Author: bharati

  • भोपाल में सोमवार को बड़े स्तर पर बिजली कटौती, 25 से अधिक इलाकों में 2 से 6 घंटे तक सप्लाई रहेगी बंद

    भोपाल में सोमवार को बड़े स्तर पर बिजली कटौती, 25 से अधिक इलाकों में 2 से 6 घंटे तक सप्लाई रहेगी बंद


    भोपाल राजधानी भोपाल के करीब 25 से अधिक इलाकों में सोमवार को बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस और लाइन सुधार कार्य किए जाएंगे। इसके चलते अलग-अलग समय स्लॉट में 2 से 6 घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह शटडाउन नियमित रखरखाव, ट्रांसफॉर्मर जांच और लाइन अपग्रेडेशन के लिए लिया जा रहा है, ताकि भविष्य में फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या कम हो सके।

    सबसे लंबी कटौती सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगी। इस दौरान एमएलए रेस्ट हाउस, मालवीय नगर, एमएलए क्वार्टर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इसी समय हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, अयोध्या नगर के सी, डी, ई-एफ सेक्टर और गीत कॉलोनी में भी बिजली नहीं रहेगी।

    सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक एजी कॉलोनी, पीएंडटी कॉलोनी, संजय कॉम्पलेक्स, माता मंदिर चौराहा, सीआई होम्स और हर्षवर्धन नगर में सप्लाई प्रभावित रहेगी। इसी समय मेट्रोलॉजिकल कॉलोनी, निराला नगर, द्वारकापुरी और एकता मार्केट क्षेत्र में भी बिजली बंद रहेगी।

    दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक फिरदोश नगर, शीतला नगर, निशातपुरा, श्री नगर, सरदार नगर और नारियलखेड़ा इलाके में दो घंटे का शटडाउन लिया जाएगा।

    बिजली कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी की टंकियां पहले से भर लें, इनवर्टर और मोबाइल चार्ज कर लें तथा जरूरी घरेलू और व्यावसायिक कार्य समय से पहले निपटा लें। कार्यालय, दुकान और छोटे उद्योगों को भी कामकाज की योजना बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखकर बनाने की सलाह दी गई है।

    कंपनी के अधिकारियों के अनुसार यह मेंटेनेंस कार्य शहर में बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। यदि मौसम या तकनीकी कारणों से कार्य में बदलाव होता है तो समय में आंशिक परिवर्तन संभव है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय बिजली कार्यालय या आधिकारिक सूचना माध्यमों से अपडेट लेते रहें।

  • हेल्दी लाइफ का सीक्रेट: मूंग स्प्राउट्स से बढ़ाएं ताकत और घटाएं वजन

    हेल्दी लाइफ का सीक्रेट: मूंग स्प्राउट्स से बढ़ाएं ताकत और घटाएं वजन


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति फिट और हेल्दी रहने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में खानपान में पौष्टिक और प्राकृतिक चीजों को शामिल करना बेहद जरूरी हो गया है। मूंग दाल के स्प्राउट्स यानी अंकुरित मूंग एक ऐसा सुपरफूड है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसे सेहत के लिए लाभकारी मानते हैं।

    जैसे ही मूंग दाल अंकुरित होती है, इसके पोषक तत्वों की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। इसमें प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन ए, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये छोटे-छोटे अंकुर शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करते हैं। बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए मूंग स्प्राउट्स का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है।

    पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी मूंग स्प्राउट्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। आयुर्वेद के अनुसार जब पाचन सही रहता है, तो शरीर का संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर होता है। अच्छे पाचन का असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और मुंहासों व दाग-धब्बों में कमी देखी जा सकती है।

    वजन घटाने की चाह रखने वालों के लिए भी यह एक बेहतरीन विकल्प है। मूंग स्प्राउट्स में कैलोरी कम होती है, लेकिन यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और अनावश्यक खाने से बचाव होता है। साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और शरीर को टोन रखने में सहायक होता है।

    दिल की सेहत के लिए भी मूंग स्प्राउट्स लाभकारी हैं। इनमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। आयरन और फोलेट की पर्याप्त मात्रा रक्त की गुणवत्ता को सुधारती है और शरीर में ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाती है, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है।

    हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए भी यह फायदेमंद है। इसमें मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। साथ ही यह शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और डिहाइड्रेशन से बचाव करता है।

    मूंग स्प्राउट्स को अपने आहार में शामिल करना बेहद आसान है। आप इसे सलाद में मिलाकर, सूप में डालकर, सब्जी के रूप में या हल्का भूनकर भी खा सकते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है और आप खुद को ज्यादा ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस करते हैं।

  • देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट का विस्तार, अप्रैल 2026 से बढ़ेगी क्षमता और घटेगी भीड़..

    देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट का विस्तार, अप्रैल 2026 से बढ़ेगी क्षमता और घटेगी भीड़..


    इंदौर। मध्य प्रदेश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर यात्रियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। तेजी से बढ़ते पैसेंजर ट्रैफिक को देखते हुए प्रशासन ने अप्रैल 2026 से पुराने टर्मिनल को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। रेनोवेशन का काम अंतिम चरण में है और इसके शुरू होते ही प्रति घंटे 600 यात्रियों की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी।

    एयरपोर्ट की मौजूदा डिजाइन क्षमता सालाना 40 लाख यात्रियों की है, लेकिन पिछले वर्ष यहां 43.96 लाख यात्रियों ने सफर किया। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण मौजूदा टर्मिनल पर दबाव बढ़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए लगभग 41 करोड़ रुपये की लागत से 6000 वर्ग मीटर क्षेत्र में पुराने टर्मिनल का उन्नयन किया जा रहा है। सिविल वर्क पूरा हो चुका है और फिलहाल इंटीरियर रिनोवेशन का काम जारी है।

    नए बदलावों के तहत टर्मिनल में आधुनिक सीटिंग व्यवस्था, इमिग्रेशन काउंटर, अत्याधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम, बेहतर लाइटिंग और एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। अप्रैल 2026 तक 200 नई सीटें जोड़ी जाएंगी ताकि पीक ऑवर्स में यात्रियों को लंबी कतारों और भीड़भाड़ से राहत मिल सके। सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    पुराना टर्मिनल विशेष रूप से छोटे विमानों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। शारजाह की अंतरराष्ट्रीय उड़ान समेत करीब 18 छोटे विमान यहीं से संचालित होंगे। वर्तमान में एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 90 उड़ानें संचालित हो रही हैं जो 21 शहरों और शारजाह को जोड़ती हैं। पुराने टर्मिनल के चालू होने से सालाना 10 लाख अतिरिक्त यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित होगी और कुल क्षमता 50 लाख के करीब पहुंच जाएगी।

    यह परियोजना सिर्फ यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है बल्कि शहर की आर्थिक प्रगति से भी जुड़ी है। इंदौर मध्य प्रदेश का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अपग्रेड के बाद एयरपोर्ट की रैंकिंग में सुधार होगा और यह प्रदेश का प्रमुख एविएशन हब बन सकता है।

    भविष्य की योजनाओं में रनवे को 2800 मीटर से बढ़ाकर 3400 मीटर तक करने का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे बड़े विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी। साथ ही 492 करोड़ रुपये की लागत से नया टर्मिनल निर्माणाधीन है जो 2028 तक तैयार होकर सालाना एक करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता देगा।

    पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह कदम अहम माना जा रहा है। ATR जैसे छोटे विमान अपेक्षाकृत कम ईंधन खपत करते हैं और कार्बन उत्सर्जन भी कम करते हैं। इससे संचालन लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

  • मैदान पर आग उगलने वाले 3 स्टार, Super-8 में साउथ अफ्रीका की बढ़ा देंगे टेंशन

    मैदान पर आग उगलने वाले 3 स्टार, Super-8 में साउथ अफ्रीका की बढ़ा देंगे टेंशन


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में आज भारत और साउथ अफ्रीका आमने सामने होंगे। अहमदाबाद के भव्य नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाला यह मैच रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचने वाला है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी। ऐसे में तीन भारतीय खिलाड़ी ऐसे हैं जो अपने दम पर मुकाबले का रुख बदल सकते हैं।

    ईशान किशन: पावरप्ले के तूफान

    ओपनर ईशान किशन इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। चार मैचों में 202 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 176 रन ठोक चुके ईशान विपक्षी गेंदबाजों पर शुरू से दबाव बना देते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 44 गेंदों पर 77 रनों की आक्रामक पारी ने मैच का पासा पलट दिया था। अगर अहमदाबाद की सपाट पिच पर ईशान टिक गए तो साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ना तय है। पावरप्ले में तेज शुरुआत भारत की जीत की मजबूत नींव रख सकती है।

    हार्दिक पांड्या: बल्ला और गेंद दोनों से वार
    ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या बड़े मैचों के खिलाड़ी माने जाते हैं। आईपीएल में गुजरात की टीम के लिए इसी मैदान पर लंबा अनुभव उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करता है। मौजूदा वर्ल्ड कप में हार्दिक ने मिडिल ऑर्डर में अहम रन बनाए हैं और जरूरत पड़ने पर विकेट भी झटके हैं। साउथ अफ्रीका जैसी संतुलित टीम के खिलाफ उनका हर ओवर और हर शॉट निर्णायक साबित हो सकता है। दबाव की घड़ी में हार्दिक का शांत दिमाग टीम इंडिया के लिए एक्स-फैक्टर रहेगा।

    वरुण चक्रवर्ती: रहस्यमयी स्पिन का जाल

    मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों के लिए पहेली रहे हैं। आंकड़े भी यही कहानी कहते हैं प्रोटियाज के खिलाफ आठ मैचों में 22 विकेट उनके नाम हैं। इस वर्ल्ड कप में भी चार मुकाबलों में 9 विकेट लेकर वे भारत के सबसे सफल गेंदबाज बने हुए हैं। अहमदाबाद की पिच पर अगर उन्हें थोड़ी भी टर्न मिली तो वे मिडिल ओवर्स में मैच का रुख भारत की ओर मोड़ सकते हैं।

    मुकाबला होगा हाई-वोल्टेज

    भारत और साउथ अफ्रीका के बीच यह भिड़ंत सिर्फ दो टीमों की टक्कर नहीं बल्कि रणनीति और संयम की परीक्षा भी है। जहां भारतीय बल्लेबाजी आक्रामक अंदाज में शुरुआत करना चाहेगी वहीं गेंदबाज मिडिल ओवर्स में शिकंजा कसने की कोशिश करेंगे। अगर ये तीनों खिलाड़ी अपने रंग में दिखे तो सुपर-8 में भारत की राह और आसान हो सकती है।

  • नारियल निकालने की कोशिश बनी जानलेवा, 9 दिन बाद पानीपत नहर में मिला बच्चे का शव

    नारियल निकालने की कोशिश बनी जानलेवा, 9 दिन बाद पानीपत नहर में मिला बच्चे का शव


    नई दिल्ली । हरियाणा के Panipat से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बत्रा कॉलोनी निवासी 13 वर्षीय अल्तमस का शव नौ दिन बाद नहर से बरामद हुआ। मासूम पिछले शुक्रवार 13 फरवरी को रहस्यमय परिस्थितियों में नहर में डूब गया था। परिजन, स्थानीय लोग और प्रशासन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। आखिरकार नारायण गांव के पास नहर में उसका शव मिलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    नारियल निकालने की कोशिश बनी जानलेवा

    परिजनों के अनुसार, अल्तमस अपने दो दोस्तों के साथ दिल्ली पैरलल नहर पर घूमने गया था। इसी दौरान नहर में बहकर आया एक नारियल देखने के बाद वह उसे निकालने की कोशिश करने लगा। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह किनारे से नीचे उतरा, उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। नहर में तेज बहाव होने के कारण वह कुछ ही पलों में आंखों से ओझल हो गया। दोस्तों ने शोर मचाया, लेकिन जब तक मदद पहुंचती, बहुत देर हो चुकी थी।

    नौ दिन चला सर्च ऑपरेशन
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। नहर के कई किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। स्थानीय प्रशासन ने लगातार तलाशी अभियान जारी रखा, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सफलता नहीं मिली। नौ दिन बाद नारायण गांव के पास नहर में शव दिखाई देने की सूचना मिली। टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पहचान की पुष्टि की। पानी में लंबे समय तक रहने के कारण शव की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है।

    पांच बहनों का इकलौता भाई था अल्तमस

    अल्तमस आठवीं कक्षा का छात्र था और परिवार की उम्मीदों का केंद्र भी। वह पांच बहनों का इकलौता छोटा भाई था। उसकी असामयिक मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। परिजन बेसुध हैं और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि अल्तमस बेहद मिलनसार और चंचल स्वभाव का था। उसकी अचानक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

    प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर नहर किनारे सुरक्षा इंतजामों और बच्चों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नहर के पास चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा प्रबंध मजबूत किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।

    अल्तमस की मौत ने यह कड़वा सच फिर सामने ला दिया है कि जरा सी लापरवाही या जोखिम भरा कदम जिंदगी छीन सकता है। परिवार और क्षेत्र के लोग आज भी यही सोचकर सिहर उठते हैं कि अगर उस दिन वह नारियल निकालने की कोशिश न करता, तो शायद आज जिंदा होता।

  • वक्त से आगे सोचने वाली मधुबाला: 12 साल में थामा स्टीयरिंग, 36 की उम्र में बन गई अमर सितारा

    वक्त से आगे सोचने वाली मधुबाला: 12 साल में थामा स्टीयरिंग, 36 की उम्र में बन गई अमर सितारा


    नई दिल्ली/ मुंबई। हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की चमकती हुई धरोहर मधुबाला सिर्फ अपनी अदाकारी और खूबसूरती के लिए ही नहीं बल्कि अपनी साहसिक सोच और आत्मनिर्भर व्यक्तित्व के लिए भी जानी जाती हैं। जिस दौर में लड़कियों के लिए सामाजिक सीमाएं तय थीं उस समय उन्होंने महज 12 साल की उम्र में ड्राइविंग सीखकर परंपराओं को चुनौती दे दी थी।

    14 फरवरी 1933 को दिल्ली में जन्मी मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां देहलवी था। उनके पिता अताउल्लाह खान बेहतर जीवन की तलाश में परिवार सहित मुंबई आ गए थे। आर्थिक तंगी के कारण मधुबाला को बचपन में ही काम करना पड़ा। उन्होंने नौ साल की उम्र में फिल्म बसंत में बाल कलाकार के रूप में काम शुरू किया और उस समय उन्हें बेबी मुमताज के नाम से पहचाना जाने लगा। मासूम चेहरा और स्वाभाविक अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

    1947 में फिल्म नील कमल के साथ उनके करियर को नई दिशा मिली और यहीं से वह मधुबाला के नाम से मशहूर हुईं। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1950 के दशक में उन्होंने एक से बढ़कर एक सफल फिल्में दीं। महल ने उन्हें रहस्यमयी सौंदर्य की पहचान दी तो हावड़ा ब्रिज और चलती का नाम गाड़ी जैसी फिल्मों ने उनके अभिनय की बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया।

    उनकी जोड़ी उस दौर के दिग्गज अभिनेताओं के साथ खूब सराही गई। दिलीप कुमार के साथ उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री आज भी याद की जाती है। वहीं राज कपूर और देव आनंद जैसे सितारों के साथ भी उन्होंने काम किया।

    मधुबाला का निजी जीवन भी चर्चा में रहा। दिलीप कुमार के साथ उनका प्रेम संबंध गहरा था लेकिन पारिवारिक कारणों से दोनों अलग हो गए। बाद में उन्होंने किशोर कुमार से विवाह किया जिन्होंने उनके कठिन समय में साथ निभाया।

    उनकी जिंदगी में संघर्ष भी कम नहीं थे। 1960 के दशक में पता चला कि उनके दिल में छेद है। इस गंभीर बीमारी ने धीरे धीरे उनके स्वास्थ्य को कमजोर कर दिया। विदेश में इलाज की कोशिशें भी सफल नहीं हो सकीं। तमाम तकलीफों के बावजूद उन्होंने अपने आत्मसम्मान और हौसले को कभी टूटने नहीं दिया।

    करीब 70 फिल्मों में अभिनय करने वाली मधुबाला ने महज 36 साल की उम्र में 23 फरवरी 1969 को दुनिया को अलविदा कह दिया। कम उम्र में विदा लेने के बावजूद वह आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।

    उनकी कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं बल्कि एक ऐसी लड़की की भी है जिसने समय से आगे सोचने का साहस दिखाया। 12 साल की उम्र में स्टीयरिंग थामना हो या पुरुष प्रधान फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाना हो मधुबाला ने हर मोर्चे पर यह साबित किया कि असली खूबसूरती आत्मविश्वास और स्वतंत्र सोच में होती है।

  • चेन्नई के गोल्डन बीच पर दर्दनाक हादसा: महाराष्ट्र की छात्रा की डूबने से मौत, सीएम फडणवीस ने लिया संज्ञान

    चेन्नई के गोल्डन बीच पर दर्दनाक हादसा: महाराष्ट्र की छात्रा की डूबने से मौत, सीएम फडणवीस ने लिया संज्ञान


    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित Golden Beach पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब महाराष्ट्र से घूमने आए छात्रों के एक समूह के साथ बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक 26 छात्रों का दल समुद्र किनारे घूमने पहुंचा था। इसी दौरान तीन छात्र पानी में उतरे और तेज लहरों की चपेट में आ गए। हादसे में भंडारा जिले की रहने वाली मयूरी चौधरी की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र जय पाटिल का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। तीसरे छात्र राज केदारी को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    लहरों में फंसे तीन छात्र, एक की मौत, एक लापता

    तमिलनाडु प्रशासन के अनुसार, पूरे समूह में से केवल तीन छात्र ही समुद्र में गए थे। अचानक आई तेज लहरों ने उन्हें गहरे पानी की ओर खींच लिया। स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम की मदद से राज केदारी को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन मयूरी को बचाया नहीं जा सका। जय पाटिल की तलाश के लिए तटरक्षक बल और स्थानीय पुलिस द्वारा युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। समुद्र में लगातार बदलती लहरों और ज्वार-भाटा के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

    सीएम फडणवीस ने तमिलनाडु सरकार से की बात

    घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने तुरंत तमिलनाडु सरकार से संपर्क साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार लगातार राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखे हुए है और तमिलनाडु प्रशासन से समन्वय बनाए हुए है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, पीड़ित परिवारों से संपर्क कर हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

    परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

    मयूरी चौधरी के परिजन नागपुर से चेन्नई के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि लापता जय पाटिल के रिश्तेदार भी शहर पहुंच गए हैं। परिजनों ने बताया कि मयूरी ने हाल ही में नौकरी शुरू की थी और छुट्टी के दिन सहकर्मियों के साथ समुद्र तट पर घूमने गई थीं। हादसे की सूचना परिवार को सुबह करीब सात बजे मिली, जिसके बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। भाई ने मीडिया को बताया कि पिता, दादा और अन्य परिजन चेन्नई के लिए निकल चुके हैं।

    समुद्र तटों पर सतर्कता जरूरी

    इस हादसे ने एक बार फिर समुद्र तटों पर सुरक्षा उपायों और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन की ओर से पर्यटकों को चेतावनी संकेतों का पालन करने और लाइफगार्ड की सलाह मानने की अपील की गई है। फिलहाल सभी की नजरें जय पाटिल की खोज पर टिकी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि रेस्क्यू टीम जल्द सफलता हासिल करेगी।

  • अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर? सुप्रीम लीडर खामेनेई का बड़ा दांव, लारिजानी को सौंपी अहम जिम्मेदारी

    अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर? सुप्रीम लीडर खामेनेई का बड़ा दांव, लारिजानी को सौंपी अहम जिम्मेदारी


    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित टकराव की आशंकाओं के बीच ईरान की सत्ता संरचना में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यापक अधिकार अपने भरोसेमंद सहयोगी अली लारीजानी को सौंप दिए हैं। इस कदम को संभावित युद्ध परिस्थिति में कमान को केंद्रीकृत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    लारिजानी के हाथ में सैन्य और कूटनीतिक कमान

    रिपोर्ट के अनुसार लारिजानी अब सुरक्षा सैन्य संचालन और कूटनीतिक पहलुओं से जुड़े अहम फैसले लेने की स्थिति में हैं। वे सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख पद पर रहते हुए परमाणु वार्ताओं क्षेत्रीय सहयोगियों से समन्वय और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि संभावित संघर्ष की स्थिति में तेज और एकीकृत निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव किया गया है।

    राष्ट्रपति की भूमिका सीमित उत्तराधिकार की तैयारी
    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन की भूमिका इस बदलाव के बाद अपेक्षाकृत सीमित बताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व ने आकस्मिक परिस्थितियों यहां तक कि नेतृत्व स्तर पर किसी अप्रत्याशित घटना को ध्यान में रखते हुए उत्तराधिकार की बहुस्तरीय व्यवस्था पर काम शुरू किया है। सेना को हाई अलर्ट पर रखने मिसाइल सिस्टम की रणनीतिक तैनाती और आंतरिक सुरक्षा बलों को तैयार रखने की खबरें भी सामने आई हैं।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी गतिविधियां
    रणनीतिक दृष्टि से अहम  क्षेत्र में ईरान की सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। मिसाइल परीक्षण और नौसैनिक अभ्यासों की खबरों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। यह जलमार्ग विश्व के बड़े हिस्से के तेल निर्यात का प्रमुख रास्ता है इसलिए यहां की हलचल का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।

    क्षेत्रीय समीकरण और वैश्विक नजर

    मध्य पूर्व पहले से ही संवेदनशील भू-राजनीतिक समीकरणों का केंद्र रहा है। ऐसे में तेहरान का यह कदम संकेत देता है कि ईरान संभावित टकराव की आशंका को गंभीरता से ले रहा है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर व्यापक युद्ध की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन सैन्य और सुरक्षा ढांचे में यह पुनर्संरचना बताती है कि देश किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की रणनीति अपना रहा है।

  • वैश्विक टैरिफ बढ़ोतरी के साए में भारत अमेरिका व्यापार वार्ता स्थगित, हालात की समीक्षा के बाद होगा अगला दौर

    वैश्विक टैरिफ बढ़ोतरी के साए में भारत अमेरिका व्यापार वार्ता स्थगित, हालात की समीक्षा के बाद होगा अगला दौर


    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर होने वाली अहम बैठक को फिलहाल रीशेड्यूल कर दिया गया है। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार दोनों देशों ने बदलते वैश्विक व्यापारिक हालात और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक बैठक को टालने का निर्णय लिया है।

    दरअसल दोनों देशों के मुख्य ट्रेड नेगोशिएटर्स की अगुवाई वाली टीमों के बीच तीन दिन की बैठक 23 फरवरी से अमेरिका में प्रस्तावित थी। इस बैठक में अंतरिम व्यापार समझौते के कई अहम बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाना था। हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ उपायों को अवैध करार दिए जाने के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलीं और दोनों पक्षों ने पहले कानूनी और नीतिगत प्रभावों का अध्ययन करने का फैसला किया।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि भारतीय टीम का प्रस्तावित वॉशिंगटन दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। दोनों देश पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों की विस्तार से समीक्षा करेंगे। इसके बाद आपसी सहमति से नई तारीख तय की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि निर्णय दोनों पक्षों की सुविधा और रणनीतिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

    गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ उपायों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने 6-3 के फैसले में कहा कि कार्यपालिका ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आयात शुल्क लगाकर अपने संवैधानिक अधिकार का अतिक्रमण किया। इस फैसले के बाद ट्रंप के कई टैरिफ अमान्य हो गए हालांकि सभी नहीं।

    कोर्ट के इस निर्णय के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए पहले लगाए गए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैसले को शर्मनाक बताते हुए कहा कि कई देश दशकों से अमेरिका के साथ असंतुलित व्यापार कर रहे हैं और उनके पास वैकल्पिक योजना भी तैयार है।

    इन घटनाक्रमों ने वैश्विक व्यापारिक माहौल को अस्थिर बना दिया है। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम समझौता ऐसे समय में हो रहा था जब दोनों देश आपसी व्यापार को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश में हैं। भारत की ओर से बाजार पहुंच, शुल्क संरचना और निवेश से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता की अपेक्षा है जबकि अमेरिका भी संतुलित व्यापारिक ढांचे पर जोर दे रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और टैरिफ बढ़ोतरी से उत्पन्न अनिश्चितता के बीच दोनों देशों का सावधानीपूर्वक कदम उठाना रणनीतिक रूप से उचित है। पहले कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी उसके बाद ही किसी औपचारिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ना सुरक्षित माना जा रहा है।

    फिलहाल दोनों पक्ष हालात पर नजर बनाए हुए हैं और नई तारीख जल्द तय होने की संभावना जताई जा रही है। यह स्पष्ट है कि वैश्विक टैरिफ नीति और कानूनी पेचीदगियां भारत अमेरिका व्यापार संबंधों की गति और दिशा दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।

  • सुबह के नाश्ते में झटपट बनाएं सूजी का चीला आसान, स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता

    सुबह के नाश्ते में झटपट बनाएं सूजी का चीला आसान, स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता


    नई दिल्ली । सुबह की भागदौड़ में अगर आपको तेजी से बनने वाला स्वादिष्ट और हेल्दी नाश्ता चाहिए तो सूजी का चीला बढ़िया ऑप्शन है। यह नाश्ता सिर्फ जल्दी तैयार नहीं होता बल्कि सब्जियों के साथ पोषक तत्वों से भरपूर भी बनता है। सूजी चीला खासतौर पर सुबह के लिए उत्तम विकल्प है क्योंकि यह ऊर्जा देता है पेट भरा रखता है और आप इसमें अपनी पसंद की सब्जियाँ भी मिला सकते हैं जिससे इसका स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाता है।

    सबसे पहले एक बड़े बाउल में 1 कप सूजी और आधा कप दही डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए गाढ़ा चिपचिपा घोल तैयार करें और इसे लगभग 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी घूमकर थोड़ी फूल जाए। अब घोल में बारीक कटी प्याज शिमला मिर्च कद्दूकस किया हुआ गाजर हरी मिर्च हरा धनिया स्वादानुसार नमक हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। यह मिश्रण स्वाद और पोषण दोनों को बेहतर बनाता है क्योंकि सब्जियाँ विटामिन और फाइबर प्रदान करती हैं।

    एक नॉन-स्टिक तवा गरम करें और उस पर थोड़ा तेल या घी लगाएँ। तैयार मिश्रण में से एक कलछी भरकर तवे पर डालें और हल्के हाथ से गोल आकार में फैलाएँ। मध्यम आंच पर इसे दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक सेकें। चीले को क्रिस्पी किनारों और सॉफ्ट अंदरूनी टेक्सचर के साथ पकाना चाहिए। जब चीला दोनों तरफ से अच्छे से हल्का ब्राउन हो जाए तो इसे गरमागरम उतार लें और अपनी पसंद की हरी चटनी टमाटर सॉस या दही के साथ परोसें। स्वादिष्ट सूजी चीला न सिर्फ सुबह की भूख शांत करेगा बल्कि पोषण और स्वाद का बेहतरीन मेल भी देगा।

    सूजी का चीला सिर्फ स्वादिष्ट नाश्ता ही नहीं है बल्कि यह पोषक तत्वों जैसे आयरन विटामिन B और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है जो सुबह की ऊर्जा और सक्रियता को बनाए रखने में मदद करता है।  इस आसान रेसिपी के साथ आप रोज़ के नाश्ते को स्वाद और हेल्थ का बेहतरीन संयोजन बना सकते हैं चाहे आप ऑफिस जाने वाले हों बच्चों का टिफिन तैयार कर रहे हों या सप्ताहांत के नाश्ते का प्लान बना रहे हों।