Author: bharati

  • मौत पर नहीं चाहिए था तमाशा, वसीयत में लिख दी थी आखिरी ख्वाहिश; खंडवा की मिट्टी में ही क्यों समाना चाहते थे किशोर दा?

    मौत पर नहीं चाहिए था तमाशा, वसीयत में लिख दी थी आखिरी ख्वाहिश; खंडवा की मिट्टी में ही क्यों समाना चाहते थे किशोर दा?



    नई दिल्ली।
    भारतीय संगीत जगत के ‘अनमोल रत्न’ और अपनी बहुमुखी गायकी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले किशोर कुमार केवल अपनी आवाज के जादू के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहद अलग और उसूलपसंद अंदाज के लिए भी मशहूर थे। किशोर दा के गानों में जहाँ एक ओर मस्ती और रोमांस की खनक होती थी, वहीं दूसरी ओर जब वे दर्द भरे नग्में गाते थे, तो सुनने वालों की आंखें नम हो जाती थीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने वाले इस महान फनकार ने अपनी मौत के बाद के सफर को लेकर भी एक खास वसीयत तैयार की थी? किशोर कुमार नहीं चाहते थे कि उनके जाने के बाद उनकी अंतिम यात्रा किसी फिल्मी तमाशे या किसी बड़े “प्रीमियर” जैसी नजर आए।

    इस दिलचस्प और भावुक कर देने वाले वाकये का खुलासा मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने अपने एक शो के दौरान किया था। जावेद अख्तर ने बताया कि एक रिकॉर्डिंग के दौरान किशोर दा ने उनसे अपनी वसीयत का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने लिखित निर्देश दिए हैं कि मृत्यु के बाद उनका क्रियाकर्म उनके पैतृक शहर खंडवा में ही किया जाए। जब जावेद अख्तर ने हैरानी से इसका कारण पूछा, तो किशोर कुमार का जवाब बेहद मार्मिक था। उन्होंने कहा था कि वे मुंबई की इस ग्लैमरस दुनिया के बीच अपना अंतिम संस्कार नहीं चाहते।

    किशोर दा का मानना था कि मुंबई में किसी दिग्गज कलाकार की मौत पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री उमड़ पड़ती है, बाहर हजारों की भीड़ जमा हो जाती है और लोग सेलिब्रिटीज को देखकर शोर मचाने लगते हैं। उन्हें डर था कि कहीं उनकी अंतिम विदाई किसी फिल्म के भव्य प्रीमियर जैसी न लगने लगे। वे चाहते थे कि जिस छोटे शहर की मिट्टी से वे आए हैं, उनका शरीर उसी मिट्टी में जाकर विलीन हो जाए। यही कारण है कि आज उनकी समाधि मुंबई में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित है।

    किशोर कुमार का यह अनोखा अंदाज केवल उनकी वसीयत तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके काम करने के तरीके में भी झलकता था। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा साल 1974 में आई फिल्म ‘आपकी कसम’ के सुपरहिट गाने “जय जय शिवशंकर” से जुड़ा है। राजेश खन्ना और मुमताज पर फिल्माए गए इस गाने को आर.डी. बर्मन ने कंपोज किया था। रिकॉर्डिंग के दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर बार-बार पंचम दा आर.डी. बर्मन को बजट और पैसों के खर्च को लेकर ताने मार रहे थे। जब यह बात किशोर कुमार के कानों तक पहुँची, तो उन्होंने अपने ही अंदाज में प्रोड्यूसर को सबक सिखाने की ठानी।

    गाने के अंत में उन्होंने अचानक एक लाइन जोड़ दी- अरे बजाओ रे बजाओ, 50 हजार खर्च हो गए! यह लाइन किसी स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं थी, बल्कि प्रोड्यूसर के तानों का करारा जवाब था। किशोर दा का यह बेबाकपन और अपनी जड़ों के प्रति उनका गहरा लगाव ही उन्हें एक आम गायक से अलग कर लेजेंड बनाता है। वे एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने शोहरत के शिखर पर रहते हुए भी सादगी और अपनी मिट्टी की सुगंध को कभी ओझल नहीं होने दिया।

  • पुराने विवाद का बदला लेने के लिए नाबालिगों ने किया चाकू से हमला, छात्र की दो उंगलियां भी कट गईं

    पुराने विवाद का बदला लेने के लिए नाबालिगों ने किया चाकू से हमला, छात्र की दो उंगलियां भी कट गईं


    भोपाल से आज की एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। राजधानी भोपाल के टीला जमालपुरा क्षेत्र में गणेश चौक स्थित एक स्नूकर क्लब में 10वीं के एक छात्र पर मात्र 30 सेकेंड में 27 बार चाकू से हमला किया गया। घटना का CCTV फुटेज 22 फरवरी को सामने आया और देखते ही देखते सोशल मीडिया और पुलिस दोनों में सनसनी फैल गई।

    बताया जाता है कि इस हमले के पीछे पुराने विवाद था। हमलावर और पीड़ित एक ही कोचिंग में साथ पढ़ते थे और किसी पिछले झगड़े में थप्पड़ मारने का मामला भी शामिल था। इसी विवाद का बदला लेने के लिए दो नाबालिग आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में क्लब में घुसकर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जैसे ही छात्र ने खुद को बचाने की कोशिश की, दोनों हमलावर 30 सेकेंड के भीतर लगातार 27 बार चाकू से वार कर फरार हो गए।

    हमले के कारण पीड़ित छात्र के हाथ में 10 से अधिक कट के निशान हैं। केवल इतना ही नहीं, छात्र की दो उंगलियां भी कट गई हैं और कंधे और पीठ पर गंभीर चोटों के निशान हैं। घटना के तुरंत बाद घायल छात्र को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बचाव में लगी हुई है।

    पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज में पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फुटेज में देखा जा सकता है कि दोनों नाबालिग आरोपियों ने अपने आप को बिल्कुल फिल्मी हीरो की तरह प्रस्तुत किया और अचानक हमला किया। घटना ने आसपास के इलाके में लोगों को डर और आश्चर्य में डाल दिया है।टीला जमालपुरा थाना ने घटना के बाद तुरंत जांच शुरू की। साधारण धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धाराओं को बढ़ाया जाएगा। आरोपी नाबालिग होने के कारण फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के हमले बच्चों में बढ़ती हिंसा और तनाव का संकेत हैं। पुराने विवाद और आपसी झगड़ों का बदला लेने की मानसिकता नाबालिगों को गंभीर अपराध करने के लिए उकसाती है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि परिवार और शिक्षकों को बच्चों के बीच बढ़ते तनाव पर नजर रखनी कितनी जरूरी है।

    घटना के बाद टीला जमालपुरा इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने आस-पास के क्लबों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस लगातार गश्त बढ़ा रही है और संदिग्धों की पहचान कर रही है।

    भोपाल की यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में चिंता का विषय बन गई है। शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासन को अब मिलकर नाबालिगों के बीच हिंसा और विवादों को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाना होगा। पुलिस और परिवार दोनों ही पीड़ित छात्र के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।आज का यह मामला एक चेतावनी की तरह है कि नाबालिग अपराध और हिंसा रोकने के लिए समय रहते जागरूकता संवाद और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

  • ग्वालियर से यूथ कांग्रेस नेता गिरफ्तार, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का आरोप

    ग्वालियर से यूथ कांग्रेस नेता गिरफ्तार, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का आरोप


    ग्वालियर से एक यूथ कांग्रेस नेता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें दिल्ली ले जाया गया। इस घटना ने कांग्रेस पार्टी में भी हलचल मचा दी है। जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए नेता का नाम जितेंद्र यादव है, जो ग्वालियर के यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में रहते हैं और पूर्व प्रदेश सचिव भी रह चुके हैं। दिल्ली पुलिस को संदेह है कि वह हाल ही में दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान हुए कांग्रेस विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।

    समित कार्यक्रम के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस को इस प्रदर्शन के फुटेज और आधारों के माध्यम से यह अंदेशा है कि इसका उद्देश्य देश की छवि को प्रभावित करना हो सकता है। इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस नेता जितेंद्र यादव की तलाश शुरू की और उन्हें हिरासत में लिया।

    ग्वालियर में इस खबर ने जिला कांग्रेस में हलचल पैदा कर दी। कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह ने बताया कि हिरासत की जानकारी अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जितेंद्र यादव के घर में प्रवेश करते समय पूरे परिवार को परेशान किया और उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए। उन्होंने इस कार्रवाई को अराजकता और आतंकवादी जैसी हरकत करार दिया।

    आर पी सिंह ने आगे कहा कि सुबह से ही शहर और ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारी थाने, एसपी कार्यालय और क्राइम ब्रांच सहित कई जगहों पर जाकर जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी भी तरफ से सही जानकारी नहीं मिली है। उनका कहना है कि यदि कोई छात्र आंदोलन में शामिल हुआ है या किसी तरह के आरोप का सामना कर रहा है, तो परिवारों का अधिकार है कि वे यह जान सकें कि उनका बच्चा सुरक्षित है या नहीं।

    पुलिस के पदाधिकारी इस मामले पर कैमरे के सामने बोलने से बचते दिखे, जिससे परिवार और कांग्रेस नेताओं में चिंता और बढ़ गई। इस बीच, ग्वालियर में भी स्थानीय यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता इस घटना की गंभीरता पर चर्चा कर रहे हैं।

    इस मामले ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। यूथ कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयां लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि यह हिरासत केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।जैसे-जैसे मामले में आगे की जानकारी सामने आएगी, इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया और भी स्पष्ट होगी। 

  • लो प्रेशर एरिया और टर्फ ने बदल डाला मौसम, एमपी के 8 जिलों में बारिश का खतरा

    लो प्रेशर एरिया और टर्फ ने बदल डाला मौसम, एमपी के 8 जिलों में बारिश का खतरा


    मध्यप्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से अपनी अनिश्चितता दिखाई है और मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। शहडोल, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, उमरिया समेत आठ जिलों में आज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर सक्रिय लो प्रेशर एरिया और उस पर गुजर रही टर्फ के कारण प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है।

    पिछले रविवार को प्रदेश के दक्षिणी जिलों में मौसम की अचानक करवट देखी गई थी और अब सोमवार को पूर्वी जिलों में पानी गिरने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार बारिश केवल मौसम को ठंडा ही नहीं करेगी बल्कि कई जगहों पर तेज आंधी भी चल सकती है। खासकर सिंगरौली, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया जिलों में लोगों को मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    बारिश की वजह से प्रदेश में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। पचमढ़ी में रात का तापमान सबसे कम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, राजगढ़ में 11 डिग्री, शहडोल जिले के कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर में 11.5 डिग्री के न्यूनतम तापमान का रिकार्ड बना। इस गिरावट ने मौसम को काफी ठंडा और राहत भरा बना दिया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि लो प्रेशर एरिया और टर्फ के प्रभाव से न केवल बारिश की संभावना बढ़ी है बल्कि हवा में बदलाव भी देखा जा रहा है। इस वजह से पूर्वी और कुछ मध्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बारिश के चलते किसान, सड़क यात्री और स्थानीय लोग विशेष सतर्क रहें। अचानक मौसम बदलने से फसल, ट्रैफिक और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

    मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले 24 घंटे में स्थिति के अनुसार और अपडेट जारी किए जाएंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे भारी बारिश, तेज हवा और आकाशीय गतिविधियों से जुड़े समाचारों पर ध्यान दें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष रूप से स्कूल, बाजार और ओपन एरिया में मौसम की स्थिति के अनुसार सतर्कता बरतें।

    प्रदेश में लगातार बदलते मौसम का असर न केवल जीवनशैली पर बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। कृषि क्षेत्रों में फसल की सुरक्षा और सिंचाई के प्रबंधन के लिए मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस समय मौसम में तेजी से बदलाव होने की वजह से विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने और घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है।

  • मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में उठे संवेदनशील मुद्दे, सीएम डॉ मोहन यादव का रायसेन दौरा, बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी

    मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में उठे संवेदनशील मुद्दे, सीएम डॉ मोहन यादव का रायसेन दौरा, बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी


    मध्यप्रदेश/भोपाल से आज की बड़ी खबर यह है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन जोरदार चर्चा के साथ शुरू हुआ। सदन में गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी कलेश की दुखद मौत का मामला चर्चा का मुख्य केंद्र बना। कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे को उठाया। सदन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर भी जोरदार बहस हुई। किसान समुदाय के लिए यह चिंता का विषय बन गया है और सदन में इसे गंभीरता से उठाया गया। अनुदान मांगों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विधायक चर्चा कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की आज की दिनचर्या भी काफी व्यस्त है। सुबह 10:45 बजे वह विधानसभा पहुंचे और 11 बजे से सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। दोपहर 3:45 बजे के आसपास सीएम रायसेन के लिए रवाना होंगे और शाम 4:30 बजे हलाली डैम में आयोजित वन विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री 5 गिद्धों को हलाली डैम क्षेत्र में मुक्त करेंगे, जो वन्य जीवन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए भी उत्साहजनक है।

    ग्वालियर की 14वीं बटालियन में आज सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन हो रहा है। इस परीक्षा में कुल 5500 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी और प्रत्येक दिन लगभग 400 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। यह अवसर युवाओं के लिए नौकरी पाने का महत्वपूर्ण मौका है और क्षेत्र में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

    मध्यप्रदेश में बिजली महंगी होने की संभावना भी अब लोगों की चिंता का विषय बन गई है। राज्य की बिजली वितरण कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10.19 प्रतिशत दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकृत हो गया तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी। इससे प्रदेश के एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक झटका लग सकता है और चर्चा का विषय बन जाएगा।

    मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 28 फरवरी तक चलेगी। इसमें डिंडोरी के पाटनगढ़ निवासी गौंड चित्रकार कुम्हार सिंह धुर्वे के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जो बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं। इन चित्रों में पशु-पक्षी, जंगल और पहाड़ी जीवन की झलक दिखाई देती है। कुम्हार सिंह धुर्वे ने चित्रकला अपने बच्चों के साथ सीखते हुए इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    आज का दिन मध्यप्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण गतिविधियों और निर्णयों से भरा है। विधानसभा में उठाए गए संवेदनशील मुद्दे, सिपाही भर्ती की तैयारियां, सीएम के पर्यावरण संरक्षण प्रयास और बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी सभी जनता के ध्यान में हैं। साथ ही जनजातीय कला को सम्मान देने वाला यह प्रदर्शनी भी राज्य में सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ा रही है।

  • बाबा महाकालेश्वर में भव्य भस्म आरती, त्रिनेत्र और त्रिशूल से अलंकृत महाकाल का अद्भुत श्रृंगार

    बाबा महाकालेश्वर में भव्य भस्म आरती, त्रिनेत्र और त्रिशूल से अलंकृत महाकाल का अद्भुत श्रृंगार


    उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के 4 बजे भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के अवसर पर मंदिर के कपाट खोले गए और पुजारियों ने भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार आरंभ किया। गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन करने के बाद बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके उपरांत पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों का रस शामिल था।

    इस दिन बाबा महाकाल का श्रृंगार अत्यंत मनोहारी था। चंदन के त्रिपुंड, त्रिनेत्र और भांग से अलंकृत महाकाल ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। भस्म अर्पित करने से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती के माध्यम से ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म अर्पित किया गया।

    श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बनता था। रजत के मुकुट और मुण्डमाल से महाकाल का अलंकरण किया गया। रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला से भगवान का श्रृंगार और भी अद्भुत लग रहा था। मंदिर के गर्भगृह में महाकाल के जयकारे गुंज रहे थे और प्रत्येक श्रद्धालु अपने मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु नंदी महाराज के पास जाकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहा था।

    भस्म आरती के दौरान मंदिर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण था। सुबह-सुबह सैकड़ों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। कुछ श्रद्धालु अपने सिर पर त्रिशूल अर्पित कर आभूषणों से सजाए गए महाकाल का मनोहारी श्रृंगार देखकर भावविभोर हो गए। पूरी नगरी और मंदिर जयकारों से गूंज रहा था। श्रद्धालु भक्तों ने नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की।

    मंदिर के प्रत्येक कोने में भस्म और पुष्पों की महक ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। इस विशेष अवसर पर भगवान महाकाल का अलंकरण और श्रृंगार अत्यंत भव्य था। भस्म आरती का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था बल्कि यह भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव का अनोखा अवसर भी साबित हुआ।

    श्रद्धालु इस पावन अवसर पर अपने परिवार और मित्रों के साथ आए और दिव्य अनुभव का आनंद लिया। बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार, मंत्रोच्चार, पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती सभी के लिए अनंत पुण्य का स्रोत बनी। उज्जैन का यह पावन दृश्य हर श्रद्धालु के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।

  • टी20 वर्ल्ड कप: हार का 'सुंदर' बहाना या मिलर का प्रहार? सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से रौंदा!

    टी20 वर्ल्ड कप: हार का 'सुंदर' बहाना या मिलर का प्रहार? सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से रौंदा!


    नई दिल्ली।आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण का वह बहुप्रतीक्षित मुकाबला, जिससे भारतीय फैंस को बड़ी उम्मीदें थीं, अंततः निराशा और विवादों की भेंट चढ़ गया। ब्रिजटाउन के मैदान पर खेले गए इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को हर मोर्चे पर पछाड़ते हुए 76 रनों की करारी शिकस्त दी। लेकिन इस मुकाबले की चर्चा केवल हार-जीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि मैदान पर वाशिंगटन सुंदर और डेविड मिलर के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने खेल भावना और दबाव के स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।

    मैच की शुरुआत से ही टीम मैनेजमेंट का एक फैसला चर्चा का केंद्र बना रहा, जब इन-फॉर्म अक्षर पटेल को बेंच पर बैठाकर वाशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई। पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 187 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। शुरुआती झटकों के बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी को अनुभवी डेविड मिलर ने संभाला। मिलर ने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा और मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम की ओर मोड़ दिया। भारतीय गेंदबाज विकेट की तलाश में छटपटाते रहे, लेकिन मिलर का बल्ला आग उगलता रहा।

    विवाद की चिंगारी मैच के 14वें ओवर में सुलगी। गेंदबाजी छोर पर वाशिंगटन सुंदर थे और नॉन-स्ट्राइकर एंड पर डेविड मिलर खड़े थे। ओवर की एक गेंद फेंकते समय सुंदर अचानक रुक गए और अंपायर से शिकायत की कि मिलर क्रीज के बहुत करीब खड़े होकर उन्हें बाधित कर रहे हैं। सुंदर के हाव-भाव और इशारों ने मिलर को उकसा दिया। ओवर समाप्त होते ही यह विवाद शब्दों की जंग में बदल गया। मिलर और सुंदर एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अंपायरों और अन्य खिलाड़ियों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। यह घटना स्पष्ट कर रही थी कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का कितना भारी दबाव है।

    सुंदर के लिए यह मैच किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। गेंदबाजी में उन्होंने 2 ओवर में 17 रन लुटाए और कोई सफलता हासिल नहीं कर सके। वहीं, जब बल्लेबाजी की बारी आई तो वह महज 11 रन बनाकर चलते बने। दूसरी ओर, 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पारी के पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज ईशान किशन शून्य पर पवेलियन लौट गए, जिसके बाद विकेटों के गिरने का सिलसिला अंत तक नहीं थमा। पूरी भारतीय टीम 18.5 ओवरों में मात्र 111 रनों पर ढेर हो गई।

    दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन-लेंथ से भारतीय बल्लेबाजों को बांधे रखा। इस शर्मनाक हार ने न केवल भारत के नेट रन रेट को बिगाड़ा है, बल्कि सेमीफाइनल की राह को भी बेहद कठिन बना दिया है। टीम इंडिया के लिए अब आगे के हर मुकाबले ‘करो या मरो’ की स्थिति वाले होंगे। सुपर-8 का यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए एक कड़ा सबक है कि बड़े मैचों में रणनीति और अनुशासन ही जीत की कुंजी होते हैं, केवल बहस और दबाव नहीं।

  • प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद पर बाल यौन शोषण FIR, पुलिस ने शुरू की गहन जांच

    प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद पर बाल यौन शोषण FIR, पुलिस ने शुरू की गहन जांच


    प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ बाल यौन शोषण के गंभीर आरोपों पर FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। मामला POCSO कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और पीड़ित शिष्यों ने अदालत में बच्चों के कथित शोषण के बयानों को दर्ज कराया था, जिनके आधार पर पुलिस ने देर रात FIR को औपचारिक रूप दिया।

    पुलिस की पांच सदस्यीय टीम, जिसका नेतृत्व डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य कर रहे हैं, ने घटना स्थल का नक्शा तैयार कर लिया है और पीड़ितों के मेडिकल परीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। टीम ने माघ मेला शिविर और अन्य कथित घटनास्थलों का निरीक्षण भी किया है। पुलिस का मुख्य फोकस अब उन पीड़ितों और शिकायतकर्ता तक पहुंचकर कलम बंद बयान और सबूत दर्ज करना है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके।

    अविमुक्तेश्वरानंद ने FIR दर्ज होने के बाद कहा कि वे जांच से भागेंगे नहीं और उनके मठ के दरवाजे पुलिस के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने बताया कि कई वकीलों ने उनका केस मुफ्त में लड़ने का प्रस्ताव दिया है और उनकी लीगल टीम अब अग्रिम कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है। वहीं, उन्होंने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के आपराधिक इतिहास पर सवाल उठाया और दावा किया कि वह कांधला थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रह चुका है।

    इस हाई‑प्रोफाइल मामले में पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई है जिसमें एसीपी और इंस्पेक्टर झूंसी समेत पांच वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। टीम निष्पक्ष और तेज़ जांच सुनिश्चित कर रही है। POCSO Act के तहत यह मामला तीव्र और संवेदनशील माना जा रहा है, इसलिए पुलिस मेडिकल, फोरेंसिक और गवाह सबूत के आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई तय करेगी।

    इस बीच समाज और धार्मिक जगत में भी इस मामले पर बहस जारी है। स्वामी ने आरोपों को झूठा और साजिशपूर्ण बताया है और कहा कि न्याय जल्द ही दोनों न्यायालयों में सही रूप से होगा। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के बयानों का उन्होंने समर्थन करते हुए उन्हें जनता की आवाज बताया।

  • अमेरिका के लोग ट्रंप की नीतियों और देश चलाने के तरीके से खुश नहीं… 60% टैरिफ फैसलों से नाराज

    अमेरिका के लोग ट्रंप की नीतियों और देश चलाने के तरीके से खुश नहीं… 60% टैरिफ फैसलों से नाराज


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) अपने कामों से अधिक अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कब क्या कहेंगे, शायद ट्रंप खुद नहीं जानते। यही कारण है कि वे अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। इस बीच एक सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। इस सर्वे के अनुसार, अधिकतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की नीतियों और देश चलाने के तरीके से खुश नहीं है। फरवरी 2026 के सर्वेक्षण में ट्रंप की कुल अस्वीकृति दर (Disapproval Rating) लगभग 60% पहुंच गई है, जो उनके दूसरे कार्यकाल में अब तक की सबसे ऊंची दरों में से एक है और 2021 में पद छोड़ते समय वाली स्थिति के समान है। सर्वे के अनुसार, अधिकतर लोग महंगाई, टैरिफ, विदेश संबंध, आव्रजन और समग्र अर्थव्यवस्था जैसे रोजमर्रा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ट्रंप के तरीके से असहमत हैं।

    यह सर्वेक्षण ABC न्यूज/वाशिंगटन पोस्ट/इप्सोस द्वारा इप्सोस के नॉलेजपैनल के जरिए किया गया था, और यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के पहले के वैश्विक टैरिफ को रद्द करने से ठीक पहले हुआ था। सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग दो-तिहाई अमेरिकी (करीब 65%) ट्रंप द्वारा महंगाई से निपटने के तरीके से असहमत हैं। आयातित वस्तुओं पर टैरिफ लगाने के उनके तरीके को 64% लोग नापसंद करते हैं, जबकि 62% लोग विदेशी संबंधों को संभालने के तरीके से असहमत हैं। 58% प्रतिभागियों ने आव्रजन (इमिग्रेशन) को संभालने के तरीके का विरोध किया, और 57% ने कहा कि समग्र अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है। इनमें से किसी भी मुद्दे पर ट्रंप को जनता से स्पष्ट समर्थन नहीं मिल रहा है।


    ट्रंप से नाखुश लेकिन डेमोक्रेट्स पर भरोसा नहीं

    सर्वे के अनुसार, अधिकतर लोग ट्रंप से नाखुश हैं, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स पर भी पूरा भरोसा नहीं है। दरअसल, जब लोगों से पूछा गया कि देश की सबसे बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए वे किस पर ज्यादा भरोसा करते हैं, तो राय लगभग बराबर बंट गई। ट्रंप (33%), डेमोक्रेट्स (31%), या ‘दोनों में से कोई नहीं’ (31%)। सर्वे रिपोर्ट से साफ है कि कई अमेरिकी दोनों पक्षों से नाखुश हैं।

    सर्वे के अनुसार, ट्रंप को सबसे कम समर्थन डेमोक्रेट्स और निर्दलीय (इंडिपेंडेंट) मतदाताओं से मिला, जिन्होंने लगभग हर मुद्दे पर उनसे असहमति जताई। इतना ही नहीं, रिपब्लिकन पार्टी में भी मतभेद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) आंदोलन के मजबूत समर्थक ज्यादातर ट्रंप के फैसलों से सहमत थे, लेकिन MAGA से खुद को अलग मानने वाले रिपब्लिकन अधिक आलोचनात्मक थे, खासकर महंगाई और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर। कुल मिलाकर, ट्रंप की अस्वीकृति दर लगभग 60% है, जो उनके दूसरे कार्यकाल में अब तक की सबसे ऊंची दरों में से एक है और 2021 में पद छोड़ते समय वाली दर के बराबर है।


    ट्रंप के सत्ता संभालने के हालात और हुए खराब

    इस बीच, अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों का नजरिया भी निराशाजनक है। लगभग आधे अमेरिकियों का कहना है कि ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद हालात और खराब हुए हैं। सिर्फ करीब 3% लोगों ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। सर्वेक्षण में शामिल केवल 22% लोगों ने ही आर्थिक रूप से खुद को बेहतर महसूस किया, जबकि अधिकांश ने कहा कि उनकी स्थिति पहले जैसी है या और खराब हो गई है।

    सर्वेक्षण में ट्रंप की राष्ट्रपति बनने की योग्यता पर भी सवाल उठे। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, आधे से ज्यादा अमेरिकियों ने कहा कि उनमें राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी मानसिक क्षमता नहीं है, और लगभग आधे ने कहा कि वे शारीरिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं। रिपब्लिकन इस पर काफी हद तक असहमत थे, लेकिन डेमोक्रेट्स और निर्दलीय मतदाताओं ने इन चिंताओं को मजबूती से साझा किया।

    भरोसा भी एक बड़ी समस्या है। लगभग 70% अमेरिकियों (दस में से सात) ने कहा कि ट्रंप ईमानदार या भरोसेमंद नहीं हैं। कई लोगों का मानना है कि वे राष्ट्रपति पद का दुरुपयोग अपने निजी फायदे के लिए कर रहे हैं, और अधिकांश को लगता है कि उन्होंने अपनी कानूनी शक्तियों का उल्लंघन किया है। वहीं, खास कार्रवाइयों के बारे में ज्यादातर अमेरिकी बच्चों के लिए अनुशंसित टीकों में कटौती का विरोध करते हैं और अन्य देशों में बदलाव लाने के लिए अमेरिकी सेना के इस्तेमाल का समर्थन नहीं करते। कई लोगों का यह भी मानना है कि प्रशासन जेफरी एपस्टीन फाइलों जैसे संवेदनशील मामलों पर पारदर्शी नहीं रहा है। बता दें कि यह सर्वेक्षण अमेरिका भर में 2500 से ज्यादा वयस्कों पर किया गया है।

  • US में हिंदू सबसे अधिक शिक्षित धार्मिक समुदाय, प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    US में हिंदू सबसे अधिक शिक्षित धार्मिक समुदाय, प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में हुआ खुलासा


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) में हिंदू सबसे अधिक शिक्षित धार्मिक समूह (Hindus most Educated Religious Group) हैं। प्यू रिसर्च सेंटर (Pew Research Center) की नई रिपोर्ट (New report ) से यह सामने आया है। 2023-24 के रिलिजियस लैंडस्केप स्टडी (RLS) में पाया गया कि यूएस में रहने वाले 70 प्रतिशत हिंदू वयस्कों के पास कम से कम बैचलर डिग्री या उससे उच्च शिक्षा है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है, जहां सभी अमेरिकी वयस्कों में मात्र 35 प्रतिशत के पास ही बैचलर डिग्री या उससे ज्यादा है। यह अध्ययन अमेरिका में धर्म और सार्वजनिक जीवन पर सबसे व्यापक सर्वेक्षणों में से एक माना जाता है, जिसमें 36908 वयस्कों से जुलाई 2023 से मार्च 2024 तक जानकारी ली गई।

    रिपोर्ट 19 फरवरी 2026 को जारी की गई। हिंदू समुदाय की यह उपलब्धि इमिग्रेशन पैटर्न से जुड़ी हुई है, क्योंकि अधिकांश हिंदू उच्च शिक्षा या कुशल वीजा के माध्यम से अमेरिका आए हैं। इस अध्ययन में हिंदुओं के बाद यहूदी दूसरे स्थान पर हैं, जहां 65 प्रतिशत वयस्कों के पास बैचलर डिग्री या उससे अधिक शिक्षा है। मुसलमान, बौद्ध और ऑर्थोडॉक्स ईसाई भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर हैं। इनमें 40 प्रतिशत से अधिक (मुसलमानों में 44 प्रतिशत) वयस्कों के पास उच्च शिक्षा है। ये अल्पसंख्यक धार्मिक समूह अमेरिकी आबादी का छोटा हिस्सा हैं- हिंदू लगभग 0.5-1 प्रतिशत, मुसलमान 1-1.3 प्रतिशत और यहूदी लगभग 2 प्रतिशत।

    ईसाई समुदाय कुल आबादी का 70%
    अमेरिका में ईसाई समुदाय कुल आबादी का बड़ा हिस्सा लगभग 70 प्रतिशत है, लेकिन उनके कई उपसमूह जैसे इवैंजेलिकल प्रोटेस्टेंट (29 प्रतिशत) और ऐतिहासिक रूप से ब्लैक प्रोटेस्टेंट (24 प्रतिशत) में कॉलेज ग्रेजुएट्स का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से कम है। रिपोर्ट बताती है कि शिक्षा स्तर में अंतर मुख्य रूप से इमिग्रेशन और जनसांख्यिकीय कारकों से जुड़ा है। हिंदू, मुसलमान और बौद्ध समुदायों में से अधिकांश विदेशी मूल के हैं, जो अमेरिका में उच्च शिक्षा या स्किल्ड जॉब वीजा पर आते हैं। इससे इन समूहों में उच्च शिक्षित व्यक्तियों का अनुपात बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए हिंदुओं में 77 प्रतिशत विदेश में जन्मे हैं।

    रिसर्च के नतीजे क्या कह रहे
    यह पैटर्न दिखाता है कि अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियां कुशल और शिक्षित प्रवासियों को आकर्षित करती हैं, जिससे छोटे धार्मिक समूहों में शिक्षा का स्तर ऊंचा रहता है। कुल मिलाकर यह अध्ययन US में धार्मिक विविधता और शिक्षा के बीच संबंध को उजागर करता है। हिंदू और यहूदी जैसे समूह सबसे आगे हैं, जबकि मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यक भी औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह निष्कर्ष अमेरिकी समाज में अल्पसंख्यक समुदायों की सफलता और योगदान को सामने रखता है। साथ ही, इमिग्रेशन के सकारात्मक प्रभाव को भी दर्शाता है।