Author: bharati

  • 'घुटनों के बल पर लागू करेगी बीजेपी', यूजीसी बिल को लेकर पल्लवी पटेल ने सरकार को दी चुनौती

    'घुटनों के बल पर लागू करेगी बीजेपी', यूजीसी बिल को लेकर पल्लवी पटेल ने सरकार को दी चुनौती

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा में यूजीसी बिल को लेकर अपना दल कमेरावादी पार्टी नेता और सिराथू सीट से विधायक पल्लवी ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने जानबूझकर यूजीसी बिल को कोर्ट के दांवपेंच में फंसा दिया है. लेकिन, एक दिन यहीं सरकार घुटनों पर आकर इसे लागू करेगी.
    पल्लवी पटेल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी से पूछना चाहती हूं कि आपकी दृष्टि बदलाव, सुधार और रिफॉर्म क्या है? क्या आपकी नजर मे रिफॉर्म सिर्फ आंकड़ों तक सीमित है या सत्ता प्राप्ति तक सीमित है. क्योंकि, झूठे आंकड़े पेश करके सुधार विकास के दावे करके छवि नहीं सुधार सकते हैं.

    यूजीसी बिल को लेकर सरकार को घेरा
    सिराथू विधायक ने कहा कि जिस बदलाव, सुधार और रिफॉर्म की हम बात कर रहे हैं उसका उद्देश्य है न्याय, समानता और दक्षता है लेकिन, बीजेपी की सरकार ने इस विचार के उद्देश्य की धज्जियां उड़ा दी है.

    उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो क्या कारण था कि देश के उच्च संस्थानों में समानता के भाव को उजागर करने के लिए जिस यूजीसी एक्ट 2026 को संसदीय समिति की संस्तुति के बाद और कोर्ट के निर्देशानुसार लाया गया क्यों आपने उसे लाकर पिछड़ा वंचित समाज को खुश होने का अवसर दिया और फिर सोची समझी रणनीति के तहत सड़कों पर तनाव पैदा करने का काम किया. इसके बाद इसे न्यायपालिका के पेचीदा घुमाव में फंसा दिया.

    भारतीय जनता पार्टी पर उठाए सवाल
    पल्लवी पटेल ने सवाल किया आपको ये करके क्या मिला? यूजीसी समानता अधिनियम के लागू होने के बाद यहां सालों से चले आ रहे वंचित और अगड़ा समाज की खाई को पाटा जा सकता था लेकिन आपने इस खाई को और गहरा कर दिया. ये तो वहीं बात हुई चित भी अपनी और पट भी अपनी.

    जितना सवाल आज इस सरकार पर उठ रहा है उतना है सवाल आज हम जन प्रतिनिधियों पर भी उठ रहा है. क्योंकि वंचित समाज आज उच्च शिक्षा और सम्मान के लिए अपने जनप्रतिनिधियों की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है. ये हम सबकी जिम्मेदारी है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस पर चर्चा की जाए..

    ‘घुटनों पर आकर लागू करेगी सरकार’
    उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविता पढ़ते हुए कहा कि ‘जो तटस्थ है समय लिख देगा उसका भी अपराध..’ पल्लवी ने कहा कि मैं भविष्य वक्ता तो नहीं लेकिन याद रखिए जिस बीजेपी सरकार ने इस यूजीसी बिल को कोर्ट में फंसाकर का काम किया वहीं घुटनों पर आकर इस बिल को लागू करेगी. बीजेपी का हर कदम रिफॉर्म नहीं होता है.

    ‘मेरी मजबूरी समझिए, मेरा तो ये भी ठिकाना नहीं…’, यूपी विधानसभा में भावुक हुए अब्बास अंसारी

  • Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर राहुकाल और भद्रा का साया! जानें जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

    Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर राहुकाल और भद्रा का साया! जानें जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

    नई दिल्ली। Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है. भगवान शिव को समर्पित यह त्योहार इस बार 15 फरवरी को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लोग शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. उसकी विधिवत पूजा करते हैं. हालांकि इस बार महाशिवरात्रि के दिन भद्रा का साया भी रहेगा. भद्रा शाम के समय रहेगी. और इसी वक्त राहु काल भी लगेगा. इस अशुभ काल में पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान वर्जित माने गए हैं.

    महाशिवरात्रि पर भद्रा काल का समय
    हिंदू पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन भद्रा काल शाम 05 बजकर 04 मिनट से लेकर 16 फरवरी की सुबह 05 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. यानी भद्रा की अवधि करीब 12 घंटे 19 मिनट रहेगी. हालांकि भद्रा का वास पाताल लोक में होगा, इसलिए इसका पृथ्वी पर कोई प्रभाव नहीं होगा. शास्त्रों के अनुसार, जब भद्रा पाताल लोक में रहती है तो पृथ्वी पर धार्मिक कार्यो में कोई रोक-टोक नहीं होती है.

    महाशिवरात्रि पर राहु काल का समय
    महाशिवारात्रि पर राहु काल भी रहने वाला है. इस दिन शाम 04 बजकर 47 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 11 मिनट तक राहु काल रहेगा, जिसमें पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान से बचना चाहिए.

    महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक का मुहूर्त
    इस साल महाशिवरात्रि पर शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए कई शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. पहला शुभ मुहूर्त सुबह 08:24 बजे से लेकर सुबह 09:48 बजे तक रहेगा. इसके बाद दूसरा शुभ समय 09:48 बजे से लेकर सुबह 11:11 बजे तक रहेगा. फिर करीब सवा 11 बजे से लेकर दोपहर 12:35 बजे तक जलाभिषेक का सबसे उत्तम मुहूर्त रहने वाला है. शाम को 06:11 बजे से लेकर शाम 07:47 बजे के बीच भी आप शिवलिंग का जलाभिषेक कर सकते हैं.

    कैसे करें शिवलिंग का जलाभिषेक?
    शिवलिंग का जलाभिषेक स्नान के बाद शुद्ध मन से किया जाता है. इसमें शिवलिंग पर पहले जल या गंगाजल चढ़ाया जाता है, फिर दूध, दही, घी और शहद अर्पित किए जाते हैं. इसके बाद बेलपत्र, भांग और फूल चढ़ाकर मंत्र जाप किया जाता है. मान्यता है कि विधिपूर्वक जलाभिषेक करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

  • O’Romeo X Review: 'ओ रोमियो' का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देख क्या बोले लोग! पढ़ें जनता का फैसला

    O’Romeo X Review: 'ओ रोमियो' का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देख क्या बोले लोग! पढ़ें जनता का फैसला

    नई दिल्ली। शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘O’Romeo’ 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा है। पहले दिन पहले शो के बाद X पर O’Romeo Twitter Review ट्रेंड करने लगा। फिल्म में नाना पाटेकर, फरीदा जलाल, दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया और अविनाश तिवारी जैसे कलाकार भी दिख रहे हैं। फिल्म देखने के बाद X यूजर्स ने कैसे रिएक्ट किया? पढ़िए O’Romeo X Review यहां..

    एक यूजर ने फिल्म को 5 में से 4.5 स्टार देते हुए इसे ब्लॉकबस्टर करार दिया। यूजर ने लिखा है, “O’Romeo एक ब्लॉकबस्टर फिल्म है। शाहिद कपूर ने अपनी इंटेंसिटी से स्क्रीन पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। तृप्ति डिमरी, विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया और दिशा पाटनी ने भी शानदार काम किया है। पूरी स्टार कास्ट ने फिल्म के असर को और बढ़ा दिया है।”

    एक अन्य X यूजर ने ‘ओ रोमियो’ को 5 में से 3 स्टार दिए और इसे ‘इंटेंस गैंगस्टर रोमांस’ बताया। यूजर की पोस्ट है, “फिल्म में शाहिद कपूर की आक्रामक बॉडी लैंग्वेज और इमोशनल सीन बेहद प्रभावी हैं। तृप्ति डिमरी ने अपने किरदार में गरिमा और मजबूती दिखाई है। नाना पाटेकर एक चौंकाने वाले और थोड़े अलग अंदाज वाले रोल में नजर आए, जिसने कहानी में गहराई जोड़ी।”
    स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल हुए एक दर्शक ने बिना स्पॉइलर दिए फिल्म को ‘आने वाला तूफान’ बताया और लिखा, “O’Romeo एक तूफान बनने वाली फिल्म है। शाहिद कपूर की एक्टिंग जबरदस्त है। जैसे-जैसे माउथ पब्लिसिटी फैलेगी, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर स्ट्रॉन्ग वेव पैदा करेगी।”
    O’Romeo Twitter Review: फैंस बोले- मास एंटरटेनर
    जैसे ही मॉर्निंग शोज शुरू हुए, सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने फिल्म को ‘मास एंटरटेनर’ बताया, जिसमें रोमांस और हाई-वोल्टेज एक्शन का जबरदस्त मिक्सचर है। कई यूजर्स ने ‘ओ रोमियो’ में विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन की तारीफ करते हुए लिखा कि उन्होंने रोमांस और अंडरवर्ल्ड ड्रामा को स्टाइलिश अंदाज में पेश किया है। सोशल मीडिया यूजर्स के मुताबिक़, फिल्म का पहला हाफ किरदारों और लव स्टोरी की नींव रखता है, जबकि दूसरा हाफ इंटेंस टकराव और इमोशनल ब्रेकडाउन से भरा हुआ है। लोगों ने फिल्म के क्लाइमैक्स को एक्शन पैक्ड और भारी इमोशन से भरा हुआ बताया है।

  • महंगाई मापने का आधार बदला… नई सीरीज में 299 की जगह 358 वस्तुएं, ई-कॉमर्स-ओटीटी भी शामिल

    महंगाई मापने का आधार बदला… नई सीरीज में 299 की जगह 358 वस्तुएं, ई-कॉमर्स-ओटीटी भी शामिल


    नई दिल्ली।
    खुदरा महंगाई (Retail Inflation) की गणना के लिए नई शृंखला (New Series) का आगाज गुरुवार को किया गया। इसके लिए आधार वर्ष को 2012 से बदलकर 2024 किया गया है। आधार वर्ष वह संदर्भ वर्ष होता है जिसे तुलना के लिए चुना जाता है। इसके माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि कीमतों (Prices) में कितनी वृद्धि या कमी हुई है।


    कितने बाजार और कस्बे शामिल किए गए?

    नई सीरीज में 1,465 ग्रामीण बाजार और 1,395 शहरी बाजार शामिल हैं, जो 434 कस्बों में फैले हुए हैं। इसके अलावा, 25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 कस्बों में 12 ऑनलाइन बाजार भी शामिल किए गए हैं। ग्रामीण और शहरी बाजारों से मूल्य डेटा मासिक आधार पर एकत्र किया गया, जबकि ऑनलाइन कीमतें साप्ताहिक आधार पर ली गई हैं।

    इसमें ऑनलाइन बाजार क्यों शामिल किए गए ?
    25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 कस्बों में 12 ऑनलाइन बाजार शामिल किए गए हैं, ताकि ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिकने वाली वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को दर्ज किया जा सके। इसके अलावा हवाई किराया, टेलीफोन और ओटीटी सेवाओं की कीमतें भी ऑनलाइन माध्यम से एकत्र की जा रही हैं।

    क्या बदलाव हुआ ?
    अखिल भारतीय स्तर पर भारित वस्तुओं की संख्या 299 से बढ़कर 358 हो गई है। इनमें वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़कर 308 और सेवाओं की संख्या 40 से बढ़कर 50 हो गई है।

    मकान किराये के लिए आवासों का नमूना आकार क्या है?
    किराया संग्रह के लिए कुल 19,039 आवासों की पहचान की गई है, जिनमें 15,715 शहरी और 3,324 ग्रामीण आवास शामिल हैं। चेन-आधारित सूचकांक के उपयोग को देखते हुए भविष्य में, उपलब्धता के अनुसार और आवास जोड़े जा सकते हैं। इसमें ग्रामीण आवास का भार 11.764% है, जिसमें आवास, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधन शामिल हैं।

    क्या हवाई किराए की कीमतों की गणना भी होगी?
    – हवाई किराए की कीमतें प्रसिद्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से एकत्र की जाती हैं।

    क्या स्ट्रीमिंग सेवाओं की कीमतें भी शामिल?
    – अमेजन प्रइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, जियो हॉटस्टर, सोनी लिव जैसी सेवाओं की कीमतें सीधे सेवा प्रदाताओं की वेबसाइट्स से ऑनलाइन एकत्र की जाती हैं।

    ‘खाद्य एवं पेय पदार्थ’ के भार में कितना बदलाव हुआ ?
    – यदि सीपीआई 2012 की वर्गीकरण प्रणाली अपनाई जाती, तो खाद्य एवं पेय पदार्थों का हिस्सा 45.86% से घटकर 40.10% हो जाता। नई वर्गीकरण संरचना के अनुसार इसका हिस्सा 36.75% है। यह बदलाव संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी प्रभाग के फ्रेमवर्क को अपनाने के कारण हुआ है।

  • फिच रिपोर्ट: भारत इस साल भी बना रहेगा एशिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था… 6.4% रहेगी रफ्तार

    फिच रिपोर्ट: भारत इस साल भी बना रहेगा एशिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था… 6.4% रहेगी रफ्तार


    नई दिल्ली।
    फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत (India) 2026 में एशिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था (Asia’s Fastest-Growing Major Economy) बना रहेगा। एजेंसी को उम्मीद है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.4 प्रतिशत की दर से विस्तार करेगी, जो फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे क्षेत्रीय देशों से आगे होगी।

    फिच ने कहा कि भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस की इकनॉमिक ग्रोथ पर ट्रेड पैटर्न में बदलाव का फिलहाल कम असर पड़ेगा, क्योंकि ये अपेक्षाकृत बंद अर्थव्यवस्थाएं हैं और इनका मैन्यूफैक्चरिंग एक्सपोर्ट्स कम है। भारत अमेरिकी टैरिफ के जोखिम को कम करने के लिए कई व्यापार समझौतों के जरिए अमेरिका के अलावा दूसरे देशों के साथ अपने व्यापार संबंध बढ़ा रहा है। हाल ही में उसने यूरोपीय संघ के साथ भी समझौता किया है।

    पिछले दो महीनों में भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ सौदे किए हैं। अमेरिका के साथ यह समझौता 6 फरवरी को घोषित किया गया था। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि अमेरिकी टैरिफ का वास्तविक असर अभी स्पष्ट नहीं है।


    नीति और वित्तीय सुधार: मजबूत बुनियाद की ओर

    नीतिगत मोर्चे पर फिच का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा। दिसंबर में दर में कटौती के बाद अब RBI नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत पर बनाए रख सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाई है और बजट में अधिक खर्च मदों को शामिल किया है। वहीं, तेज वृद्धि और वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने से राजस्व भी मजबूत हुआ है, जिससे मध्यम अवधि में सरकारी कर्ज में मामूली गिरावट की संभावना बढ़ी है। हालांकि, एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्ज का जीडीपी अनुपात अभी भी उच्च स्तर पर बने रहने का अनुमान है।

    7.3 ट्रिलियन का सपना: कैसे बदल रही है इंडियन इकनॉमी
    भारत का इकनॉमिक ग्रोथ लगातार दुनिया का ध्यान खींच रहा है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में, देश 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। विकास की यह रफ्तार निर्णायक नीति-निर्माण, संरचनात्मक सुधारों और वैश्विक स्तर पर बढ़ते एकीकरण की मजबूती को दर्शाती है।

    तेज वृद्धि के साथ भारत ने एक बार फिर वैश्विक साथियों को पीछे छोड़ दिया है। यह उछाल मजबूत घरेलू मांग, नियंत्रित महंगाई और बढ़ती श्रम भागीदारी पर टिकी है। घरेलू निवेश में आई तेजी और निवेशकों के मजबूत विश्वास से स्थिर और व्यापक आधार वाली अर्थव्यवस्था की झलक मिलती है।


    जीडीपी आंकड़े: तेज छलांग का सबूत

    कुछ दिन पहले पीआईबी पर जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में मुद्रास्फीति-समायोजित वास्तविक जीडीपी 8.2% बढ़ने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 5.6% थी। वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी 7.8% की दर से बढ़ी, जो पिछले साल की समान तिमाही में 6.5% थी। सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के आंकड़े भी बताते हैं कि दूसरी तिमाही में प्राथमिक क्षेत्र में 3.1%, द्वितीयक क्षेत्र में 8.1% और सेवा क्षेत्र में 9.2% की वृद्धि दर्ज की गई।


    पहली छमाही में 8% की रफ्तार

    वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में वास्तविक जीडीपी 8% की दर से बढ़ी है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 6.1% थी। इस दौरान प्राथमिक क्षेत्र में 2.9% की मध्यम वृद्धि हुई, जबकि द्वितीयक (7.6%) और तृतीयक क्षेत्र (9.3%) ने लगातार शानदार विस्तार किया।

  • दुनिया का सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाला देश… यहां 1 कप चाय से भी बेहद कम कीमत..

    दुनिया का सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाला देश… यहां 1 कप चाय से भी बेहद कम कीमत..


    नई दिल्ली।
    दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल (Cheapest Petrol) बेचने वाले देशों की लिस्ट में बड़े चौंकाने वाले तथ्य हैं। इन देशों में पेट्रोल की कीमत भारतीय नजरिए से न सिर्फ बहुत कम है, बल्कि कई में तो पेट्रोल की कीमत (Petrol-Price) भारत में बिकने वाले एक कप चाय (One Cup Tea) से भी सस्ती है। लीबिया (Libya) दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाला देश है। यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत मात्र 2.15 रुपये है। यानी कए कप चाय की कीमत में करीब 5 लीटर पेट्रोल यहां मिल रहा है। भारत के अधिकतर शहरों में एक कप चाय की कीमत 10 से 15 रुपये के बीच है।

    इस लिस्ट में ईरान दूसरे स्थान पर है। यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत केवल 2.59 रुपये है। जबकि, सबसे महंगा तेल हांगकांग में 340.53 रुपये लीटर है। यह जानकारी ग्लोबलपेट्रोलप्राइसेज डॉट कॉम के 9 फरवरी 2026 के आंकड़ों पर आधारित है।


    दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाले टॉप-10 देश

    देश और पेट्रोल की अनुमानित कीमत (₹)
    1. लीबिया ₹2.15
    2. ईरान ₹2.59
    3. वेनेजुएला ₹3.17
    4. अंगोला ₹29.63
    5. कुवैत ₹30.98
    6. अल्जीरिया ₹32.89
    7. तुर्कमेनिस्तान ₹38.78
    8. मिस्र ₹40.65
    9. कजाकिस्तान ₹45.06
    10. कतर ₹46.02
    स्रोत: globalpetrolprices.com


    आज पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं

    अगर भारत की बात करें तो आज ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम जारी कर दी हैं। पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलवा नहीं हुआ है। देश में सबसे सस्ता पेट्रोल आज भी पोर्ट ब्लेयर में ₹82.46 प्रति लीटर और डीजल ₹78.05 प्रति लीटर है। बता दें मार्च 2024 में पेट्रोल-डीजल के दाम ₹2 प्रति लीटर घटाए गए थे। इसके बाद अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाले शहर
    पोर्ट ब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: ₹82.46 प्रति लीटर
    ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश: ₹90.87 प्रति लीटर
    सिलवासा, दादरा और नगर हवेली: ₹92.37 प्रति लीटर
    दमन, दमन और दीव: ₹92.55 प्रति लीटर
    हरिद्वार, उत्तराखंड: ₹92.78 प्रति लीटर
    रुद्रपुर, उत्तराखंड: ₹92.94 प्रति लीटर
    उना, हिमाचल प्रदेश: ₹93.27 प्रति लीटर
    देहरादून, उत्तराखंड: ₹93.35 प्रति लीटर
    नैनीताल, उत्तराखंड: ₹93.41 प्रति लीटर
    स्रोत: इंडियन ऑयल

    भारत में सबसे सस्ता डीजल बेचने वाले शहर
    पोर्ट ब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: ₹78.05 प्रति लीटर
    इटानगर, अरुणाचल प्रदेश: ₹80.38 प्रति लीटर
    जम्मू, जम्मू और कश्मीर: ₹81.32 प्रति लीटर
    संबा, जम्मू और कश्मीर: ₹81.58 प्रति लीटर
    कठुआ, जम्मू और कश्मीर: ₹81.97 प्रति लीटर
    उधमपुर, जम्मू और कश्मीर: ₹82.15 प्रति लीटर
    चंडीगढ़: ₹82.44 प्रति लीटर
    राजौरी, जम्मू और कश्मीर: ₹82.64 प्रति लीटर
    स्रोत: इंडियन ऑयल

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: अभिषेक शर्मा ने दी हेल्थ अपडेट, पाकिस्तान मुकाबले से पहले फैंस में उत्सुकता

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: अभिषेक शर्मा ने दी हेल्थ अपडेट, पाकिस्तान मुकाबले से पहले फैंस में उत्सुकता

    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की सेहत ने फैंस और टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली पहुँचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें पेट में इन्फेक्शन हुआ, जिसकी वजह से वह नामीबिया के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाए। हालांकि वह टीम के साथ मौजूद थे और मैच की तैयारियों में हिस्सा लेते रहे।

    दिल्ली में हेड कोच गौतम गंभीर के घर आयोजित एक पार्टी में भी अभिषेक शामिल हुए थे, लेकिन वहां ही उन्हें महसूस हुआ कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। 11 फरवरी को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अभिषेक ने टीम के साथ अभ्यास शुरू किया।

    हाल ही में अभिषेक शर्मा ने खुद फैंस को अपनी हेल्थ अपडेट दी। एक वायरल वीडियो में अर्शदीप सिंह उनसे उनकी सेहत के बारे में पूछते हैं। इस पर अभिषेक ने कहा कि उनकी सेहत अब ठीक है, लेकिन उनका वजन थोड़ा कम हो गया है। अर्शदीप के सवाल आप पतले हो गए हो? पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, हाँ, सब ठीक है, लेकिन मेरा कुछ वजन घट गया।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक खेल पाएंगे या नहीं। फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। कप्तान सूर्या ने हाल ही में बयान दिया कि अभिषेक अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं। टीम प्रबंधन और बीसीसीआई उनकी वापसी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    याद दिला दें कि अभिषेक शर्मा पहले ही यूएसए के खिलाफ मैच में बीमार थे और अपनी पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे। इसके बावजूद दिल्ली में उन्हें अभ्यास करते हुए देखा गया, जो यह दर्शाता है कि वह वापसी के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं।

  • रूस ने व्हाट्सएप को किया पूरी तरह ब्लॉक… स्थानीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप

    रूस ने व्हाट्सएप को किया पूरी तरह ब्लॉक… स्थानीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप


    मास्को।
    रूस (Russia) ने मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (Messaging Platform Whatsapp) को स्थानीय कानूनों के कथित उल्लंघन के आरोप में ब्लॉक कर दिया है। क्रेमलिन ने गुरुवार को समाचार एजेंसी एएफपी से इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय घरेलू कानूनों के अनुपालन न करने के कारण लिया गया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव (Dmitry Peskov) ने प्रतिबंध के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वास्तव में ऐसा निर्णय लिया गया और उसे लागू किया गया है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि व्हाट्सएप ने रूसी कानून के मानदंडों और अक्षरशः पालन करने में अनिच्छा दिखाई, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।

    इससे पहले व्हाट्सएप ने दावा किया था कि रूसी अधिकारी ऐप तक पहुंच को सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं। कंपनी का यह बयान टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव द्वारा मॉस्को पर अपने प्लेटफॉर्म की पहुंच बाधित करने का आरोप लगाने के तुरंत बाद आया।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में व्हाट्सएप ने कहा था कि आज रूसी सरकार ने लोगों को सरकारी निगरानी ऐप की ओर धकेलने के प्रयास में व्हाट्सएप को पूरी तरह से ब्लॉक करने की कोशिश की। 10 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को निजी और सुरक्षित संचार से अलग करने का प्रयास एक पिछड़ा कदम है और इससे रूस में लोगों की सुरक्षा में कमी आएगी। हम उपयोगकर्ताओं को जोड़े रखने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे।

    रूसी समाचार एजेंसी TASS से बातचीत में पेस्कोव ने संकेत दिया कि यदि इसकी मूल कंपनी मेटा स्थानीय नियमों का पालन करती है तो प्लेटफॉर्म को बहाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह रूसी कानूनों के अनुपालन का मामला है। यदि मेटा अनुपालन करती है, तो वह रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी और फिर समझौते की संभावना बन सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कंपनी अपने रुख पर कायम रहती है और रूसी कानूनों का पालन करने में अनिच्छा दिखाती है, तो बहाली की संभावना नहीं होगी।

    इस बीच सरकारी एजेंसी TASS ने रिपोर्ट दी कि रूस के दूरसंचार नियामक Roskomnadzor ने राष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघन के आरोप में व्हाट्सएप की गति धीमी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रूसी अधिकारियों का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के आयोजन और क्रियान्वयन के लिए किया गया है। साथ ही इसे रूसी नागरिकों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी और जबरन वसूली के प्रमुख माध्यमों में से एक बताया गया है।

    रिपोर्टों के अनुसार, सरकार समर्थित विकल्प ‘मैक्स’ नामक ऐप को रूस में बेचे जाने वाले सभी नए स्मार्टफोन और टैबलेट में पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य किया गया है। इस ऐप के जरिए उपयोगकर्ता संदेश भेजने, पैसे ट्रांसफर करने और ऑडियो-वीडियो कॉल करने जैसी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।

  • माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO ने मचाई दुनिया में हलचल… बोले- 12 से 18 माह में व्हाइट-कॉलर जॉब्स की जगह ले लेगा AI

    माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO ने मचाई दुनिया में हलचल… बोले- 12 से 18 माह में व्हाइट-कॉलर जॉब्स की जगह ले लेगा AI


    नई दिल्ली।
    माइक्रोसॉफ्ट एआई (Microsoft AI) के सीईओ मुस्तफा सुलेमान (CEO Mustafa Suleiman) का ताजा बयान एआई की दुनिया में तहलका मचा रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सुलेमान ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अगले 12 से 18 महीनों के भीतर अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियों (White-Collar Jobs) के ज्यादातर कामों को पूरी तरह से स्वचालित (ऑटोमेट) कर देगी। उन्होंने कहा कि व्हाइट-कॉलर जॉब्स, यानी वे काम जो लोग कंप्यूटर के सामने बैठकर करते हैं, चाहे वो वकील हों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, प्रोजेक्ट मैनेजर या मार्केटिंग प्रोफेशनल, इनमें से अधिकांश टास्क अगले 12-18 महीनों में एआई द्वारा पूरी तरह ऑटोमेट हो जाएंगे।


    एआई की मदद से कोडिंग

    उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का उदाहरण देते हुए बताया कि अब इंजीनियर एआई की मदद से अपना अधिकांश कोड बनवा रहे हैं। उनकी भूमिका अब ‘रणनीतिक’ कार्यों जैसे आर्किटेक्चर डिजाइन करने और उत्पादन में लाने की ओर स्थानांतरित हो गई है। सुलेमान के अनुसार, यह बदलाव पिछले छह महीनों में ही देखने को मिला है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आज मौजूद एआई मॉडल अधिकांश मानव कोडर्स से बेहतर कोडिंग कर सकते हैं, शायद अब तक के सभी कोडर्स से भी बेहतर। उन्होंने जोर देकर कहा कि नए एआई मॉडल बनाना अब ‘पॉडकास्ट बनाने या ब्लॉग लिखने’ जितना आसान हो जाएगा। संस्थान और संगठन अपनी जरूरतों के अनुसार खुद एआई डिजाइन कर सकेंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अगले दो से तीन वर्षों में एआई एजेंट बड़े संस्थानों के वर्कफ्लो को और भी कुशलता से संभालने में सक्षम हो जाएंगे।


    माइक्रोसॉफ्ट का सुपरइंटेलिजेंस मिशन

    अपने विजन के बारे में बात करते हुए सुलेमान ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य एक सुपरइंटेलिजेंस का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले कंपनी ने ओपनएआई के साथ दीर्घकालिक समझौते को फिर से बातचीत करके 2032 तक आईपी लाइसेंस बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि हमने यह भी तय किया है कि अब वास्तविक एआई आत्मनिर्भरता हासिल करने का समय आ गया है। सुलेमान ने माइक्रोसॉफ्ट के अपने स्वतंत्र बेसिक एआई मॉडल विकसित करने की योजना पर चर्चा की, जिसमें मजबूत प्रशिक्षण टीम होगी और डेटा को व्यवस्थित व क्रमबद्ध तरीके से तैयार किया जाएगा।

    माइक्रोसॉफ्ट एआई प्रमुख की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब एआई के कारण मानव कार्यों के प्रतिस्थापित होने और बड़े पैमाने पर छंटनी की चिंताएं बढ़ रही हैं। इससे पहले अमेजन ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि एआई से जुड़ी बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण लगभग 16000 कंपनियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया था कि उसने ओपनएआई के साथ नए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो दोनों संगठनों के बीच मजबूत होती साझेदारी पर आधारित है। इस समझौते के तहत ओपनएआई माइक्रोसॉफ्ट का प्रमुख मॉडल पार्टनर बना रहेगा और दोनों कंपनियों के बीच अनन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों का विस्तार होगा।

  • बांग्लादेश चुनाव में गठबंधन के साथ आगे चल रही BNP…. नतीजों पर भारत की पैनी नजर

    बांग्लादेश चुनाव में गठबंधन के साथ आगे चल रही BNP…. नतीजों पर भारत की पैनी नजर


    नई दिल्ली।
    बांग्लादेश चुनाव (Bangladesh Elections) पर भारत (India) की पैनी नजर बनी हुई है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पड़ोसी मुल्क के निमंत्रण के बाद भी भारत (India) की तरफ से पर्यवेक्षक (Supervisor) नहीं भेजे गए थे। साथ ही सरकार ने इसकी वजह भी बताई है। ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि तारिक रहमान (Tariq Rahman) की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (Bangladesh Nationalist Party) और गठबंधन के साथ चुनाव में आगे चल रहे हैं।


    भारत ने क्यों नहीं भेजे पर्यवेक्षक

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमें पर्यवेक्षक भेजने का निमंत्रण मिला था। हमने बांग्लादेश में अपने पर्यवेक्षकों को नहीं भेजा है।’ उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश में चुनाव हे रहा है। हमें चुनाव परिणामों का इंतजार करना चाहिए ताकि पता चल सके कि किस तरह का जनादेश आया है…और उसके बाद हम सामने आने वाले मुद्दों पर विचार करेंगे। चुनाव के संबंध में, आप जानते हैं कि हमारा रुख क्या रहा है। हम बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनावों के पक्षधर हैं।’

    करीब 81 स्थानीय संगठनों के 55,454 पर्यवेक्षकों ने चुनाव की निगरानी की, जबकि विदेशी चुनाव पर्यवेक्षकों की संख्या 394 रही। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों में से 80 अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से हैं, जबकि बाकी अलग-अलग देशों से हैं, जिनमें स्वतंत्र यूरोपीय पर्यवेक्षक भी शामिल हैं।


    किसके पक्ष में जा रहा है चुनाव

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल 299 सीटों में से 174 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना पूरी हो चुकी है। वहीं, 125 अभी बाकी हैं। बीएनपी और गठबंधन 135 पर आगे चल रहा है। वहीं, जमात और गठबंधन 34 पर आगे है। इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश 1 सीट पर आगे है। अन्य 4 पर बढ़त बनाए हुए है।


    बांग्लादेश चुनाव

    इस चुनाव में दो पूर्व सहयोगी दलों बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच सीधा मुकाबला है। जनमत सर्वेक्षणों में बीएनपी को मामूली बढ़त दी गई थी। गुरुवार को मुल्क की 300 में से 299 सीटों पर 60 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था। खास बात है कि अगस्त 2024 में हुई हिंसा और शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद पहली बार आम चुनाव हो रहे हैं।


    शेख हसीना की पार्टी का नाम ही नहीं

    बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग को पिछले साल भंग कर दिया था और पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। बांग्लादेश में 30 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब हसीना की अवामी लीग का चुनाव चिन्ह ‘नाव’ मतपत्र पर नहीं दिखाई दिया।