Author: bharati

  • ममता का दावा 100 सीटें जीतने का, अमित शाह बोले- BJP जीतेगी 110 सीटें, बंगाल में सियासी जंग तेज

    ममता का दावा 100 सीटें जीतने का, अमित शाह बोले- BJP जीतेगी 110 सीटें, बंगाल में सियासी जंग तेज


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गर्म है और दूसरे चरण के मतदान से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दोनों दलों ने पहले चरण के मतदान को लेकर अलग-अलग बड़े दावे किए हैं।

    तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि पहले चरण में उनकी पार्टी ने 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बना ली है। भवानीपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी इस चुनाव में भारी जीत की ओर बढ़ रही है और अगर जनता का समर्थन मिला तो पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिलेगा।

    ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी चुनावी दबाव में है और उनके खिलाफ केंद्र सरकार पूरी ताकत झोंक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को कमजोर करने के लिए बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर केंद्रीय बल और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद भाजपा उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। भवानीपुर सीट का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि वे इस क्षेत्र से तीन बार जीत चुकी हैं और इस बार भी जनता का भरोसा उनके साथ है।

    वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पलटवार करते हुए दावा किया कि पहले चरण की 142 सीटों में से भाजपा 110 सीटों पर आगे है। मिदनापुर की रैली में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह परिणाम भाजपा के लिए बड़ी जीत का संकेत है और राज्य में परिवर्तन तय है।

    अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और राज्य को भयमुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज की घटना और संदेशखाली में महिलाओं पर कथित अत्याचार जैसे मामलों का उल्लेख किया।

    शाह ने यह भी कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही हैं। इसके अलावा उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर मतुआ समुदाय को नागरिकता देने का काम किया जाएगा।

  • डिजिटल स्क्रीन पर लौटेगा रिश्तों का अधूरा सच! वेब सीरीज में तब्दील होगी करण जौहर की 'कभी अलविदा ना कहना', ओटीटी पर मचेगा धमाल।

    डिजिटल स्क्रीन पर लौटेगा रिश्तों का अधूरा सच! वेब सीरीज में तब्दील होगी करण जौहर की 'कभी अलविदा ना कहना', ओटीटी पर मचेगा धमाल।

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में प्रेम और विवाह के पारंपरिक ढांचों को चुनौती देने वाली फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ एक बार फिर सुर्खियों में है। लगभग दो दशक पहले बड़े पर्दे पर तहलका मचाने वाली इस कहानी को अब एक नए और विस्तृत कलेवर में पेश करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

    फिल्म निर्माता करण जौहर ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि वह इस कल्ट क्लासिक फिल्म को एक लंबी वेब सीरीज के रूप में विकसित कर रहे हैं। साल 2006 में जब यह फिल्म रिलीज हुई थी, तब इसने समाज में विवाहेतर संबंधों (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) जैसे संवेदनशील विषय पर एक बड़ी बहस छेड़ दी थी। अब बदलते दौर के साथ, इस कहानी को ओटीटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से और भी अधिक गहराई से दर्शकों के सामने लाने की योजना है।

    करण जौहर ने इस प्रोजेक्ट के बारे में साझा करते हुए उन दिनों को याद किया जब इस फिल्म के विषय को लेकर लोगों की राय काफी बंटी हुई थी। उस समय कई आलोचकों और दर्शकों ने फिल्म का विरोध करते हुए इसे ‘बेवफाई को बढ़ावा देने वाला’ बताया था।

    हालांकि, करण का हमेशा से यह तर्क रहा कि उन्होंने केवल समाज के उस कड़वे सच को पर्दे पर उतारा जो अक्सर बंद कमरों के पीछे छिपा रहता है। करण का मानना है कि फिल्म के सीमित समय में वह सभी भावनाओं और परिस्थितियों को पूरी तरह से नहीं दिखा पाए थे, जिसे अब वेब सीरीज के लंबे प्रारूप (Long-form format) में बखूबी विस्तार दिया जा सकता है।

    फिलहाल, इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए प्रमुख डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत का दौर जारी है। हालांकि करण ने अभी सीरीज की नई स्टार कास्ट और निर्देशन की कमान किसके हाथ में होगी, इसका खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इसे एक भव्य शो के रूप में प्रोड्यूस किया जाएगा।

    मूल फिल्म में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन और प्रीति जिंटा जैसे बड़े सितारों ने काम किया था, जिन्होंने अपनी अदाकारी से रिश्तों की उलझन को बखूबी पर्दे पर उतारा था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वेब सीरीज के आधुनिक दौर में उन किरदारों को निभाने के लिए किन कलाकारों का चयन किया जाता है।

    व्यावसायिक दृष्टि से भी ‘कभी अलविदा ना कहना’ एक सफल फिल्म रही थी, जिसने वैश्विक स्तर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। करण जौहर, जो हाल के वर्षों में निर्देशन से ज्यादा निर्माण और नए प्रयोगों पर ध्यान दे रहे हैं, के लिए यह सीरीज उनके करियर का एक महत्वपूर्ण डिजिटल कदम साबित हो सकती है।

    रिश्तों के उतार-चढ़ाव, अधूरे प्यार और वैवाहिक जीवन की चुनौतियों को समेटे यह सीरीज निश्चित रूप से दर्शकों को एक बार फिर भावनाओं के गहरे समंदर में ले जाएगी। फैंस को अब इंतजार है उस आधिकारिक घोषणा का, जब इस सीरीज की रिलीज डेट और कास्ट से पर्दा उठेगा।

  • मुझ पर 36 केस, ममता पर मेहरबानी क्‍यों? राहुल गांधी ने मोदी सरकार और TMC दोनों पर साधा निशाना

    मुझ पर 36 केस, ममता पर मेहरबानी क्‍यों? राहुल गांधी ने मोदी सरकार और TMC दोनों पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हुगली जिले के सेरामपुर में आयोजित रैली में केंद्र सरकार BJP-RSS और ममता बनर्जी की TMC पर एक साथ तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ 36 केस दर्ज किए गए और ED ने 55 घंटे पूछताछ की लेकिन ममता बनर्जी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

    राहुल गांधी ने दावा किया कि इसका कारण यह है कि ममता बनर्जी BJP से सीधे तौर पर मुकाबला नहीं करतीं इसलिए उन्हें केंद्र से राहत मिलती है। रैली में राहुल ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष चल रहा है। एक ओर कांग्रेस है जो संविधान एकता और भाईचारे की बात करती है जबकि दूसरी ओर BJP है जो उनके अनुसार नफरत और हिंसा फैलाने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और BJP समाज में विभाजन पैदा करते हैं और धर्म के नाम पर लोगों को बांटते हैं।

    कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इसका उद्देश्य देश में प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाना था। वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्राओं को भारत तोड़ो यात्रा बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश को बांटने की राजनीति कर रही है।

    प्रधानमंत्री मोदी पर हमला जारी रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में उन्होंने देश के हितों से समझौता किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील में कृषि छोटे उद्योग ऊर्जा क्षेत्र और देश का डेटा प्रभावित हुआ। राहुल ने यह भी कहा कि कोई भी मजबूत प्रधानमंत्री दबाव में आकर ऐसा फैसला नहीं लेता।

    ममता बनर्जी पर सवाल उठाते हुए राहुल ने अपने खिलाफ कार्रवाई का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उन पर कई राज्यों में केस चल रहे हैं उनसे लंबी पूछताछ हुई यहां तक कि उनकी लोकसभा सदस्यता भी चली गई। इसके मुकाबले उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के खिलाफ न तो ED और न ही CBI ने कोई ठोस कार्रवाई की।

    बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में नौकरी पाने के लिए TMC से जुड़ाव जरूरी हो गया है। उन्होंने हिंदुस्तान मोटर्स की बंद फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि जो बंगाल कभी औद्योगिक रूप से मजबूत था वह अब पिछड़ गया है।

    इसके अलावा उन्होंने शारदा और रोज वैली जैसे पोंजी घोटालों कोयला तस्करी और अवैध खनन का मुद्दा उठाया। राहुल ने आरोप लगाया कि राज्य में हर काम के लिए गुंडा टैक्स देना पड़ता है जिससे आम जनता परेशान है।

  • लुंगी एनगिडी के लिए 'देवदूत' बनी दिल्ली पुलिस, 11 मिनट के ग्रीन कॉरिडोर ने बचाई स्टार गेंदबाज की जान।

    लुंगी एनगिडी के लिए 'देवदूत' बनी दिल्ली पुलिस, 11 मिनट के ग्रीन कॉरिडोर ने बचाई स्टार गेंदबाज की जान।

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले के दौरान खेल का मैदान अचानक एक आपातकालीन केंद्र में बदल गया। दिल्ली और पंजाब के बीच चल रहे मैच में दिल्ली की टीम के मुख्य तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी एक कैच लपकने के प्रयास में गंभीर रूप से चोटिल हो गए।

    सिर के बल जमीन पर गिरने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई थी, जिसे देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत महसूस हुई। इस नाजुक समय में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पेशेवर मुस्तैदी का एक नया उदाहरण पेश किया। भारी ट्रैफिक और पीक ऑवर्स के बावजूद, पुलिस ने महज 11 मिनट के भीतर एक सुरक्षित ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर एम्बुलेंस को अस्पताल पहुँचाया, जिससे खिलाड़ी को समय पर आवश्यक चिकित्सा मिल सकी।

    यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मैच की दूसरी पारी के तीसरे ओवर के दौरान घटी। विपक्षी टीम के बल्लेबाज ने एक ऊँचा शॉट खेला, जिसे पकड़ने के लिए एनगिडी पीछे की ओर दौड़े, लेकिन संतुलन बिगड़ने की वजह से वह सिर के बल जमीन पर गिर पड़े। गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके सिर का पिछला हिस्सा सीधे जमीन से टकराया और वे दर्द से कराहने लगे।

    मैदान पर मौजूद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत उन्हें विशेष अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। स्टेडियम से अस्पताल की दूरी और दिल्ली की सड़कों के दबाव को देखते हुए यह एक कठिन कार्य था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने इसे मिशन मोड में पूरा किया।

    ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने पुलिस कंट्रोल रूम के साथ बेहतरीन समन्वय स्थापित किया। जैसे ही मेडिकल इमरजेंसी की पुष्टि हुई, स्टेडियम से लेकर राजेंद्र नगर स्थित स्पेशलिटी अस्पताल तक के पूरे मार्ग को एम्बुलेंस के लिए खाली करा दिया गया।

    ट्रैफिक सिग्नल को मैन्युअल रूप से नियंत्रित कर यह सुनिश्चित किया गया कि एम्बुलेंस को कहीं भी रुकना न पड़े। पुलिसकर्मियों की इस तत्परता का ही परिणाम था कि यह सफर रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर की चोट के मामलों में समय की बहुत अहमियत होती है और पुलिस की इस फुर्ती ने एनगिडी के खतरे को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि अस्पताल में गहन परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने लुंगी एनगिडी को खतरे से बाहर बताया। उन्हें किसी भी प्रकार की कोई गहरी आंतरिक चोट नहीं आई है और शनिवार देर रात ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    खेल के लिहाज से भले ही दिल्ली को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा हो और पंजाब ने टी20 इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस की इस मानवीय पहल की जमकर सराहना हो रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपातकालीन स्थिति में तकनीकी और पेशेवर तालमेल कैसे अनमोल जिंदगियां बचा सकता है।
  • आईपीएल 2026 में राहुल का तूफान! 16 चौके और 9 छक्कों से दहला पंजाब, 150 का आंकड़ा छूकर रचा नया इतिहास।

    आईपीएल 2026 में राहुल का तूफान! 16 चौके और 9 छक्कों से दहला पंजाब, 150 का आंकड़ा छूकर रचा नया इतिहास।

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के मंच पर शनिवार को एक ऐसा चमत्कार हुआ जिसे क्रिकेट प्रेमी सदियों तक याद रखेंगे। दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलते हुए स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने पंजाब के खिलाफ बल्लेबाजी का वो स्तर दिखाया, जिसने आधुनिक क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी।

    राहुल ने मैदान के चारों ओर 16 शानदार चौके और 9 गगनचुंबी छक्के जड़ते हुए नाबाद 152 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। यह स्कोर केवल एक मैच का परिणाम नहीं था, बल्कि उन तमाम दिग्गजों के रिकॉर्ड्स की विदाई थी जो अब तक इस लीग के शीर्ष पर काबिज थे। इस तूफानी पारी के साथ ही राहुल ने यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें इस पीढ़ी के सबसे तकनीकी रूप से सक्षम और आक्रामक बल्लेबाजों में गिना जाता है।

    इस पारी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि केएल राहुल अब आईपीएल के इतिहास में 150 रनों की व्यक्तिगत पारी खेलने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। भारत के लिए टी20 प्रारूप में यह कारनामा करने वाले वे दूसरे खिलाड़ी हैं, लेकिन आईपीएल के विशाल मंच पर यह कीर्तिमान स्थापित करने वाले वे इकलौते भारतीय हैं।

    अब वे आईपीएल की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों की सर्वकालिक सूची में तीसरे स्थान पर पहुँच गए हैं, जहाँ उनसे आगे केवल क्रिस गेल (175*) और ब्रेंडन मैकुलम (158*) जैसे विदेशी नाम शामिल हैं। राहुल का यह प्रदर्शन न केवल उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ है, बल्कि यह दिल्ली की टीम के लिए पूरे सीजन का सबसे बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ भी माना जा रहा है।

    मैच के दौरान रिकॉर्ड्स टूटने का सिलसिला यहीं नहीं थमा। राहुल ने नीतीश राणा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 220 रनों की अविश्वसनीय साझेदारी की। यह साझेदारी आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी पार्टनरशिप बन गई है, जिसमें पहले स्थान पर अभी भी विराट कोहली और एबी डिविलियर्स (229 रन) का नाम दर्ज है।

    इसके साथ ही, केएल राहुल ने अपने करियर का छठा आईपीएल शतक पूरा कर ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल के शतकों की बराबरी कर ली है। अब उनके निशाने पर विराट कोहली के सर्वाधिक 8 शतकों का रिकॉर्ड है। अपनी वर्तमान टीम के लिए यह राहुल का दूसरा शतक था, जिसके साथ वे अपनी टीम की ओर से सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की श्रेणी में भी शीर्ष पर पहुँच गए हैं।

    आंकड़ों के आईने में देखें तो केएल राहुल अब एक ऐसी ‘रन मशीन’ बन चुके हैं जिसे रोकना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए चुनौती है। 5500 से अधिक रन और लगभग 47 के औसत के साथ वे लीग के सबसे निरंतर खिलाड़ियों में शुमार हैं। 1000 से अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में राहुल की निरंतरता बेजोड़ है।

    इस ऐतिहासिक पारी ने न केवल पंजाब की टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, बल्कि क्रिकेट के पंडितों को भी यह मानने पर मजबूर कर दिया कि 2026 का यह सीजन केएल राहुल के नाम होने वाला है। दिल्ली की यह जीत और राहुल का यह बल्ला, आने वाले मैचों के लिए विपक्षी टीमों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

  • बिना शराब पिए भी खराब हो सकता है आपका लिवर; जंक फूड और पेनकिलर्स के इस घातक गठजोड़ को पहचानें।

    बिना शराब पिए भी खराब हो सकता है आपका लिवर; जंक फूड और पेनकिलर्स के इस घातक गठजोड़ को पहचानें।

    नई दिल्ली। मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण इंजन कहा जाने वाला ‘लिवर’ आज एक अनचाहे खतरे के साये में है। अक्सर माना जाता है कि लिवर की खराबी का एकमात्र कारण अत्यधिक शराब का सेवन है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि हमारी आधुनिक जीवनशैली की कुछ सामान्य चीजें शराब से भी अधिक तेजी से इस अंग को नष्ट कर रही हैं।

    लिवर न केवल शरीर से जहरीले तत्वों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालता है, बल्कि यह पाचन के लिए पित्त बनाने और महत्वपूर्ण विटामिन्स को स्टोर करने का कार्य भी करता है। यदि इसमें सूजन या खराबी आती है, तो यह पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को ठप कर सकता है। दुर्भाग्यवश, आजकल हर दूसरा व्यक्ति ‘फैटी लिवर’ की समस्या से जूझ रहा है, जिसका मुख्य कारण वह भोजन है जिसे हम सुरक्षित और सामान्य समझकर खा रहे हैं।

    लिवर को चुपचाप नुकसान पहुँचाने वाली चीजों में सबसे ऊपर प्रोसेस्ड और पैकेट बंद खाद्य पदार्थ आते हैं। इन डिब्बाबंद स्नैक्स में नमक, चीनी और कृत्रिम प्रिजर्वेटिव्स की भारी मात्रा होती है, जो लिवर की कोशिकाओं में सूजन पैदा करती है। इसी श्रेणी में अत्यधिक चीनी वाले आहार भी शामिल हैं। जब हम सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स या बहुत अधिक मीठा खाते हैं, तो लिवर उस अतिरिक्त शुगर को फैट में बदलने लगता है।

    समय के साथ यह फैट लिवर में जमा होकर सिरोसिस और फाइब्रोसिस जैसी जानलेवा बीमारियों का मार्ग प्रशस्त करता है, जहाँ लिवर पूरी तरह काम करना बंद कर सकता है।

    एक और गंभीर खतरा बिना डॉक्टरी सलाह के सप्लीमेंट्स और प्रोटीन पाउडर के सेवन से जुड़ा है। फिटनेस के प्रति बढ़ते जुनून के कारण कई लोग बिना उचित जानकारी के भारी मात्रा में सप्लीमेंट्स लेते हैं, जो लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। इसके साथ ही, मामूली शारीरिक दर्द के लिए बार-बार पेनकिलर्स (दर्द निवारक दवाएं) लेना भी एक आत्मघाती कदम साबित हो सकता है।

    ये दवाएं रक्त के माध्यम से सीधे लिवर तक पहुँचती हैं और उसे अंदर से डैमेज करना शुरू कर देती हैं। वहीं, जंक फूड और डीप फ्राइड आइटम्स जैसे मोमोज, चाऊमीन और फ्रेंच फ्राइज में इस्तेमाल होने वाला तेल लिवर की पाचन शक्ति को नष्ट कर देता है।

    लिवर की सेहत को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है क्योंकि यह विटामिन A, D, E और B12 का मुख्य भंडार है। शराब जहाँ इन पोषक तत्वों को सोख लेती है, वहीं ये पांचों ‘साइलेंट किलर’ लिवर की फिल्टर करने की क्षमता को खत्म कर देते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर की रक्षा के लिए प्राकृतिक और संतुलित आहार ही सबसे उत्तम मार्ग है। यदि आप भी नियमित रूप से बाजार के तले-भुने खाने या बिना जरूरत दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो आज ही संभलने की जरूरत है। स्वस्थ जीवन जीने के लिए लिवर का ‘हैप्पी और हेल्दी’ होना अनिवार्य है।

  • मात्र 10 रुपये में मिलेगा भरपूर प्रोटीन, शरीर को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताया सबसे सस्ता तरीका।

    मात्र 10 रुपये में मिलेगा भरपूर प्रोटीन, शरीर को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताया सबसे सस्ता तरीका।

    नई दिल्ली। फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के प्रति बढ़ते रुझान के बीच आज हर कोई एक सुडौल और ताकतवर शरीर की चाहत रखता है। आमतौर पर यह माना जाता है कि बेहतर मसल्स बनाने के लिए अंडे, चिकन या महंगे सप्लीमेंट्स ही एकमात्र विकल्प हैं, लेकिन पोषण विशेषज्ञों ने एक ऐसी सस्ती और सुलभ चीज को ‘प्रोटीन का पावरहाउस’ माना है जो इन सभी को कड़ी टक्कर दे रही है।

    हम बात कर रहे हैं सोयाबीन की, जिसे सोया चंक्स के रूप में भी जाना जाता है। शाकाहारियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह न केवल शरीर की प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है, बल्कि बेहद कम खर्च में आपको एक एथलीट जैसी फिटनेस प्रदान करने की क्षमता रखता है।

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो सोयाबीन में मौजूद पोषण इसे दुनिया के सबसे प्रभावी सुपरफूड्स की श्रेणी में खड़ा करता है। इसके प्रति 100 ग्राम में लगभग 36.5 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है, जो पनीर या किसी भी मांसाहारी आहार की तुलना में काफी अधिक है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोयाबीन में सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो कठिन वर्कआउट के बाद मांसपेशियों की मरम्मत (Muscle Recovery) और उनके विकास के लिए अनिवार्य होते हैं। यही कारण है कि अब दुनिया भर के फिटनेस प्रेमी अपनी डाइट में सोया चंक्स, टोफू और सोया दूध को प्रमुखता से शामिल कर रहे हैं।

    सोयाबीन के फायदे केवल मांसपेशियों तक ही सीमित नहीं हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर, आयरन, कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के संपूर्ण विकास में सहायक होते हैं। यह हड्डियों को मजबूती देने के साथ-साथ हृदय की धमनियों को भी स्वस्थ रखता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

    वजन कम करने के इच्छुक लोगों के लिए भी सोयाबीन एक आदर्श विकल्प है; इसमें प्रोटीन की अधिकता के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे अनावश्यक कैलोरी लेने की इच्छा कम हो जाती है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी तेजी से घटने लगती है।

    इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना भी बेहद आसान है। सोया चंक्स का उपयोग स्वादिष्ट सब्जी, पुलाव या सलाद के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा, सोया मिल्क उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो डेयरी उत्पादों से परहेज करते हैं।

    हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी आहार का लाभ तभी मिलता है जब उसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। सीमित और नियमित रूप से सोयाबीन को अपनी थाली में जगह देकर आप न केवल अपनी शारीरिक ताकत बढ़ा सकते हैं, बल्कि बिना जेब पर बोझ डाले एक ‘फौलादी’ व्यक्तित्व के मालिक बन सकते हैं।

  • 'ग्लोरी' से लेकर 'बैचमेट्स' तक, इस हफ्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगेगा मनोरंजन का मेला।

    'ग्लोरी' से लेकर 'बैचमेट्स' तक, इस हफ्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगेगा मनोरंजन का मेला।

    नई दिल्ली। गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में एक बड़ा धमाका होने जा रहा है। 26 अप्रैल से लेकर 1 मई के बीच विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नई फिल्मों और वेब सीरीज की एक बड़ी लहर आने वाली है। अगर आप भी घर बैठे बेहतरीन कंटेंट का आनंद लेना चाहते हैं, तो अपनी वॉच लिस्ट तैयार करने का यह सबसे सही समय है।

    इस हफ्ते दर्शकों को हिंदी, तेलुगू और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में कॉमेडी, हॉरर, सस्पेंस और एक्शन का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि इस बार बच्चों के लिए खास एनिमेशन से लेकर युवाओं के लिए कॉलेज लाइफ ड्रामा और बड़ों के लिए डार्क क्राइम थ्रिलर—हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ विशेष पेश किया जा रहा है।

    इस हफ्ते की सबसे बहुप्रतीक्षित रिलीज में ‘ग्लोरी’ का नाम सुर्खियों में है। 1 मई को रिलीज होने वाली यह वेब सीरीज खेल की दुनिया के संघर्ष और जुनून की कहानी कहती है, जिसमें पुलकित सम्राट और दिव्येंदु शर्मा जैसे दिग्गज कलाकार अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरते नजर आएंगे।

    वहीं, जो लोग अपराध जगत की सच्ची कहानियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए 27 अप्रैल को ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ नाम की एक क्राइम डॉक्यूमेंट्री पेश की जा रही है, जो पंजाब के आपराधिक इतिहास के कुछ अनछुए पहलुओं को उजागर करेगी। इसके साथ ही, आज यानी 26 अप्रैल से लाइव इवेंट के शौकीनों के लिए ‘सुपरनोवा स्ट्राइकर्स’ शुरू हो रहा है, जहाँ मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज बॉक्सिंग रिंग में मुकाबला करते दिखेंगे।

    रोमांच और डर का अनुभव चाहने वालों के लिए 29 अप्रैल को ‘द हाउस ऑफ द स्पिरिट्स’ रिलीज होने वाली है। यह सीरीज एक परिवार के गहरे रहस्यों और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटनाओं पर आधारित है। वहीं, 30 अप्रैल को सस्पेंस से भरपूर थ्रिलर ‘मैन ऑन फायर’ दस्तक देगी, जिसकी कहानी एक जांबाज शख्स की बहादुरी और बदले के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कॉलेज लाइफ को करीब से महसूस करने वाले युवाओं के लिए तेलुगू सीरीज ‘बैचमेट्स’ भी इसी हफ्ते आ रही है, जो इंजीनियरिंग कॉलेज के दिनों, दोस्तों के आपसी विवाद और रैगिंग जैसे गंभीर मुद्दों को एक नए नजरिए से पेश करती है।

    सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चों के मनोरंजन का भी इस हफ्ते पूरा ख्याल रखा गया है। 1 मई को ‘स्वैप्ड’ नाम की एक शानदार एनिमेटेड फैंटसी फिल्म रिलीज हो रही है, जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है। इसके अलावा, फैशन और ग्लैमर की दुनिया के उतार-चढ़ाव दिखाने वाली फिल्म ‘द डेविल वियर्स प्राडा 2’ भी 1 मई को डिजिटल पर्दे पर वापसी कर रही है।

    चाहे वह संगीत प्रेमियों के लिए किसी म्यूजिक ग्रुप का अमेरिकी सफर हो या एक पादरी और आम लड़की की प्रेम कहानी वाली फिल्म ‘माई डियरेस्ट सेनोरीटा-यह हफ्ता हर मायने में मनोरंजन से भरपूर होने वाला है। तो बस, अपनी पसंद की सीरीज चुनें और तैयार हो जाएं एक शानदार फिल्मी सफर के लिए।

  • एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

    एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन) के साथ भोपाल और नर्मदापुरम में भी तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार को प्रदेश के 6 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर सहित 22 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। 27 अप्रैल से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    जिन जिलों में रविवार को लू की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना रहने का अनुमान है।

    तेज गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन में भी 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि भोपाल के कुछ स्कूलों ने भी अवकाश का निर्णय लिया है।

    शनिवार को गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.5 डिग्री, दतिया और धार में 44.1 डिग्री, नौगांव और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री और गुना-सतना में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में 42.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इस बीच, तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं और एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा गया।

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अब आपके दिल की धड़कनों को पढ़ेंगे डॉक्टर, हार्ट अटैक के खतरों पर लगेगी लगाम।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अब आपके दिल की धड़कनों को पढ़ेंगे डॉक्टर, हार्ट अटैक के खतरों पर लगेगी लगाम।


    नई दिल्ली। चिकित्सा और प्रौद्योगिकी के संगम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक समस्याओं का समाधान नवाचार में ही छिपा है। झारखंड स्थित आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐसी तकनीकी छलांग लगाई है, जो भविष्य में हजारों जिंदगियां बचाने की क्षमता रखती है।

    संस्थान के कंप्यूटर साइंस विभाग के विशेषज्ञों ने ‘इकोपल्स’ (EcoPulse) नामक एक आधुनिक प्रणाली विकसित की है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर हृदय संबंधी रोगों की पहचान को बेहद सरल और सटीक बना देगी। यह तकनीक उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है, जो समय पर दिल की बीमारियों का पता न चल पाने के कारण जोखिम में रहते हैं। इस शोध की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यह जटिल जांच प्रक्रियाओं को न केवल सस्ता बनाती है, बल्कि इसकी सटीकता किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के विश्लेषण के बराबर है।

    ‘इकोपल्स’ की कार्यप्रणाली इसे दुनिया की मौजूदा तकनीकों से अलग खड़ा करती है। आमतौर पर हृदय की जांच के लिए किए जाने वाले परीक्षणों की रिपोर्ट को समझना आम आदमी तो क्या, कई बार चिकित्सा कर्मियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है।

    लेकिन यह नई तकनीक ‘सेल्फ-सुपरवाइज्ड लर्निंग’ मॉडल पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि यह मशीन बिना किसी पुराने रिकॉर्ड के भी हृदय की धड़कनों और रक्त पंप करने की क्षमता में आने वाले सूक्ष्म बदलावों को तुरंत भांप लेती है। इतना ही नहीं, वर्चुअल रियलिटी यानी आभासी वास्तविकता का उपयोग करके डॉक्टर मरीज के दिल की कार्यप्रणाली को 3D प्रारूप में देख सकते हैं। इससे दिल के किसी भी हिस्से में होने वाली रुकावट या कमजोरी को गहराई से समझना और उसका तत्काल उपचार शुरू करना संभव हो जाएगा।

    इस तकनीक का सबसे क्रांतिकारी प्रभाव भारत के ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे पर पड़ने वाला है। हमारे देश के दूरदराज के क्षेत्रों में अक्सर अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट की कमी होती है, जिससे हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों की पहचान नहीं हो पाती। ‘इकोपल्स’ इस अंतर को पाटने का काम करेगा। इसकी सरलता का लाभ उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी भी किसी विशेषज्ञ की तरह सटीक हृदय जांच कर सकेंगे।

    यह तकनीक जटिल डेटा को इतने सरल विजुअल्स में बदल देती है कि कोई भी पैरामेडिकल स्टाफ समय रहते जीवनरक्षक निर्णय लेने में सक्षम हो जाएगा। यह नवाचार ग्रामीण भारत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, जहाँ अब विशेषज्ञ सेवाओं के अभाव में इलाज में देरी नहीं होगी।

    प्रोफेसर ए.सी.एस. राव के नेतृत्व में तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट की गंभीरता को समझते हुए राष्ट्रीय स्तर पर भी इसे भारी समर्थन मिला है। अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ने इस स्वदेशी तकनीक के विकास के लिए 47 लाख रुपये की महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान की है।

    इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य चिकित्सा क्षेत्र को ‘स्मार्ट’ और ‘पारदर्शी’ बनाना है, ताकि तकनीक और मरीज के बीच कोई पर्दा न रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आविष्कार न केवल भारत में हृदय रोगों से होने वाली मृत्यु दर को कम करने में सहायक होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिकित्सा इमेजिंग के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा। यह तकनीक इस बात का प्रमाण है कि भारतीय वैज्ञानिक अपनी प्रतिभा से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।