Author: bharati

  • नेशनल जिम्नास्टिक में हिस्सा लेने वाली टीम आज उज्जैन से भुवनेश्वर के लिए रवाना होगी

    नेशनल जिम्नास्टिक में हिस्सा लेने वाली टीम आज उज्जैन से भुवनेश्वर के लिए रवाना होगी


    नई दिल्ली। उज्जैन के जिम्नास्ट खिलाड़ियों के लिए गर्व का अवसर है, क्योंकि शहर की टीम 28 अप्रैल से 4 मई तक भुवनेश्वर में आयोजित होने वाली नेशनल जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बुधवार को रवाना होगी। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सीनियर और जूनियर बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

    पांच खिलाड़ी और दो ऑफिशियल्स करेंगे प्रतिनिधित्व
    जिम्नास्टिक एसोसिएशन के सचिव ओपी शर्मा के अनुसार, उज्जैन से कुल पांच खिलाड़ी और दो ऑफिशियल्स इस प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे हैं। सीनियर वर्ग में विशाल दायमा शहर का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं अंडर-17 वर्ग में प्रतीक साहू, अथर्व डोडिया, अनुराग डांगी और चित्रांशी लछेटा का चयन हुआ है।

    कोच और जज भी रहेंगे साथ
    टीम के साथ कोच नरेंद्र श्रीवास्तव खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे। इसके अलावा जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया (GFI) द्वारा चयनित जज आरएल वर्मा भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए टीम के साथ जाएंगे।

    खिलाड़ियों में उत्साह, शहर में खुशी
    राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने पर खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है। शहर के खेल प्रेमियों और पदाधिकारियों ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके बेहतर प्रदर्शन की कामना की है।

    पदाधिकारियों ने बढ़ाया हौसला
    इस मौके पर एसोसिएशन अध्यक्ष सावन बजाज, संरक्षक नारायण यादव, कलावती यादव, प्राचार्य वंदना गुप्ता सहित कई गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

  • हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया में सामने आया निर्णायक क्षण का विश्लेषण, एक अच्छा थ्रो और सटीक फील्डिंग से बदल सकता था आईपीएल मुकाबले का परिणाम

    हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया में सामने आया निर्णायक क्षण का विश्लेषण, एक अच्छा थ्रो और सटीक फील्डिंग से बदल सकता था आईपीएल मुकाबले का परिणाम


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला गया मुकाबला एक बार फिर इस बात का उदाहरण बन गया कि टी20 क्रिकेट में छोटे क्षण भी पूरे मैच की दिशा तय कर सकते हैं। हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 242 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें अभिषेक शर्मा की नाबाद 135 रन की पारी सबसे बड़ा अंतर साबित हुई। उनकी बल्लेबाजी ने न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजी आक्रमण को भी लगातार दबाव में रखा।

    अभिषेक शर्मा की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसमें मैच की दिशा तय करने वाले कई महत्वपूर्ण मोड़ भी शामिल थे। शुरुआती चरण में जब वह 49 रन पर खेल रहे थे, उस समय एक रन आउट का स्पष्ट अवसर दिल्ली कैपिटल्स के पास था। वह एक रन लेने के प्रयास में क्रीज से काफी बाहर थे, लेकिन विकेटकीपर तक गेंद सही तरीके से नहीं पहुंच सकी और यह मौका चूक गया। यही क्षण मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ क्योंकि इसके बाद अभिषेक शर्मा ने पूरी तरह आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाते रहे।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इस घटना को लेकर कहा कि यह मुकाबले का सबसे अहम क्षण था और यदि उस समय अभिषेक शर्मा आउट हो जाते तो खेल का परिणाम काफी अलग हो सकता था। उनके अनुसार उच्च स्कोरिंग मुकाबलों में ऐसे छोटे अवसर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और एक सटीक थ्रो या बेहतर फील्डिंग पूरे खेल की दिशा बदल सकती है। उनका मानना था कि यह वही क्षण था जिसने दिल्ली कैपिटल्स को बड़े नुकसान की ओर धकेल दिया।

    मैच के नौवें ओवर में हुआ यह रन आउट का अवसर उस समय आया जब अभिषेक शर्मा तेजी से रन लेने के प्रयास में क्रीज से बाहर थे। विकेटकीपर की ओर से आया थ्रो सही नियंत्रण में नहीं आ सका और गेंद पकड़ने में हुई देरी ने उन्हें बचा लिया। यह चूक दिल्ली कैपिटल्स के लिए भारी साबित हुई क्योंकि इसके बाद अभिषेक ने अपनी पारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया और बड़े शॉट्स की झड़ी लगा दी। उन्होंने 68 गेंदों पर 10 छक्कों और 10 चौकों की मदद से नाबाद 135 रन बनाए।

    दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। बड़े लक्ष्य के सामने नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति पर लगातार असर पड़ा। मध्य क्रम के बल्लेबाज भी उस स्थिरता को नहीं ला सके जिसकी आवश्यकता थी। सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया और अंततः उन्हें 195 रनों पर रोक दिया गया।

    यह मुकाबला इस बात को रेखांकित करता है कि टी20 क्रिकेट में एक गलती या एक अवसर का उपयोग न कर पाना पूरे परिणाम को प्रभावित कर सकता है। अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और दिल्ली कैपिटल्स की फील्डिंग चूक ने मिलकर इस मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया, जबकि हरभजन सिंह की टिप्पणी ने इस निर्णायक क्षण के महत्व को और स्पष्ट कर दिया।

  • महाकाल की शरण में रवि किशन: गोरखपुर की खुशहाली के लिए कामना

    महाकाल की शरण में रवि किशन: गोरखपुर की खुशहाली के लिए कामना


    नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह आस्था का खास दृश्य देखने को मिला, जब गोरखपुर से सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे। उन्होंने भस्म आरती के पश्चात मंदिर में प्रवेश कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।

    भस्म आरती के बाद पहुंचे, नंदी हॉल में किया पूजन
    रवि किशन मंदिर पहुंचने के बाद सबसे पहले नंदी हॉल में रुके, जहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे चांदी द्वार से गर्भगृह के दर्शन के लिए पहुंचे और जल अर्पित कर भगवान महाकाल का स्मरण किया। इस दौरान वे लगातार “हर हर महादेव” का जाप करते नजर आए।

    15 मिनट तक किए दिव्य दर्शन
    करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहकर उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर में उनकी मौजूदगी के दौरान श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल देखा गया।

    गोरखपुर की खुशहाली के लिए मांगी प्रार्थना
    दर्शन के बाद रवि किशन ने कहा कि बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन का अवसर मिलना जीवन को धन्य कर देता है। उन्होंने विशेष रूप से गोरखपुर की जनता के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा और सभी के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की।

    आस्था और श्रद्धा का केंद्र महाकाल
    महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां रोजाना देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भस्म आरती का विशेष महत्व है, जिसे देखने के लिए भक्त दूर-दूर से उज्जैन आते हैं।

  • धूप और आंखों की परेशानी पर सफाई: महाकुंभ की साध्वी हर्षा ने बताया क्यों लगाया चश्मा

    धूप और आंखों की परेशानी पर सफाई: महाकुंभ की साध्वी हर्षा ने बताया क्यों लगाया चश्मा


    नई दिल्ली। महाकुंभ से सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आईं साध्वी हर्षा रिछारिया अब औपचारिक रूप से संन्यास लेकर हर्षानंद गिरि बन चुकी हैं। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में सुमनानंद जी महाराज से दीक्षा लेने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। हालांकि, संन्यास के बाद भी उनके मेकअप और स्टाइल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
    ग्लैमर से अध्यात्म तक का सफर
    हर्षानंद गिरि ने बताया कि उनका यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे आया। 2019 के बाद जीवन में आई आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों ने उन्हें अध्यात्म की ओर मोड़ दिया। केदारनाथ मंदिर की यात्राओं ने उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन किया। उनका कहना है कि यह सब “ईश्वर की कृपा” से संभव हुआ और अब उन्हें आध्यात्मिक जीवन में सुकून मिलता है।
    मेकअप और चश्मे पर विवाद, साध्वी का जवाब
    संन्यास लेने के बाद भी उनके सनग्लास, काजल और लिप बाम इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं। इस पर हर्षानंद गिरि ने स्पष्ट कहा कि-

    आंखों की समस्या के कारण उन्हें चश्मा लगाना जरूरी है

    तेज धूप में रहने के कारण सनस्क्रीन का उपयोग करना पड़ता है

    वे केवल बेसिक चीजें जैसे काजल और लिप बाम ही इस्तेमाल करती हैं

    उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और जरूरत का मामला है, न कि दिखावे का।

    दीक्षा के बाद नया विवादमुंडन पर बहस
    दीक्षा के बाद एक और विवाद सामने आया, जब सिलीगुड़ी की एक अन्य साध्वी भारती ने परंपरा के अनुसार मुंडन कराया, जबकि हर्षानंद गिरि का पूर्ण मुंडन नहीं हुआ। इस पर अखाड़ा परंपरा से जुड़े लोगों ने बताया कि महिलाओं के मामले में यह निर्णय गुरु की इच्छा पर निर्भर करता है।
    परिवार से दूरी, भावुक हुईं साध्वी
    हर्षानंद गिरि ने बताया कि संन्यास के बाद उनका परिवार और दोस्तों से संपर्क लगभग टूट गया है। उनकी मां की तबीयत खराब है और भाई भी उनसे बात नहीं कर रहा। इस विषय पर बात करते हुए वे भावुक हो गईं, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा।
    आगे का मिशन: जागरूकता और सामाजिक काम
    दीक्षा के बाद हर्षानंद गिरि ने स्पष्ट किया कि वे अब धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाएंगी। उनका कहना है कि समाज में बेटियों को जागरूक करना और उन्हें मजबूत बनाना जरूरी है, जिसके लिए वे सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगी।
    गुरु का बयान: परिवर्तन स्वाभाविक
    महामंडलेश्वर सुमनानंद जी महाराज ने इस परिवर्तन को स्वाभाविक बताते हुए कहा कि जैसे रत्नाकर से वाल्मीकि बने, वैसे ही हर्षा का हर्षानंद गिरि बनना भी ईश्वरीय प्रक्रिया का हिस्सा है।

  • शिलालेख का गुबार कई किलोमीटर तक दिखा: पीथमपुर में आग से जेसीबी-हाइड्रा क्रेन जलकर खाक

    शिलालेख का गुबार कई किलोमीटर तक दिखा: पीथमपुर में आग से जेसीबी-हाइड्रा क्रेन जलकर खाक


    नई दिल्ली। पीथमपुर के सेक्टर-3 स्थित हजारगो इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल कंपनी में मंगलवार रात लगी भीषण आग पर करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। केमिकल कचरे के निस्तारण का काम करने वाली इस यूनिट में आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और आसपास की फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
    केमिकल ड्रमों में धमाकों से मचा हड़कंप
    रात करीब 9:45 बजे लगी इस आग ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैला दी। केमिकल ड्रमों में लगातार धमाके होते रहे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। आग लगने के समय फैक्ट्री में मौजूद करीब 10 मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
    कई शहरों की दमकल टीमों ने संभाला मोर्चा
    आग बुझाने के लिए धामनोद, धरमपुरी, धार, पीथमपुर और इंदौर से कुल 12 से अधिक दमकल गाड़ियां और दो रोबोटिक यूनिट्स मौके पर तैनात की गईं। इसके अलावा 200 से ज्यादा पानी के टैंकर और फोम एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया गया। प्रशासनिक अधिकारी पूरी रात मौके पर डटे रहे और राहत-बचाव कार्य की निगरानी करते रहे।
    मशीनरी जलकर खाक, नुकसान का आकलन बाकी
    इस भीषण आग में जेसीबी और हाइड्रा क्रेन सहित भारी मशीनरी जलकर राख हो गई। साथ ही पास की यूनिट्स स्लीपलूप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गलार्ड स्टील लिमिटेड को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इन कंपनियों के अनुसार उनकी पूरी प्लांट और मशीनरी नष्ट हो गई, जिससे रेलवे और डिफेंस सेक्टर से जुड़े उत्पादन पर असर पड़ा है।
    धुएं का गुबार कई किलोमीटर तक दिखाई दिया
    स्थानीय लोगों के मुताबिक आग इतनी भीषण थी कि कई किलोमीटर दूर तक धुएं का काला गुबार देखा जा सकता था। हालात को देखते हुए आसपास के कारखानों को खाली कराया गया और एहतियातन पास में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
    बार-बार आग की घटनाओं पर उठे सवाल
    स्थानीय उद्योगपतियों ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में यह चौथी बार है जब इस क्षेत्र में आग लगी है। बार-बार शिकायतों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं।
    जांच के आदेश, कारण अभी स्पष्ट नहीं
    फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, हालांकि औद्योगिक कचरे और ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग भड़कने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

  • इंदौर में बड़ा खुलासा: पुलिसकर्मियों की शिकायत करने वाला व्यापारी खुद निकला आरोपी

    इंदौर में बड़ा खुलासा: पुलिसकर्मियों की शिकायत करने वाला व्यापारी खुद निकला आरोपी

    नई दिल्ली। इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले व्यापारी गौरव जैन को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर जहां मामला पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा था, वहीं अब जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता खुद ही कई मामलों में आरोपी है। गौरव जैन के खिलाफ इंदौर समेत ग्वालियर, झाबुआ और शाजापुर में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, चेक बाउंस और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं।
    कई जिलों में दर्ज हैं केस और वारंट
    जानकारी के मुताबिक, गौरव जैन के खिलाफ ग्वालियर में दो गिरफ्तारी वारंट जारी हैं, जबकि झाबुआ और शाजापुर में भी उसके खिलाफ वारंट लंबित हैं। इससे साफ होता है कि वह पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में एक आदतन अपराधी के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद उसने हाल ही में पांच पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई भी हुई थी।
    रिटायर्ड एसीपी को 100 से ज्यादा कॉल कर दी धमकी
    मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। रिटायर्ड एसीपी राकेश गुप्ता ने गौरव जैन के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि गौरव ने उन्हें 100 से अधिक बार फोन कर धमकाया। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई, जिसमें गौरव कथित तौर पर खुलेआम धमकी देता सुनाई दे रहा है।
    विवादित फ्लैट और चल रहा कोर्ट केस
    गौरव जैन का एक और विवाद उसके निवास से जुड़ा हुआ है। वह जिस फ्लैट में पत्नी और बेटे के साथ रह रहा है, उसे लेकर भी विवाद चल रहा है। फ्लैट खाली न करने को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि समझौते के नाम पर वह फ्लैट पर कब्जा बनाए रखने का दबाव बना रहा था। इस मामले में दूसरी पार्टी की ओर से भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
    पुलिस पर लगाए थे गंभीर आरोप
    गौरव जैन ने 16 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि एसआई समेत पांच पुलिसकर्मी उसके घर जबरन घुसे, ताला तोड़ा और कैश व सोना लेकर चले गए। उसने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उसे ग्वालियर ले जाने के दौरान पैसे वसूले। हालांकि, पुलिस की ओर से इसे यात्रा और अन्य खर्च बताया गया है, जबकि गौरव इसे रिश्वत बता रहा है।
    पुलिस कमिश्नर का बयान
    मामले में पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी चाहे वह पुलिसकर्मी हो या शिकायतकर्ता खुद।

  • भोपाल में बिजली कटौती: रायसेन रोड, पटेल नगर-समर्धा सहित 20 इलाकों में असर

    भोपाल में बिजली कटौती: रायसेन रोड, पटेल नगर-समर्धा सहित 20 इलाकों में असर


    नई दिल्ली। भोपाल शहर के कई हिस्सों में बुधवार को लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस कार्य के चलते करीब 20 इलाकों में 4 से 6 घंटे तक सप्लाई बाधित रहेगी। इसमें रायसेन रोड, पटेल नगर, समरधा, डायमंड सिटी और राजधानी परिसर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

    मेंटेनेंस के चलते लिया गया फैसला
    बिजली विभाग के अनुसार यह कटौती नियमित मेंटेनेंस कार्य के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाली तकनीकी खराबियों को रोकना और सप्लाई को बेहतर बनाना है। हालांकि, इससे आम लोगों को कुछ घंटों की असुविधा जरूर झेलनी पड़ेगी।

    इन इलाकों में रहेगा असर
    सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ग्रीन मिडोज कॉलोनी, चिनार कॉलोनी, समरधा, लिबर्टी, पृथ्वी कोर्टयार्ड और आसपास के क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी। इसी समय झंडा चौक, डेयरी फार्म, खानूगांव चौराहा, किनारा अपार्टमेंट सहित आसपास के इलाकों में भी सप्लाई प्रभावित रहेगी।
    वहीं, सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पटेल नगर, रायसेन रोड, आईबीडी कैम्पस, वर्धमान कॉलोनी, डायमंड सिटी, कस्तूरी कोर्टयार्ड और राजधानी परिसर में बिजली कटौती रहेगी। इसके अलावा रेलवे कॉलोनी और बैकुंड अपार्टमेंट क्षेत्र में भी इसी समय सप्लाई बंद रहेगी।

    लोगों को सतर्क रहने की सलाह
    बिजली विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी की स्टोरेज, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी काम पहले से कर लें। खासकर गर्मी के मौसम को देखते हुए यह कटौती लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।

    शहर में गर्मी के बीच बढ़ी दिक्कत
    पहले से ही तेज गर्मी के कारण लोग परेशान हैं, ऐसे में बिजली कटौती से हालात और कठिन हो सकते हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि यह अस्थायी समस्या है और काम पूरा होते ही सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी।

  • रिटायर्ड अधिकारी की एजेंसी पर सवाल: भोपाल में जांच तेज, जल्द दर्ज हो सकता है मामला

    रिटायर्ड अधिकारी की एजेंसी पर सवाल: भोपाल में जांच तेज, जल्द दर्ज हो सकता है मामला


    राजधानी भोपाल में गैस एजेंसियों की जांच में चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आई हैं। जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद की बीएस एचपी गैस एजेंसी की जांच पूरी होने के बाद खाद्य विभाग ने रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंप दी है। मामले में बड़ी संख्या में सिलेंडर गायब मिलने, फर्जी बिलिंग और उपभोक्ताओं से अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। अब संबंधित एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    हजारों सिलेंडर गायब, स्टॉक में भारी गड़बड़ी

    जांच में सामने आया कि फीनिक्स एजेंसी में 350 घरेलू, 350 कमर्शियल और करीब 2 हजार छोटे (5 किलोग्राम) सिलेंडर गायब हैं। वहीं बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर नहीं मिले। दोनों एजेंसियों का साझा गोदाम करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में संचालित पाया गया। खास बात यह है कि इनमें से एक एजेंसी खाद्य विभाग के रिटायर्ड अधिकारी और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

    बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचे सिलेंडर

    सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक किए, लेकिन उन्हें सिलेंडर डिलीवर नहीं किए गए। इसके बावजूद उनके मोबाइल पर ‘डिलीवर’ का मैसेज भेज दिया गया। जांच में पाया गया कि ऐसे सिलेंडर डिलीवरी बॉय द्वारा अन्य जगहों पर ऊंचे दामों में बेच दिए गए। एजेंसी की सफाई कि “उपभोक्ता घर पर नहीं मिले” पूरी तरह गलत साबित हुई।

    कैश एंड कैरी और फर्जी चार्ज से लाखों की वसूली

    एजेंसी ने उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी चार्ज लेने के बावजूद सिलेंडर एजेंसी से ही लेने को मजबूर किया। नियम के अनुसार ऐसी स्थिति में 34 रुपए कम लिए जाने चाहिए थे, लेकिन पूरा पैसा वसूला गया। इसके अलावा ‘सुरक्षा निरीक्षण’ के नाम पर प्रति उपभोक्ता 238 रुपए का फर्जी चार्ज लिया गया, जबकि कोई निरीक्षण किया ही नहीं गया। अनुमान है कि करीब 5 हजार उपभोक्ताओं से लगभग 10 लाख रुपए की अवैध वसूली की गई।

    OTP सिस्टम में गड़बड़ी, सप्लाई भी रोकी गई

    जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी ने ओटीपी सिस्टम का पालन नहीं किया और बिना ओटीपी के ही सिलेंडर की बिक्री दर्ज कर ली। इसके कारण हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने एजेंसी की सप्लाई रोक दी थी। साथ ही ट्रकों की आवाजाही में भी संदिग्ध देरी पाई गई, जिससे बीच रास्ते में सिलेंडरों के हेरफेर की आशंका जताई जा रही है।

    अन्य अनियमितताएं भी उजागर

    जांच के दौरान कई अन्य गंभीर खामियां सामने आईं जैसे 2 हजार से अधिक ऑनलाइन बुकिंग लंबित रहना, डिलीवरी वाहनों की संख्या कम होना, गोदाम में स्टॉक और रेट लिस्ट का प्रदर्शन न होना और आवासीय क्षेत्र के पास अवैध तरीके से गोदाम संचालित करना। यह सभी नियमों का खुला उल्लंघन है।

    जल्द होगी सख्त कार्रवाई

    खाद्य विभाग ने 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट एडीएम को सौंप दी है। अब एजेंसी संचालकों पर जुर्माना, एफआईआर और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई हो सकती है। कलेक्टर स्तर से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित गैस कंपनियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

    उपभोक्ताओं के साथ बड़ा धोखा

    यह मामला न सिर्फ आर्थिक गड़बड़ी का है, बल्कि उपभोक्ताओं के भरोसे के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल तेज, गोपनीय हस्तांतरण का दौर

    योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल तेज, गोपनीय हस्तांतरण का दौर

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बैठकों और गोपनीय चर्चाओं का दौर जारी है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तर पर संतुलन साधने में जुटी है।
    गोपनीय दौरे ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी
    भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े का हालिया लखनऊ दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। चंद घंटों के इस दौरे में उन्होंने महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ बंद कमरे में लंबी बैठक की। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी से फोन पर बातचीत भी की। इस पूरी कवायद को बेहद गोपनीय रखा गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर रणनीति लगभग तैयार है।
    दिल्ली में भी बनी रणनीति, हाईकमान की नजर
    इससे पहले दिल्ली में भी शीर्ष स्तर पर कई अहम बैठकें हो चुकी हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व, जिसमें नरेंद्र मोदी और संगठन के वरिष्ठ नेता शामिल हैं, ने उत्तर प्रदेश के सियासी समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद यह संकेत और मजबूत हुआ कि पार्टी बड़े बदलाव के मूड में है।
    सीमित विस्तार, लेकिन असरदार बदलाव
    सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार बहुत बड़ा नहीं होगा। करीब आधा दर्जन खाली पदों को भरा जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी संभव है। पार्टी की कोशिश है कि इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधा जाए, ताकि हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके और चुनाव से पहले संगठन को मजबूती मिले।
    सामाजिक समीकरण पर फोकस
    संभावित नए मंत्रियों की सूची तैयार कर ली गई है। अब इन नामों को सामाजिक और राजनीतिक समीकरण के हिसाब से अंतिम रूप दिया जा रहा है। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि विस्तार ऐसा हो, जिससे पिछड़े, दलित, ब्राह्मण और क्षेत्रीय संतुलन सभी का ध्यान रखा जा सके। यही वजह है कि हर नाम को सावधानी से परखा जा रहा है।
    जल्द हो सकता है शपथ ग्रहण
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण हो सकता है। यह कार्यक्रम राजभवन में आयोजित किया जा सकता है। इस विस्तार से न केवल सरकार का चेहरा बदलेगा, बल्कि कार्यकर्ताओं में भी नया उत्साह देखने को मिलेगा।
    चुनाव से पहले बड़ा संदेश
    माना जा रहा है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसके जरिए भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह हर वर्ग और क्षेत्र को साथ लेकर चल रही है।

  • महिला प्रतिनिधित्व पर सुप्रीम कोर्ट का रुख कड़ा, बार एसोसिएशनों को दिए स्पष्ट निर्देश

    महिला प्रतिनिधित्व पर सुप्रीम कोर्ट का रुख कड़ा, बार एसोसिएशनों को दिए स्पष्ट निर्देश


    नई दिल्ली। देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने बार एसोसिएशनों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि महिला वकीलों को 30 प्रतिशत आरक्षण देना अब अनिवार्य है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि जो बार एसोसिएशन इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता निलंबित करना भी शामिल हो सकता है। अदालत ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक औपचारिक निर्देश नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने का गंभीर प्रयास है।
    आरक्षण का स्पष्ट फार्मूला तय
    दरअसल, अदालत पहले ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया और देशभर की बार एसोसिएशनों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व अनिवार्य कर चुकी है। इसमें 20 प्रतिशत सीटें चुनाव के जरिए और 10 प्रतिशत सीटें को-ऑप्शन (नामांकन) के जरिए भरी जानी हैं। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि लंबे समय से वकालत के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन नेतृत्व पदों पर उनकी भागीदारी बेहद कम रही है।
    नियमों में ढिलाई पर कोर्ट नाराज
    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि कई बार एसोसिएशन इस नियम को लागू करने में ढिलाई बरत रही हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने दो टूक कहा कि अगर तय कोटा पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई तय है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर जिला न्यायाधीशों को अधिकार दिए जा सकते हैं, ताकि वे महिलाओं को नामित कर इस 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व को हर हाल में पूरा कर सकें।
    न्याय व्यवस्था में बढ़ेगा संतुलन और भरोसा
    अदालत ने अपने आदेश में दोहराया कि न्यायिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है। इससे न केवल निर्णय प्रक्रिया में संतुलन आता है, बल्कि पारदर्शिता और जनता का भरोसा भी मजबूत होता है। कोर्ट का मानना है कि जब नेतृत्व स्तर पर महिलाओं की मौजूदगी बढ़ेगी, तो न्याय प्रणाली ज्यादा समावेशी और संवेदनशील बनेगी।
    समयबद्ध पालन के निर्देश
    सुप्रीम कोर्ट ने सभी बार एसोसिएशनों और संबंधित निकायों को निर्देश दिया है कि वे तय समयसीमा में इस आदेश को लागू करें। यदि इसमें लापरवाही बरती गई, तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। यह फैसला कानूनी पेशे में महिलाओं को समान अवसर देने की दिशा में एक अहम और निर्णायक कदम माना जा रहा है।