Author: bharati

  • कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बंगाल में मेरे खिलाफ 38 केस गिरफ्तारी का खतरा ,UCC पर भी बोले

    कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बंगाल में मेरे खिलाफ 38 केस गिरफ्तारी का खतरा ,UCC पर भी बोले

    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बयान दिया उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति से लेकर यूनिफॉर्म सिविल कोड और वंदे मातरम विवाद तक पर अपनी बात रखी

    रतलाम दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 38 फर्जी मामले दर्ज हैं और कई मामलों में गिरफ्तारी वारंट भी जारी है उन्होंने कहा कि अगर वे वहां जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है पार्टी नेतृत्व ने भी उन्हें फिलहाल बंगाल न जाने की सलाह दी है ताकि कोई नया विवाद न खड़ा हो

    विजयवर्गीय ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रभारी रहे हैं और उस दौरान कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि बजरंगबली की कृपा से वे आज सुरक्षित हैं वरना उनकी तस्वीर पर भी माला टंगी होती

    यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि मध्य प्रदेश में इसे लागू किया जाना चाहिए और इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इसकी घोषणा की जा चुकी है और जल्द ही इस पर विधेयक लाया जाएगा

    पश्चिम बंगाल की राजनीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वहां माफिया और तस्करों का प्रभाव बढ़ गया है उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में भाजपा वहां सरकार बनाएगी

    इसके अलावा उन्होंने इंदौर में हाल ही में हुए वंदे मातरम विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि भारत माता की वंदना में किसी भी धर्म को बाधा नहीं बनना चाहिए और जो लोग वंदे मातरम नहीं गाते उनके राष्ट्र प्रेम पर सवाल खड़े होते हैं

    कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में निगम मंडलों की नियुक्तियां जल्द की जाएंगी कुल मिलाकर विजयवर्गीय का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय और प्रदेश दोनों स्तर के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी

  • अरुणाचल प्रदेश पर चीन की नाम बदलने की कोशिशों पर भारत का सख्त रुख, कहा वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता,

    अरुणाचल प्रदेश पर चीन की नाम बदलने की कोशिशों पर भारत का सख्त रुख, कहा वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता,

    नई दिल्ली:भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक तनाव गहरा गया है। चीन की ओर से भारतीय क्षेत्रों के लिए नए और मनगढ़ंत नामों के इस्तेमाल पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद संवेदनशील संबंधों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

    भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि Arunachal Pradesh हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा। सरकार ने कहा कि किसी भी प्रकार के नाम बदलने या काल्पनिक दावे से इस सच्चाई को बदला नहीं जा सकता। यह वास्तविकता ऐतिहासिक, भौगोलिक और राजनीतिक रूप से पूरी तरह स्थापित है।

    सरकारी पक्ष ने यह भी कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों पर भी नकारात्मक असर डालते हैं। भारत ने साफ किया कि ऐसे कदम आपसी विश्वास को कमजोर करते हैं और रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को बाधित करते हैं।

    भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मनगढ़ंत नामकरण और झूठे दावों से किसी भी क्षेत्र की वास्तविक स्थिति नहीं बदली जा सकती। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता बनाए रखने के लिए वास्तविक तथ्यों को स्वीकार करना सबसे जरूरी है।

    भारत की ओर से यह भी कहा गया कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने के लिए संवाद और सहयोग की आवश्यकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सभी पक्ष जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। ऐसी हरकतें, जो विवाद को बढ़ावा दें, उन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सीमा से जुड़े मुद्दे भारत और चीन के संबंधों में संवेदनशील बने हुए हैं और इन्हें संभालने के लिए संतुलित, शांत और परिपक्व कूटनीति की आवश्यकता है।

  • शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग सतना में किसानों की मेहनत राख 70 एकड़ फसल जली

    शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग सतना में किसानों की मेहनत राख 70 एकड़ फसल जली


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक बड़ी आगजनी की घटना ने किसानों की मेहनत को पल भर में राख कर दिया सिंहपुर क्षेत्र के बेलगहना गांव में रविवार दोपहर ट्रांसफॉर्मर से निकली एक चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते करीब 70 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई इस हादसे में लगभग 15 किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है

    जानकारी के अनुसार खेतों की मेढ़ पर लगे ट्रांसफॉर्मर में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे चिंगारी निकली और सूखी फसल में आग लग गई तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास के कई खेत इसकी चपेट में आ गए

    घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया उन्होंने अपने स्तर पर पानी और अन्य संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की साथ ही फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई लेकिन उस समय दमकल वाहन नोनिया गांव में लगी एक अन्य आग की घटना में व्यस्त था जिससे राहत पहुंचने में देरी हो गई

    करीब आधे घंटे बाद नागौद नगर परिषद का दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की मदद से लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था

    इस घटना में जिन किसानों को नुकसान हुआ है उनमें सोमेश मिश्रा सोनू मिश्रा रतन मिश्रा अवधेश तिवारी और ध्रुव कुमार तिवारी सहित कई अन्य किसान शामिल हैं किसानों के अनुसार उनकी पूरी सालभर की मेहनत इस फसल पर निर्भर थी

    पीड़ित किसान ध्रुव कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी का तिलक समारोह सोमवार को मैहर में होना था और शादी की तैयारियां इसी फसल पर आधारित थीं ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बेहद दुखद और चिंताजनक है

    घटना की सूचना मिलने पर सिंहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया राजस्व विभाग की टीम द्वारा सोमवार को नुकसान का आकलन किया जाएगा और प्रभावित किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी

    यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपकरणों की देखरेख और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है क्योंकि छोटी सी चिंगारी ने किसानों की जिंदगी भर की मेहनत को बर्बाद कर दिया

  • खंडहर से शिखर तक पहुंचा करौली, शिक्षा में बना देश का नंबर वन जिला…

    खंडहर से शिखर तक पहुंचा करौली, शिक्षा में बना देश का नंबर वन जिला…


    नई दिल्ली ।
    राजस्थान के Karauli जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी पहचान मजबूत कर ली है। कभी कमजोर आधारभूत ढांचे और जर्जर स्कूलों के लिए जाना जाने वाला यह जिला अब शिक्षा सुधार की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है। हाल ही में NITI Aayog द्वारा जारी रैंकिंग में करौली ने शिक्षा क्षेत्र में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है, जिससे पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है।

    यह सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रहे योजनाबद्ध सुधारों और प्रशासनिक प्रयासों का नतीजा है। जिले को आकांक्षी जिलों की श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। धीरे धीरे स्कूलों की स्थिति में सुधार किया गया और शिक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।

    पहले जहां कई सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद खराब थी, वहीं अब उनमें बड़े स्तर पर सुधार देखने को मिल रहा है। भवनों की मरम्मत, नई कक्षाओं का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया गया। इसके साथ ही शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे छात्रों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

    डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। स्कूलों में तकनीकी संसाधनों को शामिल किया गया, जिससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने में मदद मिली। इससे न केवल पढ़ाई का तरीका बदला, बल्कि छात्रों में सीखने की रुचि भी बढ़ी।

    प्रशासन ने लगातार निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था को मजबूत किया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुधार योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें। नियमित निरीक्षण और फीडबैक सिस्टम के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाया गया।

    इस उपलब्धि के लिए करौली जिले को तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। इस राशि का उपयोग स्कूलों के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने, नई कक्षाओं के निर्माण और शैक्षणिक संसाधनों को बढ़ाने में किया जाएगा। विशेष रूप से उन विद्यालयों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी, जो हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुए थे।

    जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना, निरंतर प्रयास और मजबूत नेतृत्व के जरिए किसी भी क्षेत्र में बड़ा बदलाव संभव है। करौली की यह सफलता अब देश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और शिक्षा सुधार की दिशा में एक नई उम्मीद जगाती है।

  • सुबह से शाम तक Aloe Vera का सही इस्तेमाल, गर्मियों में स्किन रहेगी फ्रेश और ग्लोइंग

    सुबह से शाम तक Aloe Vera का सही इस्तेमाल, गर्मियों में स्किन रहेगी फ्रेश और ग्लोइंग


    नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं जैसे टैनिंग, पसीना, ऑयली स्किन और रैशेज बढ़ने लगते हैं। ऐसे में नेचुरल और असरदार उपाय की बात करें तो एलोवेरा सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक माना जाता है। यह न सिर्फ त्वचा को ठंडक देता है बल्कि उसे अंदर से हाइड्रेट और हेल्दी भी बनाता है। अगर आप दिनभर सही तरीके से एलोवेरा का इस्तेमाल करें, तो आपकी स्किन गर्मी में भी ग्लोइंग और सॉफ्ट बनी रह सकती है।

    सुबह की शुरुआत एलोवेरा फेस वॉश से करें

    दिन की शुरुआत चेहरे को साफ करने से करें। इसके लिए एलोवेरा जेल को हल्के फेस वॉश की तरह इस्तेमाल करें। यह स्किन से अतिरिक्त ऑयल हटाता है और त्वचा को फ्रेश बनाता है।

    तरीका:
    ताजा एलोवेरा जेल लें और चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें, फिर ठंडे पानी से धो लें।

    धूप से बचाव के लिए एलोवेरा सन प्रोटेक्टर

    गर्मी में धूप से स्किन को बचाना बेहद जरूरी है। एलोवेरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को सन डैमेज से बचाते हैं।

    तरीका:
    बाहर निकलने से पहले एलोवेरा जेल में थोड़ा सा गुलाबजल मिलाकर चेहरे और हाथों पर लगाएं। इससे स्किन हाइड्रेट भी रहेगी और टैनिंग कम होगी।

    दोपहर में स्किन को दें कूलिंग टच

    दोपहर के समय पसीना और धूप स्किन को थका देती है। ऐसे में एलोवेरा एक कूलिंग एजेंट की तरह काम करता है।

    तरीका:
    फ्रिज में रखा हुआ एलोवेरा जेल चेहरे पर लगाएं। यह इंस्टेंट फ्रेशनेस देता है और स्किन को रिलैक्स करता है।

    शाम को एलोवेरा फेस पैक का करें इस्तेमाल

    दिनभर की धूल और पसीने से स्किन डल हो जाती है। इसे साफ और निखारने के लिए एलोवेरा फेस पैक बहुत फायदेमंद है।

    तरीका:
    एलोवेरा जेल में हल्दी या मुल्तानी मिट्टी मिलाकर फेस पैक बनाएं और 10-15 मिनट लगाकर धो लें। इससे स्किन क्लीन और ग्लोइंग बनेगी।

    रात में एलोवेरा जेल से करें स्किन रिपेयर

    रात का समय स्किन रिपेयर के लिए सबसे अच्छा होता है। एलोवेरा जेल नाइट क्रीम की तरह काम करता है।

    सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल की हल्की परत लगाएं और छोड़ दें। सुबह स्किन सॉफ्ट और हेल्दी लगेगी।

  • कन्नौज हादसे पर अखिलेश यादव ने जताया शोक और आर्थिक मदद का किया ऐलान..

    कन्नौज हादसे पर अखिलेश यादव ने जताया शोक और आर्थिक मदद का किया ऐलान..


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है। इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद जहां स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया, वहीं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि ऐसे हादसे समाज को झकझोर कर रख देते हैं और पीड़ित परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति होती है।

    उन्होंने अपने स्तर पर सहायता की घोषणा करते हुए कहा कि मृतकों के परिजनों को पार्टी की ओर से एक एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि इस कठिन समय में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ जब कोयले से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। बताया जा रहा है कि चालक ने सामने आ रहे वाहन को बचाने का प्रयास किया, जिसके कारण संतुलन बिगड़ गया और ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे की चपेट में आने से आसपास मौजूद लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए।

    घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया। सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी जैसी समस्याएं अक्सर इस तरह की घटनाओं का कारण बनती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त नियमों का पालन और प्रभावी निगरानी से ही ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

    स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी गई है और उन्होंने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

  • सीहोर के आष्टा में सीएम का बड़ा कार्यक्रम छात्राओं से संवाद लाड़ली बहना योजना की राशि ट्रांसफर

    सीहोर के आष्टा में सीएम का बड़ा कार्यक्रम छात्राओं से संवाद लाड़ली बहना योजना की राशि ट्रांसफर


    आष्टा । मध्य प्रदेश के आष्टा में रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव का दौरा कई मायनों में खास रहा उन्होंने यहां भव्य रोड शो किया और विभिन्न विकास कार्यों के साथ महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़े ऐलान किए

    सीएम का रोड शो कन्नौज रोड मंडी गेट से शुरू हुआ जहां स्थानीय लोगों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया रोड शो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सांदीपनी विद्यालय पहुंचा यहां मुख्यमंत्री ने कक्षा में जाकर छात्र छात्राओं से संवाद किया और उनकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर बातचीत की

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 115 करोड़ 32 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया इनमें आंगनवाड़ी भवन निर्माण पार्वती नदी पर घाट निर्माण जावर क्षेत्र में नेवज नदी सुधार और पुलिया निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं इसके साथ ही सांदीपनि विद्यालय भवन उप तहसील कार्यालय एसडीएम कार्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और विभिन्न पुलों का लोकार्पण भी किया गया

    इसके अलावा 69 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से कई निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया जिनमें सड़क निर्माण सरकारी स्कूल भवन पुलिस आवास छात्रावास और थाना भवन शामिल हैं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 96 कार्यों के साथ 54 सामुदायिक भवन और पेयजल योजना जैसे प्रोजेक्ट भी इस दौरान शुरू किए गए

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला शक्ति सम्मेलन रहा जिसमें मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं के खातों में लाड़ली बहना योजना के तहत 1836 करोड़ रुपए की राशि एक क्लिक में ट्रांसफर की इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है

    मुख्यमंत्री ने मंच से संबोधित करते हुए भावनात्मक अंदाज में कहा कि तुम्हारा भैया मोहन हमेशा तुम्हारे साथ है और हर सुख दुख में सरकार उनके साथ खड़ी है उन्होंने बताया कि अब तक इस योजना के तहत करीब 55 हजार करोड़ रुपए महिलाओं को दिए जा चुके हैं राजनीतिक बयानबाजी के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष लगातार इस योजना का विरोध करता रहा है और इसे लेकर गलत बयान देता रहा है

    कार्यक्रम के दौरान आष्टा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए मांग पत्र को भी मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी और क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया कुल मिलाकर आष्टा में मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास योजनाओं महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक संदेशों से भरपूर रहा जिसने क्षेत्र में नई ऊर्जा और उम्मीद का माहौल बनाया

  • लोन का गारंटर बनने से पहले सावधान! ये कानून जानना जरूरी, वरना चुकाना पड़ सकता है पूरा कर्ज

    लोन का गारंटर बनने से पहले सावधान! ये कानून जानना जरूरी, वरना चुकाना पड़ सकता है पूरा कर्ज


    नई दिल्ली। जब हम लोन लेने के लिए आवेदन करते हैं तो गारंटर की जरूरत पड़ती ही है। किसी दोस्त या रिश्तेदार की मदद के लिए लोग अक्सर बिना सोचे-समझे लोन में गारंटर बन जाते हैं, लेकिन यह फैसला कई बार भारी पड़ सकता है। Loan Guarantor बनने का मतलब सिर्फ औपचारिकता नहीं होता, बल्कि आप कानूनी रूप से उस लोन की जिम्मेदारी भी अपने ऊपर ले लेते हैं।

    अगर लोन लेने वाला व्यक्ति समय पर EMI नहीं भरता या डिफॉल्ट कर देता है, तो बैंक सीधे गारंटर से पैसे वसूल सकता है जो कि कानून सम्मत है। कई मामलों में गारंटर को पूरा बकाया चुकाना पड़ता है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो सकती है।

    Loan Guarantor पर कब आती है कानूनी जिम्मेदारी
    भारतीय कानून के तहत, खासकर Indian Contract Act 1872 के अनुसार, गारंटर (Surety) की जिम्मेदारी उधार लेने वाले (Principal Borrower) के बराबर मानी जाती है। लोन लेने वाला व्यक्ति अगर चुकाने में असमर्थता जता रहा है तो लोन गारंटर की जिम्मेदारी भी उतनी ही बनती है। इसका मतलब यह है कि अगर borrower पैसा नहीं चुकाता, तो बैंक सीधे गारंटर से वसूली कर सकता है, बिना पहले borrower पर पूरी कार्रवाई किए। यही वजह है कि गारंटर बनना एक बड़ा कानूनी जोखिम माना जाता है।

    गारंटर बनने से पहले किन बातों का रखें ध्यान
    गारंटर बनने से पहले यह जरूरी है कि आप उस व्यक्ति की वित्तीय स्थिति को अच्छी तरह समझ लें, जिसके लिए आप गारंटी दे रहे हैं। साथ ही लोन की शर्तें और दस्तावेज ध्यान से पढ़ें। ध्यान रखें कि डिफॉल्ट होने पर आपका क्रेडिट स्कोर भी खराब हो सकता है, जिससे भविष्य में आपको खुद लोन लेने में परेशानी आ सकती है।

    कुल मिलाकर, गारंटर बनना एक बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए भावनाओं में आकर नहीं बल्कि पूरी जानकारी और समझ के साथ ही यह फैसला लेना चाहिए।

  • Travel Tips: हनीमून का बना रहे हैं प्लान, तब इन जगहों पर करें विजिट

    Travel Tips: हनीमून का बना रहे हैं प्लान, तब इन जगहों पर करें विजिट


    नई दिल्ली। इस समय का मौसम अभी ठीक-ठाक है ना तो ज्यादा गर्मी लग रही है ना ही ठंडा है। इस मौसम में इस मौसम में अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आराम से घूम सकते हैं या फिर अगर आप हनीमून जा रहे हैं तब आप बिना कुछ सोच भारत की कुछ जगहों पर जा सकते हैं जहां आपको काफी अच्छा अनुभव होगा। अगर आपको उन जगहों के बारे में नहीं पता है तो चलिए आपको इस खबर में उन जगहों के बारे में बताते हैं जहां जाकर आप अपनी अच्छी यादें बना सकते हैं।

    हिमाचल प्रदेश जाना रहेगा बेस्ट
    हिमाचल प्रदेश में अगर आप हनीमून ट्रिप प्लान करने की सोच रहे हैं। तो आपको एक बार डलहौजी की खूबसूरती को देखने आना चाहिए। बता दें कि डलहौजी में ही ‘मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ इंडिया’ के नाम से फेमस खजियार मौजूद है। यहां पर आप अच्छा पल बिता सकते हैं। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली पहाड़ देखने को मिल जाएंगे यहां पर आप अपने कमरे में भी काफी अच्छी-अच्छी तस्वीर कैप्चर कर सकते हैं इसके साथ ही अपने पार्टनर के साथ यहां घूमने के लिए काफी कुछ है।

    इस मौसम में शिमला भी रहेगा बेस्ट
    अप्रैल के महीने में शिमला जाना भी काफी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। शिमला में आपको काफी कुछ घूमने को मिल जाएगा। शिमला से कुछ ही दूर पर मौजूद मसूरी भी घूमने के लिए काफी अच्छी जगह मानी जाती है हनीमून के लिए यह जगह परफेक्ट हो सकती है। यह जगह काफी अच्छी मानी जाती है यहां पर काफी ज्यादा पर्यटक आते हैं।

    इस मौसम में शिमला भी रहेगा बेस्ट
    अप्रैल के महीने में शिमला जाना भी काफी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। शिमला में आपको काफी कुछ घूमने को मिल जाएगा। शिमला से कुछ ही दूर पर मौजूद मसूरी भी घूमने के लिए काफी अच्छी जगह मानी जाती है हनीमून के लिए यह जगह परफेक्ट हो सकती है। यह जगह काफी अच्छी मानी जाती है यहां पर काफी ज्यादा पर्यटक आते हैं।

  • प्रधानमंत्री और दिग्गज नेताओं ने आशा भोसले को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    प्रधानमंत्री और दिग्गज नेताओं ने आशा भोसले को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    नई दिल्ली ।भारतीय संगीत की दुनिया को गहरा आघात लगा है, क्योंकि अपनी अद्वितीय और बहुमुखी आवाज के लिए जानी जाने वाली महान गायिका Asha Bhosle का निधन हो गया। उनके जाने से देशभर में शोक की लहर फैल गई है और संगीत प्रेमियों के बीच गहरा दुःख देखा जा रहा है। दशकों तक अपनी आवाज के जादू से श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली इस दिग्गज कलाकार के निधन ने भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम अध्याय को विराम दे दिया है।

    प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने अपनी सबसे प्रतिष्ठित आवाजों में से एक को खो दिया है। उन्होंने उनके लंबे और प्रभावशाली संगीत सफर को याद करते हुए कहा कि उनकी गायकी ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके अनुसार आशा भोसले की आवाज में एक ऐसा जादू था, जिसने पीढ़ियों को जोड़े रखा और दुनिया भर में भारतीय संगीत की पहचान को मजबूत किया।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनके साथ बिताए गए क्षण हमेशा स्मरणीय रहेंगे और उनकी सादगी तथा आत्मीयता हर किसी को प्रभावित करती थी। उन्होंने उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

    केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज और असाधारण प्रतिभा के माध्यम से भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि उनके गीतों ने हर वर्ग और हर पीढ़ी के लोगों को प्रभावित किया और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

    अन्य कई प्रमुख नेताओं और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तित्वों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बताया। सभी ने एक स्वर में स्वीकार किया कि उनका योगदान केवल संगीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    आशा भोसले का करियर कई दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी बहुमुखी प्रतिभा और निरंतर समर्पण ने उन्हें हर दौर का प्रिय कलाकार बना दिया। उनके गीतों की मधुरता और भावनात्मक गहराई आज भी लोगों के दिलों में बसती है।

    उनके निधन के साथ भारतीय संगीत जगत ने एक ऐसी आवाज खो दी है, जिसने न केवल मनोरंजन किया बल्कि भावनाओं को भी जीवंत किया। उनकी गायकी की गूंज और उनकी विरासत आने वाले समय में भी संगीत प्रेमियों को प्रेरित करती रहेगी।