Author: bharati

  • सकल जीएसटी संग्रह जनवरी में 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये

    सकल जीएसटी संग्रह जनवरी में 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये


    नई दिल्‍ली।
    अर्थव्‍यस्‍था (Economy) के मोर्चे पर अच्‍छी खबर है। सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्‍व संग्रह (Gross Goods and Services Tax (GST) Revenue Collection) जनवरी महीने में आयात से प्राप्त राजस्व में वृद्धि के दम पर 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

    जीएसटी महानिदेशालय ने रविवार को जारी आंकड़ों में बताया कि जनवरी में शुद्ध माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह में 7.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, कुल ‘रिफंड’ में 3.1 फीसदी की गिरावट आई, यह 22,665 करोड़ रुपये रहा।

    आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में घरेलू लेन-देन से सकल कर संग्रह 4.8 फीसदी बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात राजस्व 10.1 फीसदी बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये रहा। वहीं, इस दौरान तंबाकू उत्पादों से उपकर संग्रह जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा। जनवरी, 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये रहा था, जब कार तथा तंबाकू उत्पादों जैसे विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था।

    उल्‍लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी थीं, जिससे सामान सस्ता हो गया। साथ ही, पहले की तरह विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर लगने वाले उपकर के बजाय अब केवल तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। जीएसटी दरों में कमी से राजस्व संग्रह पर असर पड़ा है।

  • आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, कैंसर की 17 दवाइयां सीमा शुल्क मुक्त, 3 आयुर्वेदिक एम्स, बनेंगे सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर

    आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, कैंसर की 17 दवाइयां सीमा शुल्क मुक्त, 3 आयुर्वेदिक एम्स, बनेंगे सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर


    नई दिल्‍ली।
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने रविवार को लोकसभा (Lok Sabha) में केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026-27) पेश किया। नौवीं बार बजट पेश करते हुए वह संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि, आयकर दाखिल करने में सहूलियत, 7 रेलवे प्रोजेक्ट और तीन नए आयुर्वेदिक एम्स का प्रस्‍ताव बजट भाषण में किया है।

    वित्त मंत्री लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन साल 2026 होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। इसके साथ ही बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं हुआ है।ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों की बात कही और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया। इस तरह रक्षा बजट में कुल 15.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रक्षा बजट की खास बात ये है कि हथियार खरीदी और सेना के आधुनिकीकरण पर पिछले साल के 1.80 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार 2.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये पूंजीगत खर्च में सीधे 22 फीसदी की बढ़ोतरी है।

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, “मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए मैं 17 दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। सीतारमण ने कहा कि मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के व्यक्तिगत आयात पर आयात शुल्क से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ने का भी प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने कहा, “मैं एक खास वन-टाइम उपाय के तौर पर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में योग्य विनिर्माण इकाइयां को घरेलू टैरिफ एरिया में रियायती ड्यूटी दरों पर बिक्री करने की सुविधा देने का प्रस्ताव करती हूं। वित्‍त मंत्री ने कहा कि ऐसी बिक्री की मात्रा उनके निर्यात के एक तय अनुपात तक सीमित होगी।”

    वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लोकसभा में पेश करते हुए अपने बजट भाषण में कहा, “रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।” सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा, “मैं लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम, जिसे एलआरएस के नाम से जाना जाता है, के तहत शिक्षा और मेडिकल मकसद से टीसीएस दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा, “…सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) के मुकाबले कर्ज का अनुपात जीडीपी का 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है।”

    सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “मैं बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर दी गई बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं। उन्‍होंने कहा क‍ि मैं सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के इंपोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।”

    सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, “केंद्रीय बजट 2026-27 में मैं सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए हम शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाएंगे, जिसमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी शमिल है।”

    सीतारमण ने कहा, “भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं, ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।

    उन्‍होंने कहा कि भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है, ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा, “…मैं भविष्य के चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “…2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं।”

    आधारभूत संरचना पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “…हम 5 लाख से ज्‍यादा आबादी वाले शहरों, यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रखेंगे।” सीतारमण ने कहा, “…हाई-वैल्यू, टेक्नोलॉजी-एडवांस्ड सीआईई की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट को बेहतर बनाने की एक योजना शुरू की जाएगी। इसमें आग बुझाने के उपकरण से लेकर लिफ्ट और टनल बोरिंग मशीन तक शामिल हो सकते हैं।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री कहा, “…मैं चुनौती मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं। मैं खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने कहा, “पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए, मैं पूर्व में डंकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव करती हूं, अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे 5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज-समृद्ध इलाकों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। वाराणसी और पटना में भी अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा…।”

    केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है। उन्‍होंने कहा कि ये उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है, जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं।”

    सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा बनाई है और जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है। इसके साथ ही हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को फायदा हो। रोज़गार पैदा करने, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की शक्ति और लोगों को यूनिवर्सल सर्विस देने के लिए सुधार किए गए हैं। इन उपायों से लगभग 7 फीसदी की हाई ग्रोथ रेट मिली है और हमें गरीबी कम करने और हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “…हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगे।” सीतारमण ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है।

    उन्‍होंने कहा कि कर्तव्य भवन में यह बजट बना है। पहला कर्तव्य है- आर्थिक विकास को सतत तरीके से बढ़ाना। दूसरा कर्तव्य है- जनआकांक्षाओं को पूरा करना। तीसरा कर्तव्य है- सबका साथ, सबका विकास। यह सुनिश्चित करना कि सभी को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान रूप से पहुंच मिले। केंद्रीय बजट 2026-27 की फिजिकल कॉपी संसद में लाई गईं।

    सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री सीतारमण को दही-चीनी खिलाई। राष्ट्रपति भवन जाने से पहले सीतारमण ने कर्तव्य भवन स्थित अपने कार्यालय के सामने अपने बजट दल के साथ तस्वीर खिंचवाई। ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल ‘पाउच’ (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। निर्मला सीतारमण ने 2019 में स्थापित की गई अपनी परंपरा को जारी रखते हुए बजट भाषण को ‘बही-खाते’ में ले जाना जारी रखा। ‘ब्रीफकेस’ की परंपरा को छोड़ने के बाद इसकी शुरुआत की गई थी।

  • नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू


    मुंबई।
    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Navi Mumbai International Airport) से यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। अब यह हवाई अड्डा 12 घंटे के बजाय पूरे 24 घंटे संचालित (Operated 24 hours) होगा। आज यानी 01 फरवरी से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर चौबीसों घंटे विमान सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे पहले यह एयरपोर्ट केवल सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक ही कार्यरत था।

    बता दें कि यात्रियों के लिए इसकी शुरुआत 25 दिसंबर से की गई थी। शुरुआत में सीमित समय और सीमित उड़ानों के साथ परिचालन शुरू किया गया था, लेकिन अब परिचालन समय बढ़ाए जाने से उड़ानों की संख्या में तेजी से इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि मुंबई महानगर क्षेत्र पर हवाई यातायात का दबाव भी कम होगा।


    प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही

    हालांकि फिलहाल देर रात और आधी रात की उड़ानों का आधिकारिक शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जल्द ही मध्यरात्रि की सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। वर्तमान समय में नवी मुंबई एयरपोर्ट से आखिरी उड़ान रात 9 बजकर 50 मिनट पर रवाना होती है, जबकि पहली उड़ान सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर संचालित की जाती है। 24 घंटे की अनुमति मिलने के बाद एयरलाइंस कंपनियां अपने स्लॉट्स धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

    विमानन उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मार्च के अंत में जब एयरलाइंस का समर शेड्यूल लागू होगा, तब नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। फिलहाल जहां प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही हो रही है, वहीं अप्रैल महीने तक यह संख्या बढ़कर 20 प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।


    सिर्फ 19 दिनोंमें एक लाख यात्रियों ने किया सफर

    अभी तक एयरपोर्ट पर केवल दो अतिरिक्त विमानों को शामिल किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों और हफ्तों में कई विमानन कंपनियां नवी मुंबई एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती हैं। इससे घरेलू के साथ-साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रास्ते भी खुलेंगे। नवी मुंबई एयरपोर्ट ने 12 जनवरी को एक अहम परिचालन उपलब्धि भी हासिल की थी। एयरपोर्ट के शुरू होने के महज 19 दिनों के भीतर ही एक लाख यात्रियों ने यहां से सफर किया था, जो इसकी लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।

    देश के विमानन ढांचे को करेगा मजबूत
    वैश्विक स्तर पर अगर देखा जाए तो यूरोप और अमेरिका में कई हवाई अड्डों पर रात के समय उड़ानों पर प्रतिबंध होता है। आमतौर पर शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वहां रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक एयरपोर्ट बंद रहते हैं। इस दौरान यदि कोई यात्री फंस जाता है तो उसे टर्मिनल छोड़ना पड़ता है। इसके विपरीत भारत के प्रमुख हवाई अड्डे 24 घंटे खुले रहते हैं, जिससे यात्रियों को रात के समय भी सुरक्षित स्थान उपलब्ध होता है। नवी मुंबई एयरपोर्ट का 24×7 संचालन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो यात्रियों की सुविधा, एयरलाइंस की क्षमता और देश के विमानन ढांचे को मजबूत करेगा।

  • अमिताभ बच्चन की शादी पर पापाराजी का बैन: क्यों नहीं ली जाती थी फोटो?

    अमिताभ बच्चन की शादी पर पापाराजी का बैन: क्यों नहीं ली जाती थी फोटो?


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की शख्सियत और रुतबा ऐसा है कि आज भी उनकी एक झलक पाने के लिए मीडिया और फैंस बेताब रहते हैं। दशकों से इंडस्ट्री पर राज करने वाले अमिताभ बच्चन हमेशा मीडिया के साथ सम्मानजनक रिश्तों के लिए जाने जाते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब पूरे बच्चन परिवार को पापाराजी ने बायकॉट कर दिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि अमिताभ बच्चन सामने आते ही फोटोग्राफर अपने कैमरों का रुख आसमान की ओर कर लेते थे।

    यह पूरा मामला अभिषेक बच्चन की शादी से जुड़ा हुआ है। जब अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की शादी हुई थी उस दौरान मीडिया कवरेज को लेकर काफी तनाव देखने को मिला। पापाराजी कई दिनों तक बच्चन परिवार के घर के बाहर खड़े रहे थे ताकि शादी की एक झलक मिल सके लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। एक सीनियर फोटोग्राफर ने एक इंटरव्यू में इस घटना को याद करते हुए बताया कि बारात के वक्त बसों को इस तरह खड़ा कर दिया गया था कि किसी भी कैमरे को विजुअल न मिल सके।

    फोटोग्राफर के मुताबिक हालात यहीं नहीं रुके। उन्होंने दावा किया कि सिक्योरिटी के साथ धक्का मुक्की हुई और कुछ फोटोग्राफरों के साथ मारपीट तक की गई। एक फोटोग्राफर के साथ हुई घटना ने हालात और बिगाड़ दिए जब कथित तौर पर अमर सिंह की सिक्योरिटी ने उसके साथ बदसलूकी की। इस घटना के बाद मीडिया में गुस्सा फैल गया और सभी पापाराजी ने मिलकर बच्चन परिवार को कवर न करने का फैसला किया।

    इसके बाद जब भी कोई अवॉर्ड फंक्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम होता और बच्चन परिवार वहां मौजूद रहता तो फोटोग्राफर जानबूझकर कैमरे ऊपर की तरफ कर लेते थे। यह एक तरह का साइलेंट प्रोटेस्ट था जिससे इंडस्ट्री में काफी चर्चा हुई। उस दौर में यह साफ नजर आने लगा था कि मीडिया और बच्चन परिवार के रिश्ते बेहद खराब हो चुके हैं।

    हालांकि यह बायकॉट ज्यादा समय तक नहीं चला। रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्चन परिवार ने बाद में पापाराजी को शादी के बाद एक मुलाकात के लिए बुलाया और पूरे मामले पर बातचीत की। इस दौरान यह माना गया कि सिक्योरिटी के स्तर पर गलती हुई थी और फोटोग्राफरों के साथ जो हुआ वह सही नहीं था। इसी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच रिश्ते सुधरे और पापाराजी ने दोबारा बच्चन परिवार की तस्वीरें लेना शुरू किया।

    यह पहली बार नहीं था जब किसी बड़े स्टार और मीडिया के बीच ऐसा टकराव देखने को मिला हो। शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी के दौरान भी मीडिया कवरेज को लेकर विवाद हुआ था। उस वक्त शाहरुख खान ने नाराज होकर मीडिया से दूरी बना ली थी और पापाराजी को पूरी तरह बैन कर दिया था। बाद में जब मीडिया ने माफी मांगी तब जाकर शाहरुख खान ने फिर से कैमरों के सामने आना शुरू किया। इन घटनाओं से साफ होता है कि सितारों और मीडिया के रिश्ते सम्मान और समझ पर टिके होते हैं। जब यह संतुलन बिगड़ता है तो विवाद पैदा हो जाते हैं लेकिन बातचीत और स्वीकार्यता से हालात फिर सामान्य भी हो सकते हैं।

  • अब बॉलीवुड में वैसी अच्छी फिल्में नहीं बन रहीं, रोमियो से पहले शाहिद कपूर का बेबाक बयान

    अब बॉलीवुड में वैसी अच्छी फिल्में नहीं बन रहीं, रोमियो से पहले शाहिद कपूर का बेबाक बयान


    नई दिल्ली । शाहिद कपूर इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ओ रोमियो लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। फिल्म की रिलीज से पहले शाहिद ने बॉलीवुड इंडस्ट्री मौजूदा स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी है। एक पॉडकास्ट तचीत के दौरान उन्होंने न सिर्फ बनावटी मार्केटिंग और नकली पीआर पर सवाल उठाए बल्कि यह भी स्वीकार किया कि बॉलीवुड में आज के समय में उतनी अच्छी फिल्में नहीं बन रही हैं जितनी बननी चाहिए। शाहिद का यह बयान सोशल मीडिया र तेजी से वायरल हो रहा है और फिल्म इंडस्ट्री को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ रहा है।

    प्रखर गुप्ता के साथ पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए शाहिद कपूर ने कहा कि उन्हें कभी भी फेक पीआर या बनावटी छवि गढ़ने में भरोसा नहीं रहा। उनके मुताबिक मार्केटिंग जरूरी है लेकिन यह समझना उससे भी ज्यादा जरूरी है कि कहां सच्चाई खत्म होती है और कहां बनावट शुरू हो जाती है। शाहिद ने माना कि जब कला में मिलावट आ जाती है तो उसका असर कलाकार और दर्शक दोनों पर पड़ता है।

    शाहिद कपूर ने कला के महत्व को समझाते हुए कहा कि लोगों से भरे एक कमरे में तालियां और सीटियां सुनना किसी जादू से कम नहीं होता। जब लोग आपको पहचानते हैं और एक खास दर्जा देते हैं तो वह एहसास बेहद खूबसूरत होता है। यही वजह है कि आर्ट और सिनेमा समाज के लिए जरूरी हैं। लेकिन जब इस शुद्धता में बनावट घुसने लगती है तो वह एहसास खत्म होने लगता है और सिनेमा अपनी आत्मा खो देता है।

    बातचीत के दौरान शाहिद कपूर ने दर्शकों के घटते अटेंशन स्पैन पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज की ऑडियंस का धैर्य पहले जैसा नहीं रहा। लोगों का दिमाग लंबे समय तक फोकस नहीं कर पाता और उन्हें बार बार उत्तेजना और ब्रेक की जरूरत महसूस होती है। इसके पीछे उन्होंने डोपामाइन के प्रभाव का जिक्र किया और कहा कि यह आदत दर्शकों के साथ साथ क्रिएटर्स को भी प्रभावित कर रही है।

    शाहिद के मुताबिक यह एक दोतरफा प्रक्रिया है। एक तरफ दर्शकों का धैर्य कम हो रहा है और दूसरी तरफ क्रिएटर्स भी उसी तरह के कंटेंट में फंसते जा रहे हैं। जब फिल्ममेकर्स गहराई से सोचकर और ध्यान लगाकर काम करना चाहते हैं तो उनकी रचनात्मक क्षमता प्रभावित होती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसा नहीं है कि दर्शक फिल्में देखना नहीं चाहते बल्कि सच्चाई यह भी है कि हम उतनी अच्छी फिल्में बना ही नहीं पा रहे हैं जितनी बनानी चाहिए।

    शाहिद कपूर की अपकमिंग फिल्म ओ रोमियो की बात करें तो यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म का निर्देशन विशाल भारद्वाज ने किया है जिनके साथ शाहिद की जोड़ी पहले भी कई यादगार फिल्में दे चुकी है। ओ रोमियो में शाहिद के साथ तृप्ति डिमरी नजर आएंगी। शाहिद के इस बेबाक बयान के बाद फैंस को अब न सिर्फ फिल्म का बल्कि उनके किरदार और कहानी का भी बेसब्री से इंतजार है।

  • धुरंधर 2 में बड़ा ट्विस्ट: मेजर इकबाल लीड विलेन, चौधरी के साथ आएंगे स्क्रीन पर

    धुरंधर 2 में बड़ा ट्विस्ट: मेजर इकबाल लीड विलेन, चौधरी के साथ आएंगे स्क्रीन पर


    दिल्ली । रणवीर सिंह स्टाररफिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होते ही तहलका मचा दिया था। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म साल के अंत की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। दमदार कहानी शानदार एक्शन और जबरदस्त परफॉर्मेंस के चलते फिल्म ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। अब जब फैंस धुरंधर 2 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं उसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ अनदेखी तस्वीरें वायरल हो गई हैं जिन्होंने उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    वायरल हो रही इन तस्वीरों को धुरंधर 2 की शूटिंग के दौरान की बताया जा रहा है। इन फोटोज में संजय दत्त और अर्जुन रामपाल एक साथ नजर आ रहे हैं। संजय दत्त जहां फिल्म में एसपी चौधरी के किरदार में दिखाई दिए थे वहीं अर्जुन रामपाल ने मेजर इकबाल का रोल निभाया था। दिलचस्प बात यह है कि धुरंधर के पहले पार्ट में ये दोनों किरदार कभी आमने सामने नहीं आए थे। ऐसे में पार्ट 2 में दोनों का साथ नजर आना कहानी में बड़े ट्विस्ट की ओर इशारा कर रहा है।

    इन लीक तस्वीरों के सामने आने के बाद दावा किया जा रहा है कि धुरंधर 2 में मेजर इकबाल का किरदार इस बार लीड विलेन के तौर पर उभरेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार दूसरे पार्ट की कहानी रहमान डकैत की मौत के बाद से शुरू होगी। बताया जा रहा है कि बड़े साहब की ओर से हमजा को एक नई और खतरनाक चुनौती मिलेगी जिसका जिक्र पहले पार्ट में नहीं किया गया था। वायरल तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि एसपी चौधरी और मेजर इकबाल के बीच कुछ गंभीर डील्स या साजिशें दिखाई जाएंगी जो कहानी को और गहरा बना देंगी।

    बताया जा रहा है कि आदित्य धर शुरुआत में धुरंधर को एक ही फिल्म में खत्म करना चाहते थे। हालांकि प्रोडक्शन टीम की सलाह पर इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला लिया गया। यह फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ क्योंकि पहला पार्ट जबरदस्त हिट रहा। दिलचस्प बात यह भी है कि धुरंधर 2 की ज्यादातर शूटिंग पहले ही पूरी की जा चुकी है। अब सिर्फ कुछ अतिरिक्त सीन जोड़े जा रहे हैं जिसके बाद फिल्म को 19 मार्च को रिलीज करने की तैयारी है। पहले पार्ट के पोस्ट क्रेडिट सीन में भी इसके संकेत दिए गए थे।

    धुरंधर हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है और वहां भी इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। रिलीज के 24 घंटे के भीतर यह प्लेटफॉर्म की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म बन गई। हालांकि कुछ दर्शकों ने फिल्म के विजुअल्स और कलर ग्रेडिंग को लेकर सवाल उठाए हैं जिस पर मेकर्स का कहना है कि थिएटर और ओटीटी फॉर्मेट के तकनीकी अंतर की वजह से ऐसा महसूस हो रहा है। कुल मिलाकर धुरंधर 2 को लेकर लीक तस्वीरों ने फैंस की एक्साइटमेंट को दोगुना कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह संजय दत्त और अर्जुन रामपाल की यह तिकड़ी पर्दे पर कितना बड़ा धमाका करती है।

  • धुरंधर 2 से पहले रणवीर सिंह की बड़ी छलांग, शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपारी’ में एंट्री की चर्चा

    धुरंधर 2 से पहले रणवीर सिंह की बड़ी छलांग, शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपारी’ में एंट्री की चर्चा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपने करियर के सबसे मजबूत और सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं। आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर में उनके दमदार अभिनय ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि समीक्षकों से भी जमकर तारीफ बटोरी। फिल्म की जबरदस्त बॉक्स ऑफिस सफलता ने यह साबित कर दिया कि रणवीर सिंह आज भी बड़े पर्दे पर दर्शकों को खींचने की पूरी ताकत रखते हैं। इसी कामयाबी के साथ रणवीर के खाते में एक के बाद एक बड़े प्रोजेक्ट्स जुड़ते नजर आ रहे हैं।

    जहां एक ओर धुरंधर 2 को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं, वहीं अब रणवीर सिंह के हाथ एक और बेहद खास और महत्वाकांक्षी फिल्म लगने की खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साउथ इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्ममेकर शंकर अपनी ऐतिहासिक फिल्म वेलपारी के लिए रणवीर सिंह को कास्ट करने की योजना बना रहे हैं। शंकर, जिन्हें नायक और अन्नियन जैसी आइकॉनिक फिल्मों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को बड़े पर्दे पर लाने का सपना देख रहे हैं। वेलपारी को उनका ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है जिसे वह बेहद भव्य स्तर पर बनाने की तैयारी में हैं।

    बताया जा रहा है कि यह फिल्म मशहूर लेखक एस. वेंकटेशन के चर्चित नॉवेल पर आधारित होगी। कहानी प्राचीन तमिल शासक वेल पारी के जीवन, संघर्ष और उनके साहसिक फैसलों को दर्शाएगी। यह एक ऐसी ऐतिहासिक गाथा होगी, जिसमें सत्ता, युद्ध, त्याग और नेतृत्व की कहानी बड़े पैमाने पर दिखाई जाएगी। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस फिल्म में रणवीर सिंह के साथ तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विक्रम भी अहम भूमिका में नजर आ सकते हैं। अगर यह कास्टिंग फाइनल होती है, तो यह फिल्म नॉर्थ और साउथ सिनेमा के बीच एक मजबूत सिनेमैटिक पुल बन सकती है।

    मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार धुरंधर की शूटिंग पूरी करने के बाद रणवीर सिंह अपने अगले बड़े किरदार की तैयारी में जुट चुके हैं। वह अपने रोल को लेकर बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं और स्क्रिप्ट से लेकर अपने लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन तक पर खास ध्यान दे रहे हैं। दूसरी ओर शंकर भी अपनी पिछली फिल्म गेम चेंजर के बाद अब पूरी तरह वेलपारी पर फोकस करने के मूड में हैं और जल्द ही इस फिल्म का प्री-प्रोडक्शन शुरू किया जा सकता है।

    गौरतलब है कि इससे पहले भी रणवीर सिंह और शंकर के साथ काम करने की चर्चाएं सामने आ चुकी हैं। साल 2021 में अन्नियन के हिंदी रीमेक को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई थी लेकिन वह प्रोजेक्ट किसी कारणवश आगे नहीं बढ़ सका। ऐसे में अगर वेलपारी के जरिए यह सहयोग साकार होता है, तो यह फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं होगा।

    फिलहाल इस फिल्म को लेकर न तो रणवीर सिंह और न ही निर्देशक शंकर की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। हालांकि जिस तरह से इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चाएं तेज हैं और इसके बड़े बजट की बातें सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि वेलपारी आने वाले समय की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बन सकती है। रणवीर सिंह के फैंस भी उन्हें एक ऐतिहासिक किरदार में देखने के लिए पहले से ही उत्साहित नजर आ रहे हैं।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।

  • ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा

    ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • Budget 2026: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कैंसर दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी हटाई, 3 आयुर्वेदिक AIIMS का ऐलान

    Budget 2026: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कैंसर दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी हटाई, 3 आयुर्वेदिक AIIMS का ऐलान


    नई दिल्ली। संसद के पटल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार 9वां बजट पेश किया। 85 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने देश की आर्थिक नींव को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हालांकि, इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न करके मध्यम वर्ग को थोड़ा निराश जरूर किया है, लेकिन टैक्स फाइलिंग की समय सीमा बढ़ाकर और ‘न्यू इनकम टैक्स एक्ट’ की घोषणा कर भविष्य में प्रक्रिया को सरल बनाने का वादा किया है।

    1. स्वास्थ्य क्षेत्र: कैंसर और दुर्लभ बीमारियों का इलाज होगा सस्ता
    बजट की सबसे मानवीय और बड़ी घोषणा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी है। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर से 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह हटा दिया है। इसके अलावा, हीमोफिलिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी अब ड्यूटी फ्री होंगी। आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) खोले जाएंगे, जो भारत को ‘बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    2. रेलवे और कनेक्टिविटी: 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर का जाल
    बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार ने रेलवे को नई गति दी है। देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है। इसमें दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-पुणे जैसे रूट शामिल हैं, जो न केवल यात्रा का समय घटाएंगे बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी तेज करेंगे। साथ ही, अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास किया जाएगा, जिससे माल ढुलाई सस्ती और सुगम होगी।

    3. रक्षा बजट: आधुनिकीकरण पर ₹2.19 लाख करोड़ का दांव
    बदलते वैश्विक परिवेश और जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों को देखते हुए रक्षा बजट में 15.2% की भारी बढ़ोतरी की गई है। कुल ₹7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट में से ₹2.19 लाख करोड़ सीधे तौर पर सैन्य बलों के आधुनिकीकरण (Modernization) पर खर्च होंगे। इसमें स्वदेशी विमानों के इंजन विकास के लिए ₹64 हजार करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को साकार करेगा।

    4. महिला सशक्तिकरण और शिक्षा: हॉस्टल और SHE-मार्ट
    महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘लखपति दीदी’ मॉडल को विस्तार देते हुए SHE-मार्ट (शी-मार्ट) योजना शुरू की गई है। ये स्टोर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित होंगे, जहाँ वे बिना बिचौलियों के अपने उत्पाद बेच सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने और कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित करने का निर्णय युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का प्रयास है।

    5. कृषि और लघु उद्योग: चंदन से लेकर काजू-कोको तक
    खेती को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि मुनाफे का जरिया बनाने के लिए सरकार ने नारियल, चंदन और काजू-कोको उद्योग को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है। ‘मछली पालन’ के लिए 500 नए तालाबों का विकास किया जाएगा। टेक्सटाइल सेक्टर में कारीगरों की मदद के लिए ‘नेशनल हैंडलूम पॉलिसी’ और ‘मेगा टेक्सटाइल पार्क’ के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
    बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न की तारीख 31 मार्च तक बढ़ाई गई है। कैंसर की 17 दवाएं सस्ती होंगी, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स बनेंगे। रक्षा बजट को बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ किया गया है, जिसमें सैन्य आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।