने वाली गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई में किया जाएगा। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे देश के सबसे बड़े सड़क मार्गों में से एक माना जा रहा है, जो राज्य की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।

    करीब 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना लंबे समय से निर्माणाधीन थी, जिसे तेजी से पूरा करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम कराया गया। पूरे एक्सप्रेस-वे को चार बड़े पैकेज में विभाजित किया गया, जिससे निर्माण कार्य समानांतर रूप से आगे बढ़ सका और समय पर पूरा किया जा सका।

    इस पूरी परियोजना में आधुनिक तकनीक और कड़े गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया है। निर्माण प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी गई, ताकि काम की गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित की जा सकें। चारों हिस्सों में अलग-अलग लंबाई और लागत के पैकेज शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक भाग अपने आप में एक बड़ा निर्माण कार्य रहा है।

    गंगा एक्सप्रेस-वे को केवल एक सड़क परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है। इसके किनारे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों की योजना बनाई गई है, जिससे रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

    यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाएगा। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि माल ढुलाई की लागत भी घटेगी, जिससे व्यापार और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।

    इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभरने का अवसर मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क और तेज कनेक्टिविटी से राज्य में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय विकास का एक बड़ा आधार साबित हो सकती है।

  • जब चंबल के डाकू ने मीना कुमारी से चाकू से मांगा ऑटोग्राफ खौफ से कांप उठीं ट्रैजेडी क्वीन

    जब चंबल के डाकू ने मीना कुमारी से चाकू से मांगा ऑटोग्राफ खौफ से कांप उठीं ट्रैजेडी क्वीन

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की ट्रैजेडी क्वीन कही जाने वाली मीना कुमारी की जिंदगी सिर्फ परदे पर ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी कई उतार चढ़ाव और हैरान कर देने वाली घटनाओं से भरी रही। उनकी खूबसूरती और अदाकारी के लाखों दीवाने थे लेकिन एक बार उनकी मुलाकात ऐसे शख्स से हुई जिसने उन्हें खौफ से भर दिया। यह घटना उस समय की है जब वह अपने पति कमाल अमरोही के साथ फिल्म पाकीजा की शूटिंग के सिलसिले में मध्यप्रदेश के शिवपुरी जा रही थीं।

    बताया जाता है कि चंबल के जंगलों से गुजरते समय उनकी गाड़ी अचानक रुक गई क्योंकि उसमें ईंधन खत्म हो गया था। इसी दौरान वहां कुछ गाड़ियां आकर रुकीं और हथियारों से लैस डाकुओं ने उन्हें घेर लिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मीना कुमारी और कमाल अमरोही दोनों घबरा गए। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि किसी भी वक्त कुछ भी हो सकता था।

    कमाल अमरोही ने हिम्मत दिखाते हुए डाकुओं से बातचीत की कोशिश की और अपने बारे में बताया। शुरुआत में गलतफहमी के चलते डाकुओं को लगा कि वे पुलिस वाले हैं जो किसी कार्रवाई के लिए आए हैं। इससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ने लगी। लेकिन जब अमरोही ने समझाया कि वे फिल्म की शूटिंग के लिए आए हैं तब जाकर माहौल थोड़ा शांत हुआ।

    इसी बीच डाकुओं के सरदार ने अपना नाम अमृत लाल बताया जो उस समय चंबल का एक खौफनाक और चर्चित डाकू माना जाता था। जैसे ही उसे पता चला कि पास की गाड़ी में मीना कुमारी मौजूद हैं तो उसका रवैया अचानक बदल गया। वह उनका बड़ा प्रशंसक निकला और उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की। उसने साफ कहा कि वह मीना कुमारी से मुलाकात करना चाहता है तभी वह उन्हें सुरक्षित जाने देगा।

    डर और अनिश्चितता के बीच मीना कुमारी को उसके सामने लाया गया। बताया जाता है कि माहौल को हल्का करने के लिए डाकुओं ने गाने बजाने और नाचने तक की बात की। इसके बाद उन्होंने उनकी गाड़ी में ईंधन भी भरवाया जिससे यह साफ था कि अब खतरा थोड़ा कम हो गया है।

    लेकिन इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब अमृत लाल ने मीना कुमारी से ऑटोग्राफ मांगा। उसके पास न तो कागज था और न ही पेन। ऐसे में उसने चाकू निकालकर उनके सामने रख दिया और कहा कि वह अपने हाथ पर चाकू से उनका नाम लिखें। यह सुनकर मीना कुमारी बुरी तरह डर गईं लेकिन हालात ऐसे थे कि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

    कहते हैं कि उन्होंने कांपते हुए हाथों से चाकू लिया और डाकू के हाथ पर अपना नाम उकेर दिया। इसके बाद ही वह सभी को जाने देने के लिए तैयार हुआ और यह खौफनाक मंजर खत्म हुआ। यह घटना आज भी मीना कुमारी की जिंदगी से जुड़ी सबसे चर्चित और डरावनी यादों में से एक मानी जाती है।

    मीना कुमारी ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी और आगे चलकर साहिब बीवी और गुलाम बैजू बावरा दिल एक मंदिर और परिणीता जैसी फिल्मों से अमिट छाप छोड़ी। उनकी निजी जिंदगी भी काफी उतार चढ़ाव भरी रही और कम उम्र में ही उनका निधन हो गया।

    इस घटना से यह साफ होता है कि फिल्मी सितारों की जिंदगी जितनी चमकदार नजर आती है उतनी ही जोखिमों और अनपेक्षित परिस्थितियों से भी भरी होती है। मीना कुमारी की यह कहानी आज भी लोगों को हैरान कर देती है।

  • क्रिकेट का महाकुंभ IPL में रिकॉर्डों की बारिश एक दिन में 986 रन और इतिहास की सबसे बड़ी चेज

    क्रिकेट का महाकुंभ IPL में रिकॉर्डों की बारिश एक दिन में 986 रन और इतिहास की सबसे बड़ी चेज


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का 25 अप्रैल क्रिकेट इतिहास में एक ऐसे दिन के रूप में दर्ज हो गया है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इस दिन मैदान पर जो कुछ हुआ वह किसी सपने से कम नहीं था। चार टीमों ने मिलकर ऐसा धमाका किया कि रिकॉर्ड बुक पूरी तरह बदल गई। एक ही दिन में कुल 986 रन बने जो आईपीएल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले कभी भी एक दिन में 900 रन का आंकड़ा पार नहीं हुआ था।

    इस ऐतिहासिक दिन पर दिल्ली कैपिटल्स पंजाब किंग्स राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद ने मिलकर रन बरसाए। बल्लेबाजों का ऐसा दबदबा देखने को मिला कि गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। इस दिन कुल 59 छक्के लगाए गए जो इस बात का सबूत है कि मैच पूरी तरह बल्लेबाजों के नाम रहा।

    इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रही ऐतिहासिक रनचेज। पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 265 रन का विशाल लक्ष्य हासिल कर लिया जो न सिर्फ आईपीएल बल्कि पूरे टी20 क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी सफल रनचेज बन गई। यह मुकाबला दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा जहां आखिरी तक नतीजा तय नहीं था।

    दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 229 रन का लक्ष्य हासिल कर आईपीएल इतिहास की टॉप पांच रनचेज में अपनी जगह बना ली। इस तरह एक ही दिन में दो बड़ी चेज ने क्रिकेट फैंस को रोमांच का डबल डोज दिया।

    व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो केएल राहुल ने 152 रन की नाबाद पारी खेलकर इतिहास रच दिया। यह आईपीएल में किसी भारतीय बल्लेबाज की अब तक की सबसे बड़ी पारी बन गई। उन्होंने 150 से ज्यादा रन बनाकर खुद को टी20 के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों की सूची में और ऊपर पहुंचा दिया।

    वहीं युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने भी तूफानी अंदाज में 36 गेंदों पर शतक जड़ दिया। उन्होंने अपनी इस पारी में 12 छक्के लगाकर दर्शकों को हैरान कर दिया। खास बात यह रही कि इससे पहले भी वह 35 गेंदों पर शतक जड़ चुके हैं जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रमाण है।

    हालांकि इस दिन की सबसे दिलचस्प और भावुक बात यह रही कि इतने शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन के बावजूद केएल राहुल और वैभव सूर्यवंशी दोनों ही खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा। यानी उनके शतक टीम के काम नहीं आ सके।

    इस ऐतिहासिक दिन में कुल 2 शतक और 6 अर्धशतक लगे जो यह दिखाता है कि बल्लेबाज किस तरह फॉर्म में थे। 25 अप्रैल 2026 को आईपीएल में जो कुछ हुआ उसने यह साबित कर दिया कि यह लीग क्यों दुनिया की सबसे रोमांचक टी20 लीग मानी जाती है।

    कुल मिलाकर यह दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं था जहां हर मैच में रिकॉर्ड टूटे और नए इतिहास बने। आने वाले समय में जब भी आईपीएल के सबसे यादगार पलों की बात होगी तो 25 अप्रैल 2026 का नाम सबसे ऊपर जरूर लिया जाएगा।

  • गुपचुप शादी कर सबको चौंकाया शानू शर्मा ने तस्वीरें शेयर कर बढ़ाई उत्सुकता

    गुपचुप शादी कर सबको चौंकाया शानू शर्मा ने तस्वीरें शेयर कर बढ़ाई उत्सुकता


    नई दिल्ली । बॉलीवुड इंडस्ट्री में जहां सितारों की हर छोटी बड़ी खबर सुर्खियां बनती है वहीं पर्दे के पीछे काम करने वाले कुछ नाम ऐसे भी होते हैं जो अपनी पहचान अपने काम से बनाते हैं। उन्हीं में से एक हैं शानू शर्मा जिन्होंने अब अपनी निजी जिंदगी में एक बड़ा कदम उठाते हुए शादी कर ली है। इस खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया क्योंकि यह एकदम सीक्रेट तरीके से हुई और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

    यश राज फिल्म्स की प्रमुख कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में जानी जाने वाली शानू शर्मा ने शनिवार को अचानक अपनी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। इन तस्वीरों के सामने आते ही फैंस और सेलेब्स के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि इन तस्वीरों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि उन्होंने अपने पति का चेहरा पूरी तरह छिपाकर रखा है जिससे सस्पेंस और भी गहरा गया है।

    शानू शर्मा ने अपनी शादी को बेहद निजी रखा और केवल परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में इस रिश्ते को आधिकारिक रूप दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि माता पिता के आशीर्वाद और भगवान की कृपा से उन्हें जीवनसाथी के रूप में एक बेहद खास इंसान मिला है। उनके शब्दों में इस रिश्ते के प्रति भावनात्मक जुड़ाव साफ झलकता है और उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शादी का बड़ा जश्न अभी बाकी है।

    तस्वीरों में शानू शर्मा लाल रंग के खूबसूरत आउटफिट में बेहद आकर्षक नजर आ रही हैं जबकि उनके पति आइवरी रंग की शेरवानी में नजर आए। एक फोटो में वह अपने पति को गाल पर किस करते हुए दिखाई दीं जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। हालांकि चेहरे को छिपाकर उन्होंने उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    जैसे ही यह खबर सामने आई बॉलीवुड के कई बड़े सितारों ने उन्हें बधाइयां दीं। रणवीर सिंह परिणीति चोपड़ा कृति सेनन और वरुण धवन समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर प्यार भरे संदेश भेजे। इसके अलावा रश्मिका मंदाना वाणी कपूर और खुशी कपूर जैसे सितारों ने भी इस जोड़े को शुभकामनाएं दीं।

    शानू शर्मा का नाम बॉलीवुड के उन दिग्गजों में शामिल है जो पर्दे के पीछे रहकर बड़े सितारों को पहचान दिलाने का काम करते हैं। उन्होंने कई सफल कलाकारों को इंडस्ट्री में मौका दिया जिनमें रणवीर सिंह भूमि पेडनेकर वाणी कपूर और अर्जुन कपूर जैसे नाम शामिल हैं।

    इस तरह शानू शर्मा की यह सीक्रेट वेडिंग न सिर्फ उनकी निजी जिंदगी की नई शुरुआत है बल्कि बॉलीवुड में चर्चा का बड़ा विषय भी बन गई है। अब फैंस को इंतजार है उस पल का जब वह अपने पति की पहचान भी दुनिया के सामने लाएंगी।

  • सलमान खान की तेरे नाम ठुकराना अमीषा पटेल को पड़ा भारी सालों बाद छलका अफसोस

    सलमान खान की तेरे नाम ठुकराना अमीषा पटेल को पड़ा भारी सालों बाद छलका अफसोस


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित फिल्म तेरे नाम आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है और सलमान खान के करियर की यह एक अहम फिल्म मानी जाती है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद अमीषा पटेल थीं। अब सालों बाद खुद अमीषा पटेल ने इस बात का खुलासा किया है और साथ ही यह भी बताया है कि उन्होंने इस फिल्म को क्यों ठुकरा दिया था।

    अमीषा पटेल ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जब सलमान खान ने उन्हें तेरे नाम का ऑफर दिया था तब फिल्म अपने शुरुआती दौर में थी। उस समय फिल्म का पूरा ढांचा तैयार नहीं था बल्कि केवल कुछ गाने और एक बेसिक कहानी का आइडिया ही मौजूद था। सलमान खान इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित थे और उन्होंने अमीषा को गाने भी सुनाए थे जो उन्हें काफी पसंद आए थे। इसके बावजूद फिल्म को लेकर कई तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई थीं।

    अमीषा के मुताबिक उस समय न तो फिल्म का शेड्यूल तय था और न ही यह स्पष्ट था कि इसका निर्देशन कौन करेगा। प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटका रहा और अलग अलग निर्देशकों के नाम सामने आते रहे। ऐसे में एक कलाकार के तौर पर उनके लिए यह तय करना मुश्किल हो गया कि वह इस अनिश्चित फिल्म के लिए अपनी बाकी फिल्मों को छोड़ दें।

    उन्होंने बताया कि उस दौरान वह पहले ही कई अन्य फिल्मों के लिए अपनी तारीखें दे चुकी थीं और अपने काम को लेकर पूरी तरह कमिटेड थीं। तेरे नाम का काम कभी शुरू होने की उम्मीद जगाता तो कभी टल जाता जिससे स्थिति और ज्यादा उलझती चली गई। इसी वजह से उन्हें इस फिल्म को छोड़ने का फैसला लेना पड़ा।

    अमीषा पटेल ने यह भी स्वीकार किया कि जब आखिरकार फिल्म पूरी तरह तैयार हुई और सतीश कौशिक ने निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उस समय तक वह अपने अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हो चुकी थीं और उनके पास इस फिल्म के लिए समय नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि अगर उस समय फिल्म के साथ एक फिक्स डायरेक्टर और तय शेड्यूल होता तो वह कभी इस मौके को हाथ से नहीं जाने देतीं।

    इस फैसले को लेकर आज भी अमीषा को अफसोस है क्योंकि तेरे नाम बाद में एक कल्ट फिल्म साबित हुई। फिल्म में सलमान खान का राधे मोहन किरदार और उनका खास हेयरस्टाइल युवाओं के बीच जबरदस्त ट्रेंड बन गया था। इसके साथ ही फिल्म का संगीत भी सुपरहिट रहा जिसने इसे और ज्यादा लोकप्रिय बना दिया।

    अमीषा के इस रोल को ठुकराने के बाद यह मौका भूमिका चावला को मिला जिन्होंने इसी फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा और पहली ही फिल्म से दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना ली। तेरे नाम ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की बल्कि इसे हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में भी शामिल कर दिया गया।

    आज जब अमीषा पटेल इस फैसले को याद करती हैं तो उन्हें लगता है कि यह उनके करियर का एक बड़ा मिस्ड अवसर था। यह कहानी एक बार फिर यह साबित करती है कि फिल्म इंडस्ट्री में सही समय पर लिया गया फैसला किस तरह किसी कलाकार की दिशा और पहचान को बदल सकता है।

  • वजन बढ़ा तो सपना अधूरा रह सकता है मोटापा कैसे कर रहा प्रेग्नेंसी प्लानिंग को प्रभावित

    वजन बढ़ा तो सपना अधूरा रह सकता है मोटापा कैसे कर रहा प्रेग्नेंसी प्लानिंग को प्रभावित


    नई दिल्ली । आज के दौर में मोटापा सिर्फ एक लाइफस्टाइल समस्या नहीं रह गया है बल्कि यह धीरे धीरे प्रजनन क्षमता पर गहरा असर डालने वाला बड़ा खतरा बनता जा रहा है। बदलती जीवनशैली गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण बढ़ता वजन अब उन कपल्स के लिए भी चिंता का विषय बन चुका है जो माता पिता बनने का सपना देख रहे हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार अधिक वजन महिलाओं और पुरुषों दोनों की फर्टिलिटी को प्रभावित करता है। यह असर शरीर के हार्मोनल संतुलन पर पड़ता है जिससे गर्भधारण की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। कई मामलों में कंसीव करने में ज्यादा समय लगने लगता है और कभी कभी मेडिकल सहायता की जरूरत भी पड़ती है।

    महिलाओं की बात करें तो शरीर में अतिरिक्त चर्बी हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ सकती है। इससे ओव्यूलेशन अनियमित हो जाता है या पूरी तरह रुक सकता है। यह स्थिति गर्भधारण की संभावना को सीधे तौर पर कम कर देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापा पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी PCOS से भी जुड़ा हुआ है जो महिलाओं में बांझपन की एक प्रमुख वजह माना जाता है। इसके अलावा जिन महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स अधिक होता है उनमें प्राकृतिक रूप से गर्भधारण में अधिक समय लग सकता है और IVF जैसे ट्रीटमेंट की सफलता दर भी कम हो सकती है।

    वहीं पुरुषों पर भी मोटापे का असर कम गंभीर नहीं है। अतिरिक्त वजन के कारण शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर घट सकता है जिससे स्पर्म काउंट कम हो जाता है। इसके साथ ही स्पर्म की गुणवत्ता और उनकी गति पर भी असर पड़ता है। इसका सीधा परिणाम यह होता है कि गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है। यदि इसके साथ खराब खानपान तनाव और शारीरिक निष्क्रियता जुड़ जाए तो समस्या और बढ़ सकती है।

    हालांकि राहत की बात यह है कि इस समस्या को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार यदि व्यक्ति अपने शरीर के वजन में सिर्फ पांच से दस प्रतिशत की कमी भी लाता है तो इससे फर्टिलिटी में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। संतुलित आहार नियमित व्यायाम पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित करना इस दिशा में बेहद प्रभावी कदम साबित हो सकते हैं।

    स्वास्थ्य संस्थानों का भी मानना है कि गर्भधारण की योजना बनाने से पहले हेल्दी वजन बनाए रखना जरूरी है। इससे न सिर्फ कंसीव करने की संभावना बढ़ती है बल्कि मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। समय पर मेडिकल जांच और सही सलाह लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

    भारत में तेजी से बढ़ते मोटापे के मामलों को देखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि लोग इस समस्या को सिर्फ बाहरी रूप से न देखें बल्कि इसके अंदर छिपे स्वास्थ्य जोखिमों को भी समझें। प्रजनन क्षमता पर इसका प्रभाव एक गंभीर संकेत है जिसे नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।

    इसलिए यदि आप माता पिता बनने की योजना बना रहे हैं तो अपने वजन पर ध्यान देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। एक स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ परिवार की नींव रख सकता है और यही छोटी सी समझ आने वाले समय में बड़े बदलाव ला सकती है।