Author: bharati

  • करोड़ों के मालिक Salman Khan फिर भी रहते हैं सादगी से, 22 साल पुराना खुलासा

    करोड़ों के मालिक Salman Khan फिर भी रहते हैं सादगी से, 22 साल पुराना खुलासा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान आज इंडस्ट्री के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर्स में से एक हैं। एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपये चार्ज करने और रियलिटी शो बिग बॉस से सालाना भारी कमाई के बावजूद सलमान खान आज भी मुंबई के एक साधारण दो बेडरूम के अपार्टमेंट में रहते हैं। उनके इस फैसले को लेकर अक्सर फैंस हैरान रहते हैं, लेकिन इसके पीछे उनकी अपनी सोच और जीवनशैली का बड़ा कारण है।
    साधारण जीवन जीना पसंद करते हैं सलमान खान
    सलमान खान कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि उन्हें अपने परिवार के बेहद करीब रहना पसंद है। वे अपने माता-पिता के साथ समय बिताना ज्यादा जरूरी मानते हैं, इसलिए उन्होंने कभी बड़े और आलीशान घर की तरफ खास ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि उन्हें ज्यादा लग्जरी की जरूरत नहीं है।
    22 साल पुराना बयान बना चर्चा का कारण
    साल 2004 में फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ के सेट पर दिए गए एक इंटरव्यू में सलमान खान ने अपने छोटे घर में रहने की असली वजह बताई थी। उन्होंने कहा था कि वे आज भी दो बेडरूम के अपार्टमेंट में इसलिए रहते हैं क्योंकि अगर भविष्य में उनका काम नहीं चला, तो उनके पास कम से कम एक सुरक्षित घर तो रहेगा। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा था कि उन्हें ज्यादा जरूरत नहीं है, बस एक साइकिल काफी है।
    उनका यह बयान अब फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उनकी सादगी पर चर्चा कर रहे हैं।
    फिल्मों को लेकर भी रखी थी बेबाक राय
    इसी इंटरव्यू में सलमान खान ने अपनी कुछ सुपरहिट फिल्मों जैसे ‘तेरे नाम’ और ‘करण अर्जुन’ पर भी मजाकिया अंदाज में बात की थी। उन्होंने कहा था कि कई बार उन्हें लगता है कि इन फिल्मों में उन्होंने ज्यादा कुछ खास नहीं किया, बल्कि पूरी मेहनत डायरेक्टर और टीम की थी। फिर भी दर्शकों ने उनके किरदारों को खूब पसंद किया।
    सलमान का कहना था कि कभी-कभी कम मेहनत के बावजूद तारीफ मिल जाती है, जबकि कई बार पूरी मेहनत के बाद भी उतनी सराहना नहीं मिलती।
    वर्क फ्रंट पर क्या चल रहा है?
    फिलहाल सलमान खान कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘मातृभूमि’ चर्चा में है, जिसकी कुछ शूटिंग दोबारा की गई है। इसके अलावा वे एक एक्शन फिल्म में भी नजर आएंगे, जिसे साउथ के मशहूर निर्देशक वामशी पेडिपल्ली बना रहे हैं और दिल राजू इसका निर्माण कर रहे हैं। इस फिल्म में नयनतारा के भी उनके साथ नजर आने की संभावना है और इसे अगले साल ईद पर रिलीज करने की तैयारी है।

  • अंडमान सागर में पलटी बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं से भरी नाव… 250 लोगों के डूबने की आशंका

    अंडमान सागर में पलटी बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं से भरी नाव… 250 लोगों के डूबने की आशंका


    पोर्ट ब्लेयर।
    संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने मंगलवार को बताया कि अंडमान सागर (Andaman Sea.) में बांग्लादेशी नागरिकों (Bangladeshi citizens) और रोहिंग्या शरणार्थियों (Rohingya refugees) को ले जा रही एक नाव पलटने से बच्चों समेत करीब 250 लोगों के लापता होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) ने एक बयान में कहा, “यह नाव (ट्रॉलर) दक्षिणी बांग्लादेश के टेकनाफ से रवाना हुई थी और मलेशिया जा रही थी। बताया जा रहा है कि तेज़ हवाओं, समुद्र में उफान और नाव में क्षमता से ज़्यादा लोगों के होने के कारण यह डूब गई।” नाव पर सवार लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है।

    म्यांमार के सताए हुए मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय, रोहिंग्या के हज़ारों लोग हर साल अपने देश में हो रहे दमन और गृहयुद्ध से बचने के लिए समुद्र के रास्ते अपनी जान जोखिम में डालकर भागते हैं। अक्सर वे कामचलाऊ नावों का इस्तेमाल करते हैं। नाव पर सवार रोहिंग्या लोग संभवतः बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार में बने विशाल शिविरों से निकल रहे थे। इन शिविरों में दस लाख से ज़्यादा ऐसे शरणार्थी रहते हैं, जिन्हें म्यांमार के पश्चिमी राज्य रखाइन से भागने पर मजबूर होना पड़ा था। ये लोग यहाँ बेहद खराब हालात में गुज़ारा करते हैं।


    नाव में 280 लोग सवार थे

    रखाइन राज्य में सेना और ‘अराकान आर्मी’ (एक जातीय अल्पसंख्यक विद्रोही समूह) के बीच इलाके पर कब्ज़े को लेकर ज़बरदस्त लड़ाई होती रही है। इस ताज़ा घटना के पीछे की सही वजहें अभी साफ नहीं हैं, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस नाव में 280 लोग सवार थे और यह 4 अप्रैल को बांग्लादेश से रवाना हुई थी। UNHCR के बयान में कहा गया, “यह दुखद घटना लंबे समय से चले आ रहे विस्थापन के गंभीर नतीजों और रोहिंग्या लोगों के लिए किसी स्थायी समाधान के न होने को दर्शाती है।”


    पिछले साल भी दो नाव डूबी थी

    बयान में यह भी कहा गया कि यह घटना “म्यांमार में विस्थापन की मूल वजहों को दूर करने और ऐसे हालात बनाने के लिए तुरंत ज़रूरी प्रयासों की याद दिलाती है, ताकि रोहिंग्या शरणार्थी अपनी मर्ज़ी से, सुरक्षित और सम्मान के साथ अपने घर लौट सकें।” अंडमान सागर म्यांमार, थाईलैंड और मलय प्रायद्वीप के पश्चिमी तटों के साथ-साथ फैला हुआ है। पिछले साल UNHCR ने बताया था कि मई महीने में म्यांमार के तट के पास दो नाव दुर्घटनाओं में समुद्र में 427 रोहिंग्या लोगों के मारे जाने की आशंका थी।

  • ईरान युद्ध से धीमी हुई विश्व की आर्थिक गति… IMF ने घटाया वृद्धि दर का अनुमान.. महंगाई बढ़ने का आशंका

    ईरान युद्ध से धीमी हुई विश्व की आर्थिक गति… IMF ने घटाया वृद्धि दर का अनुमान.. महंगाई बढ़ने का आशंका


    वॉशिंगटन।
    अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) (International Monetary Fund (IMF) ने मंगलवार को कहाकि ईरान युद्ध (Iran War) ने इस वर्ष विश्व की आर्थिक गति (World Economic Dynamics) को धीमा कर दिया है। इसके चलते 2025 की तुलना में वृद्धि दर में गिरावट आने की आशंका है। आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि के अपने अनुमान को घटाकर 2026 के लिए 3.1 फीसदी कर दिया है। इससे पहले जनवरी महीने में इसके 3.3 फीसदी रहने की संभावना जताई गई थी। यह 2025 में अनुमानित 3.4 प्रतिशत वृद्धि से धीमी होगी।

    बढ़ गईं तेल और गैस की कीमतें
    ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों, ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने और पड़ोसी देशों में तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर जवाबी हमलों के कारण दुनिया भर में तेल एवं गैस की कीमतों में तेजी आई है। इसके परिणामस्वरूप, आईएमएफ ने इस साल वैश्विक मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया है, जबकि जनवरी में इसके 3.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था। वहीं 2025 के लिए यह 4.1 फीसदी था।


    युद्ध पहले तक सब सही था

    युद्ध से पहले तक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था ने आश्चर्यजनक रूप से मजबूती दिखाई थी। इन नीतियों ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और कभी आयात के लिए लगभग पूरी तरह से खुला बाजार रहे अमेरिका के चारों ओर आयात कर की दीवार खड़ी कर दी थी। लेकिन इससे नुकसान कम हुआ। इसका एक कारण यह भी था कि पिछले साल ट्रंप द्वारा घोषित शुल्क मूल रूप से कम थे।


    क्या बोले आईएमएफ चीफ

    डेटा केंद्रों और कृत्रिम मेधा में भारी निवेश के साथ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी और बढ़ती उत्पादकता ने भी विश्व अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने मुद्राकोष के नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य के साथ ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने इस गति को रोक दिया है। गौरिंचास ने लिखा कि आईएमएफ का यह मानना था कि फारस की खाड़ी में संघर्ष अल्पकालिक होगा और इस वर्ष ऊर्जा की कीमतों में 19 फीसदी की हल्की वृद्धि होगी।

    उन्होंने आगे चेताया कि हालांकि इससे कहीं अधिक खराब हो सकते हैं। एक सीरियस सिनैरियो में, जिसमें ऊर्जा संकट अगले साल तक जारी रहता है और केंद्रीय बैंकों को मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, वैश्विक वृद्धि 2026 और 2027 में घटकर दो फीसदी हो सकती है। उन्होंने कहाकि अस्थायी युद्धविराम की हाल की खबरों के बावजूद, कुछ नुकसान पहले ही हो चुका है और आगे के जोखिम अभी भी बहुत अधिक हैं।


    अमेरिका का क्या हाल

    आईएमएफ ने इस साल अमेरिका की वृद्धि दर के अपने अनुमान को थोड़ा घटाकर 2.3 फीसदी कर दिया है। मुद्राकोष के अनुमान के अनुसार, यूरो मुद्रा साझा करने वाले 21 यूरोपीय देश इस साल सामूहिक रूप से 1.1 फीसदी की वृद्धि हासिल करेंगे, जो 2025 के 1.4 फीसदी से कम है। यूरोप प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से बुरी तरह प्रभावित है। सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना उन कर्ज में डूबे गरीब देशों की है जो ऊर्जा आयात करते हैं और सरकारी खर्च और कर राहत बढ़ाकर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सहारा देने में असमर्थ हैं।

    रूस पर ज्यादा असर नहीं
    इस संघर्ष से उभरने वाले एक प्रमुख देश रूस है, जो ऊर्जा निर्यातक होने के नाते उच्च कीमतों से लाभान्वित होगा। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद प्रतिबंधों से बुरी तरह प्रभावित रूसी अर्थव्यवस्था के लिए आईएमएफ ने अपने अनुमान को बढ़ाकर 1.1 फीसदी कर दिया है, जो अभी भी मामूली है।

  • ईरान-अमेरिका युद्ध का असर…. सोना-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी

    ईरान-अमेरिका युद्ध का असर…. सोना-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी


    नई दिल्ली।
    सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Price) में आज लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान (America and Iran War) के बीच फिर से बातचीत की संभावनाओं की वजह से आज इंटरनेशनल मार्केट (International Market) गोल्ड और सिल्वर का रेट (Gold Silver Price) फिर से बढ़ा हुआ है। मौजूदा परिस्थितियों की वजह से दुनिया भर में एनर्जी संकट गहरा गया है। बता दें, पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच एक दौर की बातचीत हो गई है। लेकिन यह पूरी वार्ता विफल रही थी। दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता तब नहीं हो पाया था।


    क्या है गोल्ड का ताजा रेट (Gold Latest Price)

    COMEX gold की कीमतों में आज शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़ोतरी देखने को मिली। जिसके बाद यह 4855 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले के सत्र में सोने का भाव 2 प्रतिशत से अधिक बढ़ा था। COMEX Silver के रेट भी आज बुधवार को बढ़ोतरी देखने को मिली है। चांदी की कीमतों में उछाल के बाद यह 79 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गई थी।


    क्यों बढ़ रहा सोने और चांदी का रेट (Why Gold Silver prices rising)

    ब्लूमबर्ग के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत आने वाले दिनों में हो सकती है। न्यूयार्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले दो दिनों में बातचीत शुरू होने के संकेत दिए हैं। इन खबरों की वजह से मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई। वहीं, डॉलर इंडेक्स 0.3 प्रतिशत लुढ़क चुका है। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से मेटल की कीमतों में 8 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।


    कहां तक जाएगा सोने और चांदी का रेट (Gold Silver Price Outlook)

    Augmon से जुड़ी रेनिशा कहती हैं कि सोने और चांदी इस समय भी बुल रन पर सवार हैं। हालांकि, आगे का रास्ता काफी अनिश्चितताओं से भरा हुआ है। रेनिशा का कहना है टेक्निकल स्तर पर, “गोल्ड 4800 से 4850 डॉलर (154000 रुपये से 155000 रुपये तक) के आस-पास रेसिस्टेंस दिखा रहा है। अगर कीमतें इसके ऊपर गई तो यह फिर 5000 डॉलर (160000 रुपये) के स्तर तक जा सकती हैं।”

    चांदी के विषय में एक्सपर्ट की राय है कि यह 77 डॉलर (246000 रुपये) के स्तर पर रेसिस्टेंस दिखा रहा है। इसके ऊपर जाने की स्थिति में चांदी का दाम 82 डॉलर से 87 डॉलर (255000 रुपये से 265000 रुपये) के स्तर तक पहुंच सकता है।”

  • 5 घंटे तक ‘मृत’ घोषित शख्स अचानक जिंदा, अस्पताल में हुआ चौंकाने वाला चमत्कार

    5 घंटे तक ‘मृत’ घोषित शख्स अचानक जिंदा, अस्पताल में हुआ चौंकाने वाला चमत्कार


    नई दिल्ली। रूस के साइबेरिया क्षेत्र(Siberia Region)के याकुतिया (Yakutia) में एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे डॉक्टर “मेडिकल चमत्कार” मान रहे हैं। एक व्यक्ति, जो कड़ाके की ठंड में करीब 5 घंटे तक बिना सांस और बिना धड़कन के पड़ा रहा, उसे डॉक्टरों ने क्लिनिकली मृत घोषित कर दिया था। लेकिन बाद में “ग्रेजुअल थॉइंग” तकनीक की मदद से उसे दोबारा जीवन मिल गया।

    -20°C ठंड में बेसुध पड़ा मिला शख्स
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्यक्ति शराब के नशे में बाहर गिर पड़ा था। उस समय तापमान लगभग -20 डिग्री सेल्सियस (-4°F) था। राहगीरों ने जब उसे देखा तो वह पूरी तरह बेहोश था और शरीर में कोई हरकत नहीं थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को न पल्स मिली, न सांस और न ही ECG में कोई हार्टबीट।

    डॉक्टरों ने नहीं छोड़ी उम्मीद
    मिरनी अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत उसे “ग्रेजुअल रीवॉर्मिंग” (धीरे-धीरे गर्म करने की प्रक्रिया) पर रखा।
    डॉक्टरों ने करीब 4 घंटे तक उसके शरीर का तापमान धीरे-धीरे बढ़ाया—25°C से 34°C तक।
    यदि शरीर को अचानक गर्म किया जाता, तो दिल और नसों के फटने का खतरा था। इसलिए बेहद सावधानी से इलाज किया गया।

    फिर लौटी धड़कन
    जब शरीर का तापमान 34°C के करीब पहुंचा, तो डॉक्टरों ने CPR और जीवन रक्षक दवाएं दीं।
    करीब 25 मिनट बाद मॉनिटर पर हल्की हार्टबीट दिखाई दी-और यहीं से उसकी वापसी शुरू हो गई।

    ठंड बनी ‘रक्षक’, नहीं तो मौत तय थी
    डॉक्टरों के अनुसार, यह मामला इसलिए खास है क्योंकि अत्यधिक ठंड ने शरीर को “प्रिजर्वेशन मोड” में डाल दिया था। इस स्थिति में शरीर की ऑक्सीजन जरूरत बहुत कम हो जाती है, जिससे अंग लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं।

    5 दिन में अस्पताल से चला गया घर
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 24 घंटे कोमा में रहने के बाद वह व्यक्ति पूरी तरह होश में आया।
    सिर्फ 5 दिन बाद वह बिना किसी गंभीर दिमागी या अंग क्षति के अपने पैरों पर चलकर अस्पताल से बाहर चला गया।

  • अमेरिकी नाकेबादी की चीनी टैंकर ने ली परीक्षा… होर्मुज से गुजरने के बाद लिया यू-टर्न

    अमेरिकी नाकेबादी की चीनी टैंकर ने ली परीक्षा… होर्मुज से गुजरने के बाद लिया यू-टर्न


    तेहरान।
    अमेरिका (America) ने हाल ही में ईरान (Iran.) के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval blockade) लगा दी है। इसका मतलब है कि कोई भी जहाज ईरान के बंदरगाहों (Iranian Ports) पर नहीं जा सकता या वहां से नहीं आ सकता। यह ब्लॉकेड 13 अप्रैल को लागू हुआ। इसका मकसद ईरान के तेल व्यापार को रोकना है। खासतौर से उन जहाजों को रोका जा रहा है जो ईरानी बंदरगाहों (Iranian Ports) या तटीय क्षेत्रों में आते-जाते हैं। अब एक चीनी कंपनी से जुड़े टैंकर ने इस नाकेबंदी की परीक्षा ली है जिसका दुनिया भर में खूब चर्चा हो रही है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, इस चीनी टैंकर का नाम रिच स्टारी है। यह चीन की शंघाई Xuanrun शिपिंग कंपनी का है। अमेरिका ने 2023 में इसे प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि यह ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहा था। टैंकर में लगभग 2.5 लाख बैरल मेथेनॉल (एक तरह का केमिकल) था। ब्लॉकेड शुरू होते ही यह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा और खाड़ी से बाहर निकल गया।


    स्ट्रेट से निकलने में कैसे सफल रहा चीनी टैंकर

    पहले टैंकर होर्मुज के पास पहुंचकर वापस मुड़ गया। कुछ घंटों बाद फिर आगे बढ़ा और सफलतापूर्वक बाहर निकल गया। बाहर निकलने के बाद उसने यू-टर्न कर लिया। इसका गंतव्य ओमान का बंदरगाह था, लेकिन बाद में बदल दिया गया। इस दौरान उसने अपनी चीनी मालिकाना जानकारी भी सार्वजनिक कर दी। कई अन्य जहाज भी इसी समय स्ट्रेट पार कर चुके हैं।


    सीजफायर

    इस घटना से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। चीन ने अमेरिका के इस ब्लॉकेड की कड़ी निंदा की है और इसे खतरनाक बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है। शिपिंग कंपनियां अब सतर्क हो गई हैं क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। यह घटना दिखाती है कि नाकेबंदी कितना प्रभावी है और आगे क्या हो सकता है।

  • देश में गर्मी दिखाने लगी तीखे तेवर… कई शहरों में तापमान पहुंचा 40 डिग्री के आसपास

    देश में गर्मी दिखाने लगी तीखे तेवर… कई शहरों में तापमान पहुंचा 40 डिग्री के आसपास


    नई दिल्ली।
    पिछले कुछ दिनों के दौरान हल्की बारिश के बाद अब गर्मी (Heat wave ) ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत (North India) के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (Temperature 40 degrees Celsius) के आसपास पहुंच गया है और अगले पांच दिनों के दौरान इसके 40 डिग्री के पार जाने की संभावना है। राजस्थान में कई जगह तो पहले ही तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो गया है। इस सप्ताह, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने और उमस भरे मौसम रहने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में कुछ स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तटीय महाराष्ट्र, ओडिशा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर आंधी आई। वहीं, सौराष्ट्र और कच्छ, नगालैंड, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी दर्ज की गई। दिल्ली, यूपी और राजस्थान में शुष्क मौसम के साथ तेज धूप का असर दिखने लगा है। कोलकाता में भी उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जो आने वाले पांच दिनों में 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश में बांदा 40.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा


    आज रात सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

    मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 15 से 18 अप्रैल के दौरान हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा और बर्फबारी हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के दौरान छिटपुट वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 और 18 अप्रैल को बारिश होने और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 17 और 18 अप्रैल को हल्की ओलावृष्टि भी हो सकती है।


    पूर्वोत्तर में कुछ जगहों पर भारी बारिश के आसार

    असम और मेघालय में 18 अप्रैल तक छिटपुट बारिश, गरज और चमक के साथ 30-50 किमी की गति से हवा चल सकती है। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर बिजली गिरने की संभावना है। 15 से 17 अप्रैल के दौरान नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी यही स्थिति रहेगी। 15 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में और 18 अप्रैल को असम, मेघालय और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।


    राजस्थान में बाड़मेर व ओडिशा में टिटलगढ़ रहा सबसे गर्म

    राजस्थान में पिछले 24 घंटों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। चुरू, चितौड़गढ़, कोटा और बाड़मेर में पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। प्रदेश में बाड़मेर में सबसे अधिक तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 और 18 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों, विशेषकर जोधपुर और बीकानेर डिवीजनों में, अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। कुछ स्थानों पर लू चलने की संभावना है। ओडिशा में कई स्थानों पर लू चल रही है। टिटलगढ़ में सबसे अधिक 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

  • Delhi: रोहिणी की झुग्गियों में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 3 लोगों की जलकर मौत

    Delhi: रोहिणी की झुग्गियों में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 3 लोगों की जलकर मौत


    नई दिल्ली ।
    देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) में रोहिणी क्षेत्र की झुग्गियों (Rohini) और कबाड़ में लगी आग में तीन लोगों की मौत हो गई है। दमकल अधिकारी के अनुसार आग कल देर रात लगी। हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है और अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

    दिल्ली के रोहिणी जिला अंतर्गत बुध विहार थाना क्षेत्र के मांगेराम पार्क इलाके (Mangeram Park area) का यह मामला है. यहां मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं। इस अग्निकांड में एक ही परिवार के तीन लोगों की जलकर मौत हो गई. मरने वालो में पति, पत्नी और 2 साल की बच्ची शामिल है।

    दमकल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि बुध विहार में एक ऐसे भूखंड में आग लग गई, जहां झुग्गियां बनी हुई थीं और कबाड़ जमा किया जाता था। आग रात करीब 1:25 बजे लगी और छह दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। तीन लोगों की मौत हो गई। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।

    बताया जा रहा है कि जिस प्लॉट में आग लगी, वहां करीब 5-6 परिवार रहते थे. इनमें करीब 18 से 20 लोग थे, जो कबाड़ बीनने का काम करते हैं. देर रात अचानक लगी आग ने पूरे प्लॉट में रद्दी प्लास्टिक और रद्दी कबाड़ को अपनी चपेट में ले लिया. इससे झुग्गियों में रखा सारा घर का सारा सामान जैसे बेड कूलर, फ्रिज आदि जलकर खाक हो गया. इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 3 लोगों (माता-पिता और 2 साल के मासूम) की मौत हो गई. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और ये मृतक परिवार बाहर नहीं निकल पाया. .

    मृतकों की पहचान मुसीबुर 25, मुरार 23, और मोइमोना 2 साल के रूप में हुई है. फिलहाल 3 शवो क़ो कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. वहीं मृतक के रिश्तेदारों का आरोप है कि आग लगाई गई है, जिस कारण इतना बड़ा हादसा हो गया.

  • MP: भैरूंदा में शिवानंद महाराज का बड़ा दावा- बोले- यहां से 'BJP का एक भी विधायक जीता तो मूंछ-मुंडी कटवा दूंगा

    MP: भैरूंदा में शिवानंद महाराज का बड़ा दावा- बोले- यहां से 'BJP का एक भी विधायक जीता तो मूंछ-मुंडी कटवा दूंगा


    सीहोर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर जिले (Sehore district) के भैरूंदा में आयोजित सातदेव महायज्ञ (Saatdev Mahayagna) के दौरान शिवानंद महाराज (Shivanand Maharaj) का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में महाराज ने बीजेपी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए बड़ा दावा किया है.

    वीडियो में शिवानंद महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि पूरे जिले में अगर एक भी विधायक जीत गया तो वह अपनी मूंछ कटवा देंगे और यहां तक कि अपनी मुंडी भी कटवा लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यहां से न कोई सांसद जीतेगा और न ही कोई विधायक. साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह जिसे कहेंगे वही चुनाव जीतेगा और लाख कोशिश के बावजूद दूसरे उम्मीदवार जीत नहीं पाएंगे.

    शिवानंद महाराज का विवादित बयान

    अपने बयान में महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने उनके कार्यक्रम का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को भी कार्यक्रम में आने से रोक दिया गया था और उन्हें रोककर रखा गया. महाराज ने यह भी कहा कि उन्हें किसी की जरूरत नहीं है और 2028 में जीतकर दिखाने की चुनौती दी।


    बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    इस पूरे बयान के दौरान अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया जा रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है. वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • Chhattisgarh: सक्ती के बिजली प्लांट में भीषण विस्फोट… 13 श्रमिकों की मौत, 21 घायल

    Chhattisgarh: सक्ती के बिजली प्लांट में भीषण विस्फोट… 13 श्रमिकों की मौत, 21 घायल


    सक्ती।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सक्ती जिले (Sakti district) में एक निजी बिजली प्लांट (Private power plant.) में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। इससे 13 श्रमिकों की मौत हो गई जबकि कम से कम 21 अन्य घायल हो गए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि आवाज दूर तक सुनाई दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


    4 की मौके पर ही मौत

    सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि धमाका अपराह्न करीब 2:30 बजे जिले के डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के बिजली संयंत्र में बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप पहुंचाने वाली एक ट्यूब में हुआ। घटना में 4 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य ने अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों को पड़ोसी रायगढ़ और बिलासपुर जिले के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।


    इलाज के दौरान 9 ने तोड़ा दम

    वहीं रायगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में इलाज के दौरान नौ अन्य श्रमिकों की मृत्यु हुई है जबकि 21 घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद प्लांट में अफरातफरी मच गई। कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घायल मजदूरों को बचाने के लिए राहत कार्य तेजी से चलाया गया। धमाका पहले ट्यूब में हुआ। ब्लास्ट के बाद मौके पर हालात बेहद खराब हो गए।


    सीएम ने जताया शोक

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Chief Minister Vishnu Dev Sai) ने हादसे पर शोक संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि सक्ती जिले में सिंघीतराई स्थित ‘वेदांता पावर प्लांट’ में बॉयलर फटने से हुई भीषण दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ईश्वर प्रभावित परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।


    घटना की होगी जांच, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगे कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी हैं। घायलों के बेहतर इलाज के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। घटना की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। इसमें जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस घटना की जांच करने का आदेश दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने भी इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।


    पीएम और सीएम ने किया आर्थिक मदद का ऐलान

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये जबकि घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। पीएमओ की ओर से घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही गई है।


    बलौदाबाजार में भी हुआ था ऐसा ही ब्लास्ट

    इसी साल जनवरी महीने में छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में ऐसा ही हादसा सामने आया था। जिले के भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के बकुलाही गांव स्थित रियल इस्पात फैक्ट्री के फर्नेस में अचानक जोरदार धमाका हो गया था। हादसे में बिहार के रहने वाले 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में कई अन्य बुरी तरह झुलस गए थे। प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी।

    अधिकारियों की मानें तो शुरुआती जांच में SOP का पालन नहीं करने के कारण हादसा हुआ था। पाया गया कि ‘किल्न’ को बंद किए बिना मजदूरों से बेहद खतरनाक हालत में काम कराया गया। साथ ही न तो डस्ट-सेटलिंग चैंबर का दरवाजा बंद किया गया और न ही काम के लिए कोई सही आदेश जारी किया गया। हादसे के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर हुई जांच में सुरक्षा नियमों की बड़ी अनदेखी पाए जाने के बाद कारखाना अधिनियम के तहत ‘किल्न’ सभी कामों पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया गया था।