Author: bharati

  • अमिताभ बच्चन की सादगी का राज़: दिव्या दत्ता ने बताया क्यों उन्हें कहते हैं ‘असली महानायक’..

    अमिताभ बच्चन की सादगी का राज़: दिव्या दत्ता ने बताया क्यों उन्हें कहते हैं ‘असली महानायक’..


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपने अभिनय के साथ-साथ अपने अनुशासित जीवन, विनम्र स्वभाव और रिश्तों को निभाने के अनोखे तरीके के लिए भी जाने जाते हैं। लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय अमिताभ बच्चन को लेकर सह-कलाकार अक्सर ऐसे अनुभव साझा करते रहते हैं, जो उनके व्यक्तित्व को और भी प्रेरणादायक बना देते हैं। इसी क्रम में एक्ट्रेस दिव्या दत्ता ने हाल ही में एक इंटरव्यू में उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें साझा की हैं, जिनसे उनके व्यवहार की एक खास झलक सामने आती है।

    दिव्या दत्ता ने बताया कि अमिताभ बच्चन की एक खास आदत उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि बिग बी अपने करीबी लोगों को उनके जन्मदिन पर ठीक रात 12 बजे फोन कर बधाई देना नहीं भूलते। यह केवल औपचारिकता नहीं बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव होता है, जो सामने वाले व्यक्ति को बेहद खास महसूस कराता है। दिव्या दत्ता ने यह भी साझा किया कि उन्हें भी कई बार उनके जन्मदिन पर आधी रात फोन कर शुभकामनाएं मिल चुकी हैं, जो उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा है।

    उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में जब व्यस्तता और भागदौड़ के बीच लोग व्यक्तिगत रिश्तों को समय नहीं दे पाते, ऐसे में अमिताभ बच्चन का यह व्यवहार उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। उनके अनुसार, यह आदत उनकी सादगी और रिश्तों के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाती है, जो उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। यही वजह है कि उनके प्रति लोगों का जुड़ाव केवल एक कलाकार के रूप में नहीं बल्कि एक इंसान के रूप में भी गहरा है।

    दिव्या दत्ता ने एक और दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि अमिताभ बच्चन समय के कितने पाबंद हैं। उन्होंने बताया कि जब उनकी किताब के लॉन्च का आयोजन था, तो अमिताभ बच्चन को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम शाम 7:30 बजे तय था, लेकिन वे उससे पहले ही लगभग 7:20 बजे पहुंच गए थे। उन्होंने सहजता से कहा कि वह पहले आ गए हैं, इसलिए बाकी लोग आराम से अपना समय लें। यह घटना उनके अनुशासन और दूसरों के समय के प्रति सम्मान को स्पष्ट रूप से दिखाती है।

    इसके अलावा दिव्या दत्ता ने फिल्मी सेट से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके किरदार में आए बदलाव के कारण उनका व्यवहार भी थोड़ा गंभीर हो गया था, जिसे अमिताभ बच्चन ने तुरंत महसूस कर लिया था। इसके बाद उन्होंने उन्हें फोन कर समझाया कि अभिनय केवल एक भूमिका है और इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए। इस बातचीत के बाद उन्होंने दिव्या दत्ता को सहज महसूस कराने के लिए पूरा सहयोग दिया और उन्हें आत्मविश्वास से भर दिया।

    इन अनुभवों से यह साफ झलकता है कि अमिताभ बच्चन केवल एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और समझदार इंसान भी हैं। उनका व्यवहार, अनुशासन और रिश्तों के प्रति सम्मान उन्हें एक अलग पहचान देता है। यही कारण है कि दशकों बाद भी वह न केवल फिल्मों में बल्कि लोगों के दिलों में भी एक खास स्थान बनाए हुए हैं।

  • डिजिटल सिस्टम से धर्मांतरण का खेल उजागर, खरगोन में बाइबिल लैपटॉप ,और प्रोजेक्टर बरामद

    डिजिटल सिस्टम से धर्मांतरण का खेल उजागर, खरगोन में बाइबिल लैपटॉप ,और प्रोजेक्टर बरामद


    खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक कथित धर्मांतरण नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है जहां डिजिटल उपकरणों के जरिए प्रार्थना सभा के नाम पर गतिविधियां संचालित किए जाने की बात सामने आई है यह मामला ग्राम बमनाला का है जहां सेल्दा रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के पीछे खेत में बने एक मकान में यह गतिविधियां चल रही थीं

    सूचना मिलने पर पुलिस ने बुधवार को मौके पर दबिश दी और कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने मौके से बाइबिल धार्मिक साहित्य लैपटॉप प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम सहित कई उपकरण जब्त किए हैं जिनका उपयोग कथित रूप से लोगों को एकत्र कर धार्मिक प्रचार प्रसार के लिए किया जा रहा था

    बमनाला चौकी प्रभारी राजेंद्र आवास्या के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची जहां से 13 बाइबिल 7 ईसाई साहित्य की पुस्तकें एक लैपटॉप एक प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम बरामद किया गया प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इन डिजिटल साधनों के माध्यम से लोगों को प्रार्थना के लिए बुलाया जाता था और उन्हें कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं और आदिवासी क्षेत्र के लोगों को बीमारी दूर होने और चमत्कारिक लाभ का दावा करके प्रार्थना सभा में शामिल किया जाता था इसके साथ ही हिंदू रीति रिवाज छोड़ने और ईसाई धर्म अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाता था

    पुलिस ने इस मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धाराओं 3 और 5 के तहत केस दर्ज किया है और सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है गिरफ्तार आरोपियों में गांव के राजू बड़ोले बबलू जमरे उमरिया झाबुआ निवासी सेतु मेड़ा और कल्यापुरा निवासी पंकज बारिया शामिल हैं पुलिस के अनुसार बबलू जमरे ने लगभग दो से तीन साल पहले ही खेत में यह मकान बनवाया था जहां से यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तलाशी के दौरान कुछ गोपनीय दस्तावेज भी जब्त किए हैं जिनकी जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क के पीछे और कौन लोग जुड़े हैं और यह गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है

  • Heatwave Alert: बढ़ते तापमान और लू से बढ़ रही परेशानी, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी

    Heatwave Alert: बढ़ते तापमान और लू से बढ़ रही परेशानी, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी


    नई दिल्ली । इन दिनों लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीटवेव) ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय चल रही गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में लगातार बढ़ोतरी से आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    लू क्या है और क्यों खतरनाक होती है
    लू यानी हीटवेव तब होती है जब किसी क्षेत्र में सामान्य से बहुत अधिक तापमान दर्ज किया जाता है और गर्म हवाएं चलती हैं। यह स्थिति शरीर के तापमान को तेजी से बढ़ा देती है, जिससे शरीर का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है। लंबे समय तक लू के संपर्क में रहने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

    शरीर पर लू का असर
    लू का असर सबसे पहले शरीर की ऊर्जा पर पड़ता है। व्यक्ति को कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर और अत्यधिक थकान महसूस होने लगती है। गंभीर मामलों में उल्टी, बेहोशी और हीट स्ट्रोक जैसी स्थिति भी बन सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।

    किन लोगों पर ज्यादा खतरा
    विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बाहर काम करने वाले मजदूर लू के अधिक शिकार होते हैं। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से हृदय, किडनी या डायबिटीज जैसी बीमारियां हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    लू लगने के शुरुआती लक्षण
    लू लगने पर शरीर में तेज सिरदर्द, बेचैनी, तेज प्यास, त्वचा का सूखना, चक्कर आना और तेज धड़कन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

    बचाव के जरूरी उपाय
    डॉक्टर सलाह देते हैं कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस और तरल पदार्थ का सेवन करें। धूप में ज्यादा देर तक खड़े रहने से बचना चाहिए।

    कब लें तुरंत डॉक्टर की सलाह
    अगर किसी व्यक्ति को लगातार चक्कर, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी या शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता हुआ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

  • कांग्रेस आईटी सेल केस में बड़ा एक्शन, हाईकोर्ट ने CCTV सुरक्षित ,रखने के दिए निर्देश


    जबलपुर । जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े एक मामले में भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सख्त रुख अपनाया है यह मामला उन तीन युवकों से जुड़ा है जिन्हें हिरासत में लेकर बिना किसी न्यायिक आदेश और ट्रांजिट रिमांड के राजस्थान पुलिस को सौंप दिए जाने का आरोप है

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी व्यक्ति को दूसरे राज्य की पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक और न्यायिक आदेशों के अनुसार होनी चाहिए लेकिन इस मामले में नियमों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आई है जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है

    कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए

    इसके अलावा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए गिरफ्तारी स्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को कहा है कोर्ट ने विशेष रूप से 20 अप्रैल की रात 2 बजे से लेकर 21 अप्रैल की शाम 5 बजे तक के सभी सीसीटीवी रिकॉर्ड सुरक्षित करने के आदेश दिए हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके

    मामले में कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी जिसमें कहा गया था कि प्रक्रिया के पालन के बिना ही युवकों को राजस्थान पुलिस को सौंप दिया गया जानकारी के अनुसार तीनों युवक बिलाल निखिल और इनाम पर आरोप है कि उन्होंने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से जुड़े महिला आरक्षण के एक कथित फर्जी पत्र को वायरल किया था इस मामले में राजस्थान के जयपुर स्थित ज्योति नगर थाने में केस दर्ज किया गया है

    राजस्थान पुलिस इन तीनों युवकों को जयपुर ले जा चुकी है लेकिन अब इस पूरे घटनाक्रम ने कानूनी प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि तीनों युवकों को 27 अप्रैल को हर हाल में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर निगाहें और तेज हो गई हैं

  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, सोना ₹927 लुढ़ककर ₹1.51 लाख पर आया, चांदी ₹4,700 सस्ती

    सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, सोना ₹927 लुढ़ककर ₹1.51 लाख पर आया, चांदी ₹4,700 सस्ती


    नई दिल्ली । सोना और चांदी की कीमतों में आज 23 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 927 रुपए घटकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया। एक दिन पहले यानी 22 अप्रैल को यह 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी कमी आई है और यह 4,700 रुपए गिरकर 2.43 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है, जो पहले 2.48 लाख रुपए थी।

    इस साल अब तक महंगा ही रहा सोना-चांदी
    हालांकि ताजा गिरावट के बावजूद 2026 में सोने-चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर बढ़त बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच चुका है, यानी करीब 18 हजार रुपए की तेजी। इसी तरह चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है।

    ऊंचाई से नीचे आए दाम

    इस साल 29 जनवरी को सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस दिन सोना 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके मुकाबले अब सोना करीब 25 हजार रुपए और चांदी लगभग 1.42 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है।

    वैश्विक संकेतों का असर, बाजार में उतार-चढ़ाव
    विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और डॉलर की मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से सोना-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। हालांकि, कीमतों में आई ताजा गिरावट ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए कुछ राहत जरूर लेकर आई है।

  • ट्रक की टक्कर के बाद कार बनी आग का गोला, एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत

    ट्रक की टक्कर के बाद कार बनी आग का गोला, एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत


    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हलिया थाना क्षेत्र के मड़िहान-राजगढ़ मार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी के पास तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही बोलेरो और एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बोलेरो का फ्यूल टैंक फट गया और वाहन कुछ ही सेकंड में आग की लपटों में घिर गया। इस दर्दनाक हादसे में कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई लोग एक ही परिवार या करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।

    हादसे के बाद बोलेरो में सवार नौ लोग मौके पर ही आग की चपेट में आ गए और बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिल सका। वहीं दूसरी ओर कार में सवार दो लोगों की भी गंभीर चोटों और मलबे में दबने से मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में चीख-पुकार और दहशत का माहौल पैदा कर दिया। मृतकों में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो किसी पारिवारिक या धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में भीषण आग लग गई और लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सके। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाई हुई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और कटर की मदद से वाहन में फंसे शवों को बाहर निकाला। शवों की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया, जिसके लिए प्रशासन ने डीएनए परीक्षण कराने की बात कही है।

    प्रारंभिक जांच में इस हादसे का कारण ट्रक की तेज रफ्तार और संभावित ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर जांच तेज कर दी है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर मार्ग पर यातायात को फिर से बहाल कर दिया गया है।

    इस दर्दनाक हादसे पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है, जिससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन 5 हजार रिश्वत लेते वनरक्षक गिरफ्तार

    टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन 5 हजार रिश्वत लेते वनरक्षक गिरफ्तार


    टीकमगढ़ । टीकमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है यह कार्रवाई वनरक्षक अरुण अहिरवार के खिलाफ की गई है जिसे 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय दबोचा गया

    पूरा मामला उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी लकड़ी व्यापारी अरबाज खान की शिकायत से जुड़ा है उन्होंने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वनरक्षक द्वारा उनके वाहन को छोड़ने और कार्य में किसी प्रकार की बाधा न डालने के एवज में पहले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी

    शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटकर 10 हजार रुपये पर तय हो गई लेकिन आरोपी ने पहले किस्त के रूप में 5 हजार रुपये देने की मांग की थी इसी शिकायत के आधार पर लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया

    निर्धारित योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 5 हजार रुपये दिए उसी समय लोकायुक्त पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वनरक्षक को रंगे हाथों पकड़ लिया इस कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया और आरोपी के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई सूत्रों के मुताबिक आरोपी वनरक्षक पर लंबे समय से वाहन चालकों और छोटे व्यापारियों से अवैध वसूली करने के आरोप लगते रहे हैं जिससे क्षेत्र में लोगों में काफी नाराजगी थी

    लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में भी हड़कंप मच गया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं फिलहाल लोकायुक्त टीम मामले की आगे जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब सख्ती बरती जा रही है और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

  • पश्चिम बंगाल में 1 बजे तक 60% से ज्यादा मतदान, तमिलनाडु थोड़ा पीछे, देंखे अब तक के आंकड़े

    पश्चिम बंगाल में 1 बजे तक 60% से ज्यादा मतदान, तमिलनाडु थोड़ा पीछे, देंखे अब तक के आंकड़े


    नई दिल्ली। चिलचिलाती गर्मी और छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बावजूद पश्चिम बंगाल में मतदान को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। दोपहर एक बजे तक राज्य में 62.18% वोटिंग दर्ज की गई, जो तेज रफ्तार को दर्शाती है। वहीं तमिलनाडु में इसी समय तक 56.81% मतदान हुआ, जो बंगाल के मुकाबले थोड़ा कम है।

    जिलों में वोटिंग का अलग-अलग रुझान
    चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मतदान 60% के आसपास या उससे अधिक रहा। मालदा में 58.45%, मुर्शिदाबाद में 62.71%, पश्चिम वर्धमान में 60.37%, पश्चिम मेदिनीपुर में 65.77% और पूर्वी मेदिनीपुर में 62.90% मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा पुरुलिया में 59.83%, उत्तरी दिनाजपुर में 60%, झारग्राम में 65.31%, कैलिम्पोंग में 59.52%, अलीपुरद्वार में 60.03%, बांकुरा में 64.58%, बीरभूम में 63.93%, कूचबिहार में 60.75%, दक्षिण दिनाजपुर में 63.05%, दार्जिलिंग में 59.81% और जलपाईगुड़ी में 60.84% वोटिंग हुई।

    तमिलनाडु में मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी
    तमिलनाडु के जिलों में भी मतदान जारी है, लेकिन कई जगहों पर आंकड़ा 60% से नीचे बना हुआ है। इरोड में 61.79%, करूर में 60.77% जैसे कुछ जिलों को छोड़ दें तो बाकी जगहों पर वोटिंग अपेक्षाकृत कम रही। कल्लाकुरिची में 57.15%, कांचीपुरम में 58.98%, कन्याकुमारी में 50.35%, मदुरै में 54.75%, चेन्नई में 54.58% और कोयंबटूर में 58.24% मतदान दर्ज किया गया।

    चुनावी चरण और नतीजों की तारीख
    पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, जबकि तमिलनाडु में सभी सीटों के लिए एक ही चरण में वोटिंग कराई जा रही है। दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

    बंगाल में कड़ा मुकाबला, 1478 उम्मीदवार मैदान में
    चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर कुल 1,478 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन सीटों पर करीब 3.60 करोड़ मतदाता वोट डाल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी सभी 152 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 148 सीटों पर मैदान में है। पहले चरण का मतदान खासतौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र उत्तर बंगाल, जंगलमहल और मतुआ बहुल इलाकों तक फैला है, जहां चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है।

  • योगी सरकार ने 9 साल में खड़ा किया यूनिवर्सिटी नेटवर्क, उच्च शिक्षा को मिली नई रफ्तार..

    योगी सरकार ने 9 साल में खड़ा किया यूनिवर्सिटी नेटवर्क, उच्च शिक्षा को मिली नई रफ्तार..

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संरचनात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, जिसे राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के रूप में प्रस्तुत कर रही है। इस अवधि में राज्य में नई यूनिवर्सिटियों की स्थापना के साथ-साथ कई पुराने राजकीय महाविद्यालयों को अपग्रेड कर उन्हें विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, आधुनिक और रोजगारपरक बनाना बताया जा रहा है, ताकि छात्रों को अपने ही जिलों और मंडलों में बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।

    सरकारी प्रयासों के तहत 2017 से 2026 के बीच राज्य में 10 से अधिक नई राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटियां स्थापित की गई हैं। ये विश्वविद्यालय विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता के लिए बनाए गए हैं, जिनमें चिकित्सा, खेल, कृषि, कानून, आयुष और तकनीकी शिक्षा प्रमुख हैं। इन संस्थानों की स्थापना से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में न केवल सीटों की संख्या बढ़ी है, बल्कि शोध और तकनीकी शिक्षा को भी नई दिशा मिली है। इससे छात्रों को आधुनिक विषयों में पढ़ाई करने और भविष्य के लिए बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिली है।

    इसके साथ ही राज्य सरकार ने कई राजकीय महाविद्यालयों को अपग्रेड कर उन्हें पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा दिया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से मंडल स्तर पर ही उच्च शिक्षा का ढांचा मजबूत किया गया है, जिससे छात्रों को डिग्री, परीक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक विकेन्द्रीकृत और सुविधाजनक हुई है, जिससे लाखों छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

    इन सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश प्रक्रिया आसान हुई है और समय पर परिणाम जारी होने की व्यवस्था भी बेहतर हुई है। विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ने से विभिन्न विषयों में नए कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनमें आधुनिक तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे विषय प्रमुख हैं, जो छात्रों को बदलती हुई नौकरी की दुनिया के लिए तैयार कर रहे हैं।

    हाल ही में प्रस्तुत किए गए बजट में भी उच्च शिक्षा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इसके तहत तीन नई राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना की योजना है, जिससे उन क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा जहां अब तक उच्च शिक्षा की सुविधाएं सीमित थीं। इसके अलावा कई नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए भी बजटीय प्रावधान किए गए हैं, जिससे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार होगा।

    इन सभी प्रयासों का असर यह हुआ है कि छात्रों को अब अपने ही जिलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल रही हैं। उन्हें दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों के लिए दूर-दराज के शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनी है।

  • 100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी

    100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी


    ग्वालियर । ग्वालियर में पुलिस की ईमानदारी और तेज कार्यप्रणाली की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है जहां मुरार बाजार में सड़क पर गिरे करीब 22 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने पुलिस ने न केवल बरामद किए बल्कि उन्हें सुरक्षित रूप से असली मालिक तक भी पहुंचा दिया यह पूरी घटना 20 अप्रैल की है जब आदित्यपुरम निवासी कृपाल सिंह गुर्जर अपनी बहन के साथ शादी की खरीदारी के लिए मुरार बाजार पहुंचे थे

    खरीदारी के दौरान कार से उतरते समय उनकी बहन के हाथ से गहनों से भरा बैग अनजाने में सड़क पर गिर गया इस बैग में एक सोने का हार और तीन अंगूठियां थीं जिनका कुल वजन लगभग 15 तोला बताया गया और कीमत करीब 22 लाख रुपये आंकी गई

    बैग खोने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया जिसके बाद तुरंत मुरार थाना पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और बाजार क्षेत्र में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की

    लगातार जांच के दौरान फुटेज में दो महिलाएं सड़क से बैग उठाकर ले जाती हुई दिखाई दीं इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और रूट ट्रैकिंग के आधार पर दोनों महिलाओं की पहचान की और उनके घर तक पहुंच बनाई

    जब पुलिस टीम चिन्हित स्थान पर पहुंची तो वहां रहने वाली दोनों महिलाएं जो रिश्ते में देवरानी और जेठानी बताई जा रही हैं उन्होंने गहनों से भरा बैग बिना किसी विवाद के पुलिस के सुपुर्द कर दिया महिलाओं ने बताया कि उन्होंने बैग खोला भी नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि मामला संदिग्ध हो सकता है

    पुलिस ने मौके पर बैग की जांच की तो सभी गहने सुरक्षित और ज्यों के त्यों पाए गए इसके बाद फरियादी परिवार को थाने बुलाकर पूरे गहने विधिवत रूप से वापस सौंप दिए गए अधिकारियों के अनुसार महिलाओं से पूछताछ भी की गई लेकिन उनकी नीयत में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई इसलिए उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई

    यह घटना न केवल ग्वालियर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है बल्कि आम नागरिकों की ईमानदारी का भी उदाहरण पेश करती है जिससे समाज में भरोसे और नैतिकता का संदेश मजबूत हुआ है