Author: bharati

  • दीनदयाल उपाध्याय: एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया नमन

    दीनदयाल उपाध्याय: एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया नमन


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों को देश-प्रदेश की प्रगति की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि जब विश्व में साम्यवाद और समाजवाद की विचारधाराएँ व्यापक रूप से प्रभावी थीं तब दीनदयाल जी ने भारतीय सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत कर एकात्म मानववाद और अंत्योदय की कल्याणकारी दृष्टि दी। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को निरंतरता प्रदान करने का एक प्रभावी प्रयास था।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता तथा समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के सह संस्थापक रहे। दीनदयाल जी का मानना था कि स्वतंत्रता तभी सार्थक होती है जब वह हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बने। उनके विचारों ने समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजास लाने का मार्ग प्रशस्त किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव लालघाटी स्थित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दीनदयाल जी के विचार भारतीय मानस को सशक्त राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के निकट विकसित ‘नमो वन’ का अवलोकन किया और रुद्राक्ष का पौधा रोपा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल जी के विचारों के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब किसान युवा और महिलाओं के कल्याण के साथ सभी को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार भी इसी दिशा में निरंतर सक्रिय है और विश्व में देश का प्रभाव बढ़ रहा है।

    डॉ. यादव ने यह भी बताया कि पुण्यतिथि पर केश शिल्पियों को उपलब्ध कराई जा रही किट दीनदयाल जी के अंत्योदय के विचारों को व्यावहारिक रूप देने का सार्थक प्रयास है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भोपाल महापौर मालती राय रविंद्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

  • 80 नहीं, पूरे 136 विधायक मेरे साथ: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर डीके शिवकुमार का करारा जवाब

    80 नहीं, पूरे 136 विधायक मेरे साथ: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर डीके शिवकुमार का करारा जवाब


    बेंगलुरु/नई दिल्ली। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर मची हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने एक बड़ा बयान देकर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को नया मोड़ दे दिया है। दिल्ली में पार्टी आलाकमान के साथ बैठकों के दौर के बीच शिवकुमार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके खेमे में विधायकों की संख्या कम है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि विधानसभा में कांग्रेस के सभी 136 विधायक उनके साथ हैं।

    पिछले कुछ समय से राज्य में ‘पावर-शेयरिंग’ फॉर्मूलेढाई-ढाई साल के कार्यकाल को लेकर कयासों का बाजार गर्म है, खासकर तब जब नवंबर 2025 में सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के उस बयान के बाद कि ‘उनके पिता पूरे 5 साल मुख्यमंत्री रहेंगे’, राजनीति और गरमा गई थी। इसी पृष्ठभूमि में शिवकुमार का यह कहना कि136 विधायक मेरे साथ हैं, न केवल उनकी संगठन पर पकड़ को दर्शाता है, बल्कि आलाकमान को भी अपनी ताकत का सीधा संकेत है।

    शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके बीच कोई गोपनीय समझौता नहीं है जो सार्वजनिक न हो। उन्होंने पार्टी नेताओं को चेतावनी भी दी कि नेतृत्व को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचता है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि वह दिल्ली में आगामी चुनावोंजैसे असम विधानसभा चुनाव की रणनीति और पार्टी मामलों पर चर्चा करने आए हैं, न कि मुख्यमंत्री की कुर्सी की मांग करने।

    राज्य में विपक्ष भाजपा लगातार कांग्रेस के भीतर चल रहे इस शीतयुद्ध को ‘अस्थिरता’ का नाम दे रहा है। ऐसे में शिवकुमार का ‘136 विधायकों’ वाला बयान पार्टी के भीतर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति भी माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें मार्च 2026 में पेश होने वाले राज्य बजट पर टिकी हैं, जहाँ सिद्धारमैया अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश करेंगे।

  • सिनेमा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर! मुन्नाभाई 3 और 3 इडियट्स 2 की स्क्रिप्ट पर काम शुरू, राजकुमार हिरानी ने खुद किया खुलासा

    सिनेमा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर! मुन्नाभाई 3 और 3 इडियट्स 2 की स्क्रिप्ट पर काम शुरू, राजकुमार हिरानी ने खुद किया खुलासा


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अपने करोड़ों प्रशंसकों को एक साथ दो बड़ी खुशियां दी हैं। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए हिरानी ने पुष्टि कर दी है कि वे अपनी कल्ट क्लासिक फिल्मों- ‘3 इडियट्स’ 3 Idiots और ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ Munnabhai MBBS-के अगले भाग पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। वैराइटी इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनके पास इस वक्त कई विचार हैं जिन्हें वे बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी में हैं।

    हिरानी ने बताया कि ‘मुन्नाभाई 3’ के लिए उनके पास एक बेहद दमदार और बड़ा आइडिया है जो दर्शकों को एक बार फिर संजय दत्त और अरशद वारसी की प्रतिष्ठित जोड़ी के करीब लाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल वे कहानी के सही अंत Climax को तलाश रहे हैं। निर्देशक का कहना है कि जब तक स्क्रिप्ट पूरी तरह से संतोषजनक नहीं होती वे शूटिंग शुरू नहीं करेंगे। ‘मुन्नाभाई’ सीरीज ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर राज किया था बल्कि समाज को ‘गांधीगिरी’ और ‘जादू की झप्पी’ जैसे विचार भी दिए थे।

    वहीं ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल पर बात करते हुए हिरानी ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनके मन में अचानक एक नया विचार आया है जिस पर काम शुरू हो चुका है। साल 2009 में रिलीज हुई ‘3 इडियट्स’ ने आमिर खान आर. माधवन और शर्मन जोशी की तिकड़ी के जरिए शिक्षा व्यवस्था पर जो कटाक्ष किया था वह आज भी प्रासंगिक है। निर्देशक के पास इस वक्त 3 से 4 अलग-अलग स्क्रिप्ट्स तैयार हो रही हैं और उन्हें जल्द ही यह फैसला करना होगा कि वे पहले किस फिल्म के साथ आगे बढ़ेंगे।

    फिलहाल यह तय नहीं है कि पहले ‘रैंचो’ की वापसी होगी या ‘मुन्ना भाई’ की, लेकिन हिरानी की इस पुष्टि ने सोशल मीडिया पर हलचल तेज कर दी है। दर्शक यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या पुरानी स्टारकास्ट ही इन सीक्वल का हिस्सा होगी। एक बात तो तय है कि राजकुमार हिरानी की ये फिल्में एक बार फिर बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड्स ध्वस्त करने की क्षमता रखती हैं।

  • अभिनेता श्रेयस तलपड़े की बढ़ी मुश्किलें: करोड़ों के बैंक घोटाले में नाम आने के बाद मैनपुरी पुलिस ने शुरू की जांच, जानें क्या है पूरा मामला

    अभिनेता श्रेयस तलपड़े की बढ़ी मुश्किलें: करोड़ों के बैंक घोटाले में नाम आने के बाद मैनपुरी पुलिस ने शुरू की जांच, जानें क्या है पूरा मामला


    नपुरी/नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता श्रेयस तलपड़े एक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में करोड़ों रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद श्रेयस तलपड़े समेत 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला सागा ग्रुप द्वारा संचालित एलयूसीसी LUCC बैंक से जुड़ा है, जिस पर निवेशकों की गाढ़ी कमाई लेकर फरार होने का संगीन आरोप लगा है।

    जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र स्थित सागा ग्रुप ने साल 2015 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और राजस्थान जैसे कई राज्यों में अपनी शाखाएं खोली थीं। मैनपुरी और आगरा मंडल में इन शाखाओं ने खुद को आरबीआई के अधीन बताकर लोगों का भरोसा जीता और करोड़ों रुपये का निवेश करवाया। पीड़ितों का आरोप है कि नवंबर 2024 में बैंक की शाखाएं अचानक बंद कर दी गईं और कर्मचारी व संचालक निवेशकों के करीब 30 करोड़ रुपये लेकर रफूचक्कर हो गए।

    भोगांव निवासी विकास तिवारी सहित 14 पीड़ितों ने जब पुलिस में सुनवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया, तो कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने अब बैंक संचालक समीर अग्रवाल, उनकी पत्नी सानिया अग्रवाल और अभिनेता श्रेयस तलपड़े सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।

    श्रेयस तलपड़े का नाम इस मामले में शामिल होने से फिल्म इंडस्ट्री में खलबली मच गई है। हालांकि, इस घोटाले में उनकी वास्तविक भूमिका क्या थी-क्या वे केवल ब्रांड एंबेसडर थे या प्रबंधन का हिस्सा-यह पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल, श्रेयस तलपड़े या उनकी टीम की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। पुलिस अब सागा ग्रुप के दस्तावेजों और बैंक के लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है।

  • धार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, जन्मदिन पार्टी जा रहे थे मौके पर ही मौत

    धार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, जन्मदिन पार्टी जा रहे थे मौके पर ही मौत


    धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों को अंधेरे में डुबो दिया। कुक्षी मनावर रोड पर ग्राम लोहारी के पास तेज रफ्तार ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक घटनास्थल पर ही दम तोड़ गए।

    मृतकों की पहचान कुक्षी के एक होटल में काम करने वाले युवकों के रूप में हुई है। दोनों दोस्त बाइक से लोहारी गांव की ओर जा रहे थे, जहां वे एक साथी की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने वाले थे। रात के अंधेरे में ट्राले ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

    हादसे के बाद ट्राला चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। कुक्षी पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से दोनों शवों को कुक्षी सिविल अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की चुनौतियों और तेज रफ्तार वाहनों के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोग सड़क पर तेज रफ्तार ट्रालियों की आवाजाही पर रोक की मांग कर रहे हैं। वहीं परिवारों में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • ओ रोमियो की रिलीज से पहले 'फर्जी 2' का धमाका; शाहिद कपूर बोले-फेकर्स ने काम शुरू कर दिया है, फैंस में भारी उत्साह

    ओ रोमियो की रिलीज से पहले 'फर्जी 2' का धमाका; शाहिद कपूर बोले-फेकर्स ने काम शुरू कर दिया है, फैंस में भारी उत्साह


    नई दिल्ली। शाहिद कपूर के फैंस के लिए खुशियां दोगुनी हो गई हैं। एक तरफ जहां उनकी बड़ी फिल्म ओ रोमियो इस शुक्रवार सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है वहीं दूसरी तरफ उनकी सबसे चर्चित वेब सीरीज फर्जी के सीजन 2 की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। साल 2023 में प्राइम वीडियो पर धमाका करने वाली इस सीरीज के दूसरे सीजन का इंतजार अब खत्म होने वाला है। सीरीज की तीसरी एनिवर्सरी के खास मौके पर मेकर्स ने साफ कर दिया है कि जाली नोटों का खेल अब अगले लेवल पर पहुंचने वाला है।

    10 फरवरी 2026 को मशहूर डायरेक्टर जोड़ी राज एंड डीके ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक दिलचस्प तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में नोटों के बंडल दिखाई दे रहे हैं जिस पर बड़े अक्षरों में लिखा है-राउंड 2 इन प्रोग्रेस। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखासेकेंड बैच वर्क इन प्रोग्रेस। इस पोस्ट ने देखते ही देखते इंटरनेट पर आग लगा दी। खुद शाहिद कपूर ने भी राज और डीके के साथ एक मुस्कुराती हुई फोटो शेयर करते हुए लिखाफेकर्स अपना काम शुरू कर चुके हैं।

    बता दें कि फर्जी के पहले सीजन में शाहिद कपूर के साथ विजय सेतुपति केके मेनन और राशि खन्ना जैसे कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से जान फूंक दी थी। आईएमडीबी पर 8.3 रेटिंग वाली यह सीरीज भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली स्ट्रीमिंग सीरीज में शुमार है। पहले सीजन का अंत एक ऐसे मोड़ पर हुआ था जिसने दर्शकों के मन में कई सवाल छोड़ दिए थे और अब सीजन 2 उन्हीं अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने की तैयारी में है।

    शाहिद कपूर इन दिनों अपनी फिल्म ओ रोमियो को लेकर भी सुर्खियों में हैं जिसका निर्देशन विशाल भारद्वाज ने किया है। यह फिल्म 13 फरवरी को रिलीज होगी जिसमें उनके साथ तृप्ति डिमरी और विक्रांत मैसी जैसे सितारे नजर आएंगे। लेकिन फिल्म की रिलीज से ठीक पहले ‘फर्जी 2’ के इस अपडेट ने सोशल मीडिया पर शाहिद कपूर के नाम का जबरदस्त हाइप बना दिया है। फिलहाल मेकर्स ने रिलीज डेट का खुलासा नहीं किया है लेकिन ‘वर्क इन प्रोग्रेस’ के सिग्नल से यह साफ है कि शूटिंग जोरों पर है।

  • भोपाल नगर निगम की नई भयानक योजना: पानी की लाइन के ऊपर शौचालय निर्माण, भागीरथपुरा जैसी जल त्रासदी का खतरा

    भोपाल नगर निगम की नई भयानक योजना: पानी की लाइन के ऊपर शौचालय निर्माण, भागीरथपुरा जैसी जल त्रासदी का खतरा


    भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में जल त्रासदी के बाद अब तक 35 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इस हादसे ने भोपाल नगर निगम को कोई सबक नहीं सिखाया। शहर के एक गैस पीड़ित इलाके में नगर निगम द्वारा पानी की पाइपलाइन के ऊपर शौचालय निर्माण का मामला सामने आया है, जो एक नई आपदा को जन्म दे सकता है।

    बताया जा रहा है कि जिस जगह से पीने के पानी की पाइपलाइन गुजर रही है, उसी के ऊपर शौचालय बनाया जा रहा है। यदि पाइपलाइन लीक हो जाती है, तो शौचालय का पानी सीधे पाइपलाइन में मिल जाएगा। इससे न केवल पानी दूषित होगा, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए यह एक गंभीर संकट भी बन सकता है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि अगर पाइपलाइन में गड़बड़ी हो, तो उसे कैसे ठीक किया जाएगा, जब ऊपर शौचालय का निर्माण चल रहा हो।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्माण कार्य सीधे मानवीय जीवन को जोखिम में डालने वाला है। वे निगम से मांग कर रहे हैं कि तुरंत इस निर्माण को रोका जाए और पाइपलाइन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने मामले पर कहा कि लोकल इंजीनियर ने टेक्निकल एनालिसिस किया होगा। उन्होंने कहा कि विषय संज्ञान में आया है और अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। हालांकि अभी तक निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं दिख रहा है।

    भागीरथपुरा जैसी त्रासदी के बाद भी नगर निगम की इस उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो भोपाल में भी जल संकट और बीमारी फैलने जैसी स्थिति बन सकती है। नागरिकों का कहना है कि पानी की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई तो नुकसान भारी हो सकता है।

  • सपनों की तिकड़ी टूटी: भागम भाग 2 में नहीं दिखेंगे गोविंदा, अब मनोज बाजपेयी के साथ 'डबल रोल' में दिखेंगे परेश रावल

    सपनों की तिकड़ी टूटी: भागम भाग 2 में नहीं दिखेंगे गोविंदा, अब मनोज बाजपेयी के साथ 'डबल रोल' में दिखेंगे परेश रावल


    नई दिल्ली। साल 2006 में आई फिल्म ‘भागम भाग’ ने अपनी जबरदस्त कॉमेडी और अक्षय-गोविंदा-परेश की तिगड़ी से दर्शकों को लोटपोट कर दिया था। सालों से फैंस इसके दूसरे भाग का इंतजार कर रहे थे, लेकिन ‘भागम भाग 2’ से जुड़ी एक ताजा खबर ने प्रशंसकों को थोड़ा निराश कर दिया है। फिल्म के सीक्वल से कॉमेडी किंग गोविंदा बाहर हो गए हैं और उनकी जगह इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी ने ले ली है।

    दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस बार अक्षय कुमार और मनोज बाजपेयी का एक बिल्कुल ‘यूनीक’ और अनूठा कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। परेश रावल के अनुसार, मनोज बाजपेयी जैसे गंभीर और वर्सेटाइल अभिनेता का कॉमेडी जॉनर में अक्षय के साथ आना फिल्म को एक नई ऊर्जा और अलग स्तर पर ले जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह सेट पर गोविंदा को मिस करेंगे, क्योंकि पहली फिल्म की सफलता में गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग का बहुत बड़ा हाथ था।

    दिलचस्प बात यह है कि इस सीक्वल में परेश रावल खुद डबल रोल निभाते नजर आएंगे। परेश इससे पहले ‘अंदाज अपना अपना’ और ‘ओए लकी! लकी ओए!’ जैसी फिल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। फिल्म में फीमेल लीड की बात करें तो मीनाक्षी चौधरी की एंट्री हो चुकी है, जो अक्षय कुमार के अपोजिट नजर आएंगी। वहीं, मनोज बाजपेयी के लिए अभिनेत्री की तलाश अभी जारी है।

    गोविंदा का फिल्म से बाहर होना उनके प्रशंसकों के लिए किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि वे लंबे समय से उनकी बड़े पर्दे पर वापसी का इंतजार कर रहे थे। दूसरी तरफ, अक्षय कुमार और परेश रावल की जोड़ी आने वाले समय में ‘हेरा फेरी 3’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘भूत बंगला’ जैसी बड़ी फिल्मों में भी साथ दिखने वाली है। ‘भागम भाग 2’ में हुए इस बदलाव के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मनोज बाजपेयी अपनी संजीदगी और कॉमेडी के मिश्रण से गोविंदा की कमी को पूरा कर पाएंगे।

  • सूदखोरी के जाल में उलझकर बीजेपी नेता ने गंवाई जान, कांग्रेस नेता पर मौत से पहले लगाए गंभीर आरोप

    सूदखोरी के जाल में उलझकर बीजेपी नेता ने गंवाई जान, कांग्रेस नेता पर मौत से पहले लगाए गंभीर आरोप


    खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ भारतीय जनता पार्टी के नेता जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू ने सूदखोरी और कर्ज के दबाव में आकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि एक पूर्व कांग्रेस पार्षद और उनके परिवार द्वारा लगातार दी जा रही प्रताड़ना से तंग आकर जीतू ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीजेपी नेता ने कांग्रेस नेता के घर जाकर ही जहरीला पदार्थ खा लिया।

    50 लाख का हिसाब और जानलेवा धमकी जानकारी के मुताबिक खंडवा के लवकुश नगर निवासी जितेंद्र चौधरी मंगलवार सुबह बड़गांव भीला रोड स्थित पूर्व कांग्रेस पार्षद गणेश सकरगाये के घर पहुंचे थे। मामला करीब 50 लाख रुपये के लेनदेन के हिसाब-किताब का था। बताया जा रहा है कि ब्याज की रकम चुकाने में असमर्थता जताने पर कांग्रेस नेता ने उन्हें कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने और उनका घर बिकवाने की धमकी दी। इस मानसिक दबाव को जीतू सहन नहीं कर पाए और उन्होंने वहीं जहरीला पदार्थ गटक लिया।

    अस्पताल में इलाज के दौरान मौत तबीयत बिगड़ते देख गणेश सकरगाये और उनके साथियों ने आनन-फानन में जीतू को एक निजी अस्पताल पहुँचाया जहाँ से उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में संघर्ष करने के बाद आखिरकार जितेंद्र चौधरी ने दम तोड़ दिया। मौत से पहले दिए गए अपने बयान में जीतू ने स्पष्ट रूप से गणेश सकरगाये पर सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कर्ज और बढ़ते ब्याज के कारण वे पिछले काफी समय से तनाव में थे।

    पुलिस जांच में जुटी मोघट थाना पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के पास अब मृतक का मृत्यु पूर्व बयान मौजूद है जिसे जांच का मुख्य आधार बनाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लेनदेन के दस्तावेजों और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद शहर के सियासी गलियारों में भी तनाव देखा जा रहा है क्योंकि मामला सत्ताधारी दल के नेता और विपक्ष के पूर्व पार्षद के बीच के विवाद से जुड़ा है।

  • मोहन भागवत बनाम राज ठाकरे: 'भाषा की राजनीति' पर छिड़ी नई जंग, मनसे प्रमुख ने फिल्म हस्तियों की मौजूदगी को बताया 'दहसत की भीड़'

    मोहन भागवत बनाम राज ठाकरे: 'भाषा की राजनीति' पर छिड़ी नई जंग, मनसे प्रमुख ने फिल्म हस्तियों की मौजूदगी को बताया 'दहसत की भीड़'


    मुंबई/नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मुंबई में आयोजित भव्य समारोह अब एक बड़े सियासी विवाद में तब्दील हो गया है। इस कार्यक्रम में सलमान खान, अक्षय कुमार, रवीना टंडन और करण जौहर जैसी दिग्गज फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी ने जितनी सुर्खियां बटोरी थीं, उससे कहीं ज्यादा चर्चा अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के तीखे बयानों की हो रही है। राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर सीधा हमला करते हुए दावा किया है कि मंच पर बैठे सितारे किसी वैचारिक प्रेम के कारण नहीं, बल्कि सत्ता की दहशत के कारण वहां जुटे थे।

    राज ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि समारोह में शामिल लोग मोदी सरकार के डर से वहां मौजूद थे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि अगर यह डर नहीं होता, तो कोई भी इतने उबाऊ और बोरिंग भाषण सुनने के लिए अपना समय खराब नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि यह भीड़ उनके प्रति स्नेह या सम्मान के कारण उमड़ी थी। उनके अनुसार, यह केंद्र की सत्ता का रसूख था जिसने बॉलीवुड को कतार में खड़ा कर दिया।

    हमले का दूसरा बड़ा मोर्चा ‘भाषा और क्षेत्रीय अस्मिता’ पर था। दरअसल, मोहन भागवत ने अपने संबोधन में भाषा के नाम पर आंदोलन करने को एक ‘बीमारी’ करार दिया था। इस पर पलटवार करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि भारत में राज्यों का गठन ही भाषाई आधार पर हुआ है। कर्नाटक, तमिलनाडु, बंगाल और गुजरात जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी भाषा और संस्कृति से प्रेम करना अगर बीमारी है, तो यह पूरे देश में फैली है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बाहरी लोग किसी प्रदेश में आकर वहां की संस्कृति का अनादर करते हैं, तब स्थानीय लोगों का आक्रोश स्वाभाविक है, इसे बीमारी कहना वास्तविकता को नकारना है।

    राज ठाकरे ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि जब गुजरात में यूपी-बिहार के लोगों को निकाला गया था, तब भाईचारे का संदेश देने वाले ये लोग कहां थे? उन्होंने मराठी समाज की सहनशीलता को कमजोरी समझने की चेतावनी देते हुए कहा कि संघ को गैर-राजनीतिक होने का दावा छोड़कर परोक्ष राजनीति बंद करनी चाहिए। अंत में उन्होंने चुनौती दी कि यदि संघ सच में सद्भाव चाहता है, तो उसे पहले केंद्र द्वारा थोपी जा रही हिंदी पर खुलकर अपना स्टैंड साफ करना चाहिए।