Author: bharati

  • Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ

    Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ


    नई दिल्ली । आमलकी एकादशी हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी जिसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं का अपना एक अलग ही आकर्षण है. यह दिन न केवल भगवान विष्णु को समर्पित है, बल्कि नवविवाहित महिलाओं के लिए यह सौभाग्य और खुशहाल वैवाहिक जीवन का द्वार खोलने वाला माना जाता है.

    आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

    पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आमलकी एकादशी की तिथि और समय कुछ इस प्रकार है.

    नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों है खास?
    मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे. इसलिए इसे रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. नवविवाहित महिलाओं के लिए यह काफी व्रत खास माना जाता है.जो महिलाएं शादी के बाद शुरुआती सालों में यह व्रत करती हैं, उन्हें माता पार्वती और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, जिससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बना रहता है. आमलकी एकादशी का व्रत रखने से घर में सुख-शांति आती है और संतान प्राप्ति की राह आसान होती है. स्वास्थ्य का वरदान: आमलकी का अर्थ है आंवला. आयुर्वेद और धर्म दोनों में आंवले को अमृत माना गया है. इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से महिलाओं को आरोग्य और शारीरिक शक्ति मिलती है.

    इस दिन क्या करें?

    आमलकी एकादशी पर कुछ विशेष कार्यों को करने से व्रत का फल दोगुना हो जाता है. आंवले के पेड़ की पूजा: इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करें. पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और परिक्रमा करें.आंवले का दान और सेवन: इस दिन आंवले का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही, प्रसाद के रूप में आंवले का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है.

    रंग और गुलाल: चूंकि इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं, इसलिए भगवान विष्णु और शिव-पार्वती को गुलाल अर्पित करें.पौराणिक महत्व: शास्त्रों के अनुसार, आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है क्योंकि इसकी उत्पत्ति विष्णु जी के आंसुओं से हुई थी. इसलिए इस दिन आंवले की पूजा सीधे श्रीहरि की पूजा मानी जाती है.

    आमलकी एकादशी के लाभ

    पापों से मुक्ति: अनजाने में हुई गलतियों और पापों के प्रभाव को कम करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ व्रत है.मोक्ष की प्राप्ति: एकादशी का व्रत करने वाले साधक को आखिर में वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती हैआर्थिक उन्नति: शुक्रवार के दिन एकादशी पड़ने से लक्ष्मी-नारायण योग बनता है, जो धन और ऐश्वर्य में वृद्धि करता है. 

  • TOXIC Teaser Out: यश का खूंखार अवतार, राया का एक्शन देख भूल जाएंगे KGF, धमाकेदार टीजर

    TOXIC Teaser Out: यश का खूंखार अवतार, राया का एक्शन देख भूल जाएंगे KGF, धमाकेदार टीजर


    नई दिल्ली । यश कियारा आडवाणी और लंबी स्टारकास्ट से सजी फिल्म टॉक्सिक अपने दमदार टाइटल इंट्रो वीडियो के बाद से ही चर्चा में है। इसका टीजर रिलीज हो गया है और फैंस अब फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। डायरेक्टर गीतू मोहनदास ने पहले ही 20 फरवरी को टीजर रिलीज करने की घोषणा कर दी थी जिसके बाद से ही फैंस खुशी के मारे पागल हो रहे थे। टीजर को देखने के बाद से फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट चरम पर है। यह फिल्म रणवीर सिंह की धुरंधर 2 से टकराएगी।

    गीतु मोहनदास ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यश की तस्वीर वाला पोस्टर शेयर करते हुए टीजर रिलीज की तारीख की घोषणा की थी। कैप्शन में लिखा था सुबह 9:35 | 20.02.2026 #ToxicTeaser #Toxic 19-03-2026 से दुनिया भर के सिनेमाघरों में। फैंस ने फायर इमोजी के साथ रिएक्शन देना शुरू कर दिया। वे इस अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। 123 तेलुगू के अनुसार टॉक्सिक का थिएट्रिकल ट्रेलर मार्च के पहले हफ्ते में रिलीज होने की संभावना है। अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    टॉक्सिक की कहानी का प्लॉट

    अब फिल्म के UAE डिस्ट्रीब्यूटर फार्स फिल्म ने अपनी वेबसाइट पर फिल्‍म की कहानी को लेकर कुछ जानकारी दी है जिससे इसके प्‍लॉट का खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया है कि टॉक्सिक साल 1940 और 1970 के दशक के बीच की कहानी है जिसके केंद्र में गोवा शहर है। यश के किरदार राया का खौफ उसकी ताकत और साम्राज्य बनाने की चाहत है। सिनॉप्‍स‍िस में आगे लिखा है हर काम का अपना नतीजा होता है। ताकत दी नहीं जाती उसे छीना जाता है और इसके लिए हमेशा एक कीमत चुकानी पड़ती है। जैसे-जैसे स्मगलिंग के रास्ते लड़ाई के मैदान बनते हैं वफादारी शक में बदलती है डर का साया जिंदा रहने का जरिया बन जाता है। आखिर में उसके फैसले उन नतीजों से ज्यादा ताकतवर साबित होते हैं।

    टॉक्सिक की रिलीज डेट धुरंधर 2 से टक्कर

    यश की आगामी फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स की रिलीज को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। खबरों के मुताबिक फिल्म 19 मार्च 2026 को तय समय पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस रिलीज डेट के चलते फिल्म का सीधा मुकाबला धुरंधर 2 से होगा जिससे बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त टक्कर की संभावना है। हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार टॉक्सिक के मेकर्स ने 2025 की हिट फिल्म धुरंधर के सीक्वल से टक्कर होने के बावजूद फिल्म को पोस्टपोन न करने का फैसला किया है।

    टॉक्सिक का बजट और कास्ट

    टॉक्सिक एक पीरियड एक्शन थ्रिलर है जिसे गीतु मोहनदास ने लिखा और निर्देशित किया है। यश के अलावा फिल्म में कियारा आडवाणी नयनतारा हुमा कुरैशी तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत हैं। अक्षय ओबेरॉय सुदेव नायर अमित तिवारी और कई कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। बजट की बात करें तो टॉक्‍स‍िक का बजट करीब 600 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। यानी कि बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने के लिए इसे अपनी कमर कसनी होगी।

    टॉक्सिक 6 भाषाओं में होगी रिलीज

    फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी में एक साथ शूट किया गया है और इसे हिंदी मलयालम तेलुगू और तमिल सहित छह भारतीय भाषाओं में डब करके रिलीज किया जाएगा।

    यश की KGF 2 1200 करोड़ के पार कमाई
    यश को आखिरी बार लीड रोल में केजीएफ: चैप्टर 2 में देखा गया था। प्रशांत नील की निर्देशित यह एक्शन फिल्म सिनेमाघरों में जबरदस्त सफल रही और इसने दुनियाभर में 1215 करोड़ की कमाई की थी।

    रामायण में रावण बनेंगे यश

    लगभग चार साल बाद ए्टर टॉक्सिक के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। इसके अलावा वह रणबीर कपूर की आगामी रामायण में रावण का रोल भी करने वाले हैं जो इस साल दिवाली पर रिलीज होगी।

  • नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत

    नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत


    नई दिल्ली । नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत का मामला नोएडा सेक्टर-150 स्थित टी प्वाइंट के पास पानी से भरे गड्ढे में कार सहित गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में सत्र अदालत ने बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की प्रत्यक्ष या सचेत भूमिका स्थापित करने वाला ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और उसकी कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक प्रतीत नहीं होती. हालांकि अदालत ने कहा कि वह बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे और जांच में सहयोग करेंगे.

    बचाव पक्ष की दलील

    आरोपी के अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी व सचिव शोभाराम चंदीला ने अदालत में दलील दी कि आरोपी एक प्रतिष्ठित व्यवसायी और डेवलपर हैं. FIR में उनका नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है और न ही किसी प्रत्यक्ष कृत्य का उल्लेख है. वह संबंधित कंपनी के निदेशक या की-मैनेजरियल पर्सन नहीं रहे हैं. कंपनी के शेयरों का बड़ा हिस्सा पहले ही अन्य कंपनी को हस्तांतरित किया जा चुका था. निर्माण स्थल पर दो वर्ष से अधिक समय से नोएडा प्राधिकरण द्वारा रोक लगी हुई थी.

    अदालत ने क्या पाया

    सत्र अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह स्थापित नहीं होता कि आरोपी का विवादित भूमि पर प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण था. आरोपी के विरुद्ध किसी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी प्रस्तावित नहीं है. संबंधित दस्तावेज प्राधिकरण या जांच एजेंसी के पास उपलब्ध हैं, जिनके लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं.

    प्राधिकरण द्वारा लगी थी रोक

    घटना से पूर्व नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी. अदालत ने कहा कि कॉर्पोरेट संरचना, लीज, सब-लीज, शेयर ट्रांसफर और MOU जैसे लेन-देन के मामलों में केवल स्वामित्व संबंध के आधार पर आपराधिक दायित्व नहीं थोपा जा सकता. अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी कंपनी के प्रमोटर हैं और इस नाते जिम्मेदार हैं. लेकिन अदालत ने कहा कि प्रमोटर शब्द की स्पष्ट कानूनी परिभाषा और दायित्व का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों से स्थापित नहीं होता.

    जलभराव की समस्या

    अदालत ने यह भी नोट किया कि जलभराव की समस्या को लेकर विजटाउन प्लानर्स द्वारा 2022 में आवेदन दिया गया था और सिंचाई विभाग द्वारा 2023 में जलनिकासी के लिए प्रस्ताव रखा गया था. नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 18 जनवरी 2021 को संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी, जो जनवरी 2026 में हटाई गई. जब निर्माण और विकास कार्य पर वैधानिक रोक लागू थी, तब जलनिकासी या अन्य निर्माणात्मक हस्तक्षेप सीमित हो सकते थे.

    ऐसे में यह निष्कर्ष निकालना कि आरोपी ने जानबूझकर पानी जमा रहने दिया, इस स्तर पर उचित नहीं है. तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, प्रथम दृष्टया भूमिका के अभाव और कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता न होने को देखते हुए अदालत ने निर्मल सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली.

  • Do Deewane Seher Mein X review: प्यार, इजहार और फिर…मृणाल और सिद्धांत की मॉर्डन लव स्टोरी से लोग हुए इंप्रेस? लोग बोले इम्परफेक्ट लव

    Do Deewane Seher Mein X review: प्यार, इजहार और फिर…मृणाल और सिद्धांत की मॉर्डन लव स्टोरी से लोग हुए इंप्रेस? लोग बोले इम्परफेक्ट लव


    नई दिल्ली । सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर स्टारर रोमांटिक ड्रामा फिल्म दो दीवाने सहर में आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म के साथ अनुराग सिन्हा के डायरेक्शन में बनी तापसी पन्नू स्टारर फिल्म अस्सी भी रिलीज हुई है. वहीं दो दीवाने सहर में मृणाल और सिद्धांत की रोमांटिक लव स्टोरी दिखाई गई है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक अरेंज मैरिज के लिए मिले एक लड़का और लड़की की कहानी किस मोड़ पर जाती है. तो चलिए फिल्म को लेकर एक नजर डालते हैं दर्शकों के रिएक्शन पर कि उन्हें यह फिल्म कैसी लगी है.

    जानें लोगों को कैसी लगी दो दीवाने सहर में

    ट्विटर पर दो दीवाने सहर में को लेकर लोग रिएक्ट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा दो दीवाने शहर में के स्पेशल फैन प्रीव्यू में दर्शकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली जहां शशांक सिद्धांत और रोशनी मृणाल दर्शकों के पसंदीदा बन गए. मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी की उपस्थिति ने फिल्म के प्रति उत्साह को और बढ़ा दिया. Do Deewane Seher Mein 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में आ रही है.

    एक अन्य यूजर ने फिल्म को लेकर लिखा इस वैलेंटाइन डे पर प्यार की गूंज सुनाई देगी आस्मा मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी अभिनीत फिल्म दो दीवाने शहर में आधुनिक प्रेम कहानी को वास्तविक रोमांस के सार के साथ प्रस्तुत करती है.

    तीसरे यूजर ने लिखा ये पहले से ही ट्रेंड कर रहा है.कोई शोर-शराबा नहीं. बस भावनाएं और अब बुकमायशो पर भी ट्रेंड कर रहा है. दो दीवाने सहर में ये साबित कर रहा है कि एक अपूर्ण रूप से परिपूर्ण प्रेम कहानी जिसे ईमानदारी से बताया जाए आज भी असरदार है.

    एक और यूजर ने अस्सी और दो दीवाने सहर में को लेकर ट्वीट किया. यूजर ने लिखा क्या तापसी और अनुभव सिन्हा अस्सी के साथ एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं? इस मार्मिक और दिल दहला देने वाली फिल्म के लिए सिनेमाघरों में खाली सीटें ही दिखाई दे रही हैं. क्या दर्शक कठोर सच्चाइयों से मुंह मोड़ रहे हैं या मार्केटिंग इस टकराव को दर्शकों तक पहुंचाने में नाकाम रही? क्या Assi बनाम DoDeewaneSeherMein में कंटेंट बनाम आराम की जीत फिर से हुई? लेकिन प्रतिक्रिया धीमी. 10 में से 6 रेटिंग की संभावना लेकिन सीटें झूठ नहीं बोलतीं.

    एक और यूजर ने लिखा दो दीवाने सहर में 3.5 रेटिंग. आखिरकार एक ऐसी फिल्म जो सेलिब्रेट करती है इम्परफेक्ट लव को सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर दोनों ने बहुत अच्छी एक्टिंग की है खास कर के मृणाल ने. प्योर फीलिंग्स शानदार म्यूजिक शानदार एक्टिंग.परफेक्ट डेट वाली फिल्म.

  • जब बॉक्स ऑफिस पर टकारए सनी देओल-आमिर खान, किसकी हुई थी जीत? जानें किसकी फिल्म ने कितनी कमाई की थी

    जब बॉक्स ऑफिस पर टकारए सनी देओल-आमिर खान, किसकी हुई थी जीत? जानें किसकी फिल्म ने कितनी कमाई की थी


    नई दिल्ली । Box Office Clash: 25 साल पहले आमिर खान और सनी देओल की फिल्म के बीच बॉक्स ऑफिस पर क्लैश हुआ था. दोनों ही सुपरस्टार ने एक ही दिन अपनी-अपनी फिल्म रिलीज कर दी थी. चलिए जानते हैं कि किसकी फिल्म ने ज्यादा कमाई की थी.
    आमिर खान और सनी देओल
    आमिर खान और सनी देओल लंबे समय से अपनी एक अपकमिंग फिल्म को लेकर चर्चा में चल रहे हैं. फिल्म का नाम है लाहौर 1947 जो इसी साल 13 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. आमिर खान ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है और सनी देओल इस फिल्म में लीड रोल में नजर आने वाले हैं. अब जहां इस फिल्म पर दोनों ने साथ काम किया है तो वहीं लगभग 25 साल पहले दोनों की फिल्म के बीच ही बॉक्स ऑफिस पर क्लैश भी हुआ था.

    दरअसल दोनों ही सुपरस्टार्स की फिल्में एक ही दिन सिनेमाघरों में रिलीज हो गई थीं. खास बात ये थी कि दोनों ही फिल्में लोगों को काफी पसंद आई थीं और दोनों बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थीं. यहां जिन दो फिल्मों की बात हो रही है उनमें पहली है सनी देओल की गदर और दूसरी है आमिर खान की लगान . दोनों फिल्में 15 जून 2001 को रिलीज हुई थीं.

    आमिर खान और सनी देओल की फिल्में

    अनिल शर्मा के डायरेक्शन में बनी गदर में सनी देओल के साथ अमीषा पटेल दिखी थीं. सैकनिल्क के अनुसार इस फिल्म का बजट 18 करोड़ रुपये था. वर्ल्डवाइड इस फिल्म ने 132.60 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया था. इस फिल्म को ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर का टैग मिला था. लगान को डायरेक्ट किया था आशुतोष गोवारिकर ने. आमिर के अपोजिट इस फिल्म में ग्रेसी सिंह दिखी थीं. इस फिल्म को बनाने में 25 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और दुनियाभर से कमाई हुई थी 58.05 करोड़. ये फिल्म हिट रही थी.
    प्रीति जिंटा लाहौर 1947 का हिस्सा
    दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सक्सेसफुल रही थीं. हालांकि लगान की तुलना में गदर ने ज्यादा कमाई की थी. सालों बाद आज भी ये दोनों फिल्में लोगों के दिलों में बसती हैं. बहरहाल फिलहाल फैंस को दोनों की फिल्म लाहौर 1947 का इंतजार है. सनी देओल के अपोजिट इसमें प्रीटि जिंटा नजर आने वाली हैं. इस फिल्म को डायरेक्टर राजकुमार संतोषी बना रहे हैं. बहरहाल अब देखना होगा कि रिलीज के बाद ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा परफॉर्म दिखाती है.

  • भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा

    भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के कोंहार गांव में शुक्रवार सुबह एक सर्व समाज बैठक में ब्राह्मण क्षत्रिय तथा अन्य समाजों के ग्रामीणों ने जाटव समाज का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। यह कदम 17 फरवरी को दर्ज हुई एससी-एसटी एक्ट अंतर्गत FIR और कथित रूप से कुछआपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में उठाया गया है। बैठक में उपस्थित लोगों ने एक साथ शपथ ली कि वे अब जाटव समाज के साथ कोई सामाजिक मेल-जोल नहीं रखेंगे जिसमें घर-आना-जाना किसी प्रकार का सामाजिक संबंध और खेतों-कामकाज से जुड़े संपर्क भी शामिल है।

    स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में सुबह करीब 10:30 बजे से 11:00 बजे तक चली बैठक में ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज के अलावा अन्य जाति-समुदाय के लोग भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जाटव समाज के कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर चुके हैं और ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज तथा मन्वाद को लेकर विरोध जताया है जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है।

    ग्रामीणों ने बैठक के दौरान सामूहिक शपथ ली जिसमें उन्होंने कहा कि वे जाटव समाज के लोगों के साथ सभी सामाजिक और पारिवारिक संपर्क समाप्त करेंगे। इस शपथ के तहत शामिल है उनके घरों में आना-जाना बंद करना रिश्तेदारी तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग न लेना तथा खेती-बाड़ी या कामकाज से जुड़े किसी भी संपर्क को तोड़ देना।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह विरोध 17 फरवरी को दर्ज एससी-एसटी एक्ट FIR के खिलाफ आयोजित किया गया है जिसे वे एकतरफा कार्रवाई और गांव के सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाला मानते हैं। उन्होंने प्रशासन से भी मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगे भी सामूहिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

    स्याह-गहरे सामाजिक तनाव के बीच यह घटना उस प्रकार की दूसरी बार सामने आई है जब गाँव में सार्वजनिक विरोध और शपथ कार्यक्रम हुआ है। इससे पहले भी किसी विवाद के बाद स्थानीय समाज ने जाटव समुदाय के खिलाफ बहिष्कार का बड़ा फैसला लिया था लेकिन प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि रिपोर्टों से यह स्पष्ट है कि एसे सामाजिक बहिष्कार के निर्णय का कानूनी और सामाजिक प्रभाव स्थानीय समुदाय के जीवन पर गहरा असर डाल सकता है और इसे लेकर स्थानीय अधिकारियों तथा पुलिस की निगाह बनी हुई है।

  • मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक

    मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक


    मुरैना मध्यप्रदेशजिले के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड के बाहर बनाए गए प्रतीक्षालय में एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई। यह शव गुरुवार शाम लगभग 7 बजे तब मिला जब भर्ती मरीजों के अटेंडर खाने के लिए प्रतीक्षालय आए और वहाँ पड़े शव को देखा। सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया और शव को अस्पताल की मोर्च्यूरी में सुरक्षित रखवाया गया।

    पुलिस ने शव की प्राथमिक तलाशी में मतदान नहीं मिलने के बावजूद उसकी जेब से तीन रोटियाँ, दो हरी मिर्च और थोड़ा नमक बरामद किया है, जो इस मामले को और संदिग्ध बना रहा है। मृतक के कपड़े साफ-सुथरे मिले हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह किसी अच्छे घर से आता हो सकता है। मारे गए व्यक्ति की उम्र लगभग 50-52 वर्ष के बीच लगाई जा रही है।

    पुलिस चौकी प्रभारी हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र शर्मा ने बताया कि शव को नियम के अनुसार तीन दिनों तक मोर्च्यूरी में रखा जाएगा ताकि उसकी पहचान हो सके। निर्धारित समय में अगर कोई परिचित या परिजन सामने नहीं आता है तो कानून के तहत अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    पहचान कराने में मदद के लिए अस्पताल चौकी, कोतवाली थाना और कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति जिसे जानकारी हो, वह पुलिस को फोन पर सूचित कर सके। पुलिस लगातार आसपास के सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल परिसर के आसपास के लोगों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल सुरक्षा की दृष्टि से यह मामला गंभीर है क्योंकि किसी व्यक्ति का आकस्मिक रूप से प्रतीक्षालय में शव मिलना सामान्य नहीं माना जाता। मृतक कैसे और कब यहाँ पहुँचा, यह भी पुलिस की जांच का हिस्सा है।

    पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनका कोई परिचित या परिवार का सदस्य पिछले कुछ दिनों से लापता है और इस विवरण से मिलता-जुलता है तो वह जल्द से जल्द जानकारी साझा करें, जिससे मृतक की पहचान जल्द हो सके और परिवार तक सूचना पहुँचाई जा सके।

  • सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान

    सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान


    भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के दौरान आज फिर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादित बयान चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा माफी मांगने के बाद भी विजयवर्गीय ने अपने तेवर में नरमी नहीं दिखाई और मीडिया से बातचीत में कहा कप्तान है वो तो यार माफी मांगी तो क्या हो गया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    दरअसल बजट सत्र के चौथे दिन भागीरथपुरा दूषित पानी और मौतों के मामले पर जब विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस बहस के दौरान विजयवर्गीय ने असंसदीय भाषा का उपयोग करते हुए उमंग सिंघार को औकात में रहो कह दिया जिससे सदन में हंगामा हो गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    हंगामे के बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने खेद जताया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जिससे सदन की गरिमा को बनाए रखने की अपील की गई। हालांकि विजयवर्गीय के तेवर इसके बावजूद नरम नहीं पड़े। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कभी-कभी गुस्सा आ जाता है यार सी प्रतिक्रिया भी दी।

    इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी पलटवार किया और कहा कि वह अपनी औकात जनता की सेवा करने और उनके सवालों को उठाने में ही मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष गंभीर मुद्दों जैसे भागीरथपुरा मौतों या अडानी ग्रुप के साथ समझौते पर चर्चा करता है तो इसका जवाब इस तरह के बयान से नहीं दिया जाना चाहिए।

    वहीं युवा कांग्रेस ने दोषी मंत्री के बयान के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है और आज उनके बंगले के बाहर घेराव कार्यक्रम होगा जिसे देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

    बीजेपी शासन के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक बीजेपी विधायक ने कहा कि विपक्ष के लोग मुट्ठी भर हैं और उनका मोर्चा छोटा है जबकि उनकी पार्टी का मोर्चा बड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले बदतमीजी की थी और इसलिए पूरा विपक्ष माफी मांगे।

    इस पूरे विवाद ने विधानसभा सत्र को गर्मा‑गर्म बहस और सियासी टकराव का केंद्र बना दिया है। मुख्यमंत्री की माफी के बावजूद मंत्री का बयान सियासी कारवाई और विरोध प्रदर्शन का विषय बन गया है जिससे सदन और बाहर दोनों जगह राजनीति गरमाई हुई है।

  • भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता

    भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐतिहासिक और रोमांचक शाम देखने को मिली जब फेमिना मिस इंडिया2026 का राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले पहली बार आयोजित हुआ। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 19 फरवरी 2026 को मिंटो हॉल में आयोजित हुई जिसमें पूरे प्रदेश से चयनित 16 प्रतिभागियों ने अपने हुनर आत्मविश्वास और पर्सनैलिटी से मुक़ाबला किया। इस पहले आयोजन से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।

    इस ग्लैमरस प्रतियोगिता में सिवनी जिले की धनुश्री चौहान ने शानदार प्रस्तुति देकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। धनुश्री ने अपनी ग्रेस बुद्धिमत्ता और आकर्षक पर्सनैलिटी के दम पर निर्णायकों को प्रभावित किया और प्रदेश की प्रतिनिधि बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने कहा है कि वह न केवल भोपाल या मध्यप्रदेश बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन करेंगी।

    इस आयोजन की खास बात थी इसकी थीम सस्टेनेबिलिटी फर्स्ट ज़ीरो वेस्ट इवेंट सका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एक साफसुथरा जिम्मेदार कार्यक्रम पेश करना था। इस थीम के अंतर्गत कार्यक्रम में कमी से कम बर्बादी करने और इकोफ्रेंडली प्रथाओं को अपनाने पर जोर दिया गया जो femina ब्रांड की नई दिशा को दर्शाता है।

    प्रतियोगिता में प्रारंभिक राउंड के लिए लगभग 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था। विभिन्न राउंड के बाद श्रेष्ठ 16 को चुना गया और उन्होंने रैंप वॉक पब्लिक स्पीकिंग और टैलेंट राउंड में हिस्सा लिया। निर्णायकों ने उनकी प्रतिभा आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के आधार पर विजेता का चयन किया।

    इस कार्यक्रम में फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड2024 की विजेता और खुद मध्यप्रदेश की बेटी निकिता पोरवाल नई विजेता धनुश्री को ताज पहनाया। यह पल स्थानीय युवाओं के लिए गर्व का क्षण था क्योंकि प्रदेश की बेटी ने अपने काम और प्रतिभा से यह प्रतिष्ठित मुकाम हासिल किया।

    धनुश्री की यह विजय सिवनी और मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनकी कहानी युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है जो साबित करती है कि मेहनत आत्मविश्वास और समर्पण के साथ सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। इस प्रतिस्पर्धा से मध्यप्रदेश की युवा प्रतिभाओं को ब्यूटी टैलेंट और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच मिला है।

    अब धनुश्री चौहान राष्ट्रीय स्तर पर Femina Miss India 2026 प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी जहां वे देश भर की अन्य राज्य विजेताओं के साथ मुकाबला करेंगी और भारत के प्रतिष्ठित मंच पर अपनी पहचान बनाने का प्रयास करेंगी।

  • मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र2026: भागीरथपुरा दूषित पानी मामले पर स्थगन प्रस्ताव पर आज चर्चा, सियासी गरमाहट जारी

    मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र2026: भागीरथपुरा दूषित पानी मामले पर स्थगन प्रस्ताव पर आज चर्चा, सियासी गरमाहट जारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र दौरान आज सदन में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल और उससे हुए लोगों की मौत का मामला फिर से चर्चा में है। यह मुद्दा पहले भी बजट सत्र के दौरान उठाया जा चुका है और विपक्ष स्थगन प्रस्ताव पर विस्तृत बहस की मांग कर रहा है।

    भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने की वजह से कई लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं हुईं और कई की मौत भी हुई जिससे स्थानीय लोग और विपक्ष दोनों ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस विधायक स्थगन प्रस्ताव के दौरान अपनी बात रखेंगे। इस मुद्दे पर विपक्ष ने पहले भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था और संसद में इसे गंभीर विषय के रूप में उठाया।

    विपक्ष का आरोप है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की आपूर्ति से बच्चों और बड़ों समेत अनेक लोगों को एक्यूट डायरिया जैसी बीमारी हुई जिसके चलते कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है और कई दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती रहे। कांग्रेस ने इसे सिस्टम की विफलता बताया और इसके लिए मंत्रियों की इस्तीफा की मांग भी की।

    सांसदों ने कहा कि दूषित पानी मामले को विस आवाज़ में उठाने के लिए स्थगन प्रस्ताव जरूरी है ताकि पूरे मुद्दे पर विस्तार से बहस हो और जवाबदेही तय की जा सके। विपक्ष ने तर्क दिया कि सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया और पीड़ितों को दी गई मुआवजे की राशि अपर्याप्त है जबकि जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

    सरकार की ओर से जवाब में कहा गया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। स्वास्थ्य और नगर प्रशासन विभागों ने घटनास्थल पर कार्यवाही की है और दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मामला राजनीति से ऊपर है और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने सहित राहत कार्य किये जा रहे हैं।

    सदन में इस मुद्दे को लेकर कई बार कार्यवाही स्थगित भी हुई क्योंकि विपक्ष ने इसे व्यापक रूप से उठाने की मांग की है। कांग्रेस ने दावा किया कि दूषित पानी से मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज़्यादा हो सकती है और सरकार की जवाबदेही तय किये बिना इस मुद्दे पर आगे नहीं बढ़ा जाये।

    राज्यसभा में नेताओं ने जोर देकर कहा है कि सदी में स्वच्छ भारत की बात करते हुए यदि नागरिकों को सुरक्षित पीने का पानी न मिल रहा हो तो यह गंभीर समस्या है जिसे जल्द ही नीति स्तर पर भी संबोधित किया जाना चाहिए। स्थगन प्रस्ताव पर आज होने वाली चर्चा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।